वो रात याद है


Antarvasna, hindi sex story: मैं रूम में अपना सामान पैक कर रहा था तभी रवीना आई और कहने लगी कि राजीव मैं आपकी मदद कर देती हूं। रवीना अभी-अभी रसोई से खाना बना कर बाहर आई थी और वह मेरे साथ मेरी मदद करने लगी रवीना मुझे कहने लगी कि आपने अपना पजामा तो रख लिया है मैंने रवीना को कहा हां मैंने अपना पजामा रख लिया है। मैं कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस के काम से दिल्ली जाने वाला था इसलिए रवीना मुझे यह सब कह रही थी। मैंने रवीना से कहा मैं ज्यादा सामान तो नहीं लेकर जा रहा हूं क्योंकि मुझे वहां पर दस पंद्रह दिन ही तो रुकना है तो रवीना कहने लगी कि आप अपना ध्यान जरूर रखियेगा और समय पर खाना खा लेना। रवीना को हमेशा यह चिंता सताती रहती कि मैं खाना नहीं खाता हूं दरअसल मैं अपने काम में इतना ज्यादा व्यस्त हो जाता हूं कि कई बार मेरे दिमाग से यह बात निकल ही जाती है और मुझे खाने का ध्यान ही नहीं रहता जिस वजह से मेरी सेहत भी काफी गिरने लगी थी। रवीना ने जोर देते हुए इस बात को दोबारा से मुझे कहा मैंने रवीना को कहा हां रवीना मैं समय पर खाना खा लूंगा तुम मेरी इतनी चिंता मत करो।

हम लोगों की शादी को हुए 5 वर्ष हो चुके हैं इन 5 वर्षों में हमारे जीवन में ज्यादा बदलाव तो नहीं आया लेकिन हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं और मुझे इस बात की भी खुशी है कि रवीना मेरी पत्नी है। जब रवीना और मैं पहली बार एक दूसरे से मिले थे तो हम दोनों पहली नजर में ही एक दूसरे को अपना दिल दे बैठे थे और हमारी जब शादी हो गई तो उसके बाद से अब तक हम दोनों एक दूसरे का साथ बखूबी निभाते आ रहे हैं। रवीना और मेरी जिंदगी में किसी भी बात की कोई कमी नहीं थी मेरे माता-पिता का देहांत हो जाने के बाद रवीना ने हीं घर की सारी जिम्मेदारियों को संभाला है उसने मेरे छोटे भाई और बहन की देखभाल बड़े ही अच्छे से की, उन दोनों ने अपने कॉलेज की पढ़ाई अभी कुछ समय पहले ही पूरी की है। मैं अगले दिन अपने काम के लिए दिल्ली निकल चुका था मैं ट्रेन का इंतजार कर रहा था थोड़ी ही देर बाद ट्रेन आ गई मैंने अपना बैग रखा और मैं ट्रेन में बैठ चुका था। जब मैं ट्रेन में बैठा तो रवीना का फोन मुझे आया और कहने लगी कि क्या आप रेलवे स्टेशन पहुंच चुके हैं तो मैंने रवीना को कहा हां मैं स्टेशन तो बहुत देर पहले ही पहुंच गया था लेकिन तुम्हें बताना भूल गया।

