पता नहीं चला कब माल गिर गया


Antarvasna, kamukta: मेरे पापा और मम्मी दोनों ही नौकरी करते हैं जिस वजह से वह दोनों कभी मुझे समझ ही नहीं पाए  इसीलिए कहीं ना कहीं मेरे परिवार में भी काफी ज्यादा बदलाव आने लगा था। मैं ज्यादातर अपने दोस्तों के साथ ही रहता था पापा और मम्मी मुझे अक्सर इस बात के लिए डांटते भी थे लेकिन मुझे अपने दोस्तों के साथ रहना ही अच्छा लगता था। मेरी पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद मैंने बेंगलुरु में जॉब करने की सोची मेरा परिवार लखनऊ में रहता है लेकिन अब मैं बेंगलुरु जॉब करने के लिए चला आया। मैं बेंगलुरु में जॉब करने लगा मैंने एक फ्लैट किराए पर ले लिया और मेरे साथ मेरा रूममेट भी रहा करता था वह भी मेरे ऑफिस में ही जॉब करता था परन्तु उसके साथ मैं ज्यादा दिनों तक मैनेज नहीं कर पाया और फिर मैंने अलग रहने का फैसला कर लिया।

मैं उसके बाद दूसरी कॉलोनी में चला गया मैंने वहां पर फ्लैट ले लिया। एक दिन मैं अपने ऑफिस के लिए जा रहा था उस दिन सुबह मुझे अपने ऑफिस के लिए देर हो रही थी मैं लिफ्ट के पास खड़ा था कि तभी मैंने देखा कि एक लड़की सामने से आ रही है मैंने उससे पहले उसे कभी देखा नहीं था। जब वह मेरे पास आकर खड़ी हुई और उसने मेरे पास आकर हल्की सी मुस्कुराहट मुझे देख कर दी जो कि मुझे बहुत अच्छी लगी। जैसे ही लिफ्ट आई तो हम दोनों लिफ्ट में चले गए, मैं कॉलोनी के बाहर आया तो मैं टैक्सी का इंतजार कर रहा था लेकिन मुझे कोई टैक्सी नहीं मिली थी। वह लड़की भी शायद टैक्सी का ही इंतजार कर रही थी तभी आगे से एक टैक्सी आती हुई दिखाई दी और मैंने उसे हाथ दिया वह मुझे कहने लगा कहां जाना है? मैंने उसे एड्रेस बताया कि तभी वह लड़की भी मेरे पास आई और कहने लगी कि मुझे भी ऑफिस जाना था और मुझे टैक्सी मिल नहीं रही है क्या मैं आपके साथ आ सकती हूं, मैंने उसे कहा ठीक है। वह मेरे साथ बैठ गई उसने मुझे अपना नाम बताया उसका नाम कोमल है कोमल ने मुझ से हाथ मिलाते हुए कहा कि क्या आप कुछ समय पहले ही यहां कॉलोनी में रहने आए हैं तो मैंने उसे बताया हां मैं कुछ समय पहले ही यहां कॉलोनी में रहने आया हूं।

