मुझे चोदा दम लगाकर


Antarvasna, desi kahani: प्रकाश ऑफिस से थके हुए आते हैं मैं उन्हें पानी देती हूं तो वह मुझे कहते हैं कि मोहनी बच्चे नजर नहीं आ रहे हैं मैंने प्रकाश को कहा बच्चे तो खेलने के लिए गए हुए हैं। प्रकाश उस दिन बहुत ज्यादा चिंतित थे और वह मुझसे कुछ कहना चाहते थे मैंने प्रकाश को कहा क्या आप मुझसे कुछ कहना चाहते हैं तो प्रकाश कहने लगे कि नहीं तो मोहनी। मैं प्रकाश के दिल की बात को समझ चुकी थी और मैं प्रकाश को कहने लगी कि आप मुझसे कुछ तो कहना चाहते हैं लेकिन आप कह नहीं पा रहे हैं। प्रकाश मुझे कहने लगे कि अपनी व्यस्तता और अपने ऑफिस के काम से मैं थोड़ा बहुत भी समय अपने लिए नहीं निकाल पाता हूं और मेरी जीवन शैली मे पूरी तरीके से बदलाव आ चुका है मैं तुम्हें भी समय नहीं दे पाता हूं। मैंने प्रकाश को कहा मैं समझ सकती हूं आपके ऊपर कितनी जिम्मेदारियां हैं आपने बचपन से हमेशा तकलीफों का सामना किया है।

प्रकाश मुझे कहने लगे कि मोहनी मुझे लगता है कि शायद मुझे अब कुछ करना चाहिए जिससे कि हमारा जीवन और भी सरल और अच्छा हो जाए मैं बहुत ज्यादा परेशान हो चुका हूं और अब मैं कई बार इस बारे में सोचता हूं कि क्या मैं अपने जीवन में कुछ अच्छा कर पाऊंगा। प्रकाश ने अब यह बात ठान ली थी और प्रकाश जानते थे कि वह जरूर कुछ ना कुछ कर लेंगे मुझे उन पर पूरा भरोसा था और मैं हमेशा से ही प्रकाश को कहती कि आपको अपना ही कोई बिजनेस शुरू करना चाहिए। प्रकाश का सपना बहुत पहले से ही था कि वह अपना बिजनेस करें लेकिन घर की जिम्मेदारियों के चलते उन्हें नौकरी करनी पड़ी। अब सब कुछ बदल चुका था मैंने भी घर की जिम्मेदारियों को उठाने का फैसला कर लिया था मैंने सोचा कि क्यों ना मैं किसी स्कूल में पढाऊँ जिससे कि घर का थोड़ा बहुत खर्चा चल सके। मैंने जब इस बारे में भैया से बात की तो भैया ने मुझे कहा कि मोहनी लेकिन तुम कहां पढाओगी और बच्चों का ध्यान कौन देगा उनके कई सवाल थे परंतु मैंने उन्हें कहा कि भैया मुझे जॉब करनी है भैया ने कहा कि ठीक है मोहनी मैं तुम्हारी बात किसी अच्छे स्कूल में करता हूं।