रवीना कहने लगी कि ठीक है जब आप दिल्ली पहुंच जाएं तो आप मुझे फोन कर दीजिएगा मैंने रवीना को कहा ठीक है मैं जब दिल्ली पहुंच जाऊंगा तो तुम्हें फोन कर दूंगा। मैंने रवीना को दिल्ली पहुंचते ही फोन कर दिया था मैं जिस होटल में रुका हुआ था वहां पर व्यवस्था कुछ ठीक नहीं थी इसलिए मैंने अपने ऑफिस के सीनियर से बात की और कहा कि सर यहां होटल में कुछ व्यवस्था ठीक नहीं है उन्होंने होटल के मैनेजर को कहा और उन्होंने तुरंत ही सारी व्यवस्थाएं ठीक कर दी। मेरे रूम का ए सी भी काम नहीं कर रहा था और मुझे कई परेशानियां हो रही थी जिस वजह से मैंने अपने ऑफिस में फोन किया। मैं उस दिन आराम कर रहा था कि तभी रवीना का फोन आया रवीना ने मुझे कहा कि आपने खाना तो खा लिया है मैंने रवीना को कहा अभी तो मैंने खाना नहीं खाया है लेकिन अभी मैं खाना ऑर्डर करवा देता हूं। रवीना ने मुझे कहा कि आप पहले खाना ऑर्डर करवा लीजिए रवीना चाहती थी कि मैं खाना खा लूं इसलिए मैंने उसी वक्त खाने का ऑर्डर किया और थोड़ी ही देर बाद खाना आ गया। मैंने खाना खा लिया था और मैंने रवीना को इस बारे में बता दिया कि मैं खाना खा चुका हूँ। रवीना मुझसे दूर जरूर है लेकिन वह मेरी हर एक बात का ध्यान रखती है मेरा पहला दिन तो रूम में ही निकल चुका था और अगले दिन मैं अपने ऑफिस के काम से चला गया और शाम को मैं वापस लौट आया था। जब मैं शाम के वक्त वापस होटल लौट रहा था तो उस वक्त रास्ते में मेरी कार बंद हो गई जिस वजह से काफी देर तक हम लोगों को इंतजार करना पड़ा लेकिन ड्राइवर ने किसी प्रकार से कार ठीक कर दी और हम लोग होटल तक पहुंच चुके थे। हम लोग जब होटल में पहुंचे तो मैंने रिसेप्शन पर कहा कि थोड़ी देर बाद खाना भिजवा देना तो वह कहने लगी कि ठीक है सर थोड़ी देर बाद खाना भिजवा देंगे। थोड़ी ही देर बाद उन्होंने खाना भिजवा दिया था रवीना का मुझे फोन आया और वह कहने लगी आपने खाना तो खा लिया मैंने उसे कहा हां रवीना मैंने खाना खा लिया है।

मेरी बात रवीना से करीब आधे घंटे तक हुई और फिर मैंने फोन रख दिया था जब मैंने फोन रखा तो उसके बाद मैं अपने और रवीना के पुराने दिन याद कर रहा था कि किस प्रकार से हम दोनों एक दूसरे से पहली बार मिले थे और उसके बाद हम दोनों की शादी हो गई तभी मेरे रूम की डोर बेल बजी। मैंने जैसे ही दरवाजा खोला तो सामने एक व्यक्ति खड़े थे वह मुझे कहने लगे कि क्या आप इसी रूम में रुके हुए हैं मैंने उन्हें कहा हां सर मैं इसी रूम में रुका हुआ हूं। उन्होंने मुझे अपना परिचय दिया और कहने लगे मेरा नाम सुधीर है वह भी कुछ काम से दिल्ली आए हुए थे वह मुझे कहने लगे कि क्या कुछ देर मैं आपके साथ बैठ सकता हूं। उनका व्यक्तित्व ही ऐसा था कि वह अपनी बातों से बड़ा प्रभावित कर रहे थे और मैं भी उनके साथ बैठ गया जब वह बात करते तो अपनी बातों से वह बड़ा खुश कर रहे थे और काफी देर तक हम लोग साथ में बैठे हुए थे।

