शादी की रात कमरतोड चुदाई


Antarvasna, hindi sex story: मैं अपने ऑफिस की लिफ्ट से ग्राउंड फ्लोर पर आ रही थी लिफ्ट में नेटवर्क नहीं आने की वजह से मेरा फोन लग नही रहा था मां मुझे कॉल कर रही थी। जब मैंने देखा कि उनका मिस्ड कॉल का मैसेज आया हुआ है तो मैंने मां को तुरंत ही फोन कर दिया मां कहने लगी बेटा तुम्हारा नंबर लग ही नहीं रहा था। मैंने मां से कहा मां मैं लिफ्ट में थी शायद इसलिए मेरा नंबर लग नहीं रहा था मां कहने लगी कि बेटा मौसम बहुत खराब है तुम घर जल्दी से आ जाओ। मैंने मां से कहा हां मां मैं बस घर के लिए निकल रही हूं आप चिंता ना करें मैं बस जल्दी ही घर पहुंच जाऊंगी। मेरी मां कहने लगी कि तुम कब तक आ जाओगी मैंने कहा मां मुझे आने में आधा घंटा तो लग ही जाएगा मां कहने लगी ठीक है बेटा। मैंने फोन रख दिया था और मैं भी अपनी स्कूटी से घर के लिए निकल पड़ी आसमान में काले घने बादल थे जो कि गरज रहे थे और बरसने के लिए भी तैयार थे।

मैं भी अपनी स्कूटी को बड़ी तेजी से चला रही थी परंतु जब मैंने आगे देखा तो ट्रैफिक काफी ज्यादा लगा हुआ था और गाड़ी बिल्कुल भी आगे नहीं बढ़ रही थी जैसे तैसे मैं रोड के किनारे से स्कूटी को आगे ले गई और मुझे थोड़ी देर वहां इंतजार करना पड़ा। जाम काफी लंबा हो चुका था और मुझे भी अब घबराहट होने लगी थी मुझे इस बात की घबराहट थी कि क्या मैं घर समय पर पहुंच पाऊंगी क्योंकि मौसम भी खराब हो चुका था और वह जाम दो गाड़ियों की वजह से लगा था। दोनों गाड़ियों की शायद आपस में भिड़ंत हो गई थी जिस वजह से गाड़ी के मालिक आपस में भिड़ पड़े और उन दोनों की वजह से पूरा ट्रैफिक जाम हो गया था। ट्रैफिक पुलिस का भी कहीं कोई अता पता नहीं था लेकिन जैसे तैसे मैंने अपनी स्कूटी को किनारे से निकालते हुए मैं जाम से बाहर निकल ही गई। मुझे घर पहुंचने में आधा घंटा लगता था लेकिन उस दिन मुझे घर पहुंचने में एक घंटा लग गया था और मैं जब घर पहुंची तो उसके कुछ देर बाद ही बहुत तेज आंधी और बारिश भी आने लगी। मेरी मां ने कहा कि गुनगुन बेटा तुम बिल्कुल सही वक्त पर आई हो यदि थोड़ा और देर हो जाती तो तुम बारिश में भीग जाती और तुम्हारी तबीयत भी तो बहुत जल्दी खराब हो जाती है।

मैंने मां से कहा मां आप इतनी भी चिंता मत किया कीजिए मां कहने लगी गुनगुन बेटा यदि तुम्हारी चिंता नहीं करूं तो किस की चिंता करूं मैं भी तो एक मां हूं। मैंने मां से कहा हां हां मैं समझ सकती हूं लेकिन इतनी चिंता करना भी ठीक नहीं है मैं अब बड़ी हो चुकी हूं और अपना ख्याल मैं खुद रख सकती हूं। मां कहने लगी कि मुझे मालूम है कि तुम अपना ख्याल खुद रख सकती हो लेकिन मुझे तुम्हारी चिंता होती है उसका मैं क्या करूं मैंने मां से कहा हां मुझे मालूम है। मां मेरी बचपन से ही बहुत चिंता करती है क्योंकि घर में मैं एक ही हूं और पापा ने मां को बहुत कम उम्र में छोड़ दिया था उसके बाद मां ने घर की सारी जिम्मेदारियों को संभाला है। मेरे नाना जी ने हमारी बहुत मदद की लेकिन अब वह इस दुनिया में नहीं है। मेरे ननिहाल में मेरा बहुत आना जाना होता है मेरी मां हमेशा से ही मुझे कहती है कि तुम्हारे नाना जी ने हमारी कितनी मदद की है यदि वह हमारी मदद नहीं करते तो शायद हम लोग आज दर बदर की ठोकर खा रहे होते लेकिन नाना जी की वजह से मैं एक अच्छी स्कूल में पढ़ पाई और उसके बाद मैंने अपने कॉलेज की पढ़ाई भी एक अच्छे कॉलेज से पूरी की, अब मैं एक अच्छी कंपनी में एचआर के पद पर काम कर रही हूं। मैं अपनी नौकरी से बहुत खुश हूं और मैं अपने आपसे बहुत संतुष्ट हूं मुझे लगता है कि जितना मैंने अपने बारे में सोचा था उतना मुझे मिल चुका है। मेरा जीवन हमेशा से ही बहुत सादा और सिंपल सा रहा है मेरे जीवन में ऐसा कुछ भी नया नहीं था जिससे कि मैं इंजॉय कर पा रही थी। मैं सुबह अपने ऑफिस जाती और शाम के वक्त अपने ऑफिस से घर लौट आती बस यही मेरी दिनचर्या थी मेरे जीवन में कुछ भी नयापन नहीं था लेकिन जब से मेरी जिंदगी में विशाल ने कदम रखा उससे शायद मैं बदलने लगी। मैं अपने पहनने के तौर तरीके और विशाल के लिए मैं समय निकालने लगी मुझे विशाल से बात करना अच्छा लगता और उसके साथ मैं जब भी होती तो मुझे बहुत ही खुशी होती थी।

मैं जब भी परेशान होती तो विशाल से मैं बात कर लिया करती थी मैंने बचपन से लेकर अब तक अपनी मां से कुछ भी नहीं छुपाया था लेकिन अब मुझे लग रहा था कि शायद मुझे अपनी मां से यह बात छुपानी चाहिए और मैंने अपनी मां को इस बारे में कुछ भी नहीं बताया था। विशाल ने एक दिन मुझसे कहा कि गुनगुन तुम्हें अपनी मम्मी को सब कुछ बता देना चाहिए विशाल बहुत ही अच्छा और समझदार लड़का है। विशाल जब से मेरे जीवन में आया है तब से मेरे जीवन में कुछ नयापन आ गया है और हम लोग एक दूसरे को बहुत ही अच्छे तरीके से समझते हैं। मेरे बहुत ही चुनिंदा दोस्त हैं उन सब से मैंने विशाल को मिला दिया था लेकिन मैं चाहती थी कि विशाल को मैं अपनी मम्मी से मिलाऊं इसलिए मैंने विशाल को अपनी मम्मी से मिलाने के बारे में सोचा। मैंने जब विशाल को अपनी मम्मी से मिलवाया तो मेरी मम्मी भी खुश हो गई मेरी मम्मी ने विशाल को हम लोगों की परेशानी के बारे में सब कुछ बता दिया की किस प्रकार से मेरे पापा ने हम लोगों का साथ छोड़ दिया था और उसके बाद मेरे नाना जी ने हमारा साथ दिया। विशाल मेरी मां की बात ध्यान से सुन रहा था और विशाल ने मेरी मम्मी के सामने कहा कि आंटी मैं कभी भी गुनगुन के साथ ऐसा नहीं करूंगा, इस बात से जैसे सब लोग चुप हो गए थे। मेरी मां की आंखों में आंसू थे क्योंकि उन्हें लग रहा था कि अब विशाल से अच्छा लड़का मुझे शायद कभी मिल ही नहीं पाएगा।

