पेलकर पूरे मजे लूट लिए


Antarvasna, kamukta: कुछ समय तक दिल्ली में नौकरी करने के बाद मैं अब कोलकाता चला गया कोलकाता में मुझे एक कंपनी में अच्छी जॉब मिल चुकी थी और मैं कोलकाता में ही रहने लगा। कोलकाता में रहने के दौरान ही मेरी मुलाकात पायल के साथ हुई तो मुझे पायल का साथ बहुत ही अच्छा लगने लगा और वह भी मेरे साथ बहुत खुश थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते। एक दिन मैं और पायल साथ में थे उस दिन जब मैंने पायल को अपने दिल की बात कही तो उसने मुझे बताया कि रोहन मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती। मैंने उससे कहा कि लेकिन ऐसा क्यों मैं तो पायल से शादी करने के सपने देख चुका था लेकिन जब उस दिन पायल ने मुझे बताया कि उसके पापा उसकी शादी किसी और से ही करवाना चाहते हैं तो मेरा दिल जैसे टूट गया और मैं इसी गम में था कि आखिर मुझे क्या करना चाहिए। हालांकि पायल मुझसे प्यार जरूर करती थी लेकिन वह अपने परिवार वालों के खिलाफ जाकर मुझसे शादी नहीं करना चाहती थी इसलिए उसने मुझसे शादी नहीं की और उसकी शादी कहीं और हो गई।

जब उसकी शादी हो गई तो मैंने भी अपनी जॉब से रिजाइन दे दिया और मैं कुछ समय के लिए अपने घर आ गया। मैं अपने घर नागपुर में काफी समय तक रहा उसके बाद मैंने नागपुर में ही कंपनी में जॉब करने की सोची। मेरे बड़े भैया की शादी भी तय हो चुकी थी और शादी के दौरान मेरी मुलाकात कविता के साथ हुई। कविता से जब मैं मिला तो मुझे कविता का साथ पाकर अच्छा लगा और वह भी मेरे साथ बहुत खुश थी हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश थे। हम एक दूसरे को ज्यादा से ज्यादा समय देने की कोशिश करने लगे थे मैंने उसे पायल के बारे में सब कुछ बता दिया था कविता ने भी मुझे बताया कि उसकी सगाई पहले भी टूट चुकी है। मैंने कविता से पूछा की तुम्हारी सगाई टूटने का कारण क्या था तो उसने मुझे बताया कि उसके उसके पापा ने दहेज देने से मना कर दिया था। मैंने उसे कहा कि कविता मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं लेकिन हम दोनों पहले एक दूसरे को समझना चाहते थे हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छे से समय बिताने की कोशिश किया करते। इस दौरान एक दिन मुझे कविता ने बताया कि उसकी जॉब मुंबई में लग चुकी है मुंबई की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में कविता की जॉब लगने के बाद वह चली गई।

मैं नागपुर में ही था लेकिन हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बातें किया करते थे मैं कविता से हर रोज फोन पर बातें किया करता लेकिन कविता तो कुछ ज्यादा ही बिजी होने लगी थी इसलिए वह मेरे लिए बिल्कुल भी समय नहीं निकाल पाती थी। एक दिन मैंने कविता से कहा कि मुझे तुमसे मिलना है तो वह मुझे कहने लगी कि लेकिन अभी यह कैसे संभव हो सकता है क्योंकि मैं तो अपनी जॉब पर हूं और मेरे पास बिल्कुल भी समय नहीं है। मैंने उससे कहा ठीक है मैं कोशिश करता हूं कि अगर मैं तुमसे मिलने के लिए मुंबई आ पाया तो हम लोग मुंबई में ही मुलाकात करेंगे। इस बात से कविता मुझे कहने लगी ठीक है अगर तुम मुंबई आओगे तो मुझसे जरूर मिलना मैंने उससे कहा अगर मैं मुंबई आऊंगा तो सिर्फ तुमसे ही मिलने के लिए तो आऊंगा। मैं कुछ दिनों बाद कविता से मिलने के लिए मुंबई चला गया मुंबई में ही हमारे रिश्तेदार रहते हैं उनके घर पर मैं कुछ दिन तक रुका। मेरी मुलाकात जब कविता से हुई तो वह भी बड़ी खुश थी कविता से मैं मिला तो मैंने भी उसे देखते ही गले लगा लिया वह मुझे कहने लगी कि मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब तुम मुझे मिलते हो। हम दोनों का प्यार पूरी तरीके से परवान चढ़ने लगा था और मुझे भी लगने लगा था कि मुझे कविता से जल्दी शादी कर लेनी चाहिए। कविता से मैंने इस बारे में कहा कि मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं तो वह मुझे कहने लगी कि अगर हम दोनों जल्दी ही शादी कर ले तो हम दोनों के लिए ही यब ठीक रहेगा। हम दोनों ने जल्दी शादी करने का फैसला कर लिया था लेकिन कविता अपनी जॉब छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी वह चाहती थी कि वह अपनी जॉब जारी रखें। मैंने उससे कहा कि लेकिन तुम्हें अपनी जॉब तो छोड़नी पड़ेगी आखिर उसने मुझे मना ही लिया और हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया था लेकिन वह जॉब छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी और फिर मैंने भी उसे कुछ नहीं कहा। हम दोनों के परिवार वालों को हमारे इस रिश्ते से कोई भी परेशानी नहीं थी कविता चाहती थी कि हमारी शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी ना रह जाए इसलिए हम लोगों ने अपनी शादी बड़े ही धूमधाम से की।

कविता ने अपने सारे दोस्तों को बुलाया था और उसके दोस्त जो की उसके साथ मुंबई में जॉब करते हैं वह लोग भी हमारी शादी में आए हुए थे। हमारी शादी बड़े ही धूमधाम से हुई और अब हम दोनों विवाह के बंधन में बन चुके थे मैं बहुत ही ज्यादा खुश था कि अब कविता मेरी पत्नी बन चुकी है। हम दोनों जल्द ही हनीमून के लिए दुबई जाने वाले थे दुबई की टिकट कविता ने ही करवाई थी वह चाहती थी कि हम लोग दुबई जाएं अब हम लोग  दुबई चले गए थे कुछ दिनों के लिए हम लोग दुबई में ही रहने वाले थे। हम दोनों की नई नई शादी हुई थी इसलिए हम लोगों पूरी तरीके से इंजॉय करना चाहते थे। हम लोग दुबई मे अपने हनीमून को इंजाए कर रहे थे। उस रात जब कविता नाइटी मे थी तो उसको देखकर मुझे अच्छा लग रहा था मैने उसके हाथ को पकडते हुए अपनी और खीच लिया। मैने उसके होठो को अपनी उंगली से महसूस किया और उसके स्तनो को दबाने लगा वह बोलने लगी यह क्या कर रहे हो।