मैंने उनसे कहा कि आप दिल्ली कब तक रुकने वाले हैं तो वह कहने लगे कि मैं अभी कुछ दिन यहां और रुकने वाला हूं सुधीर के साथ समय बिताकर मुझे अच्छा लगा और काफी देर तक वह मेरे साथ बैठे हुए थे उसके बाद वह कहने लगे कि मैं अभी चलता हूं और वह चले गए। जब वह चले गए तो उसके बाद मैं भी सोने की तैयारी में था लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी परंतु थोड़ी देर बाद मेरी आंख लग गई और मैं सो चुका था। अगले दिन सुबह जब मैं उठा तो मैंने चाय ऑर्डर करवा दी और मैं चाय पीने लगा मैं जैसे ही तैयार होकर बाहर निकल रहा था तो सुधीर मुझे दिखाई दिये और कहने लगे कि राजीव जी क्या आप भी अभी जा रहे हैं तो मैंने उन्हें कहा हां मैं अपने काम से जा रहा हूं। वह कहने लगे चलिये हम लोग साथ ही चलते हैं। हम दोनों साथ ही चले गए उन्होंने मुझे कहा कि चलिए अभी तो मैं चलता हूं मैं आपसे शाम के वक्त मुलाकात करता हूं और फिर वह चले गए मैं भी अपने काम पर जा चुका था। शाम के वक्त जब मैं वापस होटल में लौटा तो उस वक्त मुझे सुधीर जी कहीं दिखाई नहीं दिए मैं रूम में ही बैठा हुआ था। थोड़ी देर बाद ही मेरे रूम की डोर बेल बजी मैंने दरवाजा खोला जब मैंने दरवाजा खोला तो मैंने देखा सुधीर जी दरवाजे पर खड़े हैं और उनके साथ एक महिला भी खड़ी है। मैंने उनको अंदर आने के लिए कहा वह महिला भी अंदर आ गई उन्होंने मेरा परिचय उस महिला से करवाया लेकिन उसके हाव भाव मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहे थे उसकी आंखों में जो हवस थी वह मुझे साफ दिखाई दे रही थी। मुझे जब सुधीर जी ने उसके बारे में बताया था तो मै खुश हो गया। सुधीर जी उसे अपने रूम में ले गए और वहां पर उसके साथ वह चुदाई का खेल खेल रहे थे बहुत देर तक उन्होंने उसके साथ चुदाई के मजे लिए। जब वह मेरे रूम में आए तो वह मुझे कहने लगे आप भी मजे ले लीजिए। मैं जब उनके रूम मे गया तो वह रूम मे थी वह बिस्तर मे लेटी हुई थी। उसने मुझे अपने पास बुला लिया जब मैं उस महिला के पास गया तो उसने मेरे होंठों को चूमना शुरू किया मैंने उसके बड़े स्तनों को देखा तो मैं अपने आपको रोक न सका और उसके स्तनों के मजे लेने लगा। मैने बहुत देर तक उसके स्तनों का मजे लिए जब मैं उसके बूब्स को दबा रहा था तो मेरा लंड एकदम से तन कर खड़ा हो रहा था वह उस महिला की चूत में जाने के लिए उत्सुक था।

मैंने भी अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ना शुरू किया तो उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकाल रहा था वह मुझे कहने लगी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाऊंगी। मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर घुसाया जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाते हुए मुझे कहने लगी मेरी चूत से खून निकल आया है। मैंने उसे कहा लेकिन तुम्हारी चूत से तो खून निकलना नहीं चाहिए था? वह कहने लगी सुधीर जी ने मेरी चूत के मजे तीन बार लिए अब तुम भी मुझे चोद रहे हो। मैंने उसे कहा तुम तो बडी ही ठरक की रानी हो वह कहने लगी हां मैं अपनी चूत मरवाने की बड़ी जल्दी में रहती हू लेकिन सुधीर जी ने आज मेरी पूरी गर्मी को मिटा कर रख दिया। मैंने भी अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर करना शुरू किया तो वह चिल्ला रही थी जिस प्रकार से वह अपने मुंह से सिसकियां लेकर मुझे अपनी बाहों मे कस रही थी उससे मैं भी उसे अपनी बाहों में ले रहा था और बड़ी तेजी से उसकको चोदता। मैने बहुत देर तक उसे चोदा जब मैं उसे धक्के मार रहा था तो वह चिल्ला रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही मजा आ रहा है मैंने उसे कहा मजा तो मुझे भी आ रहा है और यह कहते ही मेरा वीर्य बाहर की तरफ को आने लगा था।

मेरे पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर करना शुरू किया तो मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था और मेरा वीर्य बाहर आ चुका था मेरा वीर्य उसकी चूत मे गिरा तो मैंने अपने लंड को उसके मुंह के अंदर डाला और कहा तुम इसे चूसती रहो। वह मेरे लंड का मजा बहुत देर तक लेती रही और काफी देर तक उसने मेरे लंड को चूसा जिससे कि मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से मिट गई और दोबारा से उसकी चूत मारने के लिए उत्सुक हो गया। दोबारा जब मैंने उसको चोदा तो मुझे बड़ा ही मजा आया और जिस प्रकार से मैंने उसकी चूत के मजे लिए उससे तो मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से मिट चुकी थी और मैंने उसकी गर्मी भी मिटा दी हालांकि मेरा वीर्य दोबारा से उसकी चूत के अंदर गिर गया। उसके बाद सुधीर जी और मैं साथ में बैठे रहे मैंने उन्हें कहा आज तो आपने मुझे बड़े मजे दिलवा दिए। वह कहने लगे कोई बात नहीं कल आप मुझे मजे दिलवा देना यह कहते हुए वह हंसने लगे वह भाभी भी रात भर हमारे साथ रही रात भर हम दोनों ने उसकी चूत के मजे लिए।


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