निशा ने मजे से मेरा लंड चूसा


Antarvasna, kamukta: मेरी नौकरी को लगे हुए अभी कुछ समय ही हुआ था घर की सारी जिम्मेदारी मेरे कंधों पर थी और मैं उन जिम्मेदारियों को अच्छे से निभा रहा था। मेरी बहन की शादी भी नजदीक आने वाली थी और मैं नहीं चाहता था कि उसकी शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी रह जाए इसलिए मैंने उसकी शादी में कोई भी कमी नहीं रहने दी और उसकी शादी बड़े ही धूमधाम से हुई। मेरी छोटी बहन की शादी हो चुकी थी और वह अपने ससुराल जा चुकी थी हमारे सारे रिश्तेदार इस बात से बड़े ही खुश थे कि मैं अपने घर की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहा हूं और मेरे जीवन में भी अब सब कुछ ठीक चलने लगा था। पापा की तबीयत खराब हो जाने के बाद उन्होंने अपनी नौकरी से रिजाइन दे दिया था जिसके बाद मेरे ऊपर ही सारी घर की जिम्मेदारी आन पड़ी थी और मैं उन जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा था। सब कुछ अच्छे से चल रहा था अब पापा की तबियत भी ठीक होने लगी थी लेकिन मैंने उन्हें कहा कि आप काम पर मत जाइए आप आराम कीजिए और फिर पापा घर पर ही रहा करते थे।

मेरी तनख्वाह भी अब अच्छी हो चुकी थी और मेरा प्रमोशन भी हो चुका था इसलिए मैं अपनी नौकरी से बड़ा खुश था। एक शाम मैं जब घर लौटा तो उस दिन पापा का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगे कि आकाश बेटा तुम  घर कब तक लौट आओगे। मैंने पापा से कहा कि पापा मैं बस थोड़ी देर बाद ही घर लौट आऊंगा पापा ने कहा कि ठीक है बेटा हम लोग तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं। मुझे कुछ समझ नहीं आया कि आखिर पापा क्या कहना चाहते थे मैं जब घर पहुंचा तो मैंने पापा से पूछा कि पापा आपने मुझे फोन किया था। वह लोग मुझे कहने लगे कि बेटा यहीं पड़ोस में हमारे एक दोस्त रहते हैं तो उन्होंने मुझे बताया कि उनके घर पर एक छोटा सा फंक्शन है। पापा ने मुझे कहा कि आकाश बेटा तुम भी हमारे साथ चलो तो मुझे भी उनके साथ जाना पड़ा। जब उस दिन मैं पापा और मम्मी के साथ में गया तो वहां पर मैं पहली बार निशा से मिला जब मेरी मुलाकात निशा से हुई तो मुझे वह बहुत ही अच्छी लगी। मैं उसके बाद निशा से मिलने लगा मुझे नहीं मालूम था कि वह भी हमारी कॉलोनी में ही रहती है। मैं और निशा एक दूसरे से मिलते ही रहते थे।

हम दोनों का मिलना अब एक दूसरे से कुछ ज्यादा ही होने लगा था जिस कारण हम दोनों एक दूसरे के बहुत ही ज्यादा नजदीक आते चले गए और अब हम एक दूसरे को प्यार भी करने लगे थे। हालांकि प्यार का इजहार पहले निशा ने हीं मुझसे किया लेकिन मुझे निशा का साथ बहुत ही अच्छा लगता था इसलिए मैं उसे मना ना कर सका और हम दोनों का रिलेशन चलने लगा। अब हम दोनों का रिलेशन चलने लगा था जिस कारण मैं और निशा एक दूसरे से अक्सर ही मिला करते थे निशा भी एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती है और जब वह अपने ऑफिस से फ्री हो जाती तो उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को अक्सर मिला करते थे। हम दोनों की जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था और अब मैं चाहता था कि मैं अपने परिवार में निशा के बारे में बता दूं। मैंने जब इस बारे में पापा से बात की तो पापा ने मुझे कहा कि क्या तुम निशा से शादी करना चाहते हो तो मैंने पापा से कहा कि हां पापा मैं निशा से शादी करना चाहता हूं। उन्हें भी कोई एतराज नहीं था वह लोग निशा की फैमिली से मिलना चाहते थे और जब पापा और मम्मी निशा की फैमिली से मिले तो वह लोग भी हम दोनों के रिश्ते को मान चुके थे।

निशा उनकी एकलौती लड़की है और उन्हें भी इस बात से कोई एतराज नहीं था। सब लोग हम दोनों की शादी से खुश थे हम दोनों की शादी हो चुकी थी और निशा मेरी पत्नी बन चुकी थी। मैं इस बात से बड़ा ही खुश था कि निशा और मैं एक दूसरे के साथ में अब ज्यादा से ज्यादा समय बिताते हैं और निशा पापा मम्मी का भी बहुत ध्यान रखती है। निशा और मेरी शादी को अभी कुछ समय ही हुआ था लेकिन हम दोनों अब एक दूसरे से दूर हो चुके थे क्योंकि निशा का ट्रांसफर मुंबई में हो चुका था। पहले तो मैंने निशा से कहा कि तुम जॉब छोड़ दो लेकिन निशा मेरी बात नहीं मानी और उसने जॉब नहीं छोड़ी थी जिस वजह से उसे मुंबई जाना पड़ा और वह मुंबई में ही रहने लगी थी। मैं चाहता था कि निशा अपने ऑफिस से रिजाइन दे दे लेकिन निशा ने मेरी बात नहीं मानी और वह मुझे कहने लगी कि आकाश कहीं ना कहीं मैं तुम्हारा साथ दूंगी तो उससे हम लोगों के घर की आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाएगी। मैं भी निशा की बात से सहमत था और निशा और मैं एक दूसरे से दूर थे। मैं दिल्ली में रहता हूं और निशा मुंबई में हम दोनों एक दूसरे को तीन चार महीनों में ही मिल पाते थे। जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को बड़ा अच्छा लगता था।

मुझे निशा से मिलकर बहुत ही अच्छा लगता था और हम दोनों की जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था। हम दोनों की जिंदगी बड़े ही अच्छे से चल रही थी और अब हम लोगों की शादी को एक साल से ऊपर हो चुका था। मुझे कुछ पता ही नहीं चला कि कब हम दोनों की शादी को एक साल से ऊपर हो गया और अब मुझे लगने लगा था कि निशा को मेरे साथ में ही रहना चाहिए। मैंने निशा से इस बारे में कहा और उसे समझाने की कोशिश की तो निशा ने भी अपने ऑफिस से रिजाइन देने का फैसला कर लिया था और अब वह दिल्ली की ही किसी कंपनी में अपनी जॉब के ट्राई कर रही थी और उसके बाद उसकी जॉब दिल्ली में ही लग गई। मैं बड़ा खुश था कि निशा दिल्ली में ही जॉब करने लगी है और हम दोनों की जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था। मै घर पर था और निशा भी घर पर थी।

हम दोनो उस रात एक दूसरे की बाहों थे मैं निशा के बदन को भहसूस करने लगा था वह बहुत ज्यादा गर्म होती जा रही थी और मेरी गर्मी भी बढ़ती जा रही थी। मैं उसके स्तनो को दबाने लगा वह रह नहीं पा रही थी निशा ने मुझसे कहा मेरी गर्मी बढ़ चुकी है अब मुझसे रहा नहीं जाएगा। मैंने निशा के स्तनों को दबाना शुरू कर दिया था उसके स्तनों को दबाने के बाद मेरी गर्मी भी बढ़ती जा रही थी निशा बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैं और निशा एक दूसरे की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा चुके थे। अब हम दोनों चाहते थे हम दोनो एक दूसरे के साथ सेक्स करे। मैंने निशा को कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो निशा ने मेरे लंड को हाथो मे ले लिया और वह उसे हिलाने लगी मेरा लंड कठोर होता जा रहा था। निशा ने मेरे लंड से पानी निकाल दिया था और मुझे मजा आने लगा था मैं निशा के साथ सेक्स के मजे लेना चाहता था मैं तडप रहा था। निशा ने मेरे लंड पर अपनी जीभ को लगाया और वह मेरे लंड को चाटने लगी।

निशा अपने मुंह के अंदर तक लंड को ले रही थी वह बहुत अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करने लगी थी। वह मेरे लंड को अच्छे से चूसने लगी थी उसको मजा आने लगा था और मुझे भी बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था जिस तरीके से मै और निशा एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। मेरे लंड से निकलते पानी को वह अपने मुंह मे ले रही थी और उसे मजा आ रहा था। हम दोनों ने एक दूसरे को बहुत ज्यादा गरम कर दिया था अब मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था। मैंने निशा से कहा मेरी गर्मी को तुमने बढा कर रख दिया है। निशा मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है वह बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी। मैंने निशा की पैंटी को उतारा और जब मैंने अपनी उंगली का स्पर्श निशा की चूत पर किया तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था और निशा को भी मजा आ रहा था। मैं जिस तरीके से निशा की चूत की गर्मी को बढा रहा था उस से हम दोनों बहुत ज्यादा गरम होते जा रहे थे। निशा की चूत से निकलते पानी को देख मैंने जब अपने लंड को निशा की चूत पर लगाया तो उसकी योनि से बहुत ज्यादा पानी निकल रहा था। मेरे अंदर की गर्मी बहुत बढ चुकी थी निशा की गर्मी बहुत ज्यादा बढ रही थी। मैंने एक झटके के साथ अपने लंड को निशा की चूत मे प्रवेश करवा दिया था।

जब मेरा लंड निशा की चूत में प्रवेश हुआ तो वह जोर से चिल्लाकर बोली मुझे मजा आ रहा था। मुझे भी मजा आने लगा था वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम मुझे तेजी से चोदो। निशा को बहुत ही अच्छा लगने लगा था और मुझे भी बड़ा अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे और हम दोनो ने एक दूसरे की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा कर रख दिया था। निशा की चूत से पानी निकल रहा था मेरा लंड उसकी चूत मे सेट हो चुका था। मेरा लंड निशा की चूत के अंदर बाहर हो रहा था निशा की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी। मेरी गर्मी भी अब बहुत ज्यादा बढने लगी थी।

हम दोनो एक दूसरे का साथ अच्छे से दे रहे थे निशा मुझे अपने पैरो के बीच मे जकड रही थी। मेरा लंड निशा की चूत के अंदर बाहर हो रहा था पर मुझे अब लग चुका था मेरा माल गिरने वाला है। हम दोनों की गर्मी बहुत बढ गई थी। मेरा माल निशा की कोमल चूत मे गिरने को था मैंने निशा की चूत में अपने माल को गिराकर अपनी इच्छा को पूरा कर दिया था। मैं बहुत ज्यादा खुश था जिस तरीके से मैंने निशा के साथ में सेक्स संबंध बनाया था और वह भी बहुत खुश थी। निशा को चोदने मे एक अलग ही मजा आता है। हम दोनो एक दूसरे के साथ हमेशा सेक्स के लिए तडपते रहते है और मुझे बडा मजा आता है जब भी मै उसे चोदा करता हूं।