सेक्स की भूख मिटा डाली


Antarvasna, sex stories in hindi: पड़ोस में रहने वाले महेश अंकल घर पर आए हुए थे महेश अंकल और हमारे परिवार के बीच बहुत अच्छी दोस्ती है इसलिए वह अक्सर हमारे घर पर आते ही रहते हैं। वह हमारे पड़ोस में ही रहते हैं इसलिए वह पापा से मिलने के लिए अक्सर आते रहते हैं पाप और उनकी दोस्ती 40 वर्ष पुरानी है और आज वह एक सफल बिजनेसमैन है। उनका बिजनेस अब उनका बेटा संभालता है मेरे पापा भी चाहते थे कि मैं भी उनका बिजनेस संभालूं। मेरी बहन की शादी अभी कुछ समय पहले ही हुई थी और मेरी बहन की शादी हो जाने के बाद पापा ने मुझे कहा कि बेटा अब तुम मेरा बिजनेस संभालोगे। मैं पापा के साथ हर रोज उनके ऑफिस में जाया करता और जब भी मैं उनके ऑफिस जाता तो पापा के साथ बैठकर मुझे काफी कुछ चीजें सीखने को मिलती। पापा ने मुझे पढ़ने के लिए विलायत भेज दिया था और जब मैं वहां से पढ़ाई करके लौटा तो उसके थोड़े समय बाद ही मैंने पापा का बिजनेस संभाल लिया था।

अब मैं पापा का बिजनेस संभाल चुका था और पापा इस बात से बहुत खुश थे धीरे-धीरे मैं पापा के साथ काम भी सीखने लगा था और अब मैं ही पूरी कंपनी को देखने लगा था। पापा चाहते थे कि हम लोग अपनी कंपनी को दक्षिण भारत में लेकर जाएं इसलिए पापा ने मुझे कहा कि बेटा मैं सोच रहा हूं कि चेन्नई में हम लोग एक अपना नया ऑफिस शुरू करें और तुम वहां पर हमारी कंपनी को संभालो। मैंने पापा से कहा ठीक है पापा जैसा आपको ठीक लगता है, पापा और मैं चेन्नई साथ ही गए हुए थे और पापा के एक दोस्त की मदद से हम लोगों ने वहां पर हमारा ऑफिस शुरू कर दिया। जब हम लोगों ने वहां पर अपना ऑफिस शुरू किया तो उसके बाद हम लोगों ने अपनी कंपनी के लिए स्टाफ भी रख लिया था अब हमारे पास काफी लोग काम करने लगे थे लेकिन चेन्नई का काम मैं ही संभाल रहा था। पापा चाहते थे कि मैं काम को अच्छे से संभालूं लेकिन शुरुआत में हमारी कंपनी इतना अच्छा नहीं कर पा रही थी हम लोग मैन्युफैक्चरिंग का काम करते हैं लेकिन अभी तक हमारी कंपनी कुछ अच्छा नहीं कर पा रही थी।

पापा चाहते थे कि हम लोग थोड़ा और मेहनत करें उसके लिए मैंने काफी कोशिश की और धीरे धीरे अब काम बढ़ने लगा था हम लोगों का काम आप अच्छा चलने लगा था। कुछ दिनों के लिए मैं अपने घर दिल्ली गया हुआ था जब मैं दिल्ली गया हुआ था तो उस दौरान महेश अंकल के बेटे की शादी होने वाली थी। मैं चाहता था कि मैं महेश अंकल के बेटे की शादी अटेंड कर लूं उसके बाद ही मैं चेन्नई जाऊं। पापा और मैं साथ में बैठे हुए थे पापा मुझसे कहने लगे कि बेटा अब चेन्नई में अच्छा काम चलने लगा है और मैं तुम्हारी इस मेहनत से बहुत खुश हूं। मैंने पापा से कहा पापा यह सब आपकी वजह से ही तो संभव हो पाया है आपने मुझ पर भरोसा किया और चेन्नई में हम लोगों ने अपनी कंपनी खोली है और उसका रिजल्ट अब आने लगा है। हम लोग महेश अंकल के बेटे रजत की शादी में थे रजत की शादी के दौरान मेरी मुलाकात काजल के साथ हुई काजल को पहली नजर में ही देख कर मैंने उसे पसंद कर लिया था। मैंने काजल के बारे में जब अपनी बहन से पता करवाया तो वह काजल को अच्छे से जानती थी लेकिन मेरी बात अभी तक काजल से हो नहीं पाई थी। मेरी बहन ने मेरी मदद की और काजल से जब मैं पहली बार मिला तो काजल से मिलकर मुझे अच्छा लगा अब मैं काजल से बात कर रहा था। हम दोनों एक दूसरे से उसके बाद मिलने लगे हम दोनों जब भी एक दूसरे से मिलते तो अच्छा लगता लेकिन मैं अब चेन्नई लौट चुका था इसलिए मैं काजल से फोन पर ही बातें किया करता। अभी तक हम दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त ही थे इससे ज्यादा हम लोग अपने रिश्ते को अभी आगे नहीं बढ़ा पाए थे। काजल को मैंने एक दिन फोन पर अपने दिल की बात कह दी तो काजल भी शायद मना ना कर सकी और काजल ने भी मेरे रिश्ते को स्वीकार कर लिया। काजल चाहती थी कि मैं उसके पापा मम्मी से मिलूं और जब मैं काजल के पापा मम्मी से पहली बार मिला तो उन लोगों से मिलकर मुझे अच्छा लगा और वह लोग भी मुझसे मिलकर बहुत खुश थे। मैं चाहता था कि काजल के साथ मैं शादी कर लूं जब इसके लिए मैंने अपने पिताजी से बात की तो मेरे पिताजी को भी इस बात से कोई आपत्ति नहीं थी। मेरे पापा कहने लगे कि बेटा मुझे इस बात से कोई आपत्ति नहीं है तुम्हें जैसा लगता है तुम वैसा ही करो। पापा जब काजल के पिताजी से मिले तो वह लोग एक दूसरे से बात कर रहे थे उन लोगों ने हमारे रिश्ते की बात आगे बढ़ानी शुरू की और हम लोगों का रिश्ता आगे बढ़ने लगा था।

हम दोनों की सगाई होने वाली थी हम लोगों की सगाई तय हो चुकी थी और कुछ ही दिनों में हम दोनों की सगाई हो गयी। काजल और मैं इस बात से बहुत खुश थे कि हम लोगों की सगाई हो गयी है जब हम लोगों की सगाई हुई तो मैं इस बात से बहुत खुश था लेकिन अभी भी मैं चेन्नई में ही काम संभाल रहा था। मैं काजल से कम ही मुलाकात कर पाता था क्योंकि मेरा दिल्ली कम ही आना हो पाता था। काजल मेरे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी थी और मैं जब भी काजल से बात करता तो मुझे बहुत अच्छा लगता यदि कभी भी मैं काजल से बात नहीं करता तो मुझे ऐसा लगता जैसे कि आज का दिन मेरा अधूरा रह गया हो। काजल चाहती थी कि हम लोग जल्दी से शादी कर ले लेकिन मैंने काजल से कहा कि हम लोग थोड़ा समय ले सकते हैं। काजल कहने लगी कि लेकिन हम लोगों की अब इंगेजमेंट हो चुकी है और अब हम लोगों को शादी कर लेनी चाहिए। मेरे कहने पर काजल मेरी बात मान चुकी थी और हम लोगों ने शादी के लिए थोड़ा समय लिया आखिरकार हम दोनों ने अब शादी का फैसला कर ही लिया था।

करीब एक साल की मुलाकात के बाद हम लोगों की शादी तय हो चुकी थी और शादी की तैयारी हो चुकी थी। अब हम लोगों की शादी होने वाली थी और जल्द ही हम लोगों की शादी हो गई। जब हम लोगों की शादी हुई तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा हमारी शादी बड़े धूमधाम से हुई और शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं थी पापा ने सारा अरेंजमेंट खुद ही संभाला था। अब काजल हमारे घर आ चुकी थी पापा और मम्मी भी बहुत खुश थे सब लोग इस बात से बहुत खुश थे कि काजल और मेरी शादी हो चुकी है। आखिरकार मुझे मेरा प्यार मिल चुका था मैं काजल से शादी करना चाहता था और काजल से मेरी शादी हो चुकी है और वह मेरी पत्नी बन चुकी थी। काजल मेरी पत्नी बन चुकी थी और काजल के साथ सेक्स करने में पहली रात बड़ा मजा आया और काजल की सील तोड़ कर मैं बहुत खुश हो गया। काजल के साथ अक्सर मैं सेक्स करता रहता मैं वापस लौट चुका था, काजल पापा मम्मी के साथ दिल्ली में ही थी। चेन्नई में मेरा सेक्स करने का बड़ा मन होता और हमारे ऑफिस में ही काम करने वाली एक लड़की जिसका नाम सुमोना है वह बड़ी सेक्सी है उस पर मैं डोरे डालने लगा। सुमोना भी अक्सर मुझ पर डोरे डाला करती थी मैं इस बात को अच्छे से जानता था कि सुमोना के साथ में सेक्स जरूर करूंगा और यही हुआ मैंने जब सुमोना को अपने पास अपने घर पर बुलाया तो मैं उस दिन घर पर अकेला ही था क्योंकि चेन्नई में मैं अकेला ही रहता था। मैंने अपने घर में काम करने वाले नौकरों को भी छुट्टी दे दी थी। सुमोना घर पर आई वह लाल रंग की लॉन्ग ड्रेस पहने हुए आई थी उसमें वह बड़ी सुंदर लग रही थी सुमोना मेरे साथ बैठी हुई थी और मुझसे बात कर रही थी। मैं तो सिर्फ उसे चोदना चाहता था और इसीलिए मैंने उसे बुलाया था जब मैंने सुमोना को कहा कि चलो बेडरूम में चलते हैं तो सुमोना मेरे साथ बेडरूम में आ गई और मैं उसके बदन को अपनी बाहों में लेकर महसूस करना चाहता था।

मैं उसके बदन की गर्मी को महसूस करने लगा मैं अपने होठों को उसके होठों से टकराने लगा जब हम दोनों के होंठ आपस में टकराने लगे तो हमारी गर्मी भी है बढ़ने लगी उसकी चूत से पानी कुछ ज्यादा ही निकल रहा था और जिस प्रकार से सुमोना की चूत से पानी निकल रहा था उससे मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। मैंने सुमोना की चूत के अंदर अपनी उंगली को घुसाया मैं सुमोना के कपड़े उतार चुका था। सुमोना की पैंटी ब्रा भी मैंने उतार दी थी जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो मैंने उसे कहा तुम थोड़ा सा और अंदर ले लो। उसने मेरे लंड को अपने गले के अंदर से उतार लिया वह मेरे लंड को सकिंग करने लगी मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था और सुमोना भी बहुत खुश थी। मैं सुमोना को चोदना चाहता था मैंने जब सुमोना की चूत पर अपने लंड को लगाया तो सुमोना की चूत से पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था और उसकी चूत से निकलता हुआ पानी इतना ज्यादा बढ़ चुका था कि मैंने अपने लंड को धीरे-धीरे उसकी चूत के अंदर डाल दिया। सुमोना की चूत के अंदर जैसे ही मेरा लंड प्रवेश हुआ तो वह चिल्ला ऊठी और मैं उसके पैरों को खोल कर उसे बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था।

मैंने उसके पैरों को चौड़ा कर लिया था और बड़ी तेज गति से मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को कर रहा था जिस से कि सुमोना की चूत से बहुत ज्यादा पानी निकल रहा था। वह मुझे कहने लगी तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहो मुझे उसे चोदने में इतना आनंद आ रहा था कि जब मैं उसकी चूत के अंदर तक अपने लंड को डालता तो वह मुझे कहती थोड़ा सा और अंदर डालो। वह अपने मुंह से जिस प्रकार की आवाज से मुझे प्रभावित कर रही थी उससे मेरे लंड से वीर्य बाहर की तरफ को निकलने वाला था। हम दोनों एक दूसरे के बदन की गर्मी को महसूस नहीं कर पा रहे थे सुमोना के बदन की गरमाहट अब इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि वह मुझे कहने लगी मैं ज्यादा देर तक अपने आपको रोक नहीं पाऊंगा उसने अपने दोनों पैरों को आपस में मिला लिया। जब उसने मुझे जकड़ना शुरू किया तो मेरा वीर्य बाहर की तरफ आ चुका था मैंने अपने वीर्य को सुमोना की चूत के अंदर ही गिरा दिया।


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