सुरभि की जोरदार सिसकियाँ


Antarvasna, kamukta: काजल और मेरा रिश्ता खत्म हो चुका था और हम दोनों का डिवोर्स हो चुका था। डिवोर्स हो जाने के बाद मेरी जिंदगी में काफी  कुछ चीजें बदल चुकी थी मैं भी अब मुंबई आ चुका था। मुंबई में मुझे सिर्फ 6 महीने ही हुए थे और मैं एक अच्छी कंपनी में जॉब करता हूं लेकिन मेरा डिवोर्स के हो जाने के बाद मेरी जिंदगी में काफी कुछ चीजे बदलने लगी थी। काजल और मैं एक दूसरे को काफी पसंद किया करते थे और कॉलेज के समय से ही हम दोनों का रिलेशन एक दूसरे के साथ चल रहा था। मैंने ही काजल को प्रपोज किया था लेकिन अब मेरी जिंदगी बदल चुकी थी क्योंकि काजल मेरी जिंदगी से दूर जा चुकी थी। मुझे यह समझ नहीं आया कि आखिर काजल और मेरे बीच की दूरियां कब इतनी बढ़ती चली गई की हम दोनों एक दूसरे से काफी दूर हो चुके थे। हम दोनों का कोई भी संपर्क नहीं था ना तो मेरा काजल से कोई संपर्क था और ना हीं काजल मुझसे बात करती थी।

मैं मुंबई में ही रहता हूं और मुंबई में मेरी जिंदगी बड़ी ही अच्छे से चल रही है। मैं अपनी नौकरी से खुश हूं लेकिन जब कभी भी मैं काजल के बारे में सोचता हूं तो मुझे यह लगता है कि मुझे काजल को डिवोर्स दे देना चाहिए था या नहीं। मेरे मन में कई बार यही सवाल दौड़ता रहता है लेकिन इसका जवाब मेरे पास भी नहीं था। मुंबई में ही नौकरी के दौरान मेरी काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी और मेरी दोस्ती  जब सुरभि के साथ हुई तो मुझे काफी अच्छा लगा। सुरभि और मैं एक दूसरे के साथ काफी खुश थे। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ होते हैं और एक दूसरे के साथ हम दोनों रिलेशन में थे उससे मैं काफी खुश था। सुरभि को मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में बता चुका था क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि हम दोनों की जिंदगी में आगे चलकर कोई परेशानी आये इसलिए मैंने सुरभि को इस बारे में बता दिया था और सुरभि को भी इससे कोई एतराज नहीं था।

सुरभि और मैं एक दूसरे के साथ रिलेशन में बहुत खुश हैं और हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता है जब भी हम दोनों साथ होते। सुरभि की फैमिली मुंबई में ही रहती है और कई बार मैं उन लोगों के घर पर भी जा चुका हूं। जब पहली बार सुरभि के माता-पिता से मैं मिला तो उस वक्त मेरी मुलाकात उन लोगों से काफी अच्छी रही और उसके बाद मैं सुरभि के घर अक्सर जाने लगा। सुरभि और मैं एक दूसरे के साथ जब भी होते तो हम दोनों अपने भविष्य को लेकर बातें किया करते। मैं चाहता था कि सुरभि के साथ मैं अपने आगे की जिंदगी बिताऊँ लेकिन सुरभि को थोड़ा समय चाहिए था इसलिए मैंने भी सुरभि से कभी इस बारे में कुछ नहीं कहा। हालांकि सुरभि मुझे बहुत ही अच्छे से समझती है और हम दोनों का रिलेशन बहुत ही अच्छा है।

एक बार हम दोनों अपने ऑफिस के टूर के सिलसिले में हैदराबाद गए हुए थे जब हम लोग हैदराबाद गए तो हैदराबाद में हम लोगों ने काफी अच्छा समय साथ में बिताया। और ऑफिस का काम खत्म करने के बाद हम लोग वहां से वापस लौट आए। हम लोग वापस लौटे तो एक दिन सुरभि के घर पर एक छोटा सा फंक्शन था तो सुरभि ने मुझे अपने घर पर बुलाया। जब सुरभि ने मुझे अपने घर पर इनवाइट किया तो मैं सुरभि के घर पर गया। उस दौरान जब मैं सुरभि के घर गया तो उसके पापा ने उस दिन सुरभि और मेरे रिश्ते के बारे में पूछा तो मैं भी उन्हें सब कुछ बता दिया। मैंने सुरभि के पिता जी से कहा कि मैं सुरभि के साथ शादी करना चाहता हूं तो वह लोग इस बात से काफी खुश थे और उन्हें इस बात से कोई एतराज नहीं था। मैंने सुरभि के फैसले का सम्मान किया और हम दोनों अभी भी रिलेशन में हैं और हमारी शादी अभी तक नहीं हो पाई है। सुरभि अपने फ्यूचर को लेकर काफी ज्यादा चिंतित थी।

मैं और सुरभि एक दिन साथ में थे उस दिन जब सुरभि और मैं साथ में थे तो सुरभि ने मुझसे कहा कि आज मैं तुम्हें अपनी फ्रेंड से मिलवाती हूँ। सुरभि ने जब उस दिन मुझे अपनी सहेली से मिलवाया तो मुझे काफी अच्छा लगा मैं जब सुरभि की सहेली रूपल से मिला तो मुझे काफी अच्छा लगा और रुपल को भी बहुत अच्छा लगा था। रूपल हम दोनों से पूछने लगी कि तुम दोनों कब शादी कर रहे हो तो इस बात का मेरे पास तो कोई जवाब नहीं था लेकिन सुरभि ने रूपल को जवाब देते हुए कहा कि जल्द ही हम लोग शादी कर लेंगे। सुरभि और मेरी फोन पर अक्सर ही बातें हुआ करती थी। एक दिन सुरभि ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए अपने रिलेटिव की शादी में दिल्ली जा रही है तो मैंने सुरभि से कहा कि तुम दिल्ली से वापस कब लौटोगी। सुरभि ने मुझे कहा कि मैं वहां से जल्द ही वापस लौट आऊंगी। सुरभि कुछ दिनों के लिए दिल्ली चली गई थी सुरभि की पूरी फैमिली दिल्ली गई हुई थी और वह लोग वहां से करीब 10 दिनों बाद वापस लौटे। मैं सुरभि को इस बीच काफी मिस कर रहा था और सुरभि भी मुझे कहीं ना कहीं मिस कर रही थी।

जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगा। अब सुरभि को भी यह अहसास हो चला था कि वह मेरे बिना रह नहीं पाएगी इसलिए सुरभि ने मेरे साथ शादी करने का फैसला कर लिया था। आखिर सुरभि ने मेंरे साथ शादी की बात मान ली थी और मैं भी इस बात से बहुत खुश था कि सुरभि मेरे साथ शादी करने के लिए तैयार हो चुकी है। मेरे लिए यह बड़ी खुशी की बात है कि सुरभि और मैं अब शादी करने वाले हैं। जब हम दोनों की शादी हुई तो मैं बहुत ज्यादा खुश था सुरभि और मैं मुंबई में ही रहते हैं और हम दोनों की शादी शुदा जिंदगी अच्छे से चल रही है। हमारी शादी को अभी एक महीना ही हुआ है लेकिन मैं सुरभि के साथ बहुत ज्यादा खुश हूँ जिस तरीके से वह मेरा ध्यान रखती है। हम दोनों एक दूसरे के साथ होते हैं तो हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगता है।

