उसने मेरा साथ दिया


Antarvasna, hindi sex stories : मेरे डिवोर्स को हुए दो वर्ष हो चुके हैं ममता और मैंने आज से 5 वर्ष पहले शादी की थी ममता मेरे साथ ऑफिस में ही जॉब किया करती थी लेकिन हम दोनों की शादी शुदा जिंदगी कुछ ठीक नहीं चल पाई जिस वजह से ममता और मेरे बीच कुछ भी ठीक नहीं चल पाया हम दोनों ने एक दूसरे से अलग होने का फैसला कर लिया था। मैंने ममता से कहा तुम्हें इस बारे में एक बार और सोचना चाहिए लेकिन ममता ने जैसे अपना पूरा मन बना लिया था कि वह मुझसे अलग होना ही चाहती है और आखिरकार ममता ने मुझे डिवोर्स दे ही दिया। मैंने भी ममता के इस फैसले का सम्मान किया और ममता और मैं अब अलग हो चुके हैं लेकिन इन दो वर्षों में मेरे जीवन में बहुत कुछ चीजें बदली हैं। इन दो वर्षों में मेरी आर्थिक स्थिति भी कुछ ठीक नहीं चल रही थी जिस वजह से मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गया। मेरे डिवोर्स के कुछ समय बाद ही मैंने अपनी जॉब से रिजाइन दे दिया था क्योंकि ममता भी उसी ऑफिस में जॉब करती थी इसलिए मैंने उस ऑफिस से रिजाइन दे दिया और उसके बाद मैंने दूसरी कंपनी में जॉब की।

मेरा मन वहां भी बिल्कुल नहीं लगा और मैंने जॉब छोड़ दी लेकिन मुझे क्या पता था कि उसी बीच मेरे पिताजी की भी तबीयत खराब हो जाएगी और उनकी तबीयत खराब होने के बाद मेरे पास जितने भी पैसे बचे थे मैंने वह सब अपने पिताजी के इलाज में लगा दिए जिससे कि हमारे पास कुछ भी नहीं बचा था। मैंने दोबारा से नौकरी करने का फैसला कर लिया लेकिन मुझे जॉब नहीं मिल पाई और मैं तनाव में रहने लगा मेरे इस तनाव का कारण ममता और मेरे बीच हुए डिवोर्स था लेकिन मुझे आगे तो बढ़ना ही था। मेरे माता पिता ने मुझे काफी समझाया और कहा देखो राजेश बेटा तुम्हें अपने जीवन में अब आगे तो बढ़ना ही पड़ेगा। मैंने भी सोचा कि मेरे माता-पिता बिल्कुल ठीक कह रहे हैं और मैंने भी अब आगे बढ़ने का फैसला कर लिया था मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं दूसरे शहर में जाकर नौकरी करूं। दूसरे शहर में जाकर नौकरी करना शायद मेरे लिए ज्यादा ठीक था इसलिए मैंने अब इस बारे में पूरा मन बना लिया था और मैंने अपने दोस्त को फोन कर के कहा कि मैं दिल्ली आ रहा हूं।

वह मुझे कहने लगा अचानक से तुमने दिल्ली आने का फैसला कैसे कर लिया तो मैंने उससे कहा मुझे लगता है कि मैं जयपुर में अब जॉब नहीं कर पाऊंगा इसलिए मैंने दिल्ली में नौकरी करने का फैसला कर लिया था। मेरे दोस्त आकाश ने मेरी उसमें बहुत मदद की मेरे दोस्त आकाश की वजह से ही मैं दिल्ली में नौकरी कर पाया और उसने मुझे रहने के लिए छत भी दी। आकाश भी जयपुर का ही रहने वाला है आकाश को मेरे बारे में सब कुछ मालूम है आकाश मेरे परिवार के बहुत नजदीक है और उसे यह भी मालूम है कि ममता और मेरे बीच में जब से डिवोर्स हुआ है तब से मैं मानसिक रूप से तनाव में था। आकाश ने मेरी काफी मदद की और मैं अब दिल्ली में ही जॉब करने लगा था मैं अपने पीछे की जिंदगी को भूल कर अब आगे बढ़ चुका था। मेरे लिए यह सब इतना आसान नहीं था क्योंकि इस दौरान मेरे साथ जो भी हुआ शायद उसका जिम्मेदार मैं अभी तक अपने आप को मान रहा था लेकिन मुझे लग रहा था कि शायद इसमें मेरी कोई भी गलती नहीं है क्योकि मुझे यह बात पता चल चुकी थी कि ममता ने तो मुझसे कभी प्यार किया ही नहीं है। एक दिन मैंने देखा कि फेसबुक पर ममता ने एक व्यक्ति के साथ अपनी फोटो डाल दी थी मुझे नहीं मालूम था कि वह व्यक्ति कौन है लेकिन जब मैंने उसके बारे में मालूम किया तो मुझे पता चला ममता और वह एक दूसरे को प्यार करते थे मैं इस बात से बहुत हैरान रह गया। आकाश ने मुझे कहा देखो राजेश अब तुम आगे बढ़ने के बारे में सोचो और ममता के बारे में तुम भूल जाओ तो ही ज्यादा उचित होगा। आकाश ने मेरा बहुत साथ दिया और मैंने भी ममता को भुलाने की पूरी कोशिश की और आखिरकार मैं ममता को भूल चुका था ममता ने भी इस बीच शादी कर ली थी मुझे लगा था कि शायद मेरी ही गलती है लेकिन मुझे यह बात बिल्कुल भी पता नहीं थी कि यह तो ममता की गलती की वजह से ही हुआ है। इस बीच कुछ दिनों के लिए मैं भी जयपुर चला गया जब मैं जयपुर गया तो मेरे माता-पिता मुझे देख कर बहुत खुश हुए और वह कहने लगे कि बेटा तुमने बहुत अच्छा किया जो कुछ दिनों के लिए तुम घर आ गए।

उसी दौरान मेरी छोटी बहन जिसका नाम आशा है वह बजी घर पर आई हुई थी आशा से मैंने पूछा तुम अपने पति के साथ खुश तो हो ना तो वह मुझे कहने लगी हां मेरे पति मेरा बहुत ध्यान रखते हैं। आशा के चेहरे की खुशी बयां कर रही थी कि उसके पति और उसके बीच सब कुछ ठीक है। मैं भी काफी समय बाद आशा को मिल रहा था और आशा कुछ दिनों तक हमारे साथ ही रहने वाली थी। एक दिन मैं अपने कमरे में बैठा हुआ था आशा जब कमरे में आई तो मुझे कहने लगी अब आप शादी करने का फैसला क्यों नहीं कर लेते मैंने आशा को समझाया और कहा देखो आशा मेरा शादी पर से पूरा विश्वास उठ चुका है। हालांकि आशा को ममता के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी लेकिन मैंने आशा को कहा देखो आशा मैं शादी नहीं करना चाहता हूं। वह मुझे कहने लगी कि भैया आपको आगे के बारे में तो सोचना ही पड़ेगा पापा और मम्मी भी अब बूढ़े होने लगे हैं और उन दोनों की देखभाल के लिए किसी को तो घर पर होना जरूरी है। मैंने भी आशा से कहा तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो लेकिन मैंने अभी तक इस बारे में कुछ सोचा नहीं है यदि मुझे कुछ ऐसा लगेगा तो मैं जरूर शादी कर लूंगा लेकिन फिलहाल तो मैं इन सब चीजों से दूर ही रहना चाहता हूं।