मैने उसे कुछ नही कहा अब हम दोनों एक दूसरे को होठों को चूमने लगे। मुझे मज़ा आने लगा था मेरे अंदर गर्मी बढ़ने लगी थी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मै उसके स्तनो को दबा रहा था उसने मेरे लंड को बाहर निकाल लिया था और उसे हिलाने लगी जब उसने अपने मुंह के अंदर लंड को समाया तो मेरे लंड को वह अच्छे तरीके से चूसने लगी मेरे लंड को वह जिस प्रकार से चूस रही थी उससे मुझे मज़ा आ रहा था वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। वह तडप रही थी वह अपनी चूत मे उंगली डाल रही थी उसने मुझे कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मुझसे अब रहा नही जा रहा है मैने कविता को कहा कपडे उतार दो उसने कपडे उतार दिए मैने कविता की पैंटी को उतारा तो मैंने उसकी चूत को देखा उसकी चूत से पानी निकल रहा था। उसकी चूत को चाटने का मेरा मन होने लगा मैने उसकी चूत को चाटकर पूरी तरीके से चिकना बना दिया था। मै उसकी चूत को चाटे जा रहा था उसकी चूत का लावा बाहर निकल रहा था और मेरी गर्मी को वह बढा रही थी। अब मुझसे रहा नही गया मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सटाया तो उसकी चूत से पानी बाहर निकल रहा था मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था उसकी चूत से इतना अधिक पानी निकलने लगा कि मेरे अंदर की आग पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी। मैंने उसके पैरो को खोला और एक झटके में कविता की चूत के अंदर लंड को घुसेड डाला। मेरा लंड उसकी चूत में फाडता हुआ घुसा तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था। मैं उसको बड़ी तेज गति से धक्के मारने लगा था मुझे उसको चोद कर बहुत मजा आ रहा था। अब उसने मेरे अंदर की आग को बढा दिया था मेरे अंदर की गर्मी भी अब बढ चुकी थी मैंने कविता को कहा मुझे मजा आ रहा है। वह अपने पैरो को खोल कर मुझे कहती और तेजी से चोदो जानू मैंने उसको बहुत देर तक चोदा।

मेरा लंड भी छिल चुका था वह झडने वाली थी उसने मुझे अपने पैरों के बीच में कसकर जकडना शुरू किया तो उसकी चूत का गरम लावा बाहर आने लगा था मैंने अपने वीर्य की पिचकारी को कविता की चूत मे गिरा दिया तो वह खुश हो गई थी और मुझसे चिपक कर लेटी हुई थी।  हम दोनो लेटे हुए थे और हम दोनो एक दूसरे से बात कर रहे थे। मैने उसकी चूतडो पर हाथ रखा तो मेरी आग बढने लगी। मैने उसकी चूतडो को अपने हाथ से दबाया तो मुझे बहुत ही मजा आ रहा था मैंने उसको कहा मुझे तुम्हे चोदना है। मैने उसकी चूत पर अपने लंड को सटाया जैसे ही मैंने उसको घोडी बना दिया मैने उसकी चूत पर अपने लंड को सटाया तो उसे मज़ा आने लगा था। मैने कविता की चूत  पर अपने लंड को लगाया और धक्का दिया उसकी चूत के अंदर मेरा लंड गया तो मै उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करने लगा। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मै कविता की चूत का मजा जमकर ले रहा था।

कविता की चूत का मजा लेकर मैंने उसको भी पूरी तरीके से गर्म कर दिया था मैंने उसको तब तक चोदा जब तक वह पूरी तरीके से संतुष्ट नहीं हो गई थी। वह बहुत तेज सिसकिंया लेने लगी वह मुझे भी गरम कर रही थी और मुझे उसको धक्के मारने मे मजा आ रहा था। वह भी मुझसे अपनी चूतड़ों को मिलाने की कोशिश कर रही थी उसकी चूतड़ों पर मेरा लंड टकराता तो उसे और भी मजा आता मेरा लंड उसकी चूतडो से टकरा रहा था मुझे मजा आ रहा था। मेरे अंदर अब और भी उत्तेजना पैदा हो रही थी वह बहुत खुश थी मैं अपने माल को उसकी चूत के अंदर गिराया अब कविता ने मेरे लंड को दोबारा चूसना शुरु कर दिया था उसको मजा आ रहा था और मुझे भी मजा आ रहा था। मै बहुत ज्यादा तडप रहा था वह भी तडप ऊठी थी उसने मेर माल को अपने मुंह मे ले लिया था। दुबई में हम लोग जितने दिन भी रुके उतने दिनो तक हम लोगो ने अच्छे से एक दूसरे के साथ अच्छे से समय बिताया और फिर हम लोग वापस लौट आए थे हम दोनों अपनी शादीशुदा जिंदगी को बड़े ही अच्छे से इंजॉय कर रहे हैं।


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