शगुन के साथ घपाघप


Antarvasna, kamukta: मैं पिछले 3 महीनों से अपने घर पर ही था मेरी तबीयत ठीक नहीं थी जिस वजह से मुझे अपने ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ी और मैं कुछ समय घर पर ही था। मेरी तबीयत धीरे धीरे ठीक होने लगी थी और फिर मैंने अपना ऑफिस ज्वाइन कर लिया था। जब मैं ऑफिस गया तो ऑफिस में मुझे कुछ नए चेहरे दिखाई दिए। मेरी मुलाकात पहली बार संगीता से ऑफिस में हुई और जब मैं पहली बार उससे मिला तो मुझे पहली ही मुलाकात में वह अच्छी लगने लगी थी। हम लोग साथ में अक्सर लंच किया करते तो मुझे भी संगीता के बारे में काफी कुछ जानकारी पता चलने लगी थी। संगीता की फैमिली में उसके पापा मम्मी और उसके एक बड़े भैया हैं जिनकी शादी कुछ समय पहले ही हुई है। संगीता बहुत ही अच्छी लड़की है और उससे बात कर के मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। जब भी वह मुझसे बातें करती तो मुझे काफी अच्छा लगता है और कभी भी अगर मैं परेशान होता तो मैं संगीता से बात कर लिया करता जिससे कि हम दोनों के बीच अंडरस्टैंडिंग बहुत ही अच्छे से बनने लगी थी।

हम दोनों की जिंदगी में भी कहीं ना कहीं काफी कुछ समानताएं थी जिस वजह से मेरे और संगीता के बीच की नजदीकियां बढ़ने लगी थी। मैं संगीता को चाहने लगा था लेकिन मैंने संगीता से कभी भी अपने दिल की बात नहीं कही और मैंने अपने प्यार का इजहार भी उससे नहीं किया था। संगीता के परिवार वाले उसकी शादी करवाने के लिए तैयार थे। जब संगीता ने मुझे अपनी सगाई के बारे में बताया तो मैं थोड़ा हैरान जरूर था लेकिन मैं उससे कुछ भी ना कह सका और मेरे दिल की बात मेरे दिल में ही दबी रह गई। संगीता की सगाई कुछ समय बाद ही हो गई और जब उसकी सगाई हुई तो मुझे उसे अपने दिल की बात बताने की कोशिश करनी थी लेकिन यह मेरे लिए इतना आसान नहीं था। हम दोनों एक दूसरे के साथ में काफी लंबे समय से थे और मैं उसे दिल ही दिल बहुत चाहता हूं लेकिन मैं उसे अपने दिल की बात कह ना सका। मुझे अपनी जिंदगी में आगे तो बढ़ना ही था और संगीता की सगाई हो जाने के बाद उसकी शादी भी तय हो गई।

मैं उसकी शादी में भी गया था उसे मैंने उसकी शादी की बधाई दी और उसके जीवन के लिए मैंने उसे शुभकामनाएं दी। अब मेरी जिंदगी कहीं ना कहीं थम सी गई थी और मुझे लगने लगा था कि क्या मुझे संगीता को अपने दिल की बात कहनी चाहिए थी। मैं इसी सोच में अक्सर डूबा रहता और मेरे दिमाग में ना चाहते हुए भी यह ख्याल आ ही जाता था। मुझे अक्सर लगता कि क्या मुझे उसे अपने दिल की बात कह देनी चाहिए थी? मेरे दिल और दिमाग में अक्सर यही बात आती और एक दिन मैं जब संगीता से मिला तो मुझे उससे मिलकर अच्छा लगा। काफी लंबे समय के बाद मैं उससे मुलाकात कर रहा था करीब 6 महीने हो चुके थे और 6 महीने के बाद मेरी उससे मुलाकात हुई तो मुझे काफी अच्छा लगा। मैंने उससे उसके हालचाल पूछे तो उसने मुझे बताया कि उसकी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा है और उसके हसबेंड उसका बहुत ध्यान रखते हैं। संगीता अब जॉब नहीं करती है और वह घर की जिम्मेदारी को निभा रही है लेकिन उससे मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा और हम लोगों ने उस दिन साथ में काफी अच्छा समय बिताया।

मुझे अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना ही था और मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने लगा और अब मेरे लिए यह सब इतना आसान नहीं था कि मैं संगीता को भुला पाऊं। संगीता को भुला पाना मेरे लिए इतना आसान नहीं था परंतु फिर भी मैं अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था। मेरी जिंदगी में जब शगुन ने कदम रखा तो मेरी लाइफ पूरी तरीके से बदलने लगी। शगुन और मेरी मुलाकात एक पार्टी के दौरान हुई और उस पार्टी के दौरान हम दोनों बहुत ज्यादा करीब आ गए और उस दिन के बाद हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे। मैं जब भी शगुन को मिलता तो मुझे काफी अच्छा लगता और शगुन भी बहुत ज्यादा खुश होती जब भी वह मेरे साथ होती। मैं चाहता था कि शगुन से मैं जल्द से जल्द शादी कर लूं। मैंने शगुन से इस बारे में बात की तो शगुन ने मुझे कहा कि उसे अपने करियर को लेकर काफी चिंता है और वह अपने करियर को लेकर बहुत सीरियस है इसलिए उसे थोड़ा समय चाहिए।

