उसने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया


Antarvasna, sex stories in hindi: मैं अपने घर पर बैठा हुआ था उस दिन छुट्टी थी तो मैं अखबार पढ़ रहा था  उस दिन घर पर मामा जी आए हुए थे तो मामा जी जब घर पर आये तो माँ नाश्ता बनाने लगी। मां ने मुझे कहा कि राजेश बेटा तुम भी नाश्ता कर लो। मैं मामाजी के साथ बैठा और नाश्ता करने लगा हम दोनों साथ में बैठे हुए थे और एक दूसरे से बातें कर रहे थे मामा जी ने मुझसे कहा कि राजेश बेटा तुम्हारी जॉब कैसी चल रही है मैंने कहा मामा जी अच्छी चल रही है।

मामा जी उस दिन कुछ जरूरी काम से आए हुए थे वह पापा से मिलना चाहते थे लेकिन पापा सुबह ही अपने किसी काम से जा चुके थे इसलिए उनकी मुलाकात पापा नही जो पाई। मामा जी भी थोड़ी देर बाद चले गए मैं उस दिन घर पर बोर हो रहा था तो सोचा कि अपने दोस्तों से मिल आता हूं। मैंने अपने दोस्त अंकित को फोन किया मेरा दोस्त अंकित हमारी ही कॉलोनी में रहता है और मैं उससे मिलने के लिए चला गया। अंकित ने मुझे कहा कि चलो राजेश आज हम लोग मूवी देख आते है और उस दिन हम दोनों मूवी देखने के लिए चले गए। मूवी देखने के बाद जब हम लोग वापस घर लौट रहे थे तो अंकित की ऑफिस की फ्रेंड हमें मिली। अंकित ने मेरा परिचय कावेरी से करवाया।

यह पहली बार ही था जब मैं कावेरी से मिला था लेकिन कहीं ना कहीं कावेरी को देखकर मेरे दिल में कुछ तो होने लगा था मैं उसे दिल हीं दिल चाहने लगा था। मैंने अंकित से कावेरी के बारे में पूछने की कोशिश की तो उसने मुझे कावेरी के बारे में सब कुछ बता दिया क्योंकि वह कावेरी के साथ ऑफिस में जॉब करता है और उसकी कावेरी के साथ में काफी अच्छी दोस्ती है इस वजह से वह दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं। अंकित ने मेरी इसमे बहुत ज्यादा मदद की और मैं कावेरी के नजदीक होता चला गया।

कावेरी से मैं जब भी मिलता तो मुझे अच्छा लगता मेरी मुलाकात अंकित ने ही कावेरी से करवाई थी और उसके बाद तो कावेरी और मैं एक दूसरे को मिलने लगे थे। जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता था और मुझे बड़ी खुशी होती जब मैं कावेरी के साथ में समय बिताया करता। काफी दिन हो गए थे मैं कावेरी से मिल नहीं पाया था ना ही मेरा उससे कोई संपर्क हो पा रहा था मुझे कावेरी से मिलना था इसलिए मैं उसे फोन किए जा रहा था परंतु उसका नंबर लग ही नहीं रहा था। मैं इस बात से बड़ा परेशान होने लगा था और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर कावेरी का नंबर क्यों नहीं लग रहा है। मैंने जब इस बारे में अंकित से पूछा तो अंकित ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों से ऑफिस भी नहीं आ रही है।

मैं अब कावेरी से मिलना ही चाहता था और जब मैं उसके घर पर गया तो उसके घर पर भी ताला लगा हुआ था। मुझे कुछ समझ नहीं आया कि आखिर कावेरी और उसका परिवार अचानक से कहां चले गए हैं इस बात को काफी दिन हो चुके थे। एक दिन मुझे कावेरी का फोन आया जब मुझे कावेरी का फोन आया तो मैंने उससे पूछा कि कावेरी तुम कहां हो। मैंने कावेरी को यह बात पूछी तो कावेरी ने मुझे बताया कि मैं हैदराबाद आई हुई हूं मैंने कावेरी से कहा कि तुम हैदराबाद में क्या कर रही हो। उसने मुझे बताया कि उसकी नानी की तबीयत खराब हो गई थी इसलिए वह लोग जल्दी बाजी में हैदराबाद चले आए।

मैंने कावेरी से कहा कि मैं तुम्हें फोन करने की कोशिश कर रहा था परंतु तुम्हारा नंबर ही नहीं लग रहा था तो कावेरी ने मुझे बताया कि उसका फोन घर पर ही रह गया था और वह मुझे इस बारे में बता नहीं पाई। मैंने कावेरी से कहा कि चलो कोई बात नहीं। कावेरी ने मुझे कहा कि मैं तुमसे आज शाम को मिलती हूँ। जब कावेरी मुझे उस दिन शाम के वक्त मिली तो कावेरी ने मुझे सारी बात बताई और कहा की अब उसकी नानी की तबीयत ठीक है। मैं उस दिन कावेरी के साथ काफी देर तक रहा और मुझे उसके साथ में काफी अच्छा लगा हम दोनों ने साथ मे टाइम बिताया।

