प्यार गहरा हो गया


Antarvasna, hindi sex story: हमारे पड़ोस में ही महिमा रहती है महिमा और मैं बचपन से ही साथ में पढ़ते आए हैं और अब मैं जॉब करने लगा हूं महिमा भी एक अच्छी कंपनी में जॉब करती है हम लोगों की मुलाकात सिर्फ छुट्टी के दिन ही हो पाती है महिमा मेरी बहुत अच्छी दोस्त हैं। इसी दौरान एक दिन मैंने महिमा से मिलने का फैसला किया जब मैं महिमा से मिला तो महिमा ने मुझे कहा कि रोहित तुम काफी दिनों बाद मुझे मिल रहे हो। मैंने महिमा से कहा तुम तो जानती ही हो कि ऑफिस के काम से बिलकुल भी फ्री नहीं हो पाता हूं और आज छुट्टी थी तो सोचा तुमसे मुलाकात कर लेता हूं। महिमा ने कहा कि तुमने यह बहुत ही अच्छा किया जो आज मुझसे मिलने के लिए घर पर ही आ गए। महिमा ने मुझसे कहा क्या तुम्हारे घर पर सब लोग ठीक हैं तो मैंने महिमा को कहा हां मम्मी पापा तो ठीक हैं और भैया भी आजकल अपने ऑफिस के काम के सिलसिले में कहीं बाहर गए हुए हैं भाभी अपने मायके गई हुई है।

महिमा कहने लगी कि काफी दिन हो गए जब मैं आंटी से भी नहीं मिल पाई। महिमा का हमारे घर पर आना कम होता है इस वजह से वह मम्मी को भी नहीं मिल पाई मैंने उसे आकांक्षा के बारे में बताया। मैंने जब महिमा को आकांक्षा के बारे में बताया तो महिमा मुझसे कहने लगी कि आकांक्षा से तुम्हारी मुलाकात कहां हुई। मैंने महिमा से कहा आकांशा से मेंरी मुलाकात मेरे ही ऑफिस में हुई वह मेरे ऑफिस में जॉब करती है। महिमा कहने लगी चलो यह तो बड़ी अच्छी बात है कि तुमने भी अब अपना लाइफ पार्टनर चुन लिया है लेकिन मैं इस बात से बिल्कुल अनजान था की महिमा मुझसे प्यार करती है मुझे यह बात कभी पता ही नहीं थी। महिमा ने उस वक्त मुझे कुछ भी नहीं कहा और जैसे उसने अपने अरमानों का गला घोट दिया था मैं महिमा के साथ काफी देर तक बैठा रहा लेकिन मैं इस बात को जान ही नहीं पाया की महिमा के दिल में क्या चल रहा है।

