रूबी के साथ सेक्स के मजे


Antarvasna, kamukta: मेरे मामाजी ने मुझे जॉब के लिए मुंबई बुलाया मामा जी को यह बात पता थी कि मैंने कुछ समय पहले ही अपनी जॉब से रिजाइन दिया है और वह इस बात को अच्छी तरीके से जानते थे। मामा जी ने मुझे कहा कि बेटा तुम्हें जॉब के लिए अप्लाई कर देना चाहिए मैंने उन्हें कहा कि हां मामा जी मैं देखता हूं। मामा जी के एक बहुत ही करीबी दोस्त हैं जो कि उनके घर पर अक्सर आया जाया करते थे उससे पहले भी मैं उनसे कई बार मिल चुका था लेकिन जब उस दिन मैं उनसे मिला तो उन्होंने मुझे कहा कि बेटा मैं तुम्हारे लिए अपने ऑफिस में बात कर सकता हूं। मैंने उन्हें कहा ठीक है आप मेरे लिए अपने ऑफिस में बात कर दीजिएगा। इससे पहले मैं बरेली में ही जॉब करता था लेकिन मेरी जॉब छूट जाने के बाद मैं काफी समय से खाली ही था। मामा जी के दोस्त ने मेरी जॉब अपने ऑफिस में ही लगवा दी थी अब मेरी जॉब दिल्ली में लग चुकी थी और मैं काफी खुश था की मैं दिल्ली में ही जॉब करने लगा हूं। मेरी जिंदगी में अब सब कुछ ठीक होने लगा था मैंने दिल्ली में ही एक घर किराए पर रहने के लिए ले लिया था मैं चाहता था कि पापा मम्मी भी मेरे पास रहने के लिए आ जाएं।

पापा भी अपने काम से कुछ दिन पहले ही इस्तीफा दे चुके थे और वह घर पर ही थे। मैंने जब पापा को फोन किया तो उन्होंने मुझे कहा कि रौनक बेटा तुम्हारी जॉब कैसी चल रही है तो मैंने उन्हें बताया कि मेरी जॉब तो अच्छी चल रही है लेकिन मैं चाहता हूं कि आप लोग मेरे पास ही दिल्ली रहने के लिए आ जाए। वह लोग मेरी बात मान गए और पापा और मम्मी मेरे पास दिल्ली आ गए मेरे सिवा उनका और कोई नहीं था इसलिए वह लोग मेरे पास दिल्ली रहने के लिए आ गए और उनके आने से मैं काफी खुश था। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था कि अब मैं दिल्ली में रहता हूं और पापा मम्मी भी मेरे पास ही रह रहे थे। एक शाम मामा जी घर पर आए हुए थे उस दिन वह मां से कहने लगे कि रौनक के लिए आप लोग कोई अच्छी सी लड़की देख कर रौनक का रिश्ता करवा दो लेकिन मैं तो अभी इस बारे में सोच ही नहीं रहा था। मामा जी के कहने पर मम्मी को भी शायद यह लगने लगा की मेरी शादी के लिए कोई लड़की देखनी चाहिए और वह लोग भी अब मेरे लिए लड़की तलाशने लगे थे।

जल्द ही हमारे एक परिचित की लड़की से मेरा रिश्ता तय हो गया, मैं भी अपने पापा मम्मी को कुछ कह ना सका और मेरी सगाई रूबी के साथ हो गई। रूबी के साथ मेरी सगाई हो जाने के बाद मेरी और रूबी की काफी कम बातें होती थी लेकिन जब भी मुझे समय मिलता तो मैं रूबी से जरूर बात कर लिया करता। मुझे बहुत अच्छा लगता जब भी मैं रूबी से बातें किया करता। एक दिन मेरे ऑफिस में काम करने वाले अरुण ने मुझसे कहा कि मैं तुमसे मिलना चाहता हूं उस दिन हमारे ऑफिस की छुट्टी थी और अरुण को कोई जरूरी काम था तो मैं अरुण को मिलने के लिए उसके घर पर चला गया। जब मैं अरुण को मिलने के लिए उसके घर पर गया तो वह घर पर ही था मैंने अरुण को कहा आज तुमने मुझे फोन किया क्या कोई जरूरी काम था। अरुण मुझे कहने लगा कि रौनक आज तुम्हें मेरे साथ मेरी बहन के घर चलना है मैंने अरुण को कहा लेकिन तुमने अचानक से अपनी बहन के घर जाने का फैसला कर लिया और तुमने तो मुझे इस बारे में कुछ बताया नहीं था। अरुण मुझे कहने लगा कि अब तुम्हें क्या बताता मेरी बहन के घर पर कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है इसलिए मुझे ही आज अपनी बहन के घर पर जाना पड़ रहा है  मैंने अरुण से सारी बात पूछी तो अरुण ने मुझे बताया कि उसकी बहन के ससुराल वाले उसे काफी ज्यादा परेशान करते हैं। अरुण के पापा का देहांत काफी वर्ष पहले हो गया था इसलिए अरुण के ऊपर ही घर की सारी जिम्मेदारी है अरुण मुझे अपने बहुत ही करीब मानता है इसलिए उसने मुझे अपने साथ चलने के लिए कहा और मैं अरुण के साथ चला गया। जब मैं अरुण की बहन के घर गया तो वह वाकई में बहुत परेशान थी और उसने जब अरुण को अपने ससुराल वालों के बारे में बताया तो अरुण को बहुत ही ज्यादा गुस्सा आ गया और अरुण ने अपनी बहन के पति से ना जाने क्या कुछ कह दिया। मैंने अरुण को कहा कि तुम शांत हो जाओ।

