मेरी जिंदगी मे बहार आ गई


Antarvasna, kamukta: मैंने सुहानी को फोन किया और कहा कि क्या तुम मेरे साथ आज कॉलेज चलोगी तो सुहानी कहने लगी की नहीं सुनील आज मैं कॉलेज नहीं आ पाऊंगी क्योंकि घर में कुछ मेहमान आ रहे हैं इसलिए मम्मी ने कहा कि आज तुम घर पर ही रहना। सुहानी घर का सारा काम संभालती है और वह मेरी अच्छी दोस्त भी है लेकिन सुहानी को कभी घर में वह प्यार नहीं मिल पाया जो की सुहानी को चाहिए था क्योंकि उसकी सौतेली मां उसे कभी प्यार नहीं करती थी वह सिर्फ उससे काम करवाती है और उसे वह कभी समझती ही नहीं है इस वजह से कई बार सुहानी बहुत परेशान रहती थी। मैंने हमेशा ही सुहानी का साथ दिया है मैं उस दिन कॉलेज अकेले ही चला गया मैं जब कॉलेज गया तो मेरे दोस्त मुझसे कहने लगे कि आज सुहानी नहीं आई तो मैंने उन्हें बताया कि सुहानी के घर पर आज कुछ मेहमान आ रहे हैं इसलिए वह आज कॉलेज नहीं आई। सुहानी और मैं हर रोज कॉलेज एक साथ आया करते थे क्योंकि सुहानी मेरे घर के पास में ही रहती है इसलिए मैं सुहानी को हर रोज अपने साथ ही कॉलेज के लिए घर से ले आता था लेकिन आज वह आई नहीं थी इसलिए कॉलेज में मेरा मन भी नहीं लग रहा था।

हम दोनों अच्छे दोस्त हैं लेकिन सुहानी के प्रति शायद मेरे दिल में कुछ तो था जो कि मैं आज तक समझ नहीं पाया। बचपन से मैं सुहानी को जानता हूं और सुहानी के साथ मैं हमेशा ही खड़ा रहा जब मैं घर लौटा तो सुहानी का फोन मुझे आया सुहानी मुझे कहने लगी कि सुनील मुझे तुमसे मिलना है। मैंने सुहानी को कहा ठीक है तुम घर के बाहर पार्क में आ जाओ सुहानी मुझसे पार्क में मिलने के लिए आ गई। जब सुहानी मुझसे मिलने के लिए पार्क में आई तो उस वक्त सुहानी का चेहरा पूरी तरीके से उतरा हुआ था। मैंने सुहानी को कहा सुहानी क्या हुआ तो सुहानी मुझे कहने लगी कि सुनील मैं आज बहुत दुखी हूं आज मुझे अपनी मां की बहुत याद आ रही है। मैंने सुहानी का हाथ पकड़ते हुए कहा सुहानी लेकिन आज तुम ऐसा क्यों कह रही हो सुहानी हमेशा ही मुझसे हर एक बात कह दिया करती। जब सुहानी ने मुझे बताया कि उसे आज देखने के लिए लड़के वाले आए थे तो मैंने सुहानी को कहा लेकिन यह सब इतनी जल्दी में कैसे हुआ।

