सीधा अंदर आओ राजा बाबू


Antarvasna, hindi sex kahani: मेरा ट्रांसफर पुणे हो जाने के बाद मैं अपने रिश्तेदार के घर कुछ दिनों तक रहा। मैं उनके घर पर कुछ दिनों तक रुका और उसके बाद मैंने उन्हें कहा कि आप मेरे लिए घर देख लीजिए तो उन्होंने भी मेरे लिए अपनी कॉलोनी में ही घर देख लिया और मैं वहां पर रहने लगा। पुणे में मुझे ज्यादा दिन तो नहीं हुए थे लेकिन जिस कॉलोनी में मैं रहता था वहां पर मेरी अच्छी बातचीत होने लगी थी और मैं काफी लोगों को पहचानने भी लगा था। मैं जिस फ्लैट में रहता था उसके सामने ही कुछ दिनों पहले एक परिवार रहने के लिए आया उन लोगों से काफी समय तक मेरी कोई बातचीत नहीं हुई लेकिन जब मेरी उन लोगों से बातचीत होने लगी तो मुझे भी काफी अच्छा लगने लगा। मैं उन लोगों से काफी बातें करने लगा था मुझे उन लोगों से बातें करके काफी अच्छा लगता था। सब कुछ अब अच्छे से चलने लगा था मेरी जॉब भी अच्छे से चल रही थी और मैं पुणे में पूरी तरीके से सेटल हो चुका था, मैं चाहता था कि पापा मम्मी भी मेरे पास ही पुणे रहने आ जाये।

मैंने जब पापा से इस बारे में बात की तो पापा ने मुझे कहा कि बेटा लेकिन हम लोग पुणे में आकर क्या करेंगे तो मैंने उन्हें कहा कि आप लोग पुणे में ही आ जाइए आप मेरे पास ही रहिए। वह लोग पुणे नहीं आना चाहते थे परंतु मैंने उन्हें किसी प्रकार से मना लिया और फिर वह लोग पुणे आने के लिए तैयार हो गए और वह लोग मेरे साथ पुणे में ही रहने लगे मैं इस बात से काफी ज्यादा खुश था। थोड़े समय बाद मैंने सोचा कि क्यों ना मैं एक फ्लैट पुणे में ही खरीद लूं, जब इस बारे में मैंने पापा से बात की तो पापा ने कहा कि बेटा अगर तुम पुणे में फ्लैट खरीदना चाहते हो तो तुम यहीं पुणे में ही फ्लैट खरीद लो। पापा ने भी मुझे कुछ पैसे देने की बात कही और फिर मैंने पुणे में फ्लैट लेने का फैसला कर लिया था। मैंने पुणे में ही एक फ्लैट ले लिया और थोड़े समय बाद ही हम लोग उस फ्लैट में शिफ्ट हो गए, जब हम लोग उस फ्लैट में शिफ्ट हुए तो हमारे सामने जो परिवार रहा करता था उन लोगों से भी हम लोगों का अच्छा परिचय हो चुका था।

उनकी बेटी सुहानी जो की कॉलेज में पढ़ती है सुहानी मुझे पहले दिन से ही अच्छी लगने लगी थी मेरी अभी तक शादी नहीं हुई थी और मैं सोचने लगा कि अब मेरी शादी की उम्र भी हो चुकी है और मुझे शादी कर लेनी चाहिए। सुहानी से मेरी बातें होने लगी थी जब मैं सुहानी से बात करता तो मुझे अच्छा लगता और सुहानी को भी मुझसे बात कर के काफी अच्छा लगता हम दोनों एक दूसरे से बातें किया करते तो हम दोनों ही काफी खुश हो जाते। मैं और सुहानी एक दूसरे के साथ काफी बातचीत करने लगे थे सुहानी को जब भी मेरी जरूरत होती तो सुहानी मुझसे हमेशा ही मदद ले लिया करती थी। जब सुहानी मुझसे मदद के लिए कहती तो मुझे भी बहुत खुशी होती थी और सुहानी को भी काफी अच्छा लगता। समय बीतने के साथ साथ हम दोनों एक दूसरे को काफी समझने लगे थे और मुझे लगने लगा था कि हम दोनों के बीच प्यार होने लगा है। मैंने एक दिन सुहानी से अपने दिल की बात कह दी, मैंने जब सुहानी से अपने दिल की बात कही तो सुहानी को भी मेरी बात काफी अच्छा लगी। सुहानी ने मुझे कहा कि अभय तुम मुझे हमेशा से ही पसंद थे यह बात सुनकर तो मैं काफी खुश हुआ कि सुहानी और मेरे बीच प्यार हो गया है और हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे हैं।

मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था क्योंकि मैं सुहानी को बहुत ज्यादा प्यार करता। सुहानी और मैं एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते और हम दोनों एक दूसरे के साथ जब भी कहीं बाहर जाते तो हम दोनों को ही काफी अच्छा लगता। हम दोनों इतने ज्यादा खुश थे कि हम दोनों ने एक दूसरे के साथ शादी करने का भी फैसला कर लिया था। मैंने सुहानी से कहा कि सुहानी अगर तुम्हें जॉब करनी है तो तुम जॉब कर सकती हो, सुहानी को भी जॉब करनी थी इसलिए सुहानी ने एक कंपनी ज्वाइन कर ली। सुहानी का कॉलेज भी पूरा हो चुका था और उसका कॉलेज पूरा हो जाने के बाद उसने जॉब करनी शुरू कर दी थी वह जॉब करने लगी थी और उसे काफी अच्छा भी लगता। सुहानी अपनी जॉब से काफी ज्यादा खुश थी ऑफिस से फ्री होने के बाद या फिर छुट्टी के दिन हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी समय बिताया करते थे। सुहानी मेरे घर के बिल्कुल सामने रहा करती थी इसलिए हम दोनों एक दूसरे से अक्सर मिल लिया करते थे। सुहानी का भी मेरे घर पर आना जाना था इसलिए पापा और मम्मी को भी सुहानी काफी पसंद थी लेकिन अभी तक हम दोनों ने किसी को भी अपने रिश्ते के बारे में बताया नहीं था और मैं चाहता था कि जब सही समय आएगा तब मैं पापा और मम्मी को इस बारे में बता दूंगा।

जब एक दिन मैंने इस बारे में पापा से बात की तो पापा ने मुझे कहा कि बेटा क्या तुम सुहानी को पसंद करते हो तो मैंने पापा से कहा कि पापा सुहानी और मैं एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं और हम दोनों एक दूसरे के साथ शादी करना चाहते हैं। पापा ने कहा कि क्या तुमने सुहानी के पापा मम्मी से इस बारे में बात की है या सुहानी ने अपने घर पर इस बारे में बताया है तो मैंने पापा से कहा कि नहीं सुहानी ने अभी तक इस बारे में अपने घर पर कुछ भी नहीं बताया है। पापा चाहते थे कि सुहानी अपने घर पर इस बारे में बता दे और मैंने जब सुहानी से इस बारे में कहा तो सुहानी ने अपने पापा मम्मी को हम दोनों के रिलेशन के बारे में बता दिया। जब सुहानी ने हम दोनों के रिलेशन के बारे में अपने घर पर बताया तो वह लोग पहले सुहानी की इस बात से काफी ज्यादा गुस्सा हुए लेकिन फिर वह लोग हमारे रिश्ते के लिए मान गए और हम दोनों की सगाई हो गई। हम दोनों की सगाई हो जाने के बाद अब हम दोनों का मिलना कुछ ज्यादा ही होने लगा था।