मैंने अरुण की बहन सुरभि के पति से बात की सुरभि के पति की इसमें कोई गलती नहीं थी दरअसल गलती इसमें सुरभि के सास ससुर की थी इसलिए हम लोगों ने उसे समझाया, उस दिन तो हम लोग घर लौट आए थे। मैं जब घर लौटा तो रूबी का फोन मुझे आया जब रूबी का फोन मुझे आया तो मैं रूबी से बात कर रहा था और उससे काफी देर तक मैंने बात की अरुण की बहन सुरभि के घर में भी अब सब कुछ ठीक हो चुका था और मैं भी काफी खुश था कि अब मेरी भी जल्द ही शादी होने वाली है। मेरी शादी जब रूबी के साथ हो गई तो मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और रूबी भी बहुत खुश थी कि उसकी शादी मुझसे हो चुकी है। हम दोनों पति पत्नी बन चुके थे और हम लोग बहुत ही ज्यादा खुश थे मैं इस बात से बहुत खुश था कि अब रूबी मेरी पत्नी बन चुकी है। रूबी घर की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही थी और मैं इस बात से काफी खुश था। रूबी चाहती थी कि वह जॉब करे तो मैंने उसे कहा कि यदि तुम जॉब करना चाहती हो तो तुम जॉब कर सकती हो, रूबी ने शादी के बाद जॉब छोड़ दी थी। हम दोनों की शादी को 6 महीने से ऊपर हो चुके थे।

रूबी ने हम ऑफिस ज्वाइन कर लिया था। वह जॉब करने लगी थी। हम दोनो ही ऑफिस से थके हुए आते। मै जब घर लौटा तो रूबी भी घर आ चुकी थी। हम दोनो डिनर करने के बाद साथ में हैं लेटे हुए थे। मैने रूबी के हाथो को पकडा तो उसे अच्छा लग रहा था। रूबी ने मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और वह उसे हिलाने लगी। जब रूबी मेरे लंड को हिला रही थी तो मुझे मज़ा आ रहा था और रूबी को भी बड़ा आनंद आने लगा था। वह जिस तरीके से मेरे लंड को हिला रही थी उससे मैं बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गया था और मैंने उसे कहा तुम इसे अपने मुंह में ले लो। रूबी ने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में ले लिया और वह उसे चूसने लगी। वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान कर रही थी तो मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था।

वह मेरे लंड को अपने गले तक लेने लगी और कहने लगी आज मुझे तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेकर अच्छा लग रहा है। रूबी ने मेरे लंड को जिस प्रकार से सकिंग किया उसने मेरे लंड से माल बाहर निकाल दिया था उसने वह अपने अंदर ही निगल लिया। अब वह अपने पैरों को खोलकर मेरे सामने अपनी चूत में उंगली डालने लगी। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत को चाट लेता हूं। मैंने रूबी की चूत पर अपनी जीभ का स्पर्श किया और उसकी योनि को चाटने लगा। मैं जिस तरह से रूबी की योनि को चाट रहा था उससे मुझे बहुत ही ज्यादा मजे आने लगे और मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगने लगा था। हम दोनो एक दूसरे की गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। मैंने रूबी की योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया। रूबी की चूत में मेरा लंड जा चुका था। अब मेरा लंड उसकी चूत में जाते ही मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारने लगा। मेरा लंड उसकी योनि के अंदर जा चुका था और जिस तरीके से मैं उसे चोदता उस से वह तेज आवाज मे सिसकारियां ले रही थी। वह मुझे कहती मुझे और तेजी से चोदता जाओ। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया। जब मैंने रूबी के पैरों को अपने कंधों पर रखकर उसे तेजी से धक्के मारने शुरू किए तो रूबी मुझे कहने लगी मेरी योनि में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। मैंने रूबी को कहा अब तुम्हारी चूत मुझे बहुत ज्यादा टाइट महसूस हो रही है। रूबी मेरा साथ बहुत ही अच्छे से साथ दे रही थी लेकिन उसकी योनि से निकलती हुई गर्मी कुछ ज्यादा ही अधिक हो चुकी थी इसलिए मुझे लगने लगा शायद मैं अब ज्यादा देर तक रह नहीं पाऊंगा और मैं रूबी की चूत में अपने माल को गिर चुका था जिसके बाद मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा। मैं और रूबी एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाकर बड़े खुश थे।