उसने मुझसे पूछा कि आप कहां के रहने वाले हैं तो मैंने उसे बताया कि मैं लखनऊ का रहने वाला हूं। मेरे ऑफिस के पास ही उसका ऑफिस था और जब मेरा ऑफिस आ गया तो मैंने उस टैक्सी वाले को पैसे दे दिये और मैंने कोमल से कहा कि मैं तुमसे बाद में मिलता हूं अभी मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है। कोमल का ऑफिस मेरे ऑफिस से थोड़े आगे पर ही था तो वह अपने ऑफिस चली गई और मैं अपने ऑफिस चला गया। उसके काफी दिनों तक मेरी कोमल से मुलाकात नहीं हुई लेकिन एक दिन वह मुझे दोबारा से दिखी और उस दिन भी वह मुझे लिफ्ट में ही मिली। मैं भी लिफ्ट में था और वह भी लिफ्ट में ही थी हम दोनों एक दूसरे से बात करने लगे तो मैंने कोमल को कहा कि तुम काफी दिनों से मुझे दिखाई नहीं दी। कोमल ने मुझे कहा कि मैं अपने ऑफिस के ट्रेनिंग से मुंबई गई हुई थी मैं कल ही लौटी हूं तो मैंने उससे कहा अच्छा तो तुम मुंबई गई हुई थी इसीलिए तुम मुझे दिखाई नहीं दी। कोमल और मैं अब हर रोज एक दूसरे को मिलते रहते थे। एक दिन कोमल मुझे मेरे ऑफिस के बाहर लंच टाइम में मिली मैं अपने ऑफिस के बाहर सिगरेट पी रहा था कि तभी मैंने देखा कि कोमल आगे से आ रही है। कोमल मेरे पास आई और कहने लगी कि रजत क्या तुम सिगरेट पीते हो तो मैंने उसे कहा हां कभी कबार पी लेता हूं। उसने मेरे हाथ से सिगरेट निकालते हुए फेंक दी। यह देखकर मुझे भी एक अपनापन सा लगा पहली बार ही ऐसा हुआ था कि किसी ने मेरे हाथ से सिगरेट छीनी हो। मैंने कोमल की तरफ देखा लेकिन मैं उसे कुछ कह ना सका, कोमल और मैं एक दूसरे से हर रोज मिलते और बातें करते हम दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई थी। एक दिन कोमल और मैं साथ में हमारे कॉलोनी के बाहर रेस्टोरेंट पर बैठे हुए थे तो मुझे उस दिन कोमल ने बताया कि उसके माता-पिता का देहांत काफी समय पहले हो गया था इसलिए वह अपने मामा जी के साथ रहती है। मुझे यह बात पहली बार ही पता चली कि वह अपने मामा जी के साथ रहती है।

मैंने भी कोमल को अपने बारे में बताया और कहा कि मेरे मम्मी पापा दोनों ही नौकरी करते हैं और वह लोग मुझे कभी समझ ही नहीं पाए। कहीं ना कहीं कोमल और मेरी जिंदगी एक जैसी ही थी हम दोनों अब एक दूसरे से मिलने लगे थे मुझे कोमल का साथ अच्छा लगता था। मुझे ऐसा लगता कि जैसे कोमल मेरा ध्यान रखने लगी है कोमल मुझे अच्छे से समझती भी थी लेकिन कोमल के मामा उसकी शादी कहीं और ही करवाना चाहते थे। कोमल चाहती थी कि वह मेरे साथ शादी करें हम दोनों एक दूसरे को पिछले 6 महीने से जानते थे लेकिन कोमल की सगाई कहीं और ही हो गई थी। उसकी सगाई होने के बाद मेरा दिल पूरी तरीके से टूट गया और मुझे लगा कि हमारी जिंदगी में कुछ अच्छा होने वाला नही है लेकिन कोमल मुझे फिर भी मिलती थी। एक दिन कोमल ने मुझसे कहा कि रजत हम लोग कहीं भाग चलते हैं मैंने कोमल को कहा कोमल क्या भाग जाना ही इस चीज का हल है हमें इस बारे में तुम्हारे मामा जी से दोबारा बात करनी चाहिए। कोमल के मामा किसी भी सूरत में मुझसे कोमल की शादी नहीं करवाना चाहते थे लेकिन मैंने भी हार नहीं मानी थी। मैंने कोमल से कहा मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं और तुम्हारे बिना मैं रह नहीं सकता। एक दिन हम दोनों साथ में ही थे उस दिन कोमल के नरम होठों को मैं चूमने लगा जब मैं उसके नरम होंठों को चूमने लगा तो वह भी अपने आप पर काबू ना कर सकी और मेरी बाहों में आकर कहने लगी रजत मैं भी तुम्हारे बिना एक पल नहीं रह सकती हूं।

