शनाया ने जब मेरा मोटा लंड लिया


Antarvasna, kamukta: वो मेरा ऑफिस का पहला दिन था मैं काफी घबराया हुआ था मैं जब कॉलेज के गेट से अंदर गया तो वहां पर काफी लड़के खड़े थे मैं नजरें छुपाते हुए वहां से अपनी डेस्क की तरफ बढ़ा । मैं डेस्क के पास खड़ा था कि तभी मुझे वहां पर एक लडकी दिखी जो की काफी सुन्दर दिख रही थी। मैंने उससे बात शुरू कर दी। मैंने उससे पहली बार बात की तो मुझे उससे बात करके अच्छा लगा और वह भी काफी खुश थी। मैं और शनाया एक दूसरे से बातें कर रहे थे क्योंकि शनाया अभी नई नई थी इसलिए वह मुझसे ज्यादा बात तो नहीं करती थी परंतु मुझे उसके साथ में अच्छा लगता। हम लोग ज्यादातर समय ऑफिस की कैंटीन में बिताया करते हैं। मुझे शनाया की फैमिली के बारे में ज्यादा पता नहीं था लेकिन शनाया को भी मुझ पर भरोसा हो चुका था शायद यही वजह थी कि वह मुझसे अपनी फैमिली के बारे में बात करने लगी थी।

शनाया के पापा और मम्मी के बीच में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था जिस वजह से शनाया बहुत ज्यादा परेशान रहती। उस दिन शनाया ने मुझे अपने पापा और मम्मी के बारे में बताया तो मैंने शनाया को कहा कि तुम भरोसा रखो सब कुछ ठीक हो जाएगा। शनाया कहने लगी कि कहां सब कुछ ठीक हो जाएगा, शनाया ने मुझे कहा वरुण कुछ भी ठीक होने वाला नहीं है। मैं और शनाया काफी अच्छे दोस्त बन चुके थे और हम लोग साथ में कभी मूवी देखने के लिए और कभी घूमने के लिए भी चले जाया करते मुझे शनाया का साथ पाकर बहुत अच्छा लगा। समय के साथ शनाया और मेरी नज़दीकियां भी काफी बढ़ चुकी थी लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि मैं शनाया से प्यार करने लगा हूं और शनाया भी मुझे पसंद करती है। एक दिन वह मुझे कहने लगी तुम इतने ज्यादा हैंडसम हो और तुम्हारी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है अगर मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड होती तो तुम मेरे साथ क्या करते? जब वह इस प्रकार की बातें करने लगी तो मैं भी समझ चुका था उनके दिल में कुछ तो चल रहा है उसके दिल में । मैंने उस दिन शनाया को घर पर ही बुला लिया। वह भी घर पर अकेली थी इसलिए वह घर पर आ गई और मुझसे बातें करने लगी। जब वह मेरे साथ बातें कर रही थी तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था।

मैंने उस दिन उसको प्रोपोस कर दिया और उसने भी हाँ बोल दी। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था की वो अब मेरी जिंदगी में है। मैंने उससे बोला की आज हम दोनों साथ में रुके। हम दोनों एक ही रूम में थे क्योंकि उसको मुझ पर भरोसा था। वह मुझसे बहुत प्यार करती थी इसलिए उसे मेरे साथ रुकने में कोई भी एतराज नहीं था। हम दोनों ने उस दिन एक दूसरे के होंठों को चूमना शुरू किया। अब हम दोनों अपनी गर्मी इतनी बढ चुकी थी हम दोनों ही अपने आपको रोक ना सके। मैं उसके स्तनों को दबाने लगा था। उसके स्तनों को दबाकर मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और वह भी बहुत ज्यादा गर्म होती जा रही थी। यह पहली बार ही था जब काव्या और मैं एक दूसरे के साथ शारीरिक सुख का मजा लेना चाहते थे। हम दोनों एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स करना चाहते थे इसलिए मैंने उसके कपड़े उतार दिए।

