प्यार में चुदाई का मजा


Antarvasna, hindi sex story: मैं अपने घर से निकला ही था तभी मुझे दीदी का फोन आया और दीदी मुझे कहने लगी कि आकाश तुम इस वक्त कहां हो तो मैंने दीदी से कहा कि दीदी मैं अभी ऑफिस के लिए निकला हूं। दीदी काफी ज्यादा परेशान लग रही थी मुझे मालूम नहीं था कि वह आखिर परेशान क्यों है लेकिन जब दीदी ने मुझे बताया कि उनका घर पर झगड़ा हुआ है तो मैंने दीदी से कहा कि दीदी मैं आपको शाम को मिलता हूं। दीदी कहने लगी ठीक है और फिर मैं अपने ऑफिस से फ्री होने के बाद दीदी से मिलने के लिए चला गया। मैं जब दीदी को मिलने के लिए गया तो दीदी काफी ज्यादा परेशान थी और वह बहुत ज्यादा रो भी रही थी। मैंने दीदी से कहा कि आप आज घर पर चलिए वह कहने लगी कि ठीक है और दीदी मेरे साथ घर पर आ गई। जब दीदी मेरे साथ घर पर आई तो मां ने भी दीदी को समझाया लेकिन दीदी तो काफी ज्यादा परेशान थी दीदी ने मुझे कहा कि मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं।

मुझे भी लगने लगा था कि अब दीदी और जीजाजी को अलग हो जाना चाहिए मां ने भी दीदी से यही कहा और अब दीदी ने फैसला कर लिया था कि वह जीजाजी को डिवोर्स दे देंगे। उन दोनों की शादी को दो वर्ष से अधिक हो चुके हैं लेकिन उन दोनों के बीच बिल्कुल भी नहीं बनती है जिससे कि वह बहुत ज्यादा परेशान रहती है। दीदी बहुत ज्यादा परेशान है घर पर कई बार इस वजह से सब लोग परेशान रहते हैं लेकिन अब दीदी ने फैसला कर लिया था कि वह जीजाजी को डिवोर्स दे देंगी। उन्होंने जीजाजी को डिवोर्स दे दिया था उसके बाद दीदी घर पर ही रहने लगी थी लेकिन वह बहुत ज्यादा परेशान रहती वह अक्सर इस बात को लेकर मुझसे बात कर लिया करती थी।

दीदी कुछ समय तक घर पर ही रही लेकिन अब वह नौकरी करने लगी थी। दीदी को कभी भी किसी ने यह एहसास नहीं होने दिया था की वह अकेली हैं हम सब लोग दीदी के साथ हमेशा ही खड़े थे इस वजह से दीदी भी बहुत ज्यादा खुश रहती। हम लोग दीदी को हमेशा ही खुश रखने की कोशिश किया करते। एक दिन हमारा पूरा परिवार घूमने के लिए शिमला गया हुआ था काफी समय हो गया था हम लोग कहीं घूमने के लिए भी नहीं गए थे। पापा भी अपने ऑफिस से रिटायर हो चुके थे और पापा के रिटायर होने के बाद हम लोग घूमने के लिए गए। जब हम लोग घूमने के लिए गए तो उस दौरान हम लोगों को बहुत ही अच्छा लगा और हम लोगों ने शिमला में खूब इंजॉय किया। अब हम लोग शिमला से वापस लौट आए थे हम लोग शिमला से वापस लौटे तो उसके बाद मुझे अपने ऑफिस के काम के सिलसिले में दिल्ली जाना था। जब मैं दिल्ली गया तो दिल्ली में मैं मामा जी के घर पर ही रहने वाला था और मैं उनके घर पर ही रुका हुआ था।

मैं जब अपने काम से वापस लौट रहा था तो मुझे एक लड़की दिखाई दी वह भी मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी और मुझे भी वह काफी पसंद आई। हालांकि उस दिन तो हमारी बात नहीं हो पाई लेकिन मैंने उस लड़की से बात की और उसका नाम सुजाता है। सुजाता से बात कर के मुझे बहुत ही अच्छा लगा और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी। सुजाता और मैं एक दूसरे के साथ अगले दिन कॉफी शॉप में मिले मुझे काफी अच्छा लग रहा था कि मैं सुजाता के साथ अच्छा समय बिता पा रहा हूं और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी। उस दिन मैंने उसके साथ बहुत अच्छा समय बिताया फिर अगले दिन मैं सुजाता को मिला मैंने उससे कहा कि कल मैं जयपुर चला जाऊंगा तो वह मुझे कहने लगी कि ठीक है हम लोग फोन पर बातें करेंगे। उसके अगले दिन मैं जयपुर चला गया था। हम दोनों की उस बीच में मुलाकात नहीं हुई थी लेकिन इतने कम समय में ही मैंने सुजाता का दिल जीत लिया था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी।

हम दोनों फोन पर बातें करने लगे थे हमारी बातें फोन पर होने लगी थी और मुझे बहुत ही अच्छा लगता जब भी हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बातें किया करते और मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं। सुजाता और मैं अब एक दूसरे से प्यार भी करने लगे थे। सुजाता के साथ जिस तरीके से मैं रिलेशन में था उससे मुझे अच्छा लगता। हम एक दूसरे से दूर जरूर है लेकिन फिर भी हम लोग एक दूसरे से फोन पर बात कर लिया करते हैं। मुझे सुजाता के साथ बातें करना बहुत ही अच्छा लगता है और वह भी बहुत ज्यादा खुश रहती है जब भी वह मुझसे बातें किया करती है। हम दोनों का रिलेशन बहुत ही अच्छे से चल रहा है मैं सुजाता को काफी समय से मिल नहीं पाया था क्योंकि मैं अपने ऑफिस के काम में बिजी था इसलिए उससे मेरी मुलाकात नहीं हो पाई थी। एक दिन सुजाता और मैं बात कर रहे थे तो उसने मुझे कहा कि हम लोग काफी समय से एक दूसरे को नहीं मिल पाए हैं मैं तुमसे मिलना चाहती हूं।

मैंने उससे कहा कि हां जरूर मैं तुमसे जल्दी ही मिलूंगा। कुछ समय बाद मैं अपने ऑफिस से छुट्टी लेना चाहता था और सुजाता को मिलना चाहता था। मैंने जब यह बात सुजाता को बताई तो वह बहुत ही ज्यादा खुश थी और वह मुझे कहने लगी कि हम लोग जल्द ही एक दूसरे से मुलाकात करेंगे। हम दोनों एक दूसरे से मुलाकात करना चाहते थे मैं सुजाता से बहुत ज्यादा प्यार करता हूं और वह भी मुझसे बहुत ज्यादा प्यार करती है। जिस दिन हम दोनों की फोन पर बातें नहीं होती थी उस दिन मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था। मैं जब सुजाता से बात करता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। उस दिन सुजाता और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे हम दोनों को एक दूसरे से बातें करना बहुत ही अच्छा लगता है। मैंने अपने ऑफिस से कुछ दिन के लिए छुट्टी नहीं ली थी और मैंने जब सुजाता को यह बताई तो वह बहुत ज्यादा खुश थी। अब मैं कुछ दिनों के लिए दिल्ली चला गया था जब मैं दिल्ली गया तो उस दिन सुजाता और मैं एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे। हम दोनो एक दूसरे से बातें कर रहे थे लेकिन मेरा मन उस दिन सुजाता के साथ रूकने का था।

सुजाता ने भी मेरी बात मान ली और हम दोनों ने होटल में रूम ले लिया। हम दोनों साथ में रुकने वाले थे मैं बहुत ज्यादा खुश था सुजाता के साथ में उस रात रुकने वाला था। मैं उसके साथ अपनी रात को रंगीन बनाना चाहता था। जब सुजाता मेरे साथ बैठी हुई थी तो मैं उसके बदन को महसूस कर रहा था और वह भी गर्म होती जा रही थी। उसकी गर्मी बढ़ने लगी थी और मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही थी। मैंने उसे कहा मेरी गर्मी बढ़ने लगी है मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने सुजाता के कपड़े उतारते हुए उसके होंठों को चूमना शुरू किया। मैं उसके होठों को महसूस कर रहा था मुझे बहुत ही अच्छा लगा अच्छा लगा मैं जब उसके होंठो को चूम रहा था। मुझे सुजाता के होठों को चूमने में बहुत ही मजा आ रहा था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से मैं उसके नरम होठों को चूम रहा था। मैंने अपने मोटे लंड को जब सुजाता के सामने किया था तो वह मेरे लंड को अच्छे से चूसने लगी थी।

वह मेरे लंड को सकिंग कर रही थी तो मेरी गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैं अपने आपको रोक नहीं पा रहा था और ना ही सुजाता अपने आपको रोक पा रही थी। मैंने उसके स्तनों को बहुत देर तक चूसा उसके निप्पल को चूसने में मुझे मजा आ रहा था। उसके स्तनों को चूसकर मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ को लगाया और उसकी योनि को चाटना शुरू कर दिया था। यह मेरे लिए बहुत ही अच्छा था उसकी गर्मी बढ़ती जा रही थी और मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैंने अब सुजाता की चूत के अंदर अपने मोटे लंड को डालने का फैसला कर लिया था और उसकी योनि में मेरा मोटा लंड जाते ही वह जोर से चिल्लाने लगी और कहने लगी मेरी चूत में दर्द होने लगा है। मैंने जब सुजाता की योनि की तरफ देखा तो उसकी योनि से खून बाहर निकल रहा था और मेरी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी।

हम दोनों की गर्मी बढ चुकी थी। मैंने सुजाता को कहा मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है वह मुझे कहने लगी मुझसे भी बिल्कुल रहा नहीं जा रहा है। हम दोनों रह नहीं पा रहे थे ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था और ना ही सुजाता अपने आपको रोक पा रही थी। मैंने उसे और भी तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए थे। मेरे धक्कों में तेजी आती जा रही थी और सुजाता के साथ में बड़े अच्छे तरीके से सेक्स की मजे ले रहा था। मैंने उसकी चूत की गर्मी को शांत कर दिया था। उसकी चूत की गर्मी बढ रही थी। सुजाता और मैंने एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स के मजे लिए और जिस तरीके से हम लोगों ने सेक्स किया वह हम दोनों के लिए बहुत ही अच्छा था। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और सुजाता के साथ में अच्छे से सेक्स के मज़े ले पाया था। जिस तरीके से मैंने उसे चोदा था उससे वह बहुत ज्यादा ज्यादा खुश थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था। हम लोगों ने उस रात बहुत ही ज्यादा एंजॉय किया और मुझे बहुत ही अच्छा लगा था।