सहेली के लिए चूत सौंप दी


Antarvasna, hindi sex stories:  मैं अपनी सहेली को मिलने के लिए उसके घर पर गई। उस दिन रविवार था तो सोचा कि उससे मिलने आती हूं मैं उससे मिलने के लिए जब उसके घर गई तो वह घर पर थी। मैंने उसे कहा आज तुम्हारा चेहरा बहुत उतरा हुआ है। वह कहने लगी अब तुम्हें क्या बताऊं मेरे पति ने मुझे डिवोर्स देने की बात कही है और मैं बहुत ज्यादा परेशान हो चुकी हूं। मैंने अपनी सहेली बबीता को कहा लेकिन तुम्हारे बीच तो सब कुछ ठीक चल रहा था फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ। वह मुझे कहने लगी उनके ऑफिस में कोई लड़की आई है जिसके पीछे वह पागल हो चुके हैं और वह मेरी कुछ बात सुनने को तैयार ही नहीं है। मुझे अपनी सहेली के घर को किसी भी सूरत में बचाना था मैंने अपनी सहेली से कहा बबिता तुम चिंता मत करो मैं तुम्हारे पति को तुम से डिवोर्स नहीं लेने दूंगी। बबीता मुझे कहने लगी लेकिन सविता तुम तो जानती ही हो सब मर्द एक जैसे होते हैं भला ऐसा क्या होगा कि वह मेरी बात मान जाए। मैंने बबीता को कहा तुम यह सब मुझ पर छोड़ दो मैं सब कुछ ठीक कर दूंगी तुम्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

बबीता और मैंने अब एक प्लान बनाया मैंने बबीता को कहा तुम बस मेरी बात मानते जाना जैसा मैं कहती हूं तुम्हें वैसा ही करना होगा। बबीता मेरी बात मान चुकी थी वह कहने लगी सविता जैसा तुम कहोगे मैं वैसा ही करूंगी तुम सिर्फ मेरे पति और मेरे डिवोर्स को होने से बचा लो। बबीता के पति मुझसे एक बार मिले थे इसलिए मैंने बबीता के पति को फोन के माध्यम से बात करनी शुरू दी। मैं बबीता के पति से अब धीरे-धीरे गरमा गरम बातें करने लगी थी और मैं बबीता के पति सोहन को मिलने के लिए तैयार थी। वह मुझसे पहली बार कॉफी शॉप में मिले वह मुझे पहचान नहीं पाए क्योंकि मैंने अपना हुलिया पूरी तरीके से बदल लिया था। मैं सोहन से मिली तो सोहन मेरे पीछे पागल हो गए वह मुझे कहने लगे मुझे तुम्हारे साथ कभी अकेले में समय बिताना है। मैंने उनको कहा क्यों नहीं मैं तुम्हारे साथ अकेले में समय बिताने के लिए तैयार हूं। सोहन मेरे पीछे पूरी तरीके से पागल हो चुके थे वह इस कदर मेरे पीछे पागल थे कि वह मुझसे मिलने के लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगे थे।

एक दिन सोहन और मैं मिले वह कहने लगे तुम बड़ी लाजवाब और गरम माल हो सोहन मेरी चूत मारने के लिए बहुत ज्यादा तड़प रहे थे। सोहन ने जब मुझे अपनी गोद में बैठा लिया तो मुझे अब लगने लगा था कि वह मेरी चूत का भोसड़ा बना कर ही मानेंगे इसलिए मैंने सोहन को अपनी असलियत बताना ही ठीक समझा और सोहन को मैंने सब कुछ बता दिया था। सोहन ने मुझे गर्म कर दिया था इसलिए मैं सोहन के लंड को चूत में लेने के लिए तड़पने लगी थी। सोहन ने भी मेरी चूत में अपने लंड को सटा दिया। जब सोहन ने मेरी योनि के अंदर अपने मोटे लंड को प्रवेश करवाया तो मैं जोर से चिल्लाई। सोहन ने मुझे तेजी से चोदना शुरू कर दिया। सोहन मुझे कहने लगे सविता तुम मुझे पहले भी तो यह बता सकती थी लेकिन सोहन मेरे लिए पूरी तरीके से पागल हो चुके थे। सोहन ने मुझे कहा आज तुम्हारी चूत मार कर मुझे मजा आ रहा है। सोहन को मेरी चूत का चस्का लगा था। वह अब सोहन के सर से उतर नहीं रहा था और सोहन मेरे पीछे अब इस कदर पागल हो गए थे कि वह मुझे चोदने के लिए मेरे घर पर भी आ जाया करते। एक दिन सोहन ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और गोद में उठाकर मुझे चोदना शुरू किया मेरी चूत से खून भी निकाल दिया था। मैं अपनी सहेली के लिए यह सब कर रही थी मैंने सोहन को कहा मै चाहती हूं तुम बबीता के साथ अच्छे से रहो और तुम उसे डिवोर्स मत दो मैं तुम्हारी खुशियों को पूरा करते रहूंगी। सोहन मुझे कहने लगे अगर तुम यही चाहती हो तो मैं उसके लिए तैयार हूं। सोहन ने बबीता को डिवोर्स नहीं दिया लेकिन वह मेरी चूत का भोसड़ा बनाने में देरी नहीं करते और जब भी सोहन को मौका मिलता तो वह मुझे चोद दिया करते। एक दिन बबीता और मैं साथ में ही थे बबीता को यह बात तो पता ही थी। सोहन बबीता को भी पूरी तरीके से खुश कर दिया करते थे उस दिन मैं बबीता से मिलने के लिए गई हुई थी और वह घर पर ही थी। सोहन और मै चाहते थे हम लोग सेक्स करे मेरे लिए यह बड़ा ही अच्छा था मैं और सोहन सेक्स के मजे ले पाए। मुझे सोहन के लंड को अपनी चूत मे लेना था इस बात से बबीता को कोई आपत्ति थी ही नहीं क्योंकि बबीता के घर को मैंने ही टूटने से बचाया था अगर मैं सोहन के साथ सेक्स नहीं करती और सोहन को नहीं समझाती तो शायद बबीता का डिवोर्स हो जाता। सोहन बबीता के साथ बहुत खुश थे और सोहन ने मुझे अपने बेडरूम में लेटा दिया और मुझे कहा मैं आज तुम्हारे लिए कुछ गिफ्ट लेकर आया हूं।