सुरभि और मैं एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं इसलिए हम दोनों का शादीशुदा जीवन अच्छे से चल रहा है। हम दोनों के बीच कभी भी किसी बात को लेकर कोई झगड़ा नहीं होता इस बात की मुझे बहुत ज्यादा खुशी है। सुरभि और मैं अभी भी उसी कंपनी में जॉब कर रहे हैं जिसमें हम लोग पहले जॉब करते थे। एक दिन सुरभि ने मुझसे कहा कि क्या हम लोग कुछ दिनों के लिए कहीं घूम आएं तो मैंने सुरभि से कहा कि हां क्यों नहीं। हम दोनों ने मनाली जाने का प्रोग्राम बना लिया था और हम लोग मनाली जाना चाहते थे। मैंने सारी व्यवस्था कर ली थी और जब हम लोग मनाली गए तो मनाली में हम लोगों को काफी अच्छा लगा। सुरभि और मैं मनाली 4 दिन के लिए गए हुए थे और हम लोगों ने वहां पर खूब इंजॉय किया। मैं और सुरभि बहुत ज्यादा खुश थे जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ मनाली में समय बिताया और मनाली का टूर हमारा बहुत ही अच्छा रहा।

कुछ दिन बाद हम लोग वापस मुंबई लौट आए थे और जब हम लोग मुंबई लौटे तो हम दोनों ऑफिस जाने लगे। ऑफिस में कुछ दिनों से काफी ज्यादा काम था इस वजह से हम दोनों जब घर लौटते तो हम दोनों खुद को काफी थके हुए महसूस करते थे। मैंने सुरभि को कहा कि हम लोग घर पर किसी नौकरानी को रख लेते हैं लेकिन सुरभि इस बात के लिए तैयार नहीं थी और वह कहने लगी की मुझे लगता है कि मैं सारी चीजें खुद ही कर सकती हूं। मुझे लगता था कि हम लोगों को घर पर काम करने के लिए किसी को रख लेना चाहिए लेकिन सुरभि इस बात के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी। सुरभि हर रोज सुबह नाश्ता बनाती और उसके बाद हम दोनों अपने ऑफिस चले जाते। हम दोनों का हमेशा का यही रूटीन था और शाम के वक्त हम लोग अपने ऑफिस से लौट आते। एक दिन जब हम दोनों ऑफिस से लौटे तो उस दिन मुझे काफी थकान महसूस हो रही थी मैंने थोड़ी बहुत शराब पी पी ली थी जिस वजह से मुझे नशा हो गया था।

मैंने जब सुरभि से सेक्स करने के बारे में कहा था तो वह भी मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो चुकी थी। मैंने सुरभि से कहा मैं तुम्हारे साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहता हूं। सुरभि ने मुझे कहा ठीक है वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो चुकी थी। हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूस कर अब गर्मी को बढ़ा रहे थे। हमने एक दूसरे की गर्मी को काफी बढ़ा दिया था। सुरभि के होंठो को मे गरम कर चुका था। अब हम दोनो गर्म होने लगे थे। मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छे से दे रहे हैं। सुरभि ने अपनी पैंटी को उतारा। मैंने उसकी योनि को अपनी जीभ से चाट वह गर्म हो गई थी। मैंने जैसे ही सुरभि की चूत में अपने लंड को घुसाया तो वह मचलने लगी।

वह जोर से सिसकारियां ले रही थी। वह मुझे कहती मुझे मजा आ रहा है सुरभि को काफी ज्यादा दर्द महसूस हो रहा था। वह मेरा साथ अच्छे से दिए जा रही थी। सुरभि जिस तरीके से मेरा साथ दे रही थी उस से मुझे अच्छा लग रहा था और सुरभि को भी बड़ा मजा आ रहा था। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे अब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बहुत ज्यादा बढा चुके थे। हम दोनों से बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था मैं सुरभि को तेजी से धक्के दिए जा रहा था। वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। वह मुझे कहती मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अब हम दोनों एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा ले रहे थे। जब सुरभि झड चुकी थी तो वह कहने लगी तुम अपने वीर्य को मेरी चूत मे गिरा दो। मैंने सुरभि की चूत में अपने वीर्य को गिरा कर अपनी गर्मी को शांत कर दिया था जिससे वह बड़ी खुश थी और मैं भी काफी ज्यादा खुश था।