काफी दिन हो गए थे मैं कावेरी को मिला भी नहीं था लेकिन इतने दिनों बाद जब मैं कावेरी को मिला तो मुझे बहुत अच्छा लगा और उसके साथ में मैंने काफी अच्छा टाइम स्पेंड किया। उसके बाद जब कावेरी और मैं एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को ही अच्छा लगता था हम दोनों एक दूसरे के साथ में बहुत ही अच्छा टाइम बिताया करते। मुझे कावेरी का साथ पाकर हमेशा ही अच्छा लगा और एक दिन कावेरी और मैं जब मूवी देखने के लिए गए तो उस दिन हम दोनों मूवी देखने के बाद जब घर लौट रहे थे तो मुझे कावेरी ने कहा कि राजेश आज मैं तुम्हें अपने पापा मम्मी से मिलाना चाहती हूं। मैंने कावेरी से कहा कि हां तुम अपने पापा मम्मी से मुझे मिलवा देना। उस दिन कावेरी चाहती थी कि मैं उसकी फैमिली से मिलूं कावेरी उस दिन मुझे अपने साथ अपने घर पर लेकर गयी।

जब वह मुझे अपने साथ अपने घर पर ले गई तो मैं उसके परिवार वालों से मिला और मुझे उन लोगों से मिलकर अच्छा लगा। हम दोनों के बारे में उसने घर पर नहीं बताया था लेकिन उसने कहा कि राजेश मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त है। उसके बाद मैं कावेरी के घर आने जाने लगा था मैंने भी कावेरी को अपनी फैमिली से मिलवा दिया था। उन लोगों को यह बात मालूम थी की हम दोनों अच्छे दोस्त हैं इसलिए किसी को भी इस बात से कोई एतराज नहीं था। कावेरी और मैं अपनी जिंदगी अच्छे से जी रहे थे और हम दोनों बहुत ही खुश हैं जिस तरीके से कावेरी और मैं एक दूसरे के साथ में होते हैं और अच्छा समय हम दोनों साथ में बताया करते है।

कावेरी और मैं एक दिन फोन पर बातें कर रहे थे उस दिन जब हम दोनों फोन पर बातें कर रहे थे हम दोनों की बातें बहुत ही ज्यादा गरमा गरम होने लगी थी। हम दोनों बहुत ज्यादा गर्म होने लगे थे अब मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था शायद यही वजह थी मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। उस दिन मैंने हस्तमैथुन किया मैं बड़ा खुश था। उसके बाद कावेरी और मैं एक दूसरे से काफी ज्यादा बातें करने लगे थे और हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तड़पने लगे थे। कावेरी चाहती थी मैं उसके साथ शारीरिक संबंध बनाऊ।

एक दिन जब कावेरी और मैं साथ मे थे उस दिन हम दोनों ने एक दूसरे के होठों को चूम लिया। मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सका। मै कावेरी के होंठो को बहुत ही अच्छे से चूमने लगा था कावेरी गर्म होने लगी थी। वह बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी मै अपने आप पर बिल्कुल भी काबू नहीं कर पाया। वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है मैंने कावेरी के होठों को काफी देर तक चूमता रहा उसकी गर्मी को मैंने पूरी तरीके से बढ़ा दिया था। वह बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी। उसने मेरे लंड को बाहर निकाल लिया जैसे ही उसने मेरे लंड को बाहर निकाला वह उसे सकिंग करने लगी उसे मजा आने लगा था और मुझे भी बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा वह जिस तरीके से मेरे लंड को सकिंग कर रही थी।

हम दोनों की गर्मी बढ़ रही थी और उसने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया था। मेरे लंड से पानी बाहर निकल चुकी थी मेरा लंड उसकी चूत में जाने के लिए तैयार हो चुका था। मैंने उसके बदन से कपड़े उतार दिए थे कावेरी मेरे सामने नंगी थी। मैं उसके स्तनों को अपने हाथों से दबाने लगा था जब मैं ऐसा करने लगा मुझे मजा आने लगा था और कावेरी को भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से मैं उसके स्तनों को दबा रहा था और उसकी गर्मी को बढ़ाए जा रहा था। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो चुके थे अब मेरी गर्मी इतनी अधिक हो चुकी थी मैं बिल्कुल भी रह ना सका मैने कावेरी से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है।

कावेरी मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत को चाट लो। मै जब उसकी योनि को चाटने लगा मुझे मज़ा आ रहा था और उसे भी बड़ा मजा आने लगा था। हम दोनों को काफी ज्यादा मजा आने लगा था। मैंने जैसे ही कावेरी की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया वह बहुत जोर से चिल्लाई और मुझे बोली मुझे मजा आ चुका है। अब मैं उसे बड़ी तेजी से चोदने लगा था उसकी चूत के अंदर बाहर मैं अपने लंड को कर रहा था जिससे कि कावेरी और मैं एक दूसरे के साथ में बड़े अच्छे से सेक्स कर रहे थे। कावेरी की चूत से खून निकल रहा था जब कावेरी की योनि से खून निकल रहा था तो मुझे मज़ा आ रहा था और कावेरी को भी अच्छा लग रहा था। हम दोनों एक दूसरे का साथ बड़े अच्छे से दे रहे थे।

मैंने कावेरी से कहा मेरा माल गिरने वाला है। कावेरी ने कहा कि तुम मेरी चूत मे माल गिरा दो। कावेरी बड़ी खुश थी उसकी चूत में मेरा माल गिरने वाला है। उसके बाद कावेरी को मेरे लंड को लेने की आदत हो चुकी थी जब भी मैं कावेरी से मिलता तो वह हमेशा ही मेरे लंड के लिए पागल रहती और कहती मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है। हम दोनो एक दूसरे के साथ सेक्स करते मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आता जिस तरीके से मैं और कावेरी एक दूसरे के साथ में सेक्स किया करते थे।


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