मेरे अरमान जगा दिए


Antarvasna, sex stories in hindi: मैं जब कोलकाता आया तो उस वक्त मेरे पास बहुत कम पैसे थे फिर मैंने अपनी मेहनत से काम किया और आज मैं एक अच्छी कंपनी में नौकरी कर रहा हूं। मेरी पारिवारिक स्थिति कुछ ठीक नहीं थी इसलिए मुझे नौकरी करने के लिए कोलकाता आना पड़ा कोलकाता से कुछ दूरी पर ही मेरा गांव है और मैं अब कोलकाता में ही नौकरी कर रहा था। मेरी शादी कुछ समय पहले ही हुई और जब मेरी शादी हुई तो उसके बाद मेरी पत्नी मेरे साथ रहने लगी थी मेरी पत्नी सुमोना मेरे साथ रहती थी। मेरा सपना था कि अब मैं अपने लिए घर बनाऊँ लेकिन घर बनाना इतना आसान नहीं था उसके लिए मुझे पैसों की जरूरत थी मैंने अब अपने दोस्त से इस बारे में बात की तो उसने मुझे कहा कि रोहित तुम घर बनाने के लिए बैंक से लोन क्यो नही ले लेते। मैंने उससे कहा कि लेकिन मैं लोन लेना नहीं चाहता हूं मुझे मेरा दोस्त कहने लगा रोहित बिना लोन के तुम घर कैसे बनाओगे क्या तुम्हारे पास इतने पैसे हैं कि तुम घर बनाओ या फिर तुम कोई घर खरीद पाओ।

मैंने अपने दोस्त को कहा नहीं मेरे पास इतने पैसे तो नहीं है और यह बात तुम भी तो अच्छी तरीके से जानते हो परंतु मैं चाहता था कि किसी भी प्रकार से मैं घर बना लूं। उसके लिए अब मैंने बैंक में लोन के लिए अप्लाई करवा दिया था लेकिन अभी तक मेरा लोन पास नहीं हो पाया था मैं बैंक के अब तक ना जाने कितने ही चक्कर मार चुका था लेकिन जब मैनेजर ने मेरा लोन पास किया तो मैं खुश हो गया अब मेरा लोन पास हो चुका था और मैं घर खरीदने की तैयारी में था। मैंने एक घर खरीदी लिया मैंने जिस बिल्डर से घर खरीदा उसे मैंने पैसे दे दिए थे और अब हर महीने मैं अपनी तनख्वाह में से आधे से ज्यादा पैसे तो घर की किस्त में दे दिया करता था। समय बीतता जा रहा था और मेरे माता-पिता भी मेरे साथ रहने के लिए आ गए क्योंकि वह भी अब बूढ़े हो चुके हैं मेरे पिताजी गांव में छोटा-मोटा काम कर के अपना गुजारा चला लिया करते थे और हमारे गांव में थोड़ी बहुत खेती भी है जिससे कि मेरे माता-पिता का गुजारा चल जाया करता था लेकिन अब वह लोग मेरे साथ ही रहने लगे थे इसलिए मेरे ऊपर ही उनकी सारी जिम्मेदारी आ चुकी थी।

मैं अपने परिवार के साथ बहुत खुश था पड़ोस में ही मेरी काफी अच्छी जान पहचान होने लगी थी और सुमोना भी पास की एक दुकान में काम करने लगी थी जिस दुकान में वह काम करती थी वहां पर वह सुबह चली जाती थी और दोपहर के वक्त वहां से लौट आती थी। बच्चों की देखभाल सुमोना अच्छे से कर रही थी और मेरी नौकरी भी अच्छे से चल रही थी अब मैं अपना घर भी खरीद चुका था इसलिए मैं काफी खुश था। मेरी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था लेकिन मेरे जीवन में उस वक्त भूचाल आया जब हमारी कंपनी का नुकसान हो जाने की वजह से हमारी कंपनी बंद होने की कगार पर आ गई और कई लोगों को कंपनी से निकाल दिया गया मेरे लिए तो यह बड़ी मुसीबत की घड़ी थी क्योंकि मुझे हर महीने अपने घर की किश्त भरनी पड़ती थी जिस वजह से मैं काफी परेशान हो चुका था। दो-तीन महीनों से मेरा वेतन भी नहीं आया था मैंने अपनी कंपनी के मैनेजर से बात की तो उन्होंने कहा कि कुछ दिनों बाद तुम्हारी तनख्वाह तुम्हें मिल जाएगी। थोड़े दिनों बाद मेरी तनख्वाह तो मुझे मिल चुकी थी लेकिन अब हमारी कंपनी बंद होने वाली थी और आखिरकार जिस कंपनी में मैं नौकरी करता था वह बंद हो गई और मैं घर पर ही था। मैं नौकरी की तलाश में था लेकिन मुझे अभी तक कहीं नौकरी नहीं मिल पाई थी मैं सोच रहा था कि कहीं मुझे नौकरी मिल जाती तो अच्छा होता। उस बीच मैंने अपने दोस्त से इस बारे में बात की तो वह मुझे कहने लगा कि रोहित तुम कल मुझे अपना रिज्यूम दे देना मैंने उसे अपना रिज्यूम दे दिया और उसके बाद मेरी नौकरी उसने अपनी कंपनी में लगवा दी। मेरी नौकरी अब लग चुकी थी और मैं इस बात से काफी खुश था कि कम से कम मेरी नौकरी दोबारा से लग चुकी है मैं अपने घर पर ही था तो उस दिन मेरी पत्नी सुमोना कहने लगी कि रोहित कल स्कूल में बच्चों कि पैरेंट्स मीटिंग है यदि तुम उनके स्कूल चले जाओ तो अच्छा रहेगा। मैंने अपनी पत्नी से कहा लेकिन कल तो मुझे मेरे ऑफिस जाना है तो वह कहने लगी कि कोई बात नहीं मैं कल बच्चों के स्कूल चली जाऊंगी क्योंकि हमारे घर पर भी हमारे कोई रिश्तेदार आने वाले थे इसलिए सुमोना का घर में रहना जरूरी था।

मैंने सुमोना को कहा कि मैं कोशिश करूंगा यदि मैं ऑफिस से जल्दी लौट आया तो मैं तुम्हें फोन कर दूंगा सुमोना कहने लगी ठीक है लेकिन आपको सुबह के वक्त ही स्कूल जाना पड़ेगा। मैंने सुमोना को कहा कि सुबह के वक्त तो मैं स्कूल नहीं जा पाऊंगा तुम ही स्कूल चले जाना और अगले दिन सुमोना बच्चों के साथ उनके स्कूल चली गई औऱ उस दिन मैं अपने ऑफिस में कुछ ज्यादा ही बिजी हो गया था इसलिए मैं सुमोना को फोन नहीं कर पाया। मैं जब घर पहुंचा तो मैंने देखा घर पर हमारे रिश्तेदार आए हुए थे और वह लोग हमारे घर पर ही रुकने वाले थे सुमोना मुझे कहने लगी कि रोहित क्या आप बच्चों को देख लेंगे तो मैंने सुमोना को कहा हां मैं बच्चों को देख लूंगा। मैं बच्चों को देख रहा था सुमोना रसोई में खाना बना रही थी थोड़ी ही देर बाद सुमोना खाना बना चुकी थी और उसके बाद वह मेरे साथ कुछ देर बैठ गयी। मैंने सुमोना को कहा सुमोना हमें पता ही नहीं चला कि कब हमारी शादी को इतने वर्ष हो गए तो सुमोना कहने लगी कि हां रोहित आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं हमारी शादी को इतने वर्ष हो चुके हैं और हमें कुछ पता ही नहीं चल पाया कि कब हमारी शादी को इतने वर्ष बीत गए।

