नौकरानी के बड़े चूतड़


Antarvasna, hindi sex kahani: मेरी मुलाकात ममता से आज से एक वर्ष पहले हुई थी मेरे ऑफिस के पास ही ममता का भी ऑफिस था तो हम दोनों की मुलाकात एक दिन हमारे ऑफिस के बाहर ही हुई। हमारे ऑफिस के बाहर एक छोटी सी कैंटीन है वहां पर मैं सिगरेट पी रहा था और मैंने जब वहां ममता को देखा तो ममता को देखकर पहली ही नजर में मुझे उससे प्यार हो गया था और मैं ममता से अपने दिल की बात कहना चाहता था लेकिन ममता को मैं जानता नहीं था। हर रोज मैं लंच टाइम में उसी कैंटीन में जाने लगा था और ममता भी वहीं आया करती थी ममता ने मुझे कुछ दिनों तक तो नोटिस नहीं किया था लेकिन जब उसने मुझे देखना शुरू किया तो मुझे भी लगने लगा कि ममता मुझे देखने लगी है। एक दिन मैंने ममता से बात कर ली और जब मैंने ममता से बात की तो बात अब इतनी आगे बढ़ गई कि हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। कुछ समय बाद हम दोनों की शादी हो गयी और हम दोनों साथ में रहने लगे ममता अभी भी जॉब करती है मैं और ममता एक दूसरे के साथ बहुत ही खुश हैं।

मैं जयपुर का रहने वाला हूं लेकिन मुंबई में मैं पिछले 5 वर्षों से जॉब कर रहा हूं और ममता का परिवार मुंबई में ही रहता है। ममता एक महाराष्ट्रीयन परिवार से है इसलिए हम दोनों की शादी पहले हो पाना थोड़ा मुश्किल था लेकिन ममता ने अपने परिवार वालों को समझाया तो उन्होंने भी मुझसे ममता की शादी करवा दी। जब ममता से मेरी शादी हुई तो मैं ममता से शादी करके बहुत ही खुश था ममता कभी कबार अपने पापा मम्मी से मिलने के लिए चली जाया करती थी। ममता के पिताजी एक बड़े अधिकारी हैं और एक दिन वह हमसे मिलने के लिए हमारे घर पर आए हुए थे। जब वह घर पर आए तो उस दिन उन्होंने मुझसे कहा कि राजेश बेटा तुम्हारा काम कैसा चल रहा है तो मैंने उन्हें कहा मेरी जॉब तो अच्छी चल रही है। हम लोग आपस में बात कर रहे थे कि तभी मैंने देखा कि ममता हम लोगों के लिए चाय बना कर ले आई ममता जब चाय बना कर लाई तो ममता के पिता जी ने चाय पी और थोड़ी देर बाद वह चले गए। जब वह चले गए तो उसके बाद मैंने ममता से कहा कि ममता तुम कुछ दिनों के लिए अपने पापा मम्मी से मिल आओ। ममता कहने लगी कि हां राजेश मैं कुछ दिनों के लिए उनके साथ रहने के लिए चली जाती हूं।

ममता के भैया अब पूरी तरीके से बदल चुके थे उनके परिवार में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था क्योंकि ममता के भैया ममता की भाभी की बातें जाना सुनने लगे थे इसलिए उनके घर पर अक्सर झगड़े होते थे जिस वजह से ममता के पिताजी भी काफी ज्यादा परेशान थे, वह उस दिन हम से यह बात कह ना पाए। कुछ दिनों के लिए ममता अपने घर चली गई ममता जब घर गई तो मेरी उससे फोन पर बात होती रहती थी। जब ममता घर लौटी तो ममता ने मुझे बताया कि उसके घर पर कुछ भी ठीक नहीं है भैया का व्यवहार पूरी तरीके से बदल चुका है और भाभी तो मां के साथ अक्सर झगड़ती रहती हैं। ममता और मैं इसी बात को लेकर एक दूसरे से बात कर रहे थे कि तभी ममता के पापा का फोन आया और वह कहने लगे कि राजेश बेटा क्या ममता घर पहुंच गई है तो मैंने उन्हें कहा हां वह घर पहुंच गई है। हम लोग एक दूसरे के साथ बात कर रहे थे ममता भी काफी ज्यादा परेशान थी मैंने ममता को कहा ममता तुम चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा। ममता मुझे कहने लगी कि लेकिन राजेश यह सब इतनी जल्दी ठीक होने वाला नहीं है। ममता को इस बात की चिंता हमेशा सताया करती थी इसलिए ममता बीच-बीच में अपने पिताजी और मां से मिलने के लिए चली जाया करती थी। ममता के पापा भी अब रिटायर होने वाले थे और जिस दिन वह रिटायर हुए उस दिन उन्होंने एक छोटी सी पार्टी देने की सोची, उन्होंने मुझे कहा कि राजेश बेटा तुम सारा अरेंजमेंट कर देना। वह मुझ पर ही ज्यादा भरोसा करते थे इसलिए मैने हीं सारी चीजों का अरेंजमेंट करवा दिया था। मैंने अरेंजमेंट करवा दिया था लेकिन यह बात ममता के भैया को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई और उस दिन के बाद तो ममता के भैया मुझसे भी बात नहीं कर रहे थे।

ममता के भैया और भाभी का व्यवहार पूरी तरीके से बदल चुका था जिससे कि उनके परिवार में झगड़ा ज्यादा बढ़ने लगा था। एक दिन उन लोगों के परिवार में कुछ ज्यादा ही झगड़ा हो गया जिस वजह से ममता के माता पिता हमारे पास रहने के लिए आ गए। इस बात से हमे कोई भी परेशानी नहीं थी कि वह लोग हमारे साथ रहे लेकिन ममता के पिताजी को शायद यह बात बिल्कुल भी अच्छी नहीं लग रही थी इसलिए उन्होंने अब एक घर खरीदने का फैसला कर लिया था और वह लोग अब अलग रहने लगे थे। मैंने और ममता ने उन्हें कहा था कि आप लोग हमारे साथ रह सकते हैं लेकिन वह हमारे साथ नहीं रहना चाहते थे और अब वह अलग रहने लगे थे। उन्होंने 2BHK का एक फ्लैट खरीद लिया था और अब वह लोग वहीं रहते थे ममता के भैया और भाभी के व्यवहार में बदलाव के कारण ही यह सब हुआ था।

ममता और मैं अपनी जॉब के चलते  कुछ ज्यादा ही बिजी होने लगे थे क्योंकि ममता ऑफिस से देर से आया करती थी इसलिए ममता ने मुझे कहा राजेश क्यों ना हम लोग घर पर किसी नौकरानी को काम के लिए रख ले। मैंने ममता से कहा अंदर रहने दो मैं मैनेज कर लूंगा लेकिन ममता कहने लगी हम दोनों को खाना बनाने में मुश्किल हो जाती है इसलिए हम लोगों को किसी नौकरानी को घर पर रख लेना चाहिए मैंने भी नौकरानी की तलाश शुरू कर दी और अपने दोस्त को मैंने कहा तो उसने हमारे घर पर एक नौकरानी भेज दी उस दिन मैंने और ममता ने उससे बात की तो उसने बताया कि उसके पति का देहांत काफी साल पहले ही हो गया था। वह पिछले कुछ वर्षों से काम कर रही है उसका नाम लता है लता का गदराया हुआ बदन उसके सुडौल स्तन देखकर मेरा मन उसे चोदने का हो रहा था लेकिन ममता और मैं साथ मे ही घर रहते थे इस वजह से मैं कभी इस मौके का फायदा नहीं उठा पाया लेकिन एक दिन मैंने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी और उस दिन ममता ऑफिस चली गई थी सुबह के वक्त में बाथरूम में नहा रहा था तो मैंने लता को आवाज देते हुए कहां लता तोलिया देना। लता ने तोलिया दिया मैंने बाथरूम के दरवाजे को खोलो तो वह कहने लगी साहब आप यह क्या कर रहे हैं तो वह शरमा गई लेकिन मैंने उसको बाथरूम में आने के लिए कहा और वह बाथरूम में आ गई अब मैंने सावर खोल दिया था जिस से कि उसका बदन भीगने लगा था। मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए मैंने उसके ब्लाउज के बटन को खोला और जब मैंने उसकी साड़ी उतारते हुए उसकी पैंटी को खोला तो वह मुझसे चिपकने लगी। वह मुझसे चिपकने लगी थी तो मेरा भी मन उसे देखकर चोदने का होने लगा था मैंने उसकी गांड के बीच दरार में अपने लंड को रगड़ना शुरू किया जिससे कि मेरी गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और वह भी गर्म होती जा रही थी मेरे बदन इतना ज्यादा गर्म होने लगा कि जो मेरे शरीर पर पानी पड़ रहा था उससे भी कोई असर नहीं हो रहा था। मैंने भी अब अपने लंड को हिलाना शुरू किया जब मैंने ऐसा किया तो लता के अंदर भी अब उत्तेजना जागने लगी थी उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर समाते हुए उसे सकिंग करना शुरू किया और बडे अच्छे से वह मेरे लंड को सकिंग करने लगी ऐसा करने से उसके अंदर की गर्मी तो बढ़ ही रही थी लेकिन मेरे अंदर की आग भी अब बढ़ने लगी थी मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालना है और मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया।

हम दोनों रूम मे चले आए थे जब हम लोग रूम में आए तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेने लगी और कुछ देर तक उसने ऐसा ही किया। जब मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी तो मैंने उसे कहा मैं तुम्हें अब चोदना चाहता हूं और मैंने जल्दी से उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया मेरा लंड जैसे ही उसकी योनि को फडता हुआ अंदर की तरफ गया तो वह जोर से चिल्लाते हुए मुझे कहने लगी मुझे मजा ही आ गया। मुझे भी बहुत ही अधिक मज़ा आ चुका था मैं उसे लगातार तेज गति से धक्के मारने लगा था उससे मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और उसे भी बहुत ही अधिक मज़ा आने लगा था मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था मैं जब ऐसा कर रहा था तो मुझे मज़ा आ रहा था।

मुझे इतना अधिक मज़ा आने लगा था कि मैंने उसे कहा तुम अपनी चूतड़ों को मेरी तरफ कर लो उसने अपनी चूतड़ों को मेरी तरफ किया और मैंने उसे घोड़ी बना दिया। घोडी बनाने के बाद मैंने जब उसे चोदना शुरू किया तो वह बहुत जोर से चिल्ला रही थी और उसकी सिसकियो मे बढ़ोतरी होती जा रही थी उसकी आग बढ़ चुकी थी मुझे मजा आने लगा था। मेरे अंदर की गर्मी इतनी अधिक बढ़ने लगी थी मैंने उसे कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था मेरे अंदर कहीं न कहीं इस बात को लेकर संतुष्टि थी कि मैं लता की चूत के मजे मै ले रहा हूं। मैं जब उसकी चूतड़ों पर प्रहार कर रहा था तो उसकी चूतड़ों का रंग लाल होने लगा था और मुझे बहुत मजा आने लगा था उसे इतना ज्यादा अधिक मज़ा आने लगा था कि वह मुझसे अपनी चूतडो को मुझसे मिलाए जा रही थी। मैंने उसे बहुत ही तेज गति से धक्के दिए जिसके बाद वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई और उसकी इच्छा पूरी हो गई लेकिन मैंने उससे कहा मेरी इच्छा अभी तक पूरी नहीं हुई है और मैंने उसे दोबारा से चोदना शुरू किया करीब 10 मिनट की चूत चुदाई का आनंद लेने के बाद मुझे एहसास होने लगा कि मैं ज्यादा देर तक उसके सामने टिक नहीं पाऊंगा और ऐसा ही हुआ मैंने अपने वीर्य को उसकी चूत में गिरा कर अपनी इच्छा को पूरा किया।


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