सुहानी कहने लगी कि मेरी मां चाहती है कि मैं शादी कर लूं इसलिए उन्होंने लड़के वालों को घर पर बुलाया था लेकिन मैं अभी से शादी नहीं करना चाहती हूं मैं अपने जीवन में कुछ करना चाहती हूं। सुहानी के बहुत सपने हैं जिन्हें कि वह पूरा करना चाहती है सुहानी चाहती है कि वह अपने सपनों को पूरा करें सुहानी के पिताजी भी बेबस थे वह कुछ बोल ना सके। मैंने सुहानी को कहा लेकिन ऐसे ही कोई तुम्हारी शादी जबरदस्ती कैसे करवा सकता है सुहानी कहने लगी कि सुनील मैं तुम्हें क्या बताऊं आज तक तो मैं हमेशा ही हर बात को नजरअंदाज करती रही लेकिन अब मुझे लग रहा है कि शायद मैं इस बात को नजरअंदाज नहीं कर पाऊंगी क्योंकि मैं अभी शादी नहीं करना चाहती हूं मैं चाहती हूं कि मैं अपने आपको थोड़ा समय दूं। मैंने सुहानी को कहा लेकिन सुहानी तुम इस बारे में अपने पापा से बात करो तो सुहानी कहने लगी कि पापा की बेबसी भी उनके चेहरे पर साफ नजर आती है और वह भी कुछ नहीं कर सकते। सुहानी बहुत दुखी थी तो मैंने सुहानी को कहा कि हम लोग इसके बारे में कल बात करेंगे मैंने सुहानी से कहा सुहानी अभी तुम घर जाओ क्योंकि देर भी काफी हो चुकी थी और अंधेरा भी काफी हो चुका था इसलिए मैंने सुहानी को जाने के लिए कहा। सुहानी अब अपने घर चली गई लेकिन रात भर मैं यही सोचता रहा मेरी आंखों से नींद भी गायब थी और मुझे भी कुछ समझ नहीं आ रहा था मैंने भी कभी कल्पना नहीं की थी कि सुहानी की शादी की बात उसकी मां ऐसे ही इतनी जल्दी कर देगी। सुहानी की शादी की बात के बारे में मैंने कभी सोचा नहीं था और मैं यह सोच रहा था कि सुहानी के ऊपर क्या बीत रही होगी क्योंकि सुहानी भी तो यही सोच रही होगी। अगले दिन जब मैं सुहानी को मिला तो सुहानी का चेहरा उतरा हुआ था मैंने सुहानी को कहा सुहानी अब क्या हुआ तो सुहानी ने मुझे बताया कि उसकी मां को जब उसने इस बारे में कहा कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती तो उन्होंने उसे सुबह बहुत डांट दिया। मैंने सुहानी को कहा लेकिन तुम्हारी मां ऐसा क्यों कर रही है तो सुहानी कहने लगी कि मैं उनकी सौतेली बेटी हूं ना इसलिए वह मुझे कभी प्यार नहीं करती और वह चाहती हैं कि किसी भी तरीके से मैं उन लोगों के जीवन से दूर चली जाऊं।

सुहानी और मैं साथ में कॉलेज गए सुहानी का मूड बिल्कुल भी अच्छा नहीं था इसलिए मैंने उससे उस दिन बहुत कम बात की। सुहानी भी इस बात से बहुत ज्यादा चिंतित थी और वह मुझे कहने लगी कि सुनील मैं तुम्हें क्या बताऊं मेरे अंदर क्या चल रहा है। मैंने सुहानी को कहा सुहानी मैं समझ सकता हूं कि तुम किस परेशानी से गुजर रही हो मैं यह भली भांति जानता हूं सुहानी को मैंने देते हुए कहा कि तुम बिल्कुल भी चिंता ना करो सब कुछ ठीक हो जाएगा। फिलहाल तो कुछ भी ठीक होता हुआ नजर नहीं आ रहा था क्योंकि सुहानी और उसके जीवन में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था सुहानी की सौतेली मां ने उसकी शादी जबरदस्ती तय करवा दी और सुहानी इस बात को लेकर कोई भी आपत्ति दर्ज ना कर सकी। अगले दिन जब सुहानी मुझे मिली तो सुहानी बहुत ज्यादा परेशान थी और मुझे कहने लगी कि सुनील क्या मैं अपनी जिंदगी कभी जी भी पाऊंगी।