मैंने सोच लिया था कि हम दोनों कोर्ट मैरिज कर लेंगे और मैंने कोमल से कहा मैं तुमसे कोर्ट मैरिज कर लूंगा उसके आगे जो होगा देखा जाएगा। हम दोनों ने कोर्ट मैरिज करने का फैसला कर लिया था लेकिन उस दिन मैं जब कोमल के होठों को चूम रहा था तो मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी और कोमल के नरम होंठों को चूमने के बाद मैंने उसकी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था वह भी अधिक गर्म हो चुकी थी और मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो चुकी थी। मैने उसकी टीशर्ट को खोला तो मैंने देखा उसके स्तन बड़े ही गोरे हैं उसके बूब्स को मैं अपने हाथों से दबाने लगा उसके बूब्स मैं जब उसके स्तनो को अपने हाथों से दबा रहा था तो मुझे अच्छा लग रहा था और उसे भी बड़ा मजा आ रहा था मुझे उसके बूब्स दबाने में इतना आनंद आता कि मैं उसके बूब्स को दबाए ही जा रहा था। मैंने उसके बूब्स को अब अपने मुंह में लेकर उन्हें चूसना शुरू कर दिया मै जब उन्हें अपने मुंह में लेकर चूस रहा था तो मुझे मज़ा आ रहा था और उसे भी बड़ा मजा आने लगा था वह उत्तेजित होने लगी थी और मुझे कहने लगी मेरी उत्तेजना पूरी तरीके से बढ़ने लगी है। मेरे लंड से भी पानी छूटने लगा था और कोमल भी अब तड़पने लगी थी मैंने कोमल की जींस को उतारकर उसकी गुलाबी रंग की पैंटी को उतारा तो मैंने देखा उसकी गुलाबी चूत पर एक भी बाल नहीं है मैंने उसकी चूत पर जब अपनी उंगली को लगाया तो उसकी चूत पूरी तरीके से गीली हो चुकी थी अब उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालना चाहता हूं और वह तड़पने लगी थी लेकिन उससे पहले मैं उसकी चूत को चाटना चाहता था।

मैंने जैसे ही उसकी चूत पर अपनी जीभ का स्पर्श करके उसे चाटना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा और वह भी बहुत ज्यादा तड़पने लगी थी मेरे अंदर की आग बढ़ने लगी थी और वह भी इतनी उत्तेजित हो गई थी कि वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की गर्मी बढ़ चुकी है। मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगा दिया और जैसे ही मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी मेरी चूत से खून निकलने लगा है। मैंने उसे कहा कि मुझे बहुत मजा आ रहा है अब मैं उसे लगातार तेज गति से चोदता और मैं जिस प्रकार से उसको चोद रहा था मुझे मजा आने लगा था वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहो मैंने जब देखा कोमल की चूत से खून निकल रहा है और उसकी सील टूट चुकी है तो मैं और भी ज्यादा गर्म होने लगा। मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया जब मैंने ऐसा किया तो उसे मज़ा आने लगा मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारने लगा था और मैं उसको तेजी से धक्के मारने लगा।

वह बड़ी खुश हो गई थी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मुझे धक्के मारते रहो। मैंने कुछ देर बाद उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया जिससे कि कोमल की आग अब और भी अधिक बढ़ने लगी थी और वह मुझे कहने लगी कि मेरी चूत से बहुत ही ज्यादा खून बाहर निकल रहा है। मैंने उसको कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है अब मैंने उसके दोनों पैरों को आपस में मिला लिया था जिससे कि मुझे कोमल की चूत और भी टाइट महसूस होने लगी। मुझे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उसकी चूत के अंदर मेरा वीर्य जल्दी ही गिर जाएगा और मेरा माल जैसे ही उसकी चूत में गिरा तो हम दोनों उसके बाद एक दूसरे की बाहों में लेट गए। कुछ दिनों में हम लोगों ने कोर्ट मैरिज कर ली और अब हम दोनों पति-पत्नी बन चुके हैं और एक दूसरे के साथ बहुत खुश है हालांकि उसके बाद भी मुझे कई समस्याओं का सामना करना पड़ा कोमल के मामा चाहते ही नहीं थे कि मेरी शादी कोमल से हो इसलिए उन्होंने ना जाने उसके लिए क्या कुछ नहीं किया लेकिन कोमल मेरे साथ खड़ी रही और अब हम दोनों की शादी हो चुकी है और हम दोनो अपना जीवन बहुत ही अच्छे से गुजार रहे हैं।


error: