शादीशुदा जिंदगी को खुशनुमा कर दिया


Antarvasna, kamukta: भैया की शादी की पूरी तैयारियां चल रही थी और अब हमारे घर में मेहमान भी आने लगे थे पापा कहने लगे कि बेटा किसी को भी कोई कमी नहीं होने चाहिए यह हमारे घर की पहली शादी है। मैंने पापा से कहा आप बिल्कुल भी चिंता ना करें मैं सब कुछ संभाल लूंगा मेरे भैया बड़े ही सीधे-साधे हैं लेकिन जब पापा ने मुझसे यह बात कही कि तुम्हें यह संभालना है तो मैंने अपने कंधों पर जैसे खुद ही जिम्मेदारी ले ली थी और जितने भी हमारे रिश्तेदार आए थे उन सबकी जिम्मेदारी का जिम्मा मेरे कंधों पर ही था। सब कुछ बड़े ही अच्छे से मैंने मैनेज कर लिया था और जिस दिन भैया की शादी होनी थी उस दिन भी सब कुछ ठीक चल रहा था और भैया की शादी बड़े ही धूम धड़ाके से हुई। भाभी अब हमारे घर आ चुकी थी और उनके आने से घर में खुशियां दोगुनी बढ़ चुकी थी क्योंकि घर में अब एक नया सदस्य और जुड़ चुका था। मैंने भैया और भाभी से कहा कि क्या आप लोग कहीं घूमने का प्लान नहीं बना रहे हैं तो भैया कहने लगे मैंने सोचा तो था लेकिन देखता हूं कि हम लोग कब जाएंगे।

भैया और भाभी कुछ दिनों के लिए घूमने के लिए चले गए घर में मैं और पापा मम्मी ही रह गए थे मेरे ऑफिस में भी कुछ दिनों से कुछ ज्यादा ही काम था इसलिए मुझे ज्यादा समय नहीं मिल पा रहा था। मैंने जब भैया को फोन किया कि आप लोग कब लौट रहे हैं तो भैया कहने लगे कि हम लोग कल लौट आएंगे क्या तुम हमें लेने के लिए स्टेशन आ जाओगे। मैंने भैया से कहा हां भैया मैं आपको लेने के लिए रेलवे स्टेशन आ जाऊंगा भैया की ट्रेन का समय और मेरे ऑफिस के छूटने के समय में कुछ समय का ही अंतर था। मेरे ऑफिस से रेलवे स्टेशन की दूरी भी ज्यादा नहीं थी इसलिए मैं भैया को लेने के लिए रेलवे स्टेशन चला गया। ट्रेन 10 मिनट लेट थी लेकिन मैं उनका इंतजार करता रहा भैया आए तो भैया कार के आगे वाली सीट में बैठे और भाभी पीछे बैठी हुई थी। मैंने भैया से पूछा भाई आपका टूर कैसा रहा भैया कहने लगे कि टूर तो बड़ा ही शानदार रहा और हम लोगों ने वहां पर काफी अच्छा समय साथ में बिताया। मैं भाभी को छेड़ते हुए कहने लगा भाभी क्या भैया ने आपसे बात भी की थी तो भाभी मुस्कुराने लगी क्योंकि भाभी को भी यह बात पता है कि भैया कम बात किया करते हैं।

भाभी और भैया के बीच में बातचीत तो काफी अच्छी है और उन दोनों के बीच बहुत बनती भी है थोड़े समय में ही वह दोनों एक दूसरे के लिए पूरी तरीके से समर्पित हो चुके थे। भाभी भैया की बड़ी इज्जत किया करती थी और भैया भी भाभी की हर एक ख्वाहिश को पूरा करने के लिए सबसे आगे रहते लेकिन अब समय बदलने वाला था। भाभी की कोई दोस्त है उनका रिश्ता मेरे लिए आया और जब मैंने उन्हें मिलने के लिए बुलाया तो हम दोनों की बातचीत एक दूसरे से काफी देर तक हुई मुझे लड़की पसंद थी और मैंने शादी के लिए हामी भर दी। जल्द ही हम दोनों का रिश्ते अब आगे बढ़ने लगा और हम दोनों की सगाई भी हो चुकी थी हम दोनों की सगाई होने के तुरंत बाद ही हम लोगों की शादी भी होने वाली थी। कुछ समय के बाद ही हम लोगों की शादी हो गई मेरे जीवन में सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन उस वक्त मेरी जिंदगी पूरी तरीके से 360 डिग्री पर घूम गई जब मेरी पत्नी किसी और के साथ ही भाग गई। मेरे लिए यह बहुत बड़ा दुख था और शायद यह दुख मेरे भाग्य में लिखा हुआ था इसलिए मुझे इसे झेलना ही था मेरे पास कोई भी रास्ता नहीं था शिवाय चुप रहने के। मैं गुमसुम सा रहने लगा किसी से भी मैं ज्यादा बात ही नहीं करता था भैया मुझे कहते कि देखो पंकज जो होना था वह तो हो चुका है लेकिन अब तुम इसे भूल जाओ। मैंने भैया से कहा भैया मैं तो भूल जाऊंगा लेकिन हमारे आसपास के लोग मुझे भूलने कहां देते हैं मैंने तो लाख कोशिश की कि मैं यह सब भूलकर अपने जीवन को शुरू करुं लेकिन हमारे आस पड़ोस के लोग ऐसा होने कहां दे रहे हैं। मैं तनाव से ग्रसित होने लगा और मैं बहुत ही ज्यादा तनाव से रहने लगा था मेरे पास अब कोई भी जवाब नहीं था और मैं किसी से मिलना भी नहीं चाहता था।

कुछ समय के लिए मैंने अपने काम से छुट्टी ले ली और मैं घर पर ही आराम करने लगा लेकिन घर में भी कहा आराम था कोई भी रिश्तेदार हमारे घर पर आता तो वह सिर्फ मेरे बारे में ही बात किया करता उनके पास जैसे और कोई बात करने के लिए होता ही नहीं था। मुझे इस बात की बहुत चिंता सताने लगी थी कि आखिरकार मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ लेकिन ना तो मेरे पास इस बात का जवाब था और ना ही इस बात का जवाब किसी और के पास था। मैं अपनी नौकरी से छुट्टी ले चुका था लेकिन मैंने अपने आप को पूरी तरीके से अब बदलने का फैसला कर लिया था क्योंकि इसमें मेरी कोई गलती नहीं थी उसके बावजूद भी मेरी पत्नी किसी और के साथ ही भाग गई। भाभी को भी अपनी गलती का एहसास था लेकिन उनकी कोई भी गलती नहीं थी उन्हें लगता था कि उन्ही की वजह से मेरा रिश्ता उनकी सहेली के साथ हुआ और वह लड़की किसी और लड़के के साथ ही भाग गई। भाभी मुझसे कई बार इस बात को लेकर माफी भी मांग लिया करती थी लेकिन मैं हमेशा ही भाभी को कहता की भाभी यह सब आपकी वजह से थोड़ी हुआ है यह तो मेरे भाग्य में ही लिखा था इसमे कोई और क्या कर सकता था।

भाभी को लगता था कि उन्ही की गलती की वजह से यह सब हुआ है परंतु मैं कई बार उन्हें कहता कि भाभी आपकी कोई भी गलती नहीं थी। मेरी पत्नी मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा कर के जा चुकी थी मैं मानसिक रूप से भी परेशान रहने लगा था लेकिन जब मैं डॉक्टर आशा से मिला तो उन्होने मेरे अंदर एक नई ऊर्जा पैदा कर दी थी। मैं पहले की तरह अब सामान्य होने लगा डॉक्टर आशा से मिलकर मेरी जिंदगी पूरी बदल चुकी थी और उन्हें भी मेरे लिए बहुत बुरा लगता था लेकिन उनका जीवन भी मेरी तरह ही था। डॉ आशा अपने पति से बिल्कुल भी प्यार नहीं करती थी और वह भी प्यार की तलाश में थी। मुझसे बढ़कर उन्हें कौन प्यार दे सकता था मैं उनका पूरा ख्याल रखता और वह मुझसे फोन पर बात किया करती थी। मैं उनसे हर रोज मिलने के लिए जाया करता था और हर शाम हम लोग साथ में बैठकर समय बिताते थे। एक दिन उनके नरम होंठो को मैने किस कर लिया और उनके होठों को चूमने मे मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे उनके दिल में भी मेरे लिए कुछ चल रहा है। उस दिन तो मैं सिर्फ उनके होठों को ही चूम पाया लेकिन उसके बाद यह सिलसिला धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा और अब यह एक रिश्ते का रूप ले चुका था। वह अपने पति के साथ अभी भी रह रही है लेकिन मेरे साथ उन्हें बहुत अच्छा लगता है। अकेले में उन्होंने मुझे घर पर बुलाया तो वह मेरा इंतजार कर रही थी उन्होंने पिंक कलर के गाउन को पहना हुआ था और वह बडी ही सुंदर लग रही थी। मैंने उनके होंठों को चूसना शुरु किया मैने उनके स्तनों को दबाना शुरू किया मुझे बहुत ही मजा आने लगा, मुझे भी अच्छा लग रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया उसे वह बड़े अच्छे तरीके से सकिंग करने लगी। उन्होंने बहुत देर तक मेरे लंड को चूसा उनके चेहरे पर खुशी बयां कर रही थी कि वह बहुत खुश है। उन्होंने मेरे लंड से पानी निकाल कर रख दिया था। मैने उनके गाऊन को उतारा मैंने उनकी पैंटी को उतारकर उनकी चूत को चाटना शुरू किया।

उनकी चूत बडी ही मुलायम और कोमल थी उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और मैंने उनकी चूत बहुत देर तक चाटी और उनके चूत को मैंने गिला कर दिया था उनकी चूत से गिलापन बाहर निकलने लगा। जब मैंने अपने लंड को धीरे धीरे डॉ आशा की योनि में डालना शुरू किया तो वह चिल्लाने लगी उनके मुंह से मादक आवाज निकलने लगी। वह मुझे अपनी ओर खींचने लगी मैं धीरे धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा मुझे बड़ा मजा आ रहा था और उन्हें भी बहुत आनंद आ रहा था। बहुत देर तक हम लोग ऐसा ही करते रहे जब मैंने उन्हें कहा कि मुझे आपकी चूत के अंदर बाहर लंड को करने मे मजा आ रहा है तो उन्होंने अपने पैरो को खोल लिया और कहने लगी और तेज धक्के दो। मैं बहुत तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए और मुझे बड़ा मजा भी आ रहा था काफी देर तक हमने मजे किए। उसके बाद जब मैंने उन्हें घोड़ी बनाया तो घोडी बनाने के बाद अपने लंड को अंदर डालने लगा तो उनके मुंह से बड़ी तेज आवाज निकली।

वह तेज सिसकिया ले रही थी और मुझे भी आनंद आ रहा था मैंने काफी देर तक उनकी चूत के मजे लिए और जिस गति से मैं उन्हें चोद रहा था तो वह अपनी चूतडो को मुझसे टकरा रही थी। उनकी योनि से लगातार पानी बाहर निकल रहा था वह मुझे कहने लगी कसम से आज मजा आ रहा है। मैने उन्हे कहा मजा तो मुझे भी बहुत आ रहा है जिस प्रकार से आप मेरा साथ दे रही है। मैं ज्यादा देर तक आपके बदन को झेल नहीं पाऊंगा वह कहने लगी कोई बात नहीं आप अंदर ही माल को गिरा दीजिएगा। उनकी चूतडे लाल होने लगी थी उन्होंने अपने फिगर को अब तक मेंटेन करके रखा हुआ है। उनके बदन का हर एक हिस्सा हिल रहा था और मुझे बड़ा मजा आ रहा था मुझे उन्हें चोदने में बहुत आनंद आता और वह मुझे कहने लगी कि थोड़ा और तेज करिए ना। मैंने उन्हें कहा मैं तो पूरी ताकत से आपको चोद रहा हूं लेकिन उनके पति की वजह से शायद वह भी परेशान थी। उनकी शादी शुदा जिंदगी तो पूरी तरीके से खराब हो चुकी थी पर मैंने उनकी इच्छा को पूरा कर दिया था और अपने वीर्य को गिराते हुए उनकी चूत को अपना बना लिया।


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