उसने मेरे मोटे लंड को हिलाया


Antarvasna, kamukta: मैं सुबह अपनी कॉलोनी के पार्क में जॉगिंग के लिए गया हुआ था और मैं जब वहां से वापस लौट रहा था तो मुझे नीलिमा मिली। नीलिमा मुझे कहने लगी कि गौतम मैं तुमसे मिलना चाह रही थी मैंने नीलिमा से कहा कि क्या तुम्हें कुछ जरूरी काम था। नीलिमा मुझे कहने लगी कि हां मैंने अपने ऑफिस से रिजाइन दे दिया है और मैं सोच रही थी कि अगर मैं तुम्हारे साथ काम करूँ तो मुझे काफी खुशी होगी। मेरा प्रॉपर्टी का बिजनेस है और नीलिमा हमारे पड़ोस में ही रहती है नीलिमा ने उस दिन जब मुझसे इस बारे में कहा तो मैंने नीलिमा को कहा कि ठीक है तुम मुझसे दोपहर के वक्त मेरे ऑफिस में मिलना। नीलिमा ने कहा कि ठीक है मैं तुमसे तुम्हारे ऑफिस में मिलती हूं और नीलिमा मुझसे मिलने के लिए उस दिन दोपहर को ऑफिस में आई।

जब वह मुझसे मिलने के लिए आई तो हम दोनों साथ में बैठे हुए थे मैंने नीलिमा को कहा कि क्या तुम मेरे साथ काम करना चाहती हो तो नीलिमा कहने लगी कि हां मैं घर पर अकेले बोर हो जाया करती हूं तो सोच रही हूं कि मैं तुम्हारे साथ ही काम कर लूं। मैंने नीलिमा को कहा कि ठीक है अगर तुम्हें लगता है कि तुम मेरे साथ काम कर सकती हो तो यह मेरे लिए भी काफी अच्छा होगा। नीलिमा मेरे साथ ही काम करने लगी थी और वह काफी अच्छे से काम कर रही थी मैं उससे बहुत ज्यादा खुश भी हूं। नीलिमा ने मेरे साथ करीब 6 महीने तक काम किया और उसके बाद वह अब शादी के बंधन में बंधने जा रही थी। नीलिमा की शादी होने वाली थी और जब नीलिमा की शादी हुई तो उसकी शादी में मैं अनुराधा को मिला।

जब अनुराधा से मेरी मुलाकात हुई तो मुझे काफी अच्छा लगा अनुराधा से मिलना मेरे लिए बड़ा ही अच्छा था जिस तरीके से हम लोगों की मुलाकात हुई उससे मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं। अनुराधा और मैं एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करने लगे थे। हम दोनों की मुलाकात को ज्यादा समय नहीं हुआ था लेकिन हम दोनों जिस तरीके से एक दूसरे को डेट कर रहे थे उससे मैं बहुत ज्यादा खुश हूं और अनुराधा भी बहुत ज्यादा खुश है। मैंने अनुराधा को कहा कि जबसे तुम मेरी जिंदगी में आई हो तब से मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदल गई है। मैं और अनुराधा एक दूसरे के साथ रिलेशन में बहुत खुश है और हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार भी करते हैं। मैंने अनुराधा को कहा कि हम लोगों को अब शादी कर लेनी चाहिए। मेरी भी शादी की उम्र हो चुकी थी और घरवाले भी मेरे लिए लड़की देख रहे थे लेकिन मुझे लगा कि क्यों ना मैं अनुराधा से शादी कर लूं। मैंने जब अनुराधा को अपने परिवार से मिलाया तो सब लोगों को अनुराधा बहुत पसंद आई और जल्द ही हम दोनों की शादी का दिन तय हो गया।

अनुराधा के परिवार वालों को भी इससे कोई एतराज नहीं था और हम दोनों की शादी हो जाने के बाद अनुराधा भी मेरे प्रॉपर्टी के बिजनेस में मेरे साथ काम करने लगी थी। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जिस तरीके से अनुराधा और मैं एक दूसरे के साथ रिलेशन में है। हम दोनों अपनी शादीशुदा जिंदगी से बहुत ही ज्यादा खुश है मैं और अनुराधा एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझते हैं। एक दिन अनुराधा और मैं साथ में बैठे हुए बातें कर रहे थे उस दिन अनुराधा ने मुझे कहा कि आज दीदी का फोन आया था और मैं चाहती हूं कि आज अपनी दीदी के घर हो आऊं। उस दिन मैं भी घर पर ही था और अनुराधा अपनी दीदी को मिलने के लिए चली गयी। जब हम लोग अनुराधा की दीदी को मिलने के लिए गए तो हम लोग उस दिन उन्हीं के घर पर रुके और फिर अगले दिन हम लोग अपने घर लौट आए थे। अनुराधा और मैं जिस तरीके से मेरे काम को आगे बढ़ा रहे हैं उससे हम दोनों बहुत खुश हैं।

