तुम्हारी चूत नीचे लेटाकर मारूंगा


Antarvasna, kamukta: मेरी और ममता की दोस्ती बचपन से ही है हम दोनों बचपन की सहेलियां हैं और ममता मेरे साथ स्कूल में पढ़ती थी और उसके बाद हम दोनों ने साथ में कॉलेज की पढ़ाई की। ममता की शादी कुछ समय पहले ही हुई और मैं स्कूल में पढ़ाने लगी मैं एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हूं। ममता से मेरी मुलाकात अक्सर होती रहती थी क्योंकि ममता की शादी विजय से हुई विजय भी हमारे साथ ही पढ़ा करता था और ममता और विजय के बीच में प्रेम प्रसंग चला जिसकी वजह से उन दोनों ने शादी कर ली। हालांकि इसके लिए ममता और विजय को बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ा लेकिन आखिरकार उन दोनों के परिवार वालों की रजामंदी से उन दोनों की शादी हो गई। अब उन दोनों की शादी हो गई थी तो इस बात की खुशी ममता को बहुत थी ममता से मैं पूछती थी कि विजय तुम्हारा ध्यान तो रखता है तो ममता मुझे कहती कि हां विजय मेरा बहुत ध्यान रखते हैं।

ममता से मेरी मुलाकात अक्सर होती ही रहती थी एक दिन ममता मेरे घर पर आई और कहने लगी कि आरोही सोचा तुम से मुलाकात कर लूँ। मैंने ममता को कहा तुमने बहुत ही अच्छा किया जो मुझसे मिलने के लिए आ गई मैं सोच ही रही थी कि तुम्हें फोन करूंगी लेकिन तुम मुझसे मिलने की आई तो मुझे अच्छा लगा। ममता जब मुझसे मिलने के लिए आई तो ममता कहने लगी कि आरोही क्या तुमने भी शादी के बारे में सोच लिया है मैंने ममता को कहा नहीं मैंने तो ऐसा कुछ भी नहीं सोचा है लेकिन तुम्हें यह बात किसने बताई। ममता मुझे कहने लगी कि मुझे यह निखिल ने बताया था कि तुम शादी करने वाली हो मैंने मानता को कहा ममता निखिल की बातों पर तुम भरोसा मत किया करो वह ना जाने क्या कुछ कहता रहता है ममता कहने लगी शायद तुम ठीक कह रही हो निखिल हमेशा ही झूठ कहता है। मैं और ममता साथ में काफी देर तक बैठे रहे मैंने ममता को कहा तुम अपने ससुराल कब जाओगी तो ममता कहने लगी कि अभी तो मैं घर पर ही हूं देखती हूं अपने ससुराल कब जाऊंगी।