मैंने सोहन को कहा आज तुम मेरे लिए ऐसा गिफ्ट क्या लेकर आए हो। सोहन ने जब मुझे गिफ्ट दिया मैंने जब उसको खोलकर देखा तो उसमें पेंटी और ब्रा थी जो कि दिखने में बडी ही सेक्सी लग रही थी। मैने उसे पहन लिया उसमे मै बहुत अच्छी लग रही थी। यह देख सोहन ने मुझे कस कर पकड़ लिया और उसने मेरी गांड को दबाना शुरू किया। जब सोहन ने मेरी गांड को दबाया तो मुझे अच्छा लगने लगा। सोहन ने मेरी ब्रा को भी फाड़ दिया था और मेरी पैंटी को भी उतार फेंका था। मैं और सोहन एक दूसरे की बाहों में थे सोहन मेरे स्तनों को चूस रहे थे। जब मैंने अपने पैरों को खोल दिया तो सोहन भी समझ चुके थे कि अब मैं अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार हूं। सोहन ने जैसे ही मेरी योनि पर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो मैंने अपने पैरों के बीच में सोहन को कस कर जकड़ लिया था। सोहन हील भी नहीं पा रहे थे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मेरी चूत पर सोहन बहुत तेजी से प्रहार करने लगे।

जब बबीता ने दरवाजा खोला तो बबीता यह देख कर अपनी चूत मे उंगली डालने लगी लेकिन मैंने बबीता से कहा अभी मुझे मजे लेने दो। बबीता कहने लगी ठीक है सोहन मेरी चूत के अंदर तक अपने लंड को घुसा चुके थे। सोहन का मोटा लंड मेरी चूत के अंदर जाते ही मैंने सोहन से कहा सोहन मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। सोहन का लंड मेरी चूत के अंदर-बाहर होता तो मेरी चूत से पानी बाहर की तरफ निकल आता। सोहन ने मेरे पैरों को अपने कंधों पर रख लिया जब सोहन ने ऐसा किया तो मेरी चूत से निकलता हुआ पानी बहुत ज्यादा अधिक होने लगा था। मेरी चूत से इतना अधिक पानी निकल रहा था कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और ना ही सोहन अपने आपको रोक पा रहे थे। सोहन ने मुझे कहा मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही हूं और सोहन ने अपनी वीर्य की पिचकारी को मेरे मुंह पर मारा तो मैंने उसको अंदर ही निगल लिया। उसके बाद भी मेरा मन सोहन के साथ सेक्स करने का था। मैंने सोहन के सामने अपनी चूतड़ों को कर दिया और सोहन के सामने मेरी चूतडे थी। सोहन ने अपने लंड को चूत पर सटाया और मेरी चूत से निकलता हुआ पानी कुछ ज्यादा ही अधिक हो चुका था। सोहन ने मेरी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू कर दिया था और मेरी चूत में जब सोहन का मोटा लंड अंदर बाहर हो रहा था तो मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था और सोहन को भी बड़ा मजा आने लगा था। मेरी चूत की गर्मी इस कदर बढ़ गई कि मैं बिल्कुल रह नहीं पा रही थी मैं सोहन के लंड से अपनी बडी चूतडो को टकरा रही थी। मैंने ऐसा तब तक किया जब तक सोहन का माल बाहर की तरफ गिर नही गया। सोहन मुझे कहने लगे आज बहुत ही अच्छा लगा रहा है जिस प्रकार से आज तुम्हारे साथ मैंने मजे लिए उससे मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। उसके बाद मैं घर लौट आई बबीता की जिंदगी अब अच्छे से चल रही है। सोहन और मै एक दूसरे के साथ बहुत खुश है।


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