मैंने महिमा से कहा कि मैं अब मैं चलता हूं महिमा कहने लगी कि रोहित ठीक है मैं तुमसे मिलने के लिए आउंगी। मैंने महिमा को कहा ठीक है और उसके बाद मैं अपने घर लौट आया था मैं जब अपने घर लौटा तो आकांक्षा का फोन मेरे नंबर पर आया और मैंने आकांक्षा से फोन पर बात की। काफी देर तक हम लोग फोन पर एक दूसरे से बात करते रहे क्योंकि अभी हमारा नया नया प्यार ही शुरू हुआ था और हम लोग एक दूसरे से फोन पर काफी बातें किया करते। आकांक्षा से बात कर के मैं बहुत खुश था और देर रात तक हम लोगों ने फोन पर बात की फोन पर बात करते हुए ना जाने कब मुझे नींद आ गई कुछ पता ही नहीं चला। मैं सो चुका था और उसके बाद सुबह जब मेरी आंख खुली तो मुझे ऑफिस जाने के लिए देर हो गई थी मेरी मम्मी ने पूछा उठाया और कहने लगी कि बेटा तुम काफी देर तक सो रहे हो। मैं उठा और जल्दी से मैं तैयार हुआ जैसे ही मैं तैयार हुआ तो माँ ने मेरे लिए नाश्ता लगा दिया था और उसके बाद मैं नाश्ता कर के अपने ऑफिस के लिए निकल गया। मैं जब ऑफिस पहुंचा तो मुझे ऑफिस पहुंचने में थोड़ा देर हो गई थी और आकांक्षा ने मुझसे कहा कि रोहित तुम आज देर से आ रहे हो। मैंने आकांशा को कहा सुबह मेरी आंख ही नहीं खुल पाई। जब ऑफिस से हम दोनों घर के लिए निकल रहे थे तो आकांक्षा ने मुझे कहा कि हम लोग थोड़ी देर के लिए कहीं बैठ जाटे है मैंने उससे कहा ठीक है। हम लोग कॉफी शॉप में बैठ गए और वहां पर हम दोनों आपस में बातें करने लगे हम दोनों आपस में बातें कर रहे थे तो मैंने आकांक्षा से पूछा क्या तुमने हम दोनों के रिलेशन के बारे में किसी को बताया है। वह मुझे कहने लगी कि नहीं मैंने हम दोनों के रिलेशन के बारे में किसी को भी अभी तक कुछ नहीं बताया, मैंने आकांशा को कहा कि तुमने बहुत ही अच्छा किया। आकांक्षा ने मुझसे भी पूछा क्या तुमने हम दोनों के बारे में किसी को बताया तो मैंने उसे कहा कि हां मैंने महिमा को इस बारे में बताया है। आकांक्षा महिमा के बारे में जानती नहीं थी तो आकांक्षा ने मुझसे पूछा कि यह महिमा कौन है तो मैंने आकांक्षा को बताया महिमा हमारे पड़ोस में रहती है वह मेरी बहुत ही अच्छी दोस्त है हम लोग बचपन से साथ में ही पढे है मैंने इस बारे में महिमा को बताया है।

आकांक्षा ने मुझसे कहा कि मैं महिमा से मिलना चाहती हूं मैंने आकांशा को कहा ठीक है मैं इस बारे में महिमा से बात करूंगा यदि उसके पास समय होगा तो हम लोग महिमा से मिलेंगे। मैंने इस बारे में जब महिमा से बात की तो महिमा मुझे कहने लगी कि रोहित अभी तो मैं आकांक्षा से मिल नहीं पाऊंगी क्योंकि ऑफिस में कुछ ज्यादा काम है। मैंने उससे कहा ठीक है जब तुम्हारे पास समय होगा तो तुम मुझे बताना महिमा ने कहा ठीक है मैं तुम्हें बता दूंगी। एक दिन महिमा ने मुझे फोन किया और मुझे कहने लगी कि अभी तुम कहां हो मैंने उसे कहा मैं तो अभी घर पर ही हूं। महिमा ने मुझसे कहा मैं आकांक्षा को मिलना चाहती हूं उस दिन जब मैंने महिमा को जब आकांशा से मिलाया तो महिमा ने आकांक्षा से बड़े अच्छे से बात की और आकांक्षा भी महिमा से मिलकर बहुत खुश थी  हम लोग ज्यादा समय तक साथ में नहीं बैठे क्योंकि महिमा को कहीं जाना था और महिमा उस दिन चली गई। अगले दिन आकांक्षा मुझसे कहने लगी की महिमा बहुत ही अच्छी है सब कुछ बड़े ही अच्छे से चल रहा था लेकिन मुझे नहीं पता था कि मेरे जीवन में अब बहुत ही बड़ा भूचाल आने वाला है।

आकांक्षा ने मेरे बारे में जब अपने परिवार वालों को बताया तो जैसे वह लोग तो इस बात को चाहते ही नहीं थे और उन्होंने आकांक्षा का ऑफिस आना भी बंद करवा दिया। मैं आकांक्षा को फोन करता रहा लेकिन आकांक्षा ने मेरा फोन ही नहीं उठाया मैं आकांक्षा को मिलना चाहता था और आकांक्षा के लिए तड़प रहा था लेकिन आकांक्षा का कोई भी पता नहीं था इस दौरान महिमा ने मेरा बहुत साथ दिया और इस बात को करीब 3 महीने बीत चुके थे। एक दिन जब आकांक्षा ने मुझे फोन किया और उसने मुझे बताया कि उसने अब सगाई कर ली है तो इस बात से मैं टूट चुका था और मुझे लगा कि जैसे मेरी सारी दुनिया ही खत्म हो गई है लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि महिमा मेरा साथ देगी और उस वक्त मुझे एहसास हुआ कि महिमा मुझसे प्यार करती है। एक दिन मैंने यह सवाल महिमा से पूछ लिया तो महिमा ने मुझे कहा कि हां मैं तुमसे प्यार करती हूं। महिमा ने जब मुझे यह बात बताई तो मैं खुश हो गया और मुझे लगा की महिमा के साथ ही मुझे अपने जीवन की शुरुआत करनी चाहिए। हम दोनों की प्यार की कहानी अब शुरू हो चुकी थी महिमा ने जिस प्रकार से मेरा साथ दिया उस से मै बहुत खुश था उसने आकांक्षा की कमी को पूरा कर दिया था। महिमा और मैं एक दूसरे से मिला करते अब महिमा मेरे जीवन में बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई थी। एक दिन हमारे घर पर कोई भी नहीं था उस दिन महिमा मुझसे मिलने के लिए आई हुए थी। महिमा मुझसे मिलने के लिए आई तो उससे पहले हम दोनों के बीच एक दो बार किस हो चुका था लेकिन उसके आगे बात नहीं बढ़ पाई थी। उस दिन शायद हम दोनों के पास बहुत ही अच्छा मौका था और महिमा के साथ में सेक्स करने के लिए तैयार हो चुका था। पहले तो महिमा इस बात के लिए मुझे मना कर रही थी लेकिन फिर महिमा भी शायद अपने आपको रोक ना पाई और महिमा ने जब मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर हिलाना शुरू किया तो मैं समझ गया कि वह अपनी चूत मे लंड लेने के लिए तैयार है।

महिमा ने बहुत देर तक मेरे लंड को हिलाया और आखिरकार उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में ले लिया  उसने जब मेरा मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया था मुझे बहुत ही मजा आने लगा वह बड़े ही अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी। बहुत देर तक उसने मेरे लंड का रसपान किया फिर उसने मुझे कहा तुम मेरे बदन को महसूस कर लो। मैंने भी उसके बदन को पूरी तरीके से महसूस करना शुरू किया और उसको मैंने पूरी तरीके से उत्तेजित कर दिया था। महिमा की चूत पर जब मैंने अपने लंड को लगाया तो उसकी चूत से बहुत ज्यादा गर्म पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था और उसकी गर्मी इस कदर बढ़ रही थी कि उसने मेरे लंड को चूत में घुसाने की कोशिश की लेकिन मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत में अपने लंड को जब डालना शुरू किया तो वह जोर से चिल्लाने लगी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैंने भी अब उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए थे। मैं जिस गति से उसको चोद रहा था उससे वह और भी ज्यादा खुश हो रही थी।

वह मुझे कहने लगी मैं शायद अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाऊंगी। मैं उसकी चूत के अंदर बाहर लंड को कर रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही मजा आ रहा है मैंने उसे बहुत देर तक चोदा। जब उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही गर्म पानी बाहर निकलने लगा तो मैंने महिमा की चूत क तरफ देखा उसकी चूत से खून बाहर की तरफ निकल रहा था। वह मुझे कहने लगी मेरी चूत से खून निकल रहा है। मैंने उसे कहा तुम डरो मत वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी और उसने मेरा साथ बड़े अच्छे से दिया। उसने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया जब मेरा माल बाहर की तरफ को गिरने वाला था तो मैंने उसे कहा मेरा वीर्य गिरने वाला है। उसने मुझे कहा तुम अपने वीर्य को मेरे ऊपर ही गिरा दो मैंने अपने वीर्य को उसके ऊपर ही गिरा दिया। मैंने महिमा की सील तोड़ दी थी वह इस बात से बहुत खुश थी उसके बाद हम दोनों के बीच प्यार और भी ज्यादा गहरा हो गया।


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