मैंने ममता को कहा क्या परसो तुम फ्री हो तो ममता कहने लगी कि हां परसों तो मैं घर पर ही हूं और भला मेरा क्या काम होगा। मैंने ममता को कहा क्या फिर हम लोग उस दिन घूमने के लिए चलें तो ममता कहने लगी कि हम लोग कहां जाएंगे। मैंने ममता को कहा क्यों ना हम लोग उस दिन अपने लिए कुछ शॉपिंग करने चलें मैंने काफी समय से शॉपिंग भी नहीं की है तो सोच रही थी कि यदि तुम मेरे साथ चलोगी तो मैं कुछ शॉपिंग भी कर लूंगी। ममता कहने लगी चलो ठीक है मैं तुम्हें परसों मिलती हूं और परसों हम लोग शॉपिंग करने के लिए चलते हैं। ममता मेरे साथ आने के लिए तैयार हो चुकी थी और हम लोग अब शॉपिंग पर जाने की पूरी तैयारी कर रहे थे। हम लोग जब शॉपिंग के लिए गए तो उस वक्त मुझे बहुत ही अच्छा लगा क्योंकि काफी समय बाद ममता के साथ मैं कहीं घूमने के लिए जा रही थी तो ममता भी खुश थी और मुझे भी बहुत अच्छा लगा। ममता मुझे कहने लगी कि आरोही तुम भी अब अपने लिए कोई लड़का देख लो मैंने ममता को कहा ममता मुझे अभी शादी नहीं करनी है मुझे थोड़ा समय चाहिए मैं चाहती हूं कि अपनी जिंदगी मैं अच्छे से जी पाऊं और अपने कुछ सपने हैं उन्हें मैं पूरा करूं उसके बाद ही मैं शादी के बारे में कुछ मन बनाऊंगी। ममता कहने लगी कि शायद तुम ठीक कह रही हो मुझे भी कई बार लगता है कि मैंने बहुत जल्दी शादी कर ली मैंने ममता को समझाया और कहा देखो ममता तुमने शादी जरूर जल्दी की है लेकिन तुम खुश हो तुम्हें एक अच्छा पति मिला और तुम जैसा चाहती थी वैसा ही तुम्हारे साथ चल रहा है वह तुम्हारा बहुत ध्यान भी रखता है और मुझे पूरी उम्मीद है कि वह तुम्हें बहुत प्यार करता होगा। ममता कहने लगी कि हां विजय मुझे बहुत प्यार करता है और वह मेरा बहुत ध्यान रखता है लेकिन कभी कबार मेरे और मेरी सासू मां के बीच में झगड़े हो जाते हैं जिस वजह से विजय बहुत नाराज हो जाते हैं। मैंने ममता को कहा देखो ममता यह सब तो होता ही रहता है और इसे इतना दिल पर लेने की आवश्यकता नहीं है तुम तो जानती ही हो ना कि यह सब इतना आसान भी नहीं है। मैंने ममता को जब यह बात कही तो ममता कहने लगी आरोही तुम बचपन से ही समझदार रही हो और मुझे हमेशा ही तुम समझाती रही हो।

मैंने ममता को कहा तुम मुझे बताओ कि तुम क्या शॉपिंग करने वाली हो तो ममता कहने लगी कि चलो हम लोग पहले देखें तो सही कि क्या आज शॉपिंग किया जाए। हम दोनों मॉल के एक आउटलेट में चले गए और वहां पर से हम लोगों ने ढेरों शॉपिंग कर ली जब हम लोग घर लौट रहे थे तो उस वक्त ऑटो का टायर पंचर हो गया ऑटो वाला कहने लगा कि आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। मैंने उसे कहा ठीक है हम लोग दूसरा ऑटो ले लेते हैं तो वह कहने लगा कि ठीक है मैडम आप दूसरा ऑटो ले लीजिए। हम लोगों ने उसे पैसे दिए और हम ऑटो का इंतजार करने लगे जब हम लोग ऑटो का इंतजार कर रहे थे तो उस वक्त अमित अपनी कार से आ रहा था अमित ने जैसे ही मुझे देखा तो उसने मुझे देखते ही कार रोकी और कहने लगा आरोही तुम यहां पर क्या कर रही हो। मैंने उसे बताया हम लोग घर जा रहे थे और ऑटो का टायर पंचर हो गया जिस वजह से हम लोग ऑटो का इंतजार कर रहे हैं अमित ने मुझे कहा कि मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूं ममता कहने लगी कि ठीक है हमें तुम हमें घर छोड़ दो। हालांकि ममता कभी अमित से मिली नहीं थी लेकिन मैंने उसका परिचय अमित से करवाया अमित मेरे और मेरे भैया गौरव के दोस्त हैं अमित ने हमें घर छोड़ दिया और उसके बाद अमित वहां से चला गया।

