वह हवा का झोका जो आया और गया


Antarvasna, hindi sex stories: मै एक दिन ऑफिस से थका हुआ आया। उस दिन मेरी पत्नी घर पर मेरा इंतजार कर रही थी। वह उसी दिन अपने मायके से लौटी थी मैं जब घर पहुंचा तो मैंने अपनी पत्नी को देखा और उससे पूछा तुम अपने मायके से कब लौटी? वह मुझे कहने लगी मैं अभी थोडी देर पहले ही तो आई हूं। मैंने उससे कहा चलो तुमने अच्छा किया तुम आ गई क्योंकि मां की तबीयत भी ठीक नहीं है। मम्मी की तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं थी पापा के देहांत के बाद मम्मी की तबीयत भी ठीक नहीं रहती हैं उनकी उम्र भी हो चुकी है। उनकी उम्र भी काफी हो चुकी है जिस वजह से वह काफी ज्यादा बीमार भी रहती है मुझे उनकी कई बार चिंता सताती है। मैं मां के रूम में गया तो मैंने देखा मां आराम कर रही थी। जब मैन मां के कमरे में गया तो वह मुझे कहने लगी रोहित क्या तुम आ गए। मैंने मां से कहा हां मां। मैं कुछ देर मां के साथ बैठा रहा मैने उनसे कहा क्या आपने दवा ली थी। मां कहने लगी हां बेटा मैंने दवा ले ली थी। मैंने उनसे पूछा अब आपकी तबीयत कैसी है तो वह मुझे कहने लगी मेरी तबीयत अब पहले से बेहतर है मै पहले से अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने मां को कहा चलो यह तो अच्छा है कि अब आपकी तबीयत पहले से ठीक है। मुझे काफी अच्छा भी लग रहा है कि कम से कम आपकी तबीयत तो ठीक हो चुकी है। मैंने मां से कहा मैं कपड़े बदल लेता हूं। मैं अपने रूम में चला गया।

मेरी पत्नी रसोई में खाना बना रही थी जब उसने खाना बना दिया था तो वह मुझे कहने लगी रोहित आप खाना खा लीजिए। मैंने मां को आवाज देते हुए कहा मां मुझे कहने लगी बेटा तुम मेरे लिए कमरे में ही खाना ले आओ। मै मां के रूम में खाना लेकर गया मैं कुछ देर मां के साथ बैठा हुआ था। वह खाना खा रही थी उसके बाद वह आराम करने लगी। मैंने और मेरी पत्नी ने साथ में डिनर किया हम दोनों डिनर करने के बाद एक दूसरे से बातें कर रहे थे। मैंने अपनी पत्नी से कहा मैं अभी छत में मे हो आता हूं। वह मुझे कहने लगी अब तो काफी रात हो चुकी है लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी इसलिए मैं छत में टहलने के लिए चला गया। मैं छत मे टहल रहा था क्योंकि मुझे सिगरेट पीने की काफी गंदी आदत है मैं सिगरेट पी रहा था। मैं सिगरेट पी रहा था उसके कुछ देर के बाद मैं नीचे चला आया। मेरी पत्नी सो चुकी थी मुझे भी नींद आ रही थी क्योंकि मुझे भी अगले दिन अपने ऑफिस जाना था मै सो गया। अगले दिन मैं जल्दी से तैयार होकर अपने ऑफिस चला गया। जब शाम के वक्त मैं अपने ऑफिस से अपना काम खत्म कर के लौट रहा था तो मेरी पत्नी का मुझे फोन आया।

उसने मुझे कहा आते हुए मां की दवाई ले आना। मैं आते हुए मां की दवाइयां ले आया था। मां की दवाइयां खत्म हो चुकी थी मैं घर वापस लौटा तो मैने मां को दवाइयां दी उन्होंने दवा खा ली थी। हम लोगों को कुछ दिनों के लिए मामा जी के घर जाना था क्योंकि उनके घर में एक फंक्शन था हम लोग मामा जी के घर पर चले गए। मैं बहुत ज्यादा खुश था इतने दिनों बाद में मामा जी से मिल रहा था मां के चेहरे पर भी खुशी थी। जब हम लोग मामा जी से मिले तो हमें काफी अच्छा लग रहा था। मामा जी ने पार्टी अपनी रिटायरमेंट की खुशी में दी थी मामा जी कुछ समय पहले ही रिटायर हुए हैं और उन्होंने मुझे कहा था कि रोहित बेटा तुम पार्टी में जरूर आना। मैं और मां उस दिन मामा जी से मिलकर बहुत खुश थे। हम लोग उस दिन घर पर ही रुके। दो दिनों तक हम लोग मामा जी के घर पर रहे और उसके बाद अपने घर लौट आए। जब हम लोग अपने घर लौटे तो मुझे ऑफिस के काम के सिलसिले में कुछ दिनों के लिए बाहर जाना था। मैं उस रात सामान पैक कर रहा था मैंने अपनी पत्नी से कह दिया था कि तुम मेरे सामान पैक करने में मेरी मदद कर देना। वह मेरा सामान पैक कर रही थी अगले दिन मुझे सुबह की फ्लाइट से बेंगलुरु जाना था अगले दिन सुबह मैं एयरपोर्ट चला गया। मैं बेंगलुरु पहुंचा तो ऑफिस की तरफ से जिस होटल में मेरा रुकने के लिए प्रबंध किया गया था मैं वहां पर रुका। मुझे बहुत थकान हो रही थी मैंने सोचा कुछ देर सो जाता हूं। अब मैं बहुत गहरी नींद में सो गया जब मेरी आंख खुली तो उस वक्त शाम हो रही थी। अगले दिन मुझे अपनी मीटिंग में जाना था इसलिए अगले दिन सुबह में 9:00 बजे होटल से निकला और अपनी मीटिंग में पहुंचा वहां से मैं शाम के 5:00 बजे लौट आया था। मैं अकेला बोर हो रहा था तो सोचा होटल के लॉन में बैठ जाता हूं और वहीं पर मैं बैठा हुआ था। लॉन में बैठकर में मैगजीन पढ़ रहा था कि तभी मेरी पत्नी का फोन आया। मैंने अपनी पत्नी का फोन रिसीव किया मै उससे बातें करने लगा। 15 मिनट तक हम लोगों ने बात की मैंने मां के बारे में अपनी पत्नी से पूछा तो उसने मुझे बताया मां की तबीयत ठीक है और वह मुझसे कह रही थी कि क्या आप वहां पहुंच गए इसलिए मैंने आपको फोन किया है।

मै अब फोन रख चुका था। मैं लॉन मे बैठा हुआ था। जब मैं लॉन में बैठा हुआ था तो मेरे पास आकर एक लड़की बैठी। वह मुझसे बात करने लगी मैंने उस से हाथ मिलाते हुए अपना परिचय दिया। मैंने उससे कहा मेरा नाम रोहित है। उसने मुझे अपना नाम बताया अब मै उससे बात करने लगा। हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे मुझे नहीं मालूम था कि वह बड़ी चालू किस्म की लड़की है। उसे सिर्फ मेरे साथ सेक्स करना था वह कुछ दिनों के लिए बेंगलुरु अपने किसी काम से आई हुई थी। उसने मुझे लाइन मारनी शुरू की तो मैं भी समझ गया। उसके बाद हम दोनों उसके रूम में चले गए हम दोनों साथ में थे। मैंने उसको अपना बनाना चाहता था इससे ज्यादा मैने कुछ भी नहीं सोचा था। मैंने तुरंत उसे अपनी बाहों में ले लिया जब मैंने उसके नरम होंठों को चूमना शुरू किया तो उसके अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी और मेरे अंदर की गर्मी भी अब इतनी अधिक हो चुकी थी कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाया। ना तो मैं अपने आपको रोक पाया और ना ही वह अपने आपको रोक पा रही थी। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे और हमारी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि उसने जब अपने बदन से कपड़े उतारने शुरू किए तो मैंने उसके बदन को महसूस करना शुरू कर दिया था। मैं उसके बदन को महसूस करने लगा था। पायल के बदन से निकलती हुई गर्मी को मैं पूरी तरीके से बढा चुका था। पायल के बदन से निकलती हुई गर्मी को मै बिल्कुल भी सह नहीं पा रहा था।

