मुझे बुलाता और गांड के मजे लेता


Antarvasna, hindi sex stories: मम्मी मुझे कहती हैं कि सुजाता बेटा तुम तैयार हो जाओ तुम्हें लड़के वाले देखने के लिए आ रहे हैं जब मम्मी ने मुझसे यह कहा तो मैं मम्मी से कोई सवाल भी ना कर सकी मुझे इस बारे में कुछ भी पता नहीं था। उस दिन मैं घर पर ही थी क्योंकि मैं अपने ऑफिस नहीं जा पाई थी और मुझे इस बात की कोई भी जानकारी नहीं थी लेकिन मैं पूरी तरीके से चौक गयी और मेरे पास उस वक्त शायद कोई और रास्ता नहीं था। मैं अपने कमरे में तैयार होने लगी थोड़ी ही देर बाद मम्मी मेरे कमरे में आई और कहने लगी कि सुजाता बेटा तुम तैयार तो हो चुकी हो ना। मैंने मम्मी को बताया हां मम्मी मैं तैयार हो चुकी हूं लेकिन मैं बहुत दुविधा में थी और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था एक तरफ रोहन था और दूसरी तरफ मेरे माता-पिता। मैंने रोहन के बारे में अपने माता पिता को कुछ भी नहीं बताया था लेकिन मेरे पास उस वक्त शायद कोई रास्ता नहीं था और मैं जब सोफे पर बैठी हुई थी तो वह लोग मेरी तरफ देख रहे थे। लड़के की मम्मी ने मुझसे पूछा कि बेटा तुम कौन सी कंपनी में जॉब करती हो तो मैंने उन्हें अपनी कंपनी की जॉब के बारे में बताया और थोड़े बहुत सवाल उनके मुझे लेकर भी थे।

मैं पूरी तरीके से दुविधा में थी और मैं कुछ समझ नहीं पा रही थी जब यह बात रोहन को पता चली तो वह मुझे कहने लगा कि सुजाता तुमने यह अच्छा नहीं किया तुम्हें मुझे इसके बारे में बताना चाहिए था। मैंने रोहन को कहा यदि मुझे खुद पता होता तो मैं तुम्हें बताती ना, मम्मी पापा ने पता नहीं कब यह फैसला खुद ही ले लिया और मुझे इसके बारे में कोई जानकारी भी नहीं थी मैं खुद इस बात से चिंतित हूं कि अब आगे ना जाने क्या होगा। मुझे यह तो पता चल चुका था कि रोहन के साथ अब मेरा भविष्य ज्यादा लंबे समय तक नहीं चलने वाला है क्योंकि रोहन अभी तक कुछ कर नहीं पाया था। वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी तक घर पर ही था वह ना तो कोई नौकरी कर रहा था और ना ही मुझे फिलहाल ऐसा कुछ होता हुआ दिखाई दे रहा था। उसके बाद भी ना जाने मुझे कितने ही लड़के देखने के लिए आए और आखिरकार मुझे भी शादी के लिए हां बोलना पड़ा क्योंकि मैं भी अब रोहन के सवालों का जवाब देते देते थक चुकी थी मुझे भी लगा कि मुझे अब शादी कर लेनी चाहिए।

रोहन के भविष्य का तो मुझे कुछ पता नहीं था लेकिन मैंने शादी करने का फैसला कर लिया था और मैं जब रंजीत से मिली तो मैंने रंजीत से शादी करने का फैसला कर लिया। आखिरकार हम दोनों की शादी हो गई मेरी शादी रंजीत के साथ हो चुकी थी और रोहन मेरी जिंदगी से बहुत दूर जा चुका था। रोहन मेरा बीता हुआ कल था और मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुकी थी मेरे पास रोहन को भूलने के अलावा शायद अब और कोई रास्ता नहीं था रंजीत ही मेरी जिंदगी में अब सब कुछ थे और मैंने उन्हें दिल से स्वीकार कर लिया था। रंजीत मेरी हर जरूरत का ख्याल रखते थे और उन्होंने मुझे बहुत प्यार और सम्मान दिया जैसे कि मैं चाहती थी। मैंने यह सब सपने रोहन के साथ देखे थे लेकिन रोहन अपनी जिंदगी में कुछ कर ही नहीं पाया इसलिए मुझे रंजीत से शादी करनी पड़ी। मुझे नहीं मालूम था कि शादी के 10 वर्ष बाद मेरी मुलाकात रोहन से होगी जब मैं रोहन से मिली तो मैं रोहन से बात भी नहीं करना चाहती थी लेकिन रोहन ने मुझसे बात की और वह मुझसे पूछने लगा कि तुम कैसी हो। मैं भी इतनी खुदगर्ज नहीं थी रोहन मुझसे बात करें और मैं उससे बात ना करूं मैंने रोहन से बात की और उसके साथ मैं काफी देर तक बात करती रही। हम लोगों ने अपनी पिछली जिंदगी के बारे में एक दूसरे से कुछ बात नहीं कि मैं रोहन से पूछती रही तुम ठीक तो हो ना, तो रोहन ने मुझे बताया कि हां मैं ठीक हूं। रोहन ने मुझे बताया कि वह अब विदेश में नौकरी करता है इतने वर्षों बाद रोहन से मिलना अच्छा था लेकिन मैं नहीं चाहती थी कि मेरे और रोहन के रिश्ते के बारे में रंजीत को कुछ पता चले इसलिए मैंने रोहन को कहा कि रोहन देखो हम लोग एक दूसरे की जिंदगी से दूर जा चुके हैं और मुझे लगता है कि हम दोनों को एक दूसरे से अलग ही रहना चाहिए। रोहन मुझे कहने लगा कि सुजाता मैं भी तुम्हें भूल चुका हूं और मैंने भी शादी कर ली है। मैंने रोहन को उसकी शादी के लिए बधाई दी और कहा यह तो तुमने बहुत अच्छा फैसला किया जो तुमने शादी कर ली। रोहन मुझे कहने लगा कि शादी तो मुझे करनी ही थी आज नहीं करता तो कल करता लेकिन शादी तो मुझे करनी ही थी और मैंने शादी कर ली मेरी शादी को 5 वर्ष हो चुके हैं।

मैंने रोहन को कहा तुम्हारी पत्नी कहां रहती है तो रोहन ने मुझे बताया कि मेरी पत्नी मेरे मम्मी पापा के पास रहती है और मैं कुछ दिनों के लिए यहां आया हूं लेकिन अब सोच रहा हूं कि यहीं पर कोई बिजनेस शुरू कर के यहीं रहूं मैं चाहता हूं कि अपने परिवार को मैं समय दे पाऊं। जब मैंने रोहन को कहा कि चलो यह तुमने बहुत अच्छा फैसला किया तो रोहन मुझे कहने लगा कि सुजाता मैं तुमसे मिलता रहूंगा। मैंने रोहन को कहा ठीक है रोहन तुम्हे जब भी मुझसे मिलना हो तो तुम मुझे फोन कर देना मैंने रोहन को अपना नंबर दे दिया और मैं घर चली आई। जब मैं घर पर पहुंची तो रंजीत उस दिन मेरी तरफ देख रहे थे मैं डर गई मुझे लगा कि कहीं उन्हें रोहन के बारे में पता तो नहीं चल गया मैंने रंजीत को कहा आज आप मेरी तरफ ऐसे क्या देख रहे हैं। रंजीत मुझे कहने लगे कि क्या मैं तुम्हारी तरफ ऐसे देख भी नहीं सकता मैंने रंजीत को कहा नहीं रंजीत ऐसी तो कोई बात नहीं है लेकिन मैं सिर्फ तुमसे पूछ रही हूं। रंजीत ने मुझे बताया कि आज उनका प्रमोशन हुआ है मैं बहुत खुश थी और मैंने रंजीत को कहा मैं कुछ मीठा बना देती हूं तो रंजीत कहने लगे कि नहीं तुम रहने दो आज हम लोग कहीं बाहर डिनर पर चलते हैं। काफी समय हो गया था जब हम दोनों ने साथ में समय भी नहीं बिताया था रंजीत भी अपने काम के चलते बिजी रहते थे।

उस दिन जब रंजीत ने मुझे कहा कि आज हम लोग डिनर पर चलते हैं तो मैं खुश हो गई मैं तैयार होने लगी और जब मैं तैयार हो गयी तो रंजीत और मैं डिनर के लिए चले गए। हम दोनो डिनर पर काफी समय बाद गए और मुझे बहुत अच्छा लगा की इतने लंबे समय बाद हम लोग एक दूसरे के साथ बैठकर आपस में बात कर रहे थे मैं बहुत खुश थी कि कम से कम रंजीत के साथ तो मैं समय बिता पा रही हूं। रंजीत और मैं रात को घर लौट आए मुझे बहुत अच्छा लगा जिस प्रकार हम दोनों ने साथ में डिनर किया और काफी समय बाद हम दोनों एक दूसरे को अच्छा समय दे पाए। मुझे कहां मालूम था कि रोहन मेरी जिंदगी में दोबारा से वापस आ जाएगा उसने मुझ पर ना जाने ऐसा क्या जादू किया कि मैं रोहन की बातों में खींची चली गई। हम दोनो एक दूसरे से मिलने लगे ना जाने मेरे दिल में वही पुराना प्यार दोबारा से कैसे लौट आया था। रोहन से मैं जब भी मिलती तो मुझे अच्छा लगता रोहन और मेरे बीच शादी से पहले ना जाने कितनी ही बार शारीरिक संबंध बने थे और शायद इतने लंबे समय बाद हम दोनों दोबारा से एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करना चाहते थे। जब रोहन ने मुझे अकेले में मिलने बुलाया तो मैं उस से अकेले में मिलने चली गई कहीं ना कहीं मैं भी तड़प रही थी। जब हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो उसने मेरी जांघ पर हाथ रखा और मेरे होठों को चूमने लगा मैं उसकी बाहों में चली गई।

मैं रोहन के लिए तड़प रही थी वह मेरे लिए तड़प रहा था इतने लंबे समय बाद भी हम दोनों एक दूसरे को अपने दिल से निकाल नहीं पाए थे इसीलिए जब रोहन में मेरे कपड़े उतारकर मेरी ब्रा खोलते हुए स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करना शुरू किया तो मुझे अच्छा लग रहा था। मैंने उसको कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है तो रोहन भी खुश हो गया और कहने लगा कि इतने लंबे समय बाद तुम्हारे स्तनों का रसपान करना बहुत अच्छा लग रहा है। रोहन के लंड को मैंने अपने हाथ में लेकर हिलाना शुरू किया मैंने उसके लंड को अपने मुंह में लिया और चूसना शुरू किया तो उसे मज़ा आने लगा। मैंने उसको कहा तुम मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दो। उसने मेरी चूत मे लंड डाला तो मैं चिल्लाने लगी उसका लंड मेरी चूत के अंदर जा चुका था। वह मुझे लगातार तेजी से चोद रहा था उसने मुझे घोड़ी बनाकर चोदना जारी रखा मैं अपनी चूतड़ों को रोहन से मिला रही थी।

जब उस ने अपने लंड पर थूक लगाते हुए मेरी गांड के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मेरे मुंह से बहुत तेज चीख निकली रोहन मुझे कहने लगा तुम्हारी गांड मारने में बड़ा मजा आ रहा है। मेरी गांड से खून निकलने लगा था रोहन कहने लगा तुम्हारी गांड से बहुत ज्यादा खून निकल रहा है मैंने रोहन को कहा कोई बात नहीं तुम मेरी गांड मारते रहो। मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मेरी गांड पूरी तरीके से खून से लथपथ हो गई तो रोहन ने अपने लंड को बाहर निकाला और कहने लगा आज तुम्हारी गांड मारने में मजा आ गया। मैंने रोहन को कहा मजा तो आज मुझे भी बहुत आ गया उसने अपने लंड को साफ़ किया और मेरी गांड को अपने हाथ से साफ किया। हम दोनों साथ में बैठे हुए थे रोहन मुझे कहने लगा हम लोग दोबारा मिलेंगे तो मैंने उसे कहा ठीक है जब तुम्हारा मिलने का मन हो तो मुझे बुला लेना। जब भी रोहन का मन होता तो वह मुझे बुला लिया करता और मेरी गांड के मजे ले लिया करता।


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