ममता मुझे कहने लगी कि मैं भी चलती हूं मैंने ममता को कहा ठीक है ममता हम लोग इस हफ्ते तो शायद नहीं मिल पाएंगे क्योंकि मेरा स्कूल में बहुत काम है इसलिए मैं तुमसे नहीं मिल पाऊंगी ममता कहने लगी कोई बात नहीं आरोही। मैं ममता से मिल नहीं पाई उसके बाद वह अपने ससुराल चली गई ममता अपने ससुराल जा चुकी थी और मैं अभी भी अपने स्कूल के काम से फ्री नहीं हो पाई थी मैं सोचने लगी कि पता नहीं मैं कब फ्री होंगी। मैं और ममता फोन पर अक्सर एक दूसरे से बात किया करते हैं मुझे ममता से फोन पर बात करना अच्छा लगता था। ममता जब भी मुझसे फोन पर बात करती तो हमेशा ही वह यह कहती कि तुम शादी कब कर रही हो तो मैं उसे बताती कि अभी तो फिलहाल शादी के बारे में मैंने कुछ सोचा नहीं है। ममता हमेशा ही मेरी शादी के पीछे हाथ धोकर पड़ी रहती थी। मैं शादी तो नहीं करना चाहती थी लेकिन मेरे अंदर की जवानी अब कुछ ज्यादा ही बाहर निकलने लगी थी मैं अपने यौवन को किसी के साथ तो साझा करना चाहती थी। जब मेरी मुलाकात अमित से हुई तो मैंने सोचा कि क्यों ना अमित के साथ ही में सेक्स संबंध बना लू और अमित के साथ में शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार थी अमित को मैं मैसेज करने लगी। अमित मेरे मैसेज का जवाब मुझे दिया करता धीरे-धीरे हम दोनों की बातें अब आगे बढ़ने लगी थी और मैंने अमित को जब अपने पास मिलने के लिए बुलाया तो वह मुझे कहने लगा मैं तुम्हारे घर पर नहीं आ सकता तुम मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आ जाओ। मैं अमित के घर पर उससे मिलने के लिए चली गई जब मैं अमित के घर पर उससे मिलने के लिए गई तो मेरी चूत से कुछ ज्याद् ही पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था और शायद मैं अपने आपको कंट्रोल में ना रख पाई मैंने अमित को किस किया तो उसने भी मुझे किस करना शुरू किया।

अमित ने बहुत देर तक मुझे किस किया जब अमित का लंड मेरी चूत पर टकरा रहा था तो अमित ने अपने लंड को बाहर निकाला और जैसे हि अमित ने लंड को बाहर निकाला तो मैंने उसे अपने मुंह में ले लिया और अमित के लंड को मैं अपने मुंह के अंदर बाहर करने लगी। मुझे बहुत आनंद आ रहा था जिस प्रकार से मैं उसके मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर ले रही थी मैंने उसे चूस कर पूरा गिला बना दिया था अमित ने भी मेरी चूत का रसपान बहुत देर तक किया और मेरे स्तनों को उसने काट कर रख दिया था मेरे स्तनों से खून भी निकलने लगा था। जैसे ही अमित ने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो मैं चिल्ला उठी अमित का मोटा लंड मेरी चूत के अंदर तक जा चुका था और मेरे मुंह से चीख निकल रही थी मैं चिल्ला रही थी तो अमित को मजा आता।

अमित ने जिस प्रकार से मुझे धक्के मारे उस से मैं बहुत ज्यादा खुश थी अमित का लंड मेरी चूत के अंदर समा रहा था थोड़ी ही देर बाद अमित ने मुझे घोड़ी बनाया और जैसे ही मुझे घोड़ी बनाया तो मेरी चूत के मजे वह बड़े अच्छे तरीके से लेने लगा। मेरी चूत के अंदर बाहर उसका लंड होता तो मैं और भी ज्यादा चिल्लाती मेरा बदन पूरा हिल रहा था और मेरे स्तन भी हिलने लगे थे। मैंने अमित से कहा मेरे स्तन बहुत ज्यादा हिलने लगे हैं तो अमित कहने लगा आओ मेरे नीचे से आ जाओ। अमित ने मुझे अपने नीचे से लेटा कर चोदना जारी रखा और थोड़ी ही देर बाद मैं झड़ने वाली थी तो मैंने अमित से कहा मैं झड़ने वाली हूं और मैंने अपने दोनों पैरों को आपस में मिला लिया और अपनी चूत को भी मैंने टाइट कर लिया। अमित का लंड मेरी चूत के अंदर जाता तो अमित को मेरी चूत के टाइटपन का अहसास होता और थोड़ी ही देर बाद उसने मेरी मुलायम चूत के अंदर अपने वीर्य को प्रवेश करवाया तो मैं खुश हो गई और अमित भी खुश था। मुझे खुशी थी अमित मेरे साथ सेक्स कर पाया उसके बाद तो उसे अक्सर यह मौका देती रहती थी।


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