मैंने उसके बदन से उसके कपडो को उतारा तो वह मेरे सामने नंगी थी और हम दोनों सोफे में लेटे हुए थे। मै उसके स्तनों को देखकर अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सका और मैंने उसके सामने अपने लंड को किया। जब मैंने उसके सामने अपने लंड को किया तो शनाया ने उसे अपने हाथों में ले लिया और वह उसे सहलाने लगी। जब वह मेरे लंड को सहलाती तो मुझे अच्छा लग रहा था और शनाया को भी मजा आ रहा था। शनाया ने बहुत देर तक मेरे मोटे लंड को अपने हाथों से सहलाया मुझे मजा आ रहा था जब वह मेरे लंड को चूसे जा रही थी वह गरम होती जा रही थी और मुझे भी गर्मी का एहसास हो रहा था।

शनाया ने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और वह उसे अच्छे से चूसने लगी। जब वह ऐसा कर रही थी तो मुझे मजा आने लगा था और शनाया को भी मजा आने लगा था। मैं और शनाया एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे। मैंने जब शनाया के स्तनों को अपने हाथों में लेकर उन्हें चूसना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा था और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरे मोटे लंड को चूस रही थी। मैं और शनाया  एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे अब हम दोनों बहुत ज्यादा गर्म हो गए। मैंने शनाया की चूत पर अपनी जीभ को लगाकर उसे चाटना शुरू कर दिया। मैं जब शनाया की चूत को चाट रहा था तो मुझे मजा आने लगा था और शनाया को भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरे मोटे लंड को चूस रही थी और मेरी गर्मी को बढ़ाए जा रही थी। वह बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी वह बिल्कुल भी रह ना सकी। वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने उसकी गर्मी को पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था।

मैंने जब अपने लंड को उनकी चूत पर लगाना शुरु किया तो उनकी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था। मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था जब मैं उनकी चूत को चाटता जा रहा था उनकी चूत को चाटकर मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुका था। मैंने उनकी योनि में लंड को घुसा दिया था। मेरा लंड कडक हो चुका था उसके बाद वह मेरा साथ बडे ही अच्छे से दे रही थी। उन्होंने मेरा साथ जिस तरीके से दिया उससे मैं काफी खुश हो गया था और मैंने उनकी योनि के अंदर बाहर अपने लंड को बड़े अच्छे से किया। जब मैं उनकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को कर रहा था तो मुझे मज़ा आ रहा था और उन्हें भी बहुत ही अच्छा लग रहा था। वह मुझे कहती तुम मुझे बस ऐसे ही धक्के मारते जाओ। मैंने उन्हें काफी देर तक ऐसे धक्के मारे वह जोर से सिसकारियां ले रही थी उनकी सिसकारियां मेरे अंदर की गर्मी को और भी ज्यादा बढ़ा रही थी। हम दोनों की उत्तेजना इस कदर बढ़ चुकी थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और ना ही वह अपने आपको रोक नहीं पा रही थी।

मैंने उनकी योनि के अंदर अपने माल को गिरा दिया और मेरा माल उनकी चूत में जाते ही वह खुश हो गई और कहने लगी आज तुमने मेरी इच्छा को पूरा कर दिया है। मैंने उनकी इच्छा को पूरा कर दिया था और वह मेरे साथ बहुत ही ज्यादा खुश थी लेकिन वह दोबारा से मेरे साथ सेक्स संबंध बनाना चाहती थी उन्होंने अपनी चूतडो को मेरी तरफ करते हुए मुझे कहा तुम मुझे चोदो। मेरा लंड उनकी चूत मे था वह मुझे बोलती मुझे ऐसे ही धक्के देते जाओ। मैंने उन्हें बहुत तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए थे। मै जिस तरीके से उनको धक्के मार रहा था उससे वह बहुत ही ज्यादा मजे में आ रही थी। वह मुझसे अपनी चूतडो को मिलाए जा रही थी जब वह मुझसे अपनी चूतडो को मिलाती तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता। मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था और उन्हें भी काफी ज्यादा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरे साथ सेक्स संबंध बना रही थी उससे हम दोनों ही गरम हो गए थे। मेरा माल उनकी चूत में गिर चुका था मेरा माल उनकी योनि में जाते ही मेरी इच्छा पूरी हो गई और उस रात हम दोनों साथ में सोए रहे। अगले दिन सुबह शनाया अपने घर चली गई और उसके बाद जब भी मुझे उनकी जरूरत होती तो वह मेरे पास दौड़ी चली आती और मुझसे चूत मरवा लिया करती। वह मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए हमेशा तैयार रहती और मैं भी बहुत ज्यादा खुश रहता था जब उनके साथ में सेक्स किया करता।