मैंने भी शगुन से कुछ नहीं कहा और हम दोनों का रिलेशन एक दूसरे के साथ चल रहा था परंतु मुझे कई बार लगता कि मुझे शगुन से शादी कर लेनी चाहिए लेकिन शगुन इस बात के लिए तैयार नहीं थी इस वजह से मैं शगुन से शादी नहीं कर पाया। हम दोनों एक दूसरे को रोज मिलते हैं और जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हमें बड़ा ही अच्छा लगता। मैं अपने ऑफिस के काम के चलते कुछ ज्यादा ही बिजी रहता हूं इस वजह से मुझे समय बिल्कुल भी नहीं मिल पाता। मेरे पास जितना भी समय होता है उतना मैं शगुन के साथ बिताने की कोशिश करता हूं। शगुन और मैं एक दूसरे के साथ रिलेशन में बहुत ज्यादा खुश हैं हम दोनों को एक दूसरे का साथ बहुत ही अच्छा लगता है। हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार भी करते हैं यही वजह है कि हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं। मैं शगुन को बहुत ही अच्छे से समझता हूं और वह भी मेरे साथ हमेशा ही खुश रहती है। मैंने एक दिन सोचा कि क्यों ना मैं शगुन के साथ मूवी देखने का प्रोग्राम बनाऊं। मैंने शगुन को उस दिन फोन किया, शगुन घर पर ही थी और उसने मुझे कहा कि वह थोड़ी देर बाद तैयार होकर मुझे मिलेगी।

मैंने भी शगुन से कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे घर के बाहर एक घंटे बाद आता हूं। शगुन भी तैयार हो चुकी थी और जब मैं एक घंटे के बाद शगुन के घर के पास गया तो वह तैयार हो चुकी थी और उसके बाद वह मुझे मिली। जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो मैं और शगुन मूवी देखने के लिए गए। हम दोनों ने मूवी देखी तो हम दोनों को बड़ा अच्छा लगा जब उस दिन हम दोनों ने साथ में अच्छा समय बिताया और एक दूसरे के साथ हम दोनों बहुत ही खुश हैं। मैं जिस तरीके से शगुन के साथ अपनी जिंदगी बिता रहा हूं उससे मुझे बड़ा ही अच्छा लगता है और वह भी बहुत ज्यादा खुश है। हम दोनों की जिंदगी बड़े ही अच्छे से चल रही है और कहीं ना कहीं हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझते हैं इसी वजह से हम दोनों की लाइफ बड़े अच्छे से चल रही है। मैं बहुत खुश हूं कि शगुन मेरी जिंदगी में आई। जबसे मेरी जिंदगी में शगुन ने कदम रखा है तब से मेरी लाइफ पूरी तरीके से बदल चुकी है और वह मेरी जिंदगी का एक अहम हिस्सा है जिसके बिना शायद मैं अधूरा हूं। एक दिन मैं शगुन से फोन पर बातें कर रहा था, उस दिन हम दोनों के बीच फोन सेक्स हुआ।

हम दोनो के बीच कई बार फोन सेक्स भी हो चुका था। हम दोनों अब शारीरिक सुख का मजा लेना चाहते थे। जब उस दिन हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स करने के बारे में सोचा तो मैं बहुत ज्यादा खुश था। मैं शगुन के साथ उस दिन अपने घर पर था। हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूम रहे थे और एक दूसरे की गर्मी को बढा रहे थे। हम दोनो जिस तरीके एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे उससे हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने शगुन से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है और वह तड़पने लगी थी। उसने मेरे सामने अपने कपड़े उतारे। जब उसने अपने कपडे उतारे तो मैं पूरी तरीके से गर्म होता चला गया और शगुन भी बहुत ज्यादा गर्म हो रही थी। वह जिस तरीके से मेरा साथ दे रही थी उससे हम दोनों को मजा आ रहा था। अब मैं अपने लंड को बाहर निकल चुका था शगुन ने मेरे लंड को चूसना शुरु किया। वह मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढा चुकी थी। मैंने शगुन के स्तनों को काफी देर तक चूसा उसके स्तनों को चूसने में मुझे मजा आ रहा था और वह बहुत ज्यादा तड़प रही थी। अब हम दोनों गरम हो चुके थे हम दोनों बिल्कुल भी रह ना पाए।

मैंने जब शगुन से कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर लंड को डालना चाहता हूं। मैंने उसकी योनि में लंड को घुसा दिया। शगुन की योनि में मेरा लंड चला गया था वह बहुत जोर से चिल्ला रही थी। मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था अब मुझे और भी ज्यादा मजा आने लगा था जिस तरीके से मैं और शगुन एक दूसरे के साथ सेक्स के मज़े ले रहे थे। मैंने शगुन के दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था जिससे कि आसानी से मैं उसे चोद रहा था। वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। जब मैंने अपने पैरों के बीच में उसने जकडना शुरू किया तो मैं समझ चुका था मैं ज्यादा देर तक उसका साथ नहीं दे पाऊंगा। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और अपने लंड को हाथ से हिलाना शुरू किया। जब मेरे वीर्य की पिचकारी शगुन के स्तनों पर गिरी तो वह बहुत खुश हो गई और मैं भी खुश था। हम दोनों ने उसके बाद दो बार सेक्स किया।