पापा और मम्मी के साथ हम लोगों को शादी में जयपुर जाना था और हम लोग जयपुर चले गए। जयपुर में मुझे मेरा पुराना दोस्त मिला जब मेरी एक पुराने दोस्त से मुलाकात हुई तो उसने हमें अपने घर चलने के लिए कहा लेकिन मैंने उसे कहा कि अभी तो यह संभव नहीं हो पाएगा। उस दिन मुझे अपने दोस्त अमित से मिलकर बहुत ही अच्छा था अमित की पत्नी भी उस दिन शादी में आई हुई थी इसलिए हम लोगों की मुलाकात अमित की पत्नी से भी हुई। हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश हैं जिस तरीके से हम दोनों की शादी शुदा जिंदगी चल रही है। एक दिन मैं अनुराधा के साथ शॉपिंग के लिए गया हुआ था उस दिन हम लोग शॉपिंग करने के बाद घर वापस लौटे तो हमने देखा कि मां की तबीयत ठीक नहीं थी। मैंने सोचा कि क्यों ना आज हम लोग बाहर से ही खाना ऑर्डर करते हैं और उस दिन हम लोगों ने बाहर से ही खाना ऑर्डर किया।

अनुराधा और मैं जब उस दिन एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो अनुराधा ने मुझे कहा कि मैं सोच रही हूं कि क्यों ना घर में हम लोग काम करने के लिए किसी नौकरानी को रख ले। मैंने अनुराधा से कहा कि हां तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो मुझे भी यही लगता है कि हम लोगों को काम करने वाली नौकरानी को काम पर रख लेना चाहिए। अनुराधा और मैं यही चाहते थे और हम लोगों ने घर में काम करने वाली नौकरानी को रख लिया। मां की तबीयत ठीक नहीं रहती है जिस वजह से मुझे भी लगा कि हमें किसी को काम पर रख लेना चाहिए। हम लोगों ने एक नौकरानी को काम पर रख लिया था वह घर की देखभाल अच्छे से कर रही थी और मां की तबीयत भी अब ठीक होने लगी थी। मां की तबीयत में अब सुधार होने लगा था और हम लोगों को इस बात की खुशी थी की मां की तबीयत ठीक हो चुकी है।

अनुराधा और मेरी बीच ना जाने कितनी ही बार सेक्स संबंध बने लेकिन एक दिन जब अनुराधा और मैं साथ में बैठे हुए थे तो हम दोनो एक दूसरे से बातें कर रहे थे। उस दिन मैं और अनुराधा एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तड़पने लगे थे। मैंने अनुराधा की जांघो को सहलाना शुरू किया और उसके होठों को मैं चूसने लगा था। मैं उसके होठों का रसपान करने लगा तो मुझे मजा आ रहा था और वह भी तड़पती जा रही थी। अनुराधा की गर्मी बढ़ रही थी और मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढने लगी थी। मैंने अनुराधा से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है हम दोनों बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे और हम दोनों की गर्मी बढ़ने लगी थी। मैंने अनुराधा के सामने अपने लंड को किया तो उसने उसे अपने मुंह में ले लिया और जिस तरीके से वह मेरे लंड को सकिंग करने लगी उस से मुझे मजा आने लगा था और मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाते जा रहे थे। हम दोनों की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी।

वह मेरे मोटे लंड को हिला रही थी तो मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी और अनुराधा भी गर्म हो चुकी थी उसने मेरे लंड को अपने मुंह में समा लिया और वह उसे चूसने लगी। जब वह मेरे लंड को चूसने लगी तो मुझे मजा आने लगा और उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था जिस तरीके से वह मेरे मोटे लंड को चूसकर मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी। अब हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे और मैंने अनुराधा को कहा मैं अब तुम्हारी गर्मी को बिल्कुल भी झेल नहीं पाऊंगा।

अनुराधा कहने लगी तुम मेरी चूत में अपने लंड को डाल दो। वह अपनी चूत पर उंगली को लगा रही थी। जब वह अपनी योनि पर उंगली को लगा रही थी तब उसकी गर्मी बढ़ती जा रही थी और मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ रही थी। मैंने अनुराधा को कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है और मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाते हुए अंदर डालना शुरू किया। जैसे ही मैंने उसकी चूत में अपने लंड को घुसाया तो मुझे बहुत मजा आने लगा था। वह बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। अब मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था मैंने अनुराधा से कहा मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है। जब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे तो उससे हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे। अनुराधा मुझे कहने लगी तुम मुझे और तेजी से धक्के देते जाओ। मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था उसकी गरम सिसकारियां मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी और वह बहुत ज्यादा गरम हो गई थी। जिस तरीके से अनुराधा और मै एक दूसरे का साथ दे रहे थे उससे मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। जब मैंने अनुराधा की चूत में अपनी वीर्य को गिराया तो वह खुश हो गई थी।