मुझे चोदने आते रहना


Antarvasna, kamukta: मेरा ट्रांसफर अब नागपुर हो चुका था और मैं नागपुर जाने की तैयारी करने लगा मैं स्कूल में अध्यापक हूं और पिछले 7 वर्षों से मैं पुणे में ही कार्यरत था लेकिन अब मेरा ट्रांसफर नागपुर हो चुका था। जब मैं नागपुर आया तो नागपुर में मेरे चाचा जी की लड़की वैशाली भी रहती है मैं नागपुर कुछ समय पहले ही शिफ्ट हुआ था और मैं वैशाली से मिलने के लिए उसके घर पर गया। जब मैं उससे मिलने के लिए उसके घर गया तो इतने वर्षों बाद वह मुझसे मिलकर खुश थी और वह मुझसे पापा मम्मी के बारे में पूछने लगी मैंने वैशाली को कहा तुम्हारी शादी को भी तो इतने वर्ष हो चुके हैं और तुम तो मुझे फोन ही नहीं करती हो तो सोचा कि आज तुमसे मिल ही लेता हूँ। वैशाली कहने लगी कि भैया मुझे मम्मी बता रही थी कि आपका ट्रांसफार्म नागपुर में हो चुका है मैंने वैशाली को कहा हां मेरा ट्रांसफर अब नागपुर में ही हो चुका है और मैंने कुछ दिन पहले ही नागपुर में स्कूल ज्वाइन किया है।

वैशाली मुझसे पूछने लगी कि भैया आपको यहां पर कैसा लग रहा है तो मैंने वैशाली को कहा वैशाली यहां पर भी अच्छा है मुझे तो अपने काम से मतलब है और वैसे भी तुम्हें मेरा स्वभाव तो पता ही है मैं ज्यादा किसी के साथ भी संपर्क नहीं रखता हूं। वैशाली मुझे कहने लगी कि हां भैया आप ठीक कह रहे हैं वैसे आपने बहुत अच्छा किया जो आज मुझसे मिलने के लिए यहां आ गए मैंने वैशाली को कहा लेकिन तुम्हारे पति कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं तो वैशाली कहने लगी कि वह आज अपने ऑफिस जल्दी चले गए थे। वैशाली और मैं आपस में बात कर रहे थे कि तभी उनके पड़ोस में रहने वाली एक महिला वैशाली के घर पर आ गई और जब वह वैशाली से बात करने लगी तो मैंने वैशाली को कहा वैशाली मैं अभी चलता हूं। वैशाली कहने लगी कि भैया आप खाना खा कर जाइएगा वैशाली ने मुझे रोक लिया और मैं भी उन्हीं के साथ बैठा रहा कुछ देर बाद वह महिला चली गई थी और मैं और वैशाली आपस में बात करने लगे। वैशाली मुझे कहने लगी कि भैया मैं थोड़ी देर में खाना बना देती हूं आप बैठिए वैशाली रसोई में चली गई और उसके बाद वह खाना बनाने लगी। मैं हॉल में ही बैठा हुआ था और मैंने टीवी ऑन की जब मैंने टीवी को ऑन किया तो मैं टीवी पर न्यूज़ देखने लगा और करीब दो घंटे बाद वैशाली ने खाना बना लिया था।

हम दोनों ने साथ में ही खाना खाया वैशाली के सास ससुर भी अपने किसी परिचित के घर पर गए हुए थे काफी समय बाद वैशाली से मिलकर मुझे अच्छा लगा। मुझे इस बात की भी खुशी थी कि वैशाली से इतने लंबे समय बाद मिलकर उसके बारे में जानने का मौका तो मिल पाया क्योंकि शादी के बाद तो वैशाली से मेरा कोई संपर्क था ही नहीं वैशाली और मेरी मुलाकात बहुत कम होती थी। मैं नागपुर में जिस जगह किराए पर रहता था वहां पर अक्सर हमारे मकान मालिक और पड़ोस के ही एक व्यक्ति के बीच में हमेशा झगड़ा होता था मैं हमेशा ही उन लोगों को समझाने की कोशिश करता। कई बार तो मैंने अपने मकान मालिक को समझाने की कोशिश की लेकिन वह मेरी बात नहीं समझे और मुझे कहने लगे कि वह हर रोज हमारे घर के आगे अपनी कार को पार्क कर देते हैं मैंने उन्हें कितनी बार इस बात के लिए मना किया है लेकिन वह लोग मेरी बात मानते ही नहीं है और इसी बात को लेकर हम लोगों का विवाद है। मैंने उन्हें कहा आप इस बारे में ना सोचें तो ज्यादा बेहतर होगा और आपको इस बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। मैंने कई बार उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह मेरी बात कभी समझते ही नहीं थे और आए दिन उन लोगों के बीच में इसी बात को लेकर झगड़ा होता रहता था। अब झगड़ा कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगा था और एक दिन बात इतनी आगे पहुंच गई कि पुलिस स्टेशन तक जाना पड़ा जब मेरे मकान मालिक पुलिस स्टेशन में गए तो उन्होंने अपने पड़ोसी के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया था। उन लोगों के बीच में हाथापाई भी हुई थी जिस वजह से अब उन लोगों की बात बिल्कुल भी नहीं हो रही थी और बात अब काफी बिगड़ चुकी थी मुझे भी लगने लगा कि शायद मुझे वहां से घर बदली कर लेना चाहिए लेकिन मैं सीधे तौर पर तो ऐसा नहीं कर सकता था परंतु मैंने घर बदली करने के बारे में सोच लिया था। मैंने वैशाली को कहा कि तुम मेरे लिए कहीं पर रहने के लिए घर देख लो तो वैशाली कहने लगी कि भैया मैं आपके लिए कहीं पर किराए के लिए घर देख लेती हूं।

मैंने वैशाली को सारी समस्या बता दी थी और जब शाम के वक्त मेरे मकान मालिक मुझे मिले तो वह कहने लगे कि इन लोगों ने तो बहुत ही ज्यादा परेशान कर के रख दिया है अब इन लोगों को सबक सिखाना ही पड़ेगा। मैंने उन्हें कहा देखिए भाई साहब बात अब काफी आगे बढ़ रही है आप इन बातों को नजरअंदाज भी कर सकते हैं लेकिन आप बातों को बढ़ाए जा रहे हैं इससे कभी भी हल निकलने वाला नहीं है और ना ही इससे समस्याएं खत्म हो जाएगी आप लोगों को आपस में बैठकर बातें करनी चाहिए लेकिन ऐसा होना संभव नहीं था इसलिए मैंने भी उन्हें उस दिन के बाद समझाया नहीं। आय दिन उन लोगों के झगड़े होते रहते थे और मुझे भी अब ठीक नहीं लग रहा था क्योंकि मैं ऐसे माहौल में रहना ही नहीं चाहता था उसके बाद मैंने उन्हें कहा कि मैं यहां से घर खाली कर रहा हूं। उन्होंने मुझसे कारण पूछा तो मैंने उन्हें कुछ और ही कारण बता दिया लेकिन अब मैं दूसरी जगह शिफ्ट हो चुका था वैशाली ने हीं मेरी मदद की थी और वैशाली ने मुझे कहा कि यदि आपको यहां पर कोई भी परेशानी होगी तो आप मुझे बता दिया कीजिए। मैंने वैशाली को कहा ठीक है वैशाली यदि मुझे कभी कोई भी परेशानी होगी तो मैं तुम्हें जरूर बता दूंगा। मैं अक्सर वैशाली के घर पर चला जाया करता था क्योंकि उसका घर मेरे नजदीक ही था तो इसलिए मैं उससे मिलने के लिए जाता ही रहता था। वैशाली को भी यह सब अच्छा लगता था और वैशाली मुझे हमेशा ही कहती थी कि भैया आप मुझसे मिलने के लिए आते रहा कीजिए।

वैशाली के पति भी मुझे मिलते थे उनके साथ पहले तो मेरा इतना परिचय नहीं था लेकिन अब उनके साथ मेरा अच्छा परिचय हो गया था इसलिए मुझे जब भी वह मिलते थे तो वह मुझसे बड़ी ही गर्मजोशी से मिला करते और उन्हें मुझसे बात करना भी अच्छा लगता था कभी कबार वह लोग मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर भी आ जाया करते थे। एक दिन मैं घर पर ही था उस दिन मेरी तबीयत ठीक नहीं थी तो मैंने सोचा कि आज आराम कर लेता हूं दोपहर के वक्त मुझे वैशाली का फोन आया और वैशाली मुझे कहने लगी कि भैया आप क्या स्कूल में है। मैंने वैशाली को कहा नहीं मैं अभी घर पर ही हूं क्योंकि मेरी तबीयत ठीक नहीं थी तो मैं आराम कर रहा हूं वैशाली मुझे कहने लगी कि मैं आपसे मिलने के लिए आती हूं। वैशाली मुझे मिलने के लिए आई और वह कुछ देर मेरे साथ बैठी रही फिर वह चली गई। वैशाली तो जा चुकी थी मेरे बगल में ही एक परिवार रहने के लिए आया था मैंने देखा कि कोई दरवाजे को खट खटा रहा है मैंने जब दरवाजा खोला तो सामने मैंने देखा कि हमारे पड़ोस में रहने वाली महिला थी। वह मुझे कहने लगी क्या मैं अंदर आ जाऊं? मैंने उन्हें कहा क्यों नहीं आप आइए ना मैंने उन्हे कहा कमरा थोड़ा अस्त-व्यस्त है क्योंकि मेरी तबीयत ठीक नहीं है वह मेरे पास आकर बैठी और मेरे बुखार को देखने लगी। मैंने उन्हें कहा मैं अब पहले से तो ठीक हूं वह कहने लगी आपने मुझे बताया क्यों नहीं मैं आपके लिए कुछ बना देती। मैंने उन्हें कहा नहीं भाभी जी कोई बात नहीं मैं ठीक हूं उनके स्तन पर मेरी नज़र बार बार पड रही थी मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो वह मुझे कहने लगी आपका लंड तो बड़ा मोटा है।

मुझे यह बात पहले से ही मालूम थी वह मुझ पर डोरे डालती हैं लेकिन उस दिन मेरे पास भी अच्छा मौका था और मेरे अंदर भी ना जाने कितने समय से आग जल रही थी जो कि मैं बुझाना चाहता था। जब उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो मुझे बड़ा अच्छा लगने लगा वह मेरे लंड को अच्छी तरीके से अपने मुंह में लेकर चूसने लगी मुझे बहुत ही खुशी हो रही थी। थोड़ी देर बाद जब मैंने उनकी साड़ी को उतारते हुए उनकी चूत के अंदर उंगली डालना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा मैंने उनकी चूत के अंदर तक अपनी उंगली को घुसा दिया था। जब मैंने अपने लंड को उनकी चूत के अंदर प्रवेश करवाया तो उन्होंने अपने दोनों पैरों को खोल लिया और मेरा साथ वह अच्छी तरीके से देने लगी। मैं लगातार तेजी से उन्हें धक्के मार रहा था मुझे उन्हें धक्के मारने में बड़ा आनंद आ रहा है काफी देर तक उनको चोदने के बाद जब वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई तो वह बोली मेरी गांड की खुजली मिटा दीजिए।

मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं आज आपके गांड की खुजली को मिटा देता हूं मैंने अपने लंड को पूरी तरीके से चिकना बना लिया और कुछ देर तक उन्होंने अपने मुंह में लेकर मेरे लंड का रसपान किया तो मैंने अपने लंड को उनकी गांड के अंदर प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी। मेरा लंड उनकी गांड के अंदर तक जा चुका था मुझे बहुत ही ज्यादा खुशी थी कि मैं उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने में कामयाब रहा और उनकी गांड मारने में मुझे बड़ा मजा आ रहा था। उनकी गांड मारने में मुझे इतना मजा आता कि मैं लगातार उनकी गांड में लंड को अंदर बाहर कर रहा था तो मुझे बहुत मजा आ रहा था और उन्हें भी बड़ा आनंद आता। काफी देर तक ऐसा ही चलता रहा मेरा लंड पूरी तरीके से छिलकर बेहाल हो चुका था लेकिन मेरे अंदर की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि उसे अब मैं झेल नही पा रहा था और ना ही भाभी झेल पा रही थी मैंने अपने वीर्य की उनकी गांड में गिराया। वह मेरे साथ बैठी रही उसके बाद जब भी उनके पति कहीं बाहर होते तो वह मेरे पास आ जाया करती थी।


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