मैंने सुहानी को कहा सुहानी लेकिन ऐसा तुम क्यों सोच रही हो तुम्हारे जीवन में सब कुछ ठीक होगा सुहानी कहने लगी मेरी मां कभी चाहती ही नहीं है कि मेरे जीवन में कुछ भी ठीक हो तुमने देख तो लिया कि उन्होंने मेरी सगाई जबरदस्ती करवा दी और पापा भी कुछ बोल ना सके पापा की बेबसी भी उनके चेहरे पर साफ नजर आ रही है कि उनके पास भी कोई जवाब नहीं है मुझे तो ऐसा लगता है कि शायद मेरा इस दुनिया में कोई है ही नहीं। मैंने सुहानी को कहा सुहानी तुम ऐसा क्यों बोल रही हो बेवजह तुम अपना दिल छोटा कर रही हो जल्दी ही सब कुछ ठीक हो जाएगा तुम अपने आप पर भरोसा रखो। सुहानी कहने लगी लेकिन मेरा तो अब सब से भरोसा उठ चुका है और मैं किसी पर भी भरोसा नहीं कर सकती मेरे साथ जिस प्रकार से घटित हो रहा है वह मैं ही जानती हूं। सुहानी का मूड उस दिन बिल्कुल भी अच्छा नहीं था और वह अकेले ही घर चली गई। मैं सुहानी की परेशानी को समझ सकता था और उसकी तकलीफ को भी मैं समझ सकता था कि वह कितनी ज्यादा तकलीफ में है लेकिन मैं कुछ कर नहीं पा रहा था। सुहानी अपनी जिंदगी को जीना चाहती थी उसकी मदद के लिए मैंने सुहानी का हाथ थाम लिया सुहानी और मैं कुछ दिनों के लिए घूमने के लिए शिमला चले गए। सुहानी ने अपने घर पर यह बात भी बताई थी जब हम दोनों ही शिमला गए तो उस वक्त हम दोनों एक ही कमरे में रुके हुए थे। सुहानी को इस बात से कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन जब सुहानी और मै एक कमरे में थे तो भला कौन अपने आपको रोक सकता था। मैं भी अपने आपको रोक ना सका और सुहानी के बदन को मैंने अपनी बाहों में ले लिया सुहानी मेरी बाहों में थी उसकी चूत को मैं सहला रहा था उसके कपड़ों को मैंने उतार कर उसे नंगा कर दिया वह मेरे सामने नग्न अवस्था में खड़ी थी। मैं उसे देख रहा था मैंने उसे बिस्तर पर लेटाया और उसके स्तनों को मैं चूसने लगा तो मुझे बहुत आनंद आने लगा। मै उसके स्तनों को चूस रहा था मेरे अंदर की गर्मी एक अलग ही सीमा तक पहुंच चुकी थी। मैंने अपने लंड को सुहानी के मुंह में डाल दिया सुहाने ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरु किया वह मेरे लंड को बड़े ही अच्छे से चूस रही थी बहुत देर तक उसने मेरे लंड का रसपान किया। मै अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाई वह मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे लंड को अपनी चूत के अंदर लेना है।

मैंने उसे कहा पहले मैं तुम्हारी चूत को चाटना चाहता हूं वह इस बात से बडी खुश गई। मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया जब मैं उसकी चूत को चाट रहा था तो मुझे बहुत आनंद आ रहा था उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और जिस प्रकार से मैं उसकी चूत को चाटता वह उत्तेजित हो गई थी। मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाल दिया मेरा लंड आसानी से उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था। जब मैं उसकी चूत के मजे ले रहा था तो उस दौरान उसकी चूत से निकलता हुआ खून मैंने देखा और मेरे अंदर की उत्तेजना बहुत ही ज्यादा बढ़ने लगी मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने हाथों में रख लिया और जिस प्रकार से मैं उसकी चूत पर प्रहार करता तो वह चिल्लाती हम दोनों के शरीर से इतनी ज्यादा गर्मी बाहर निकलने लगी थी कि मैं उस गर्मी को बिल्कुल झेल नहीं पा रहा था।

सुहानी की चूत से निकलती हुई गर्मी बहुत ज्यादा बढने लगी थी मेरा वीर्य बाहर आने के लिए तैयार था मेरा वीर्य जैसे ही बाहर की तरफ गिरा तो सुहानी ने मुझे गले लगा लिया और कहने लगी सुनील आज तुमने मुझे वो खुशी दी है जो मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी मेरे लिए एक अलग ही फीलिंग है। रात को जब सुहानी और मैं एक ही बिस्तर में थे तो मैंने सुहाने के बदन से कपड़े उतारे और सुहाने की चूत के अंदर उंगली डाली तो सुहानी मचलने लगी थी मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाल दिया। जब मैं सुहानी की चूत मार रहा था तो उसकी चूतडे मेरे लंड से टकरा रही थी। सुहानी की चूतडे जब मेरे लंड से टकराती तो मेरे अंदर और भी ज्यादा गर्मी बढ़ जाती और मैं लगातार तेज गति से उसे धक्के मार रहा था। मुझे उसे चोदना में बहुत मजा आया और काफी देर तक हम दोनों ने एक दूसरे के साथ मजे किए जब वह अपने आपको बिल्कुल भी ना रोक ना सकी तो मैंने सुहानी से कहा मुझे लगता है कि मेरा वीर्य गिरने वाला है थोड़ी ही देर बाद मेरा वीर्य पतन हो गया। मैंने सुहानी को गले लगाते हुए कहा कि सुहानी तुम्हारी शादी हो जाएगी तो तुम मुझे भूल जाओगी? वह कहने लगी मैं तुम्हें कभी नहीं भूल सकती सुहानी शादी करने के लिए तैयार नहीं थी और अभी तक सुहानी की शादी नहीं हो पाई है लेकिन हम दोनों सेक्स के पूरे मजे लेते हैं।


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