भैया ने मेरे लिए अपने दोस्त से बात की तो उन्होंने मेरी जॉब का बंदोबस्त करवा दिया मैं अब एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने लगी थी और घर की जिम्मेदारियों को मैं बखूबी निभा रही थी। मैं प्रकाश और बच्चों का ध्यान भी रखती और अपनी नौकरी पर भी मैं पूरा ध्यान दिया करती प्रकाश ने भी अब जॉब छोड़ दी थी और उन्होंने अपने दोस्त के साथ मिलकर कपड़ो का बिजनेस शुरू किया। जब प्रकाश ने यह काम शुरू किया तो मैंने प्रकाश को कहा आप अपने आप पर भरोसा रखिए सब कुछ ठीक हो जाएगा तो प्रकाश कहने लगे कि मुझे अपने आप पर पूरा भरोसा है और मुझे मालूम है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। कुछ ही समय बाद प्रकाश ने जब तरक्की करना शुरू किया तो सब कुछ बदलने लगा प्रकाश का काम अच्छे से चलने लगा था। मैंने प्रकाश को कहा प्रकाश मुझे लग रहा है कि अब हमें यह घर बेच देना चाहिए क्योंकि हमारा घर काफी पुराना हो चुका था। यह घर प्रकाश के दादाजी ने घर बनवाया था और मुझे लग रहा था कि उसमें बहुत काम कराना पड़ेगा इसलिए हमें यह घर बेच कर किसी नये घर में चले जाना चाहिए। प्रकाश भी मेरी बात से सहमत थे और हम लोगों ने नया घर ढूंढना शुरू कर दिया थोड़े समय बाद हमें एक अच्छा घर मिला और हम लोगों ने वहां पर जाने के बारे में सोच लिया था। प्रकाश ने वह घर खरीद लिया और हम लोगों ने अपना पुराना घर बेच दिया अब हम लोग एक नई कॉलोनी में आ चुके थे और सब कुछ हमारे लिए नया था क्योंकि आस-पड़ोस के लोग हमें जानते नहीं थे। अब धीरे-धीरे हम लोगों की पहचान आस पड़ोस में भी होने लगी और सब कुछ अच्छा चलने लगा मुझे भी दूसरे स्कूल में जॉब मिल चुकी थी और वहां पर मेरी तनख्वाह भी अच्छी थी प्रकाश मुझे कहते कि अब तुम स्कूल में क्यों पढ़ा रही हो। प्रकाश अब नहीं चाहते थे कि मैं स्कूल में पढ़ाऊँ लेकिन मुझे लगता था कि मुझे अभी भी स्कूल में पढ़ाना चाहिए इसीलिए मैं स्कूल में पढ़ा रही थी। सब कुछ बहुत ही अच्छे से तो चल ही रहा था उसी दौरान मेरी सहेली ममता का मुझे फोन आया ममता का फोन मुझे काफी समय बाद आया और जब ममता से मेरी मुलाकात हुई तो मुझे बहुत खुशी हुई।

ममता मुझसे मिलने के लिए घर पर आई उस दिन मैं घर पर ही थी जब ममता मुझसे मिली तो वह कहने लगी कि मोहनी लगता है प्रकाश ने तरक्की कर ली है। मैंने ममता को सारी बात बताई और कहा प्रकाश ने अपना नया बिजनेस शुरू किया है और उनका बिजनेस अच्छा चलने लगा है जिस वजह से हम लोगों ने नया घर खरीद लिया। ममता मुझे कहने लगी कि क्या तुम अभी भी स्कूल में पढ़ा रही हो मैंने ममता को कहा हां मैं स्कूल में अभी भी पढ़ा रही हूं। मैंने ममता से उसकी जिंदगी के बारे में पूछा तो ममता कहने लगी कि मेरी जिंदगी तो सामान्य तरीके से चल रही है और मुझे नहीं लगता कि मेरी जिंदगी में कोई बदलाव आया है मेरे पति भी बहुत बोरिंग है और मैं अपनी जिंदगी बस ऐसे ही काट रही हूं। मैंने ममता को कहा लेकिन तुम्हारे पति से तो मैं मिली हूं वह तो बहुत अच्छे हैं ममता मुझे कहने लगी कि तुम्हें ऐसा लगता होगा क्योंकि तुम्हारी उनसे मुलाकात कम ही हुई है लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता मेरे पति पूरी तरीके से बदल चुके है और अब वह पहले जैसे भी नहीं रहे उनके बात करने का तरीका और उनके स्वभाव में बहुत बदलाव आया है। मैंने ममता को कहा ममता मुझे तो लगता है कि तुम्हें भी कोई बिजनेस शुरू करना चाहिए ममता कहने लगी कि मैं क्या शुरू करूं।

मैंने ममता को कहा देखो ममता तुम्हारे पति एक अच्छे परिवार से हैं और उनके पास पैसे की कोई कमी नहीं है तुम उनसे कह कर कोई बिजनेस शुरू कर सकती हो। ममता कहने लगी कि हां मोहनी तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो मुझे भी लगता है कि मुझे कोई काम शुरू करना चाहिए कम से कम मेरा मन तो लगा रहेगा नहीं तो मैं घर पर अकेले बोर हो जाती हूं और अकेले बहुत परेशान हो जाया करती हूं। मैंने जब ममता को यह बात कही तो ममता कहने लगी कि चलो मैं भी अब कोई काम शुरू करती हूं ममता अपने घर चली गई और मैं घर पर ही थी। अगले दिन मैं सुबह स्कूल के लिए निकली तो प्रकाश का मुझे फोन आया और प्रकाश कहने लगे कि मोहनी मैं कुछ दिनों के लिए अहमदाबाद जा रहा हूं मैंने प्रकाश को कहा लेकिन आप वहां से कब लौटेंगे। प्रकाश कहने लगे कि मुझे वहां से आने में शायद थोड़ा समय लग जाएगा और मुझे कल ही निकलना पड़ेगा मैं तुम्हें बताना भूल गया था मैंने प्रकाश को कहा ठीक है प्रकाश हम लोग शाम को इस बारे में बात करते हैं। जब शाम को मैं घर गई तो प्रकाश ने मुझे पूरी बात बताई और अगले दिन वह अहमदाबाद के लिए निकल चुके थे। मेरा मन घर पर बिल्कुल भी नहीं लग रहा था क्योंकि प्रकाश तो अहमदाबाद जा चुके थे मेरे मोबाइल पर मेरी सहेली ने एक अश्लील चित्र भेजा जिसे देखकर मेरा मन भी सेक्स करने का होने लगा। मैं सोचने लगी कि मैं किसके साथ सेक्स करूंगी हमारे स्कूल में एक टीचर है जो कि मुझ पर अपनी नजर हमेशा ही रखते हैं मैंने सोचा क्यों ना उनको घर पर बुला लू। मैंने जैसे ही उनको बुलाया तो वह तुरंत घर पर आ गए। जब उन्होंने मेरे घर की डोर बेल बजाई तो मेरे दिल की धड़कने तेज हो गई वह जैसे ही घर पर आए तो मैंने उन्हें बैठने के लिए कहा मैं भी उनके पास जाकर बैठी तो उन्होंने मुझे अपनी बाहों में ले लिया।

जब उन्होंने मुझे अपनी बाहों में लिया तो वह मेरे होठों को चूमने लगे मुझे इस बात का पता चल गया कि आज वह मेरी चूत का भोसड़ा बना कर ही मानेंगे जैसे ही उन्होंने मेरे स्तनो को दबाना शुरू किया तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था वह मेरे होठों का रसपान बड़ी अच्छी तरीके से कर रहे थे। मेरी चूत से लगातार पानी बाहर की तरफ बह रहा था मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी उन्होंने मेरे कपड़े उतारते हुए मेरी पैंटी को जैसे ही नीचे उतारा तो मैंने उन्हें कहा कि आप अपनी जीभ को चूत पर लगा दीजिए। उन्होंने अपनी जीभ को मेरी चूत पर लगाते हुए उसे चाटना शुरू किया और मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था मेरी चूत पूरी तरीके से गिली हो चुकी थी मै लंड लेने के लिए तैयार थी। उन्होंने अपने मोटे लंड को मेरी चूत के अंदर प्रवेश करवाया जब उनका लंड मेरी चूत के अंदर प्रवेश हो गया तो मैं चिल्ला उठी उनका मोटा लंड मेरी चूत के अंदर तक जा रहा था वह मुझे कहने लगी मोहनी मैडम आप तो बड़ी ही लाजवाब है और आपका बदन बड़ा है हॉट है।

यह कहते हुए उन्होंने मेरे दोनों पैरों को खोला और मुझे बहुत तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए जिस प्रकार से वह मुझे धक्के मार रहे थे उससे मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और ना ही वह रह पा रहे थे। लगातार तेजी से धक्के मारने से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकलने लगा था मुझे लगने लगा कि मैं झड़ने वाली हूं। मैंने उन्हें कहा मुझे लग रहा है कि मैं झड़ने वाली हूं वह मुझे कहने लगे आप घोड़ी बन जाइए। उन्होंने मुझे घोड़ी बनाते ही धीरे से मेरी चूत के अंदर लंड को घुसाया और मुझे धक्के मारने लगे। वह धक्के मार रहे थे मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो रही थी मुझे बहुत मजा आता काफी देर तक उन्होंने मेरी चूतड़ों पर प्रहार किया और जब मेरी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा तो हम दोनों ही अपने आपको रोक ना सके। उन्होंने अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर प्रवेश करवा दिया मुझे बहुत ही अच्छा लगा जिस प्रकार से उन्होने मेरी चूत के अंदर वीर्य गिराया और मेरी चूत की खुजली को उन्होंने बडे अच्छे। से मिटाया।


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