जब हम दोनों की सगाई के बाद हमारे परिवार वालों ने हमारी शादी करवाने का फैसला किया तो मैं और सुहानी काफी खुश थे। सुहानी और मैंने शादी कर ली हम दोनों की शादी हो जाने के बाद जब हम लोगों की सुहागरात की पहली रात थी तो मै और सुहानी एक साथ बैठे हुए थे। अब तक हम दोनों के बीच सेक्स नहीं हुआ था लेकिन हम दोनों के बीच सेक्स होने वाला था। मैंने सुहानी के बदन को महसूस करना शुरू किया जब मैं उसके बदन को महसूस करने लगा तो सुहानी को भी काफी ज्यादा अच्छा लगने लगा और वह बहुत ज्यादा खुश हो गई। सुहानी अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाई। जब मैंने सुहानी से कहा मुझे लगता है तुम अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाओगी तो सुहानी ने मुझे कहा हां मुझे भी ऐसा ही लग रहा है। मैंने सुहानी से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो।

सुहानी ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेना शुरू किया। जब उसने मेरे लंड को चूसना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा और उसे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा। मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और मुझे लगा था मेरे अंदर की गर्मी बढ़ने लगी है। मैंने सुहानी से कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर लंड को डालना चाहता हूं। सुहानी ने मुझे कहा मेरी योनि में अपने लंड को घुसा दो। जब उसने अपनी पैंटी को उतारा तो उसकी चूत मेरे सामने थी। मैं सुहानी की गुलाबी चूत को देखकर उसे चाटने लगा सुहानी की चूत पर एक भी बाल नहीं था। मैंने उसकी चूत को तब तक चाटा जब तक मैंने उसकी योनि से पूरी तरीके से पानी बाहर नहीं निकाल दिया। उसकी योनि से बहुत ज्यादा पानी बाहर की तरफ निकलने लगा। वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने सुहानी को कहा मुझसे भी बिल्कुल रहा नहीं जा रहा है। सुहानी मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने जब सुहानी के पैरों को खोल कर उसे तेजी से चोदना शुरू किया तो सुहानी को मजा आने लगा। वह मुझे कहने लगी मुझे और भी तेजी से चोदता रहो। सुहानी की मादक आवाज अब कमरे में गुंजने लगी थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसे धक्के मारकर अपनी गर्मी को बढ़ाए जा रहा था।

मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढने लगी थी और सुहानी की चूत से निकलता हुआ पानी भी अब बहुत ज्यादा अधिक होने लगा था। मैंने सुहानी को कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है सुहानी मुझे कहने लगी तुम मुझे बस ऐसे ही धक्के मारते रहो। सुहानी की चूत से खून भी बहुत ज्यादा निकलने लगा था उसकी चूत से निकलता हुआ खून मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ा रहा था और मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। सुहानी और मैं एक दूसरे के साथ पूरी तरीके से मजे ले रहे थे। मै सुहानी को तेजी से धक्के मारने लगा और हम दोनों की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी। मैंने सुहानी से कहा मुझे अच्छा लग रहा है और सुहानी मुझे कहने लगी मुझे भी अच्छा लग रहा है। मेरा वीर्य जल्दी ही बाहर आ गया मेरा वीर्य सुहानी की चूत में गिर चुका था। मैंने अपने लंड को सुहानी की योनि से बाहर निकाला तो सुहानी की गर्मी बढ़ने लगी थी। उसकी गर्मी को मैने दोबारा बढा दिया था और मेरे अंदर की गर्मी को भी उसने बढा कर रख दिया था। मैंने अपने लंड को सुहानी की योनि में डाला सुहाने की चूतडे मेरी तरफ थी। मैंने उसकी पतली कमर को पकड़ा हुआ था और उसकी चूतडे भी अब लाल होने लगी। जब मैं सुहानी को धक्के मारता तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता है और सुहानी को भी मजा आता। वह मुझे कहने लगी तुम बस मुझे ऐसे ही चोदते जाओ। मैंने सुहानी को कहा तुम मेरा पूरा साथ देती रहो। सुहानी अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाती तो मुझे मजा आ रहा था। सुहानी को बहुत ज्यादा मजा आ रहा था मेरा लंड छिलकर बेहाल हो चुका था। जब मेरा माल सुहानी की चूत में गिर चुका था तो मैं पूरी तरीके से खुश हो गया था और सुहानी भी बहुत ज्यादा खुश हो गई थी।


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