विशाल हमारे घर से जा चुका था लेकिन मां विशाल से मिलकर बहुत खुश थी। वह कहने लगी विशाल जैसा लड़का तुम्हें नहीं मिल पाएगा मां भी मेरी पसंद से बहुत खुश थी और कुछ समय बाद हम दोनों की शादी बडे धूमधाम से हो गई। शादी की रात जब विशाल कमरे के अंदर आए तो वह मेरे पास बैठकर मुझसे बात करने लगे। मैं अपने मन ही मन सोच रही थी क्या विशाल ऐसे ही बात करते रहेंगे या कुछ बात को आगे भी बढाएंगे। विशाल ने जब बात आगे बढ़ाई तो मुझे पता चला कि विशाल एक नंबर के चोदू हैं वह मेरी चूत का भोसड़ा बनाने के लिए बैठे हुए हैं। विशाल ने मेरे कपड़ों को उतारा उन्होंने मेरी ब्रा को खोला तो मैंने विशाल से कहा मुझे बड़ा दर्द हो रहा है। विशाल ने मेरे स्तनों को बहुत तेजी से दबाया मेरे स्तनों में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था मैंने उनसे कहा धीरे से दबाओ। वह कहने लगे क्या धीरे से करने मे मजा आएगा तुम चुपचाप लेटी रहो मैंने विशाल के मुंह से कभी ऐसी बात नहीं सुनी थी। उस वक्त हम दोनों गर्मी के मूड में थे और गर्मी हम दोनों के बदन से पूरी बाहर आ चुकी थी विशाल ने जैसे ही मेरे निप्पलो को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मैं अपने पैरों को एक साथ मिलाने लगी मेरी चूत से पानी बाहर निकलने लगा था। मेरी चूत से पानी बहुत तेजी से बाहर की तरफ को निकल रहा था विशाल ने मेरे सामने अपने मोटे लंड को दिखाया मुझे अच्छा लगने लगा। मैं विशाल के लंड को आपने हाथो से हिलाना चाहता थी विशाल खुश हो गए क्योंकि पहली रात ही मैंने विशाल से खुलकर बात की और सेक्स को लेकर हम दोनों ने एक दूसरे के साथ पूरा मजा करना चाहते थे।

जब मैने विशाल के 9 इंच मोटे लंड को मुंह में लिया तो विशाल कहने लगे अच्छे से चूसो। विशाल मुझे कहने लगे मुंह के अंदर तक लो मैं धीरे-धीरे विशाल के लंड को चूस रह थी। विशाल अपने लंड को मेरे मुंह के अंदर बाहर कर रहे थे काफी देर तक उन्होंने ऐसा ही किया। जब विशाल ने अपने लंड को मेरी चूत के बीचो-बीच लगाया तो विशाल ने अपने लंड को धीरे धीरे मेरी योनि के अंदर घुसाया। जैसे ही विशाल का लंड मेरी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं चिल्लाने लगी और विशाल ने मेरे स्तनों को दबाना शुरू किया। वह मेरे पैरो को चौडा करते जाते मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि मेरी योनि से भी कुछ टपक रहा है। मुझे सिर्फ एहसास हुआ कि मेरी योनि से पानी टपक रहा है तो मैंने विशाल से कहा मेरी चूत से पानी टपक रहा है या खून टपक रहा है।

विशाल कहने लगे तुम्हारी योनि से खून निकल रहा है विशाल मुझे कहने लगे कि तुम घबराओ मत काफी देर तक विशाल और मै ऐसा ही करते रहे। वह मेरे साथ संभोग का आनंद ले रहे थे विशाल का माल मेरी योनि में गिरा तो मेरी योनि से विशाल का वीर्य बाहर टपक रहा था। मैंने विशाल से कहा कि मुझे दोबारा से तुम्हारा लंड को चूसना है मैंने विशाल के लंड को दोबारा से चूसा। मैं नहीं चाहती थी कि हमारी शादी की पहली रात मैं किसी भी प्रकार का खलल पड़े मै उसे पूरी तरीके से जीना चाहती थी। मैंने विशाल के लंड को दोबारा से खड़ा कर दिया और विशाल के लंड पर तेल की मालिश की और उसे पूरी तरीके से चिकना बना दिया था। विशाल का लंड मेरी योनि में जाने के लिए तैयार था लेकिन उसने अपने लंड को मेरी गांड में घुसा दिया। विशाल का लंड मेरी गांड के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं चिल्लाने लगी मैंने विशाल से कहा तुमने मेरी गांड के अंदर लंड डाल दिया। विशाल कहने लगे कोई बात नहीं तुम्हें अच्छा लगेगा वह जिस प्रकार से मेरे गांड मार रहे थे मुझे बड़ा मजा आ रहा था। मेरी गांड से भी विशाल ने खून निकाल कर रख दिया था पहली रात को ही विशाल ने इतना सब कुछ मेरे साथ कर लिया था उस दिन हम दोनों थक कर चूर हो चुके थे। हम दोनों गहरी नींद में सो गए थे।


error: