रेत की ठंडक मे गरम बदन


Antarvasna, hindi sex stories: मुझे मेरे भैया का फोन आता है और वह कहते हैं कि शोभित तुम कुछ दिनों के लिए मेरे पास मुंबई आ जाओ मैंने भैया से कहा लेकिन भैया मेरे तो एग्जाम चल रहे हैं जैसे ही मेरे एग्जाम खत्म होंगे तो मैं आपके पास आ जाऊंगा। भैया मुंबई में रहते हैं और मेरे कॉलेज का यह आखिरी वर्ष है मैंने भैया से कहा कि भैया मेरे एग्जाम खत्म होते ही मैं आपके पास आ जाऊंगा और फिर मैंने फोन रख दिया जैसे ही मैंने फोन रखा तो मम्मी आ गई और मम्मी मुझे कहने लगे कि शोभित बेटा किसका फोन था। मैंने मम्मी से कहा मम्मी भैया का फोन था और भैया कह रहे थे कि कुछ दिनों के लिए तुम मुंबई आ जाओ मैंने भैया से कह दिया कि मेरे अभी एग्जाम चल रहे हैं अभी मेरा आ पाना तो मुश्किल है लेकिन थोड़े समय बाद शायद मैं आ जाऊं। मम्मी कहने लगी लेकिन मनोज तुम्हे वहां क्यो बुला रहा है मैंने मम्मी से कहा मम्मी यह तो मुझे भी नहीं पता लेकिन कोई ना कोई तो काम होगा जो भैया मुझे वहां बुला रहे हैं।

शाम के वक्त पापा से भी मैंने इस बारे में कह दिया था कि भैया मुझे मुंबई अपने पास बुला रहे हैं तो पापा ने मुझे कहा कि हां क्यों नहीं तुम मनोज के पास हो आओ। पापा के कहने पर मैं मुंबई जाने की तैयारी करने लगा मेरे एग्जाम भी खत्म हो चुके थे और उजक बाद मैं मुंबई चला गया। मैं जब मुंबई गया तो भैया ने मुझे कहा घर में सब लोग ठीक तो है ना मैंने भैया से कहा हां भैया घर में सब लोग ठीक हैं लेकिन आपने मुझे यहां क्यों बुलाया है। वह कहने लगे शोभित मैंने तुम्हे यहां इसलिए बुलाया है कि मैं चाहता हूं कि तुम यहां कुछ समय तक रहो और फिर यहीं पर तुम आप जॉब करो। मैंने भैया से कहा लेकिन भैया मैं तो चाहता था कि कुछ समय मैं घर पर रहूं भैया मुझे कहने लगे कि तुम घर पर क्या करोगे घर में भी तुम खाली ही रहोगे यदि तुम इस बीच कुछ पैसे कमा लोगे तो इसमें क्या बुरा है। मैंने भैया से कहा हां भैया आप कह तो ठीक रहे हैं। मैं भी अब इंटरव्यू देने लगा कुछ ही दिनों बाद मेरी नौकरी भी लग गई और मेरी नौकरी लगते ही मैंने घर में पापा मम्मी को बता दिया था। अभी मेरा रिजल्ट आया नहीं था मैं अपने रिजल्ट आने का इंतजार कर रहा था जिस दिन मेरा रिजल्ट आया उस दिन भैया ने मुझे कहा कि चलो आज कहीं घूमने चलते हैं।

मैंने भैया से कहा लेकिन भैया हम लोग घूमने के लिए कहां जाएंगे तो भैया कहने लगे कि मेरे दोस्त का ही एक रिजॉर्ट है हम लोग वहां घूमने के लिए चलते हैं। मैंने भैया से कहा भैया वहां पर क्या हमारे साथ और कोई भी आने वाला है तो भैया मुझे कहने लगे कि हां मेरे कुछ दोस्त हैं जो आने के लिए कह रहे थे हम सब लोग वहां जाने के लिए काफी दिनों से सोच रहे थे लेकिन हम लोगों को वहां जाना हो नहीं पाया था चलो इस बहाने कम से कम हम लोग वहां घूम आएंगे। मैंने भैया से कहा भैया ठीक है मैं भी जब से मुंबई आया हूं तब से अच्छे से कहीं भी नहीं घूम पाया हूं। मैं भैया के साथ उनके दोस्त का रिजॉर्ट में चला गया भैया के दोस्त भी आए हुए थे और मैंने भी अपने ऑफिस से कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले ली थी। हम लोग 2 दिन तक वहां रहने वाले थे और मुझे तो वहां पर बड़ा मजा आ रहा था गर्मी इतनी ज्यादा हो रही थी कि मैं तो स्विमिंग पूल में आराम से लेटा हुआ था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैं काफी समय बाद कहीं घूमने के लिए गया था भैया ने मुझे आवाज देते हुए कहा कि शोभित अब स्विमिंग पूल से बाहर भी निकल आओ। मैं स्विमिंग पूल से बाहर निकल आया और भैया के दोस्तों के साथ कुछ देर तक बैठा रहा भैया के दोस्त बड़े ही हंसमुख और अच्छे हैं उनके साथ मेरी भी बहुत अच्छी जमने लगी थी भैया मुझे कहने लगे कि चलो कुछ खा लेते हैं। हम लोग खाने की तैयारी करने लगे हम लोगों ने वेटर को ऑर्डर दे दिया था और हम लोग खाने का इंतजार कर रहे थे कुछ देर बाद खाना आया तो सब लोग जैसे खाने पर टूट पड़े थे क्योंकि सबको तेज भूख लग रही थी और उसके बाद हम लोग आराम से बैठे रहे। शाम के वक्त मौसम भी बहुत सुहाना था बिल्कुल सामने ही बीच दिखाई दे रहा था वहां पर लगी लाइटें और समुद्र का पानी साफ नजर आ रहा था हम लोग वही देख रहे थे।

मैंने भैया से कहा भैया में क्या बीच से हो आऊं तो भैया कहने लगे कि नहीं रहने दो तुम वहां कहां जाओगे लेकिन मैंने भैया की बात नहीं मानी और मैं बीच में चला गया। मैं बीच में गया तो मुझे वहां पर अच्छा लग रहा था थोड़ी देर बाद भैया और उनके दोस्त भी वहां आ गए उन्होंने भी मुझे आवाज देते हुए कहा कि शोभित रुक जाओ साथ हीं चलते हैं लेकिन मैं उनसे काफी आगे निकल चुका था। मैं बीच पर टहल रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि मैं उनसे छोटा था लेकिन मुझे बीच पर इंजॉय करने में मजा आ रहा था। थोड़ी देर बाद भैया लोग मेरे पास आ गए और हम लोग कुछ देर तक बीच में ही बैठे रहे भैया और मैं साथ में बैठे हुए थे और उनके दोस्त भी मेरे साथ ही थे। हम सब लोग वहां बैठ कर बात कर रहे थे और फिर हम लोग सोने के लिए रिजॉर्ट में आ गए जब हम लोग रिजॉर्ट में आए तो वहां पर एक और ग्रुप आया हुआ था वह सब लोग खाना खा रहे थे और हम लोग अपने रूम में चले गए। हम लोग अपने रूम में तो चले गए थे लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी और मैं बाहर आया तो वह ग्रुप जो आया हुआ था वह अब भी बाहर ही बैठा हुआ था।

मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी मैं उस लड़की को देखने लगा मुझे लगा की काश वह मेरे पास आ जाए तो जैसे मेरी रात सफल बन जाए। मैने उसे अपने पास बुला लिया जब वह आई तो जैसे ही मैंने उसे अपने पास बैठने के लिए कहा तो वह कहने लगी हम लोग कहीं और चलते हैं। मैंने उसे कहा चलो हम लोग बीच के किनारे चलते हैं हम लोग बीच के किनारे चले गए हैं और जब हम लोग वहां पर गए तो मैंने देखा वहां पर काफी ज्यादा अंधेरा था। मैंने उस लड़की का हाथ पकड़ लिया और कहा तुम्हारा क्या नाम है? वह कहने लगी मेरा नाम कंचन है उसकी आंखें बिल्कुल भूरी थी और वह उस रात में चमक रही थी। मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया मैंने जब उसके होठों को चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैं उसके होठो को ऐसे चूम रहा था जैसे कि मैं उसके होठों को ही खा जाऊंगा। मैंने उसके होंठों को बहुत देर तक चूमा और उसे मैंने अपना बना लिया था। मुझे उसे चूमने में मजा आ रहा था और जब मैंने अपने हाथों को कंचन के स्तनों पर लगाना शुरू किया तो वह मजे में आने लगी और मेरा हाथ लगते ही वह जमीन पर लेट गई। हम लोग रेत में लेटे हुए थे हम लोग रेत में लेटकर एक दूसरे के बदन की गर्मी को महसूस कर रहे थे और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उसके स्तनों को बाहर निकाल कर अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसके मुंह से मादक आवज निकलने लगी अब वह चुदने के लिए तैयार हो चुकी थी। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो मैंने अपनी इच्छा जाहिर की और कहा कि तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। उसने अपने नरम हाथों से मेरे लंड को हिलाया और उसने मेरे लंड को पूरा खड़ा कर दिया था। मेरा लंड एकदम से तन कर खड़ा हो चुका था और कंचन ने अपने कपडो को खोलकर  अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को लिया तो उसे बड़ा अच्छा लगा वह पूरे मजे में आने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से वह मेरे लंड को चूस रही थी गर्मी तो पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी।

मैंने उसकी पैंटी को उतारकर एक किनारे रख दिया और उसकी चूत को चाटा। मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चाट रहा था और मुझे बड़ा मजा आ रहा था मैंने काफी देर तक उसकी चूत को चाटा। उसकी योनि से पानी बाहर ज्यादा मात्रा में निकलने लगा तो मैंने उसे अपने मुंह से चाटकर पूरी तरीके से मैंने गिला बना दिया। मैंने जब अपने लंड को कंचन की योनि पर लगाया तो वह मेरे लंड को पकड़कर कहने लगी थोड़ा धीरे से डालना। मैंने उसे कहा क्यों नहीं और मैंने धीरे धीरे अपने लंड को अंदर घुसाना शुरू किया तो जैसे ही मेरा लंड अंदर की तरफ घुसा तो उसकी योनि से पानी और खून दोनों ही बाहर निकल आया। मैंने उसे कहा क्या तुमने सेक्स संबंध नहीं बनाए है तो वह कहने लगी आज तक किसी के साथ भी सेक्स संबंध नहीं बनाए हैं।

रेत की ठंडक और बदन की गर्मी दोनों ही मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित कर रही थी मैंने उसे बड़ी तेज गति से धक्का देने शुरू किया और जितनी तेज गति से मैंने उसे चोदा वह पूरी तरीके से चिल्ला उठी थी। अब शायद वह मेरी चूत की गर्मी को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी परंतु मैंने उसे फिर भी तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए। मैं तेज गति से धक्के मार रहा था वह अपने मुंह से मादक आवाज मे सिसकिया निकलने लगी थी। मै उसके पैर खोलने लगा था मेरा लंड अंदर बाहर की तरफ होने लगा था मेरा लंड अंदर बाहर होता तो मै ज्यादा देर तक उसकी गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाया मेरे वीर्य पतन हो गया। हम दोनों एक साथ में बैठे रहे और उसके बाद जब मैं और कंचन वापस लौट आए तो मैंने उससे कहा मैं सोने के लिए जा रहा हूं मै वहां से चला गया। अगले दिन मैंने उसके साथ पूरे मजे लिया लेकिन उसके बाद वह मुझे कभी नही मिली।


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