पायल ने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया था उसने मेरे लंड को चूसकर पूरी तरीके से गिला कर दिया था। उसने मेरे लंड की गर्मी को इतना ज्यादा बढ़ा दिया था कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और ना ही पायल अपने आपको रोक पा रही थी। मैंने उसके स्तनों को महसूस करना शुरू कर दिया। मै उसके स्तनों को जिस प्रकार से सहला रहा था उससे वह बहुत ज्यादा उत्तेजित होती जा रही थी। वह मुझे कहने लगी मेरी उत्तेजना बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है उसकी उत्तेजना इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी मेरे अंदर की भी गर्मी बहुत ज्यादा अधिक हो चुकी थी। मैंने पायल से कहा मैं तुम्हारी चूत को चाटना चाहता हूं उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया था मैं जब उसकी चूत से निकलते हुए पानी को चाटता तो उसकी चूत से और भी अधिक पानी निकल रहा था। पायल की चूत को चाटकर मैंने पायल की योनि से और भी पानी निकाल दिया था। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने मोटे लंड को प्रवेश करवा दिया था। उसकी योनि के अंदर मेरा मोटा लंड पर जा चुका था उसके बाद मैंने पायल को तेजी से धक्के मारने शुरू किए तो वह जोर से सिसकारियां भरने लगी और उसकी गर्म सांसें मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित कर रही थी। वह बहुत ज्यादा गर्म हो रही थी उसको मजा आने लगा था मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। जब मैं उसकी चूत के मजे ले रहा था तो हम दोनों की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। पायल ने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच मे जकडना शुरू कर दिया था। जब पायल ऐसा कर रही थी तो मुझे उसे ज़ोर से धक्के मारने में मजा आ रहा था।

मैं पायल को जोरदार तरीके से धक्के मार रहा था पायल के अंदर की आग बढ रही थी और मेरे अंदर की गर्मी भी बढ रही थी। मेरा लंड पायल की चूत के अंदर बाहर हो रहा था जिस से कि हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे। अब मैंने पायल को कहा मुझे लग रहा है हम दोनों एक दूसरे के साथ नहीं दे पाएंगे क्योंकि पायल की चूत की गर्मी बढ रही थी। वह मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ाए जा रही थी हम दोनों के अंदर की गर्मी अब इतनी अधिक हो चुकी थी कि मैंने पायल की चूत के अंदर ही अपने माल को गिरा दिया था। मैने उसकी इच्छा को पूरा कर दिया था लेकिन अभी मेरी इच्छा शांत नहीं हुई थी। मैंने पायल से कहा मैं तुम्हें चोदना चाहता हू। पायल की तडप भी अब बढ रही थी। मेरी तडप अब बढ चुकी थी। उसकी योनि से मैने पानी बाहर निकल दिया था।

मैंने उसे अब जोरदार तरीके से धक्के मारने शुरू कर दिए थे। मैं उस तेज गति से धक्के मारता तो उसे मजे में आ रहा था। मुझे भी मजा आ गया था। हम दोनों की बढ़ती हुई गर्मी से मेरे बदन की आग बढ़ने लगी थी और पायल के अंदर से निकलते हुई आग भी बढने लगी थी। मैंने उसकी योनि में अपने वीर्य को गिरा दिया था। उस दिन पूरी रात पायल और मै सेक्स करते रहे उसके अगले दिन सुबह पायल वहां से जा चुकी थी। पायल मेरे लिए सिर्फ एक सपने की तरह थी उसके बाद ना तो मैं कभी पायल को मिला और ना ही वह कभी मुझे मिली।


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