पत्नी चुदी पड़ोसी से


Hindi sex story, kamukta मैं चंडीगढ़ का रहने वाला हूं मैं चंडीगढ़ मैं जिस कॉलोनी में रहता हूं वहां पर सब लोग एक दूसरे की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं हमारी कॉलोनी में हम लोगो के एक दूसरे के साथ अच्छे संबंध है। एक दिन हमारी कॉलोनी में मीटिंग होती है उस दिन मेरी मुलाकात हमारी कॉलोनी में रहने वाले प्रदीप जी से होती है उनसे मेरी मुलाकात उस दिन पहली बार ही हुई थी क्योंकि वह लोग पहले विदेश में रहते थे और अब वह चंडीगढ़ में ही सेटल हो चुके हैं। उन लोगों ने काफी पहले ही अपना घर बनवा लिया था लेकिन प्रदीप जी विदेश में नौकरी करते थे इसलिए उन्होंने अपने चंडीगढ़ के घर को अपने किसी परिचित को किराए पर दिया हुआ था। मैं जब उनसे पहली बार मिला तो मुझे उनसे मिलकर अच्छा लगा धीरे-धीरे हम लोगों की पहचान बढ़ने लगी प्रदीप जी ने एक दिन हम लोगों को अपने घर पर इनवाइट किया।

मैं और मेरी पत्नी पहली बार उन लोगों के घर पर गए हम पहली बार ही उनकी पत्नी महिमा से मिले प्रदीप जी ने हम दोनों से कहा कि क्या आप दोनों ने लव मैरिज की है मैंने उनसे कहा हां हम दोनों में लव मैरिज की थी। हम दोनों की मुलाकात पहली बार कॉलेज में ही हुई थी उसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे से शादी करने के बारे में सोच लिया था इसलिए हम दोनों ने जल्दी शादी कर ली। हालांकि हमारे परिवार वाले हम दोनों के खिलाफ थे लेकिन उसके बावजूद भी हम दोनों ने शादी की। जब हम दोनों की शादी हो गई उसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे का साथ बखूबी निभाया और आज हमारी शादी को 6 वर्ष हो चुके हैं। हम दोनों एक दूसरे का साथ हमेशा ही देते हैं प्रदीप जी कहने लगे आप दोनों से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई उसके बाद हमारा और उनका मिलना अक्सर होता रहा, हम दोनों परिवार के बीच में बहुत अच्छे संबंध बन चुके थे। एक दिन मुझे प्रदीप जी मिले तो उस दिन वह मुझे कहने लगे मैं और महिमा सोच रहे थे कि कहीं घूमने का प्लान बना लिया जाए तो क्या आप भाभी से बात करेंगे। मैंने उनसे कहा हां क्यों नहीं  मैं आज ही शोभिता से बात कर लेता हूं, मैंने उसी दिन शोभिता से बात की और उसे बताया कि मुझे प्रदीप जी मिले थे और वह कहने लगे कि हम लोग कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं। मैंने जब यह बात शोभिता को बताई तो वह खुश हो गई और कहने लगी काफी समय से हम लोग कहीं घूमने भी नहीं गए थे तो इसी बहाने चलो घूमने का मौका तो मिलेगा।

मुझे शोभिता कहने लगी लेकिन हम लोग घूमने के लिए कहां जाने वाले हैं मैंने शोभिता को बताया और कहा हम लोग विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं। प्रदीप जी की बहन इंग्लैंड में रहती है तो वह मुझे कह रहे थे कि हम लोग इंग्लैंड घूमने का प्लान बनाते हैं। सब लोग तैयार थे और हम लोगों ने इंग्लैंड जाने की तैयारी कर ली जब हम लोग फ्लाइट से इंग्लैंड गए तो वहां पर पहुंचते ही सब लोग बहुत खुश हुए। मैं भी पहली बार ही विदेश घूमने के लिए जा रहा था क्योंकि उससे पहले मुझे कभी भी आज तक विदेश घूमने का मौका नहीं मिल पाया था लेकिन प्रदीप जी की वजह से ही यह संभव हो पाया था। हम लोग एयरपोर्ट पर थे तो उनकी बहन ने हमारे लिए कार भिजवा रखी थी उनकी बहन का इंग्लैंड में परफ्यूम का बिजनेस है वह खुद ही परफ्यूम बनाते हैं उनका परफ्यूम का काफी अच्छा ब्रांड है जो कि इंग्लैंड में अच्छा चलता है। जब हम लोग उनके घर पहुंचे तो उनका घर काफी अच्छा था और हम लोग उनके घर पर ही रुकने वाले थे प्रदीप जी ने मेरे और शोभिता के बारे में उन्हें पहले ही बता दिया था। हम सब साथ में बैठे हुए थे तो प्रदीप जी की बहन हर्षिता ने मुझसे पूछा आप क्या करते हैं मैंने उन्हें बताया कि मेरी एक फैक्ट्री है वहां मैं शर्ट बनाने का काम करता हूं वह कहने लगे चलिए तब तो आप से काफी कुछ चीजें सीखने को मिलेगी। हर्षिता और उसके पति मिलकर अपने बिजनेस को चलाते हैं उन लोगों ने हमारी बहुत ही अच्छे से खातिरदारी की और हम लोगो ने काफी समय तक वहां इंजॉय किया।

जब हम लोग वापस आ गए तो काफी दिनों तक इसी बात को लेकर चर्चाएं होती रही कि वहां पर कितना अच्छा था और यहां तो बिल्कुल मन ही नहीं लग रहा है लेकिन हर्षिता ने हम लोगों की काफी मदद की थी उसने अपना समय निकालकर हम लोगों को अच्छे से घुमाया ताकि हमें कोई तकलीफ ना हो। मैं एक दिन घर पर ही था तभी मेरे फोन पर एक अननोन नंबर से कॉल आया मैंने जब वह फोन उठाया तो वह कहने लगे क्या आप रमनजीत जी बोल रहे हैं। मैंने उन व्यक्ति से कहा कि हां मैं रमनजीत बोल रहा हूं आप बताइए क्या कुछ जरूरी काम था वह कहने लगे हां सर हमें आपसे मिलना था। मैंने उन्हें कहा क्या आपको मुझसे किसी काम से मिलना था वह कहने लगे हां हमें दरअसल शर्ट का ऑर्डर देना था और हमने सुना है कि आप यह काम काफी समय से कर रहे हैं, क्या हम लोग मिलकर बात कर सकते हैं। मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं आपसे मिलने के लिए आ जाता हूं मैं उनसे मिलने के लिए चला गया जब हम लोगों की मीटिंग हुई तो उस वक्त मैंने उन्हें बताया कि मैं यह काम काफी समय से कर रहा हूं और मैंने उन्हें कुछ शर्ट के सैंपल भी दिखाएं उन्हें वह बहुत पसंद आये। वह कहने लगे आप हमारी बताई हुई शर्ट को बना दीजिए मैंने उनसे कहा हां क्यों नहीं आप लोग एक दिन फैक्ट्री में ही आ जाइए और वहां पर आप अपने हिसाब से डिजाइन दे लीजिए। हम लोगों ने उसके बाद काम शुरू करवा दिया काम काफी ज्यादा था और मेरे पास बहुत ज्यादा डिमांड आ रही थी इसलिए मुझे कुछ लोगों को और रखना पड़ा। अब मैं जल्दी ही उनका ऑर्डर देने लगा और मेरा उनके साथ एक अच्छा रिलेशन बन गया वह लोग भी मेरे काम से बहुत खुश थे मुझे उसके बाद उन्होंने और भी ज्यादा काम दिया।

सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा था और मैं बहुत खुश था क्योंकि मुझे गर्मी की शुरुआत में ही अच्छा मॉडल मिल चुका था जिससे कि मुझे अब ज्यादा दिक्कत नहीं होने वाली थी। उसी बीच एक दिन मुझे प्रदीप जी मिले वह कहने लगे हर्षिता और उसके पति कुछ दिनों के लिए यहां आने वाले हैं मैंने उन्हें कहा वह लोग कब आएंगे तो वह कहने लगे बस कुछ दिनों बाद ही वह लोग यहां आ जाएंगे और कुछ समय तक वह चंडीगढ़ में ही रहने वाले हैं। मैंने प्रदीप जी से कहा जब भी वह लोग आए तो आप जरूर मुझे बता दीजिएगा वह कहने लगे हां क्यों नहीं जब वह लोग आएंगे तो मैं आपको जरूर बताऊंगा हर्षिता भी मुझसे आप लोगों के बारे में पूछ रही थी। कुछ ही दिनों बाद हर्षिता और उसके पति चंडीगढ़ आ गए जब वह लोग आये तो प्रदीप जी ने मुझे बताया कि हर्षिता और उसके पति आ चुके हैं। मैंने उन्हें कहा आप उन्हें आज रात को हमारे घर पर डिनर के लिए कह दीजिएगा और आप भी उनके साथ आ जायेगा प्रदीप जी कहने लगे हां क्यों नहीं। रात को वह लोग हमारे घर पर डिनर के लिए आए तो हम लोगों ने उनकी बड़ी खातिरदारी की मैं नहीं चाहता था कि हमारी मेहमान नवाजी में कोई भी कमी रह जाए। उस रात मैंने बड़े अच्छे से व्यवस्था की थी फिर वह लोग रात के वक्त ही चले गए। एक दिन मैं और प्रदीप जी साथ में बैठे हुए थे उस दिन हम दोनों अपने सेक्स जीवन को लेकर बात कर रहे थे।

प्रदीप जी मुझे कहने लगे यार मेरी पत्नी के साथ अब सेक्स करने में मुझे मजा नहीं आता कुछ नया चाहिए तो मैंने उनसे कहा मैंने सुना है कि आजकल लोग अपनी पत्नियों को अदला बदली कर रहे हैं तो क्या ऐसा संभव हो सकता है। मुझे प्रदीप जी कहने लगे हां तुमने बिलकुल सही सुना है विदेश में तो ऐसा होता ही रहता है हम दोनों के दिमाग में वही चलने लगा था प्रदीप जी मुझे कहने लगे आज शाम को तुम घर पर आओ ना। शाम के वक्त मैं और शोभिता प्रदीप जी के घर पर गए तो उस दिन मेरी नजर महिमा पर थी और वह शोभिता पर नजर गड़ाए हुए थे। उन्होंने महिमा को कहा तुम अंदर रूम में जाओ और वहां से मेरा लैपटॉप ले आना। जैसे ही महिमा रूम में गई तो मैं भी रूम में चला गया। जब मैं बेडरूम में गया तो मैंने पीछे से महिमा को पकड़ा और कमरे की लाइट बंद कर दी। महिमा की गांड मेरे लंड से टकराती तो मेरे अंदर और भी ज्यादा जोश पैदा हो जाता मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसके बाद मैंने उसके होठों का रसपान किया। काफी देर तक मैं उसके रसीले होठों का रसपान करता रहा जिससे कि मेरे अंदर की उत्तेजना और भी बढ़ गई जैसे ही मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो उसे भी मजा आने लगा। वह अपने दोनों पैरों को खोलने लगी वह मुझसे अपनी मादक आवाज में कहने लगी और भी तेजी से मुझे धक्के दो ना।

मैं महिमा को तेजी से चोद रहा था वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स किया जब मैंने अपने लंड को महिमा की गांड के अंदर डाला तो उसे और भी मजा आने लगा। मैंने उसकी बड़ी चूतडो को पकड़ लिया और उसे बड़ी तेजी से धक्के दिए करीब 3 मिनट तक मैंने उसके साथ जमकर मजे लिए जब मेरा वीर्य पतन हो गया तो मैंने महिमा से कहां आज तो तुमने मुझे बड़े अच्छे से मजे दिए। मैं जब बाहर आया तो मैंने देखा प्रदीप जी शोभिता को घोड़ी बनाकर चोद रहे थे मैं यह सब देखता तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था कि वह उसे खुश कर रहे हैं और उन्होंने उसकी इच्छा को अच्छे से पूरा किया। मैंने दोबारा से महिमा के साथ सेक्स किया उसके बाद हम दोनों का जब भी मन होता तो हम दोनों एक दूसरे की पत्नी के साथ सेक्स करते हैं। मुझे महिमा की गांड का चस्का भी लग चुका है हम लोग एक दूसरे के साथ सेक्स के लिए बेताब रहते है।


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