आशा ने भी मेरे फैसले का सम्मान किया और उसके बाद उसने मुझे कुछ नहीं कहा लेकिन जितने दिन भी मैं घर पर रहा मुझे बहुत अच्छा लगा अपने परिवार के साथ समय बिताकर मैं बहुत ही खुश था। जब मैं दिल्ली वापस लौटा तो आकाश मुझे कहने लगा कि घर में सब कुछ ठीक तो है ना, मैंने उसे कहा हां घर में सब कुछ ठीक है। आकाश और मेरे दोस्ती बहुत ही ज्यादा पुरानी है और आकाश ने हमेशा ही मेरी मदद की है। कई बार मुझे लगता कि मुझे किसी की जरूरत है। एक दिन में बहुत ज्यादा अकेला था मेरे दोस्त ने मुझे एक लड़की का नंबर दिया। जब उसने मुझे उसका नंबर दिया तो मैं उस से मिलना चाहता। मैंने जब उस से पहली बार फोन पर बात की और उसके सुरीली आवाज सुनी तो मैं बहुत ही ज्यादा खुश महसूस कर रहा था उसने जैसे मेरी सारी परेशानियों को पल भर में दूर कर दिया था और मेरे लिए इससे ज्यादा अच्छी बात तो शायद कुछ भी नहीं थी। मैंने उसे मिलने का फैसला किया जब मैं प्रिया से मिला तो मुझे नहीं मालूम था कि वह कॉल गर्ल है लेकिन उसने अपनी सच्चाई मुझे बता दी और इसी बात से मै शायद प्रिया के बहुत ज्यादा खुश हो गया और हम दोनों के बीच में अब सेक्स होना बाकी था। प्रिया को भी मेरा साथ बहुत पसंद है प्रिया ने जब मेरे होंठों को चूमा तो मुझे बहुत अच्छा लगा मुझे ऐसा लगा जैसे ममता के डिवोर्स लेने के बाद इतने समय बाद मैं किसी लड़की के साथ इतना अच्छा समय बिता पाया हूं। प्रिया ने मेरे होठों को बहुत देर तक चूमा और मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया। प्रिया चाहती थी कि वह मुझे किसी भी प्रकार की कोई कमी ना होने दें मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो प्रिया ने उसे अपने मुंह के अंदर समा लिया और उसने जब अपने मुंह के अंदर लंड को लिया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा और जिस प्रकार से प्रिया ने अपने मुंह के अंदर बाहर मेरे लंड को किया तो मुझे बहुत अच्छा लगा। बहुत देर तक प्रिया ने मेरे लंड का रसपान किया अब हम दोनों इतने ज्यादा उत्तेजित हो चुके थे कि शायद हम दोनों ही अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहे थे।

प्रिया ने अपनी चूत के अंदर उंगली डाली मैंने भी अपनी उंगली को प्रिया की चूत में घुसा दिया और उसकी चूत के अंदर बाहर अपनी उंगली को करने लगा। वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी और मुझे कहने लगी तुम ऐसे ही मेरी चूत के अंदर बाहर अपनी उंगली को करते रहो। मैंने अपने लंड को प्रिया की चूत के अंदर घुसा दिया प्रिया कि चूत के अंदर मेरा लंड जाते ही वह जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड बड़ा मोटा है। प्रिया ने इस से पहले ना जाने कितने ही लोगों के साथ सेक्स किया था लेकिन फिर भी उसके दिल में जो मेरे लिए प्यार था वह मुझे पता चल रहा था वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। उसने अपने हाथों को मेरी कमर पर रख लिया, मैं भी प्रिया की आंखों में देख रहा था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और मैं लगातार तेज गति से प्रिया की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को कर रहा था।

प्रिया बहुत ही ज्यादा खुशी हो गई उसने मुझे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मुझे धक्के देते रहो। मैंने काफी देर तक प्रिया की चूत का आनंद लिया जब मेरा वीर्य बाहर की तरफ गिरने वाला था तो उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेने की बात कही और मैंने भी अपने लंड को प्रिया के मुंह मे डाल दिया। मुझे प्रिया के साथ सेक्स करके बहुत अच्छा लगा और उसके बाद ना जाने कितनी ही बार हम दोनों के बीच सेक्स संबंध बने। मैंने प्रिया के साथ बहुत ही अच्छे से सेक्स किया मैं प्रिया के साथ सेक्स कर के बहुत खुश था। एक दिन प्रिया मुझसे कहने लगी मुझे तुमसे मिलना है? मैं जब प्रिया से मिलने गया तो उस दिन मैंने प्रिया की गांड के भी मजे लिए और प्रिया मुझसे अपनी गांड मरवाकर बहुत खुश थी। पहली बार ही प्रिया ने किसी से अपनी गांड मरवाई थी मैंने जब प्रिया के साथ एनल सेक्स किया तो मुझे बहुत ही मजा आया और उसकी गांड मारने में मुझे बहुत मजा आया। मेरे प्रिया से बहुत ही अच्छे रिश्ते हैं और हम दोनों एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझते हैं।


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