मैंने सुमोना से कहा कि हम लोग कभी अच्छे से समय साथ में नहीं बिता पाए हमेशा ही घर की कोई ना कोई जिम्मेदारी हम दोनों के ऊपर ही रही है। मैंने सुमोना को कहा तुमने हमेशा ही मेरा साथ बड़े अच्छे से दिया है और मैं बहुत ही खुश हूं कि तुमने मेरा साथ हमेशा दिया सुमोना मुझे कहने लगी कि रोहित मुझे भी तुम्हारा साथ पाकर बहुत अच्छा लगा और मैं जब भी तुम्हारे साथ होती हूं तो मैं बहुत ही खुश होती हूं। सुमोना और मैं साथ में बैठे हुए थे उस दिन हमारे रिश्तेदार हमारे घर पर ही रुके और उसके अगले दिन वह लोग चले गए।  सुमोना ने मेरा साथ हमेशा ही बखूबी निभाया है। मैं सुमोना के साथ खुश हूं। जब से मेरी शादी हुई है सुमोना ने मुझे कभी किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी। हम दोनों के बीच सेक्स भी बहुत अच्छे से होता है। हम दोनों एक दूसरे के साथ हमेशा जमकर सेक्स का मजा लेते है। एक दिन मैं अपने ऑफिस से लौटे उस दिन सुमोना मुझे कहने लगी रोहित आज आप काफी थके हुए नजर आ रहे है। मैंने सुमोना को कहा हां आज ऑफिस मे काफी काम था इसलिए मैं काफी थक चुका था। मैं और सुमोना एक साथ काफी देर तक बैठ कर बात कर रहे थे। मैंने सुमोना से कहा मुझे आज तुम्हारे साथ सेक्स करना है। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी समय से सेक्स भी नहीं किया था इसीलिए सुमोना और मैं चाहते थे कि हम दोनो एक दूसरे के साथ सेक्स करे। मैंने जब सुमना के बदन से कपड़े उतारे तो उसने मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया मैं उसके होठों को चूमकर बहुत ही उत्तेजित हो रहा था। वह इतनी ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थी कि उसने अपने दोनों पैरों को खोल दिया और मुझे कहने लगी आपके साथ मुझे हमेशा से ही सेक्स करने में बहुत मजा आता है।

मैंने उसकी चूत को बहुत देर तक चाटा और उसकी चूत को चाट कर मैंने उसकी चूत से इतना ज्यादा पानी बाहर निकाल दिया की वह चूत मे लंड को लेने के लिए तैयार बैठी हुई थी। मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाया और धीरे धीरे अंदर की तरफ धकेलना शुरू कर दिया मैंने अपने लंड को सुमोना की चूत के अंदर तक डाल दिया था उसकी चूत के अंदर मेरा लंड जाते ही वह बड़ी जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मैं उसे अब बड़े ही अच्छे तरीके से धक्के दे रहा था जिस प्रकार से मैंने उसे धक्के दिए उससे मैं बहुत ही ज्यादा खुश था। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया था और मैं उसे बहुत देर तक ऐसे ही धक्के मारता रहा। सुमोना भी पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी मेरा वीर्य जल्दी से नहीं झड़ने वाला था इसलिए मैंने सुमोना की चूत काफी देर तक मारी परंतु जैसे ही मेरा वीर्य बाहर की तरफ गिरा तो सुमोना ने मुझे कहा आज तो मुझे मजा ही आ गया।

मैंने सुमोना को कहा तुम्हें मैंने काफी दिनों बाद चोदा है और आज तुम्हारी गांड के मजे भी मैं लेना चाहता हूं। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया उसने मेरे लंड को बहुत देर तक सकिंग किया फिर उसने अपनी गांड को मेरी तरफ किया और मैंने उसकी गांड पर अपने लंड को सटाया। मैं धीरे धीरे उसकी गांड के अंदर धक्के देने लगा था मेरा लंड उसकी गांड के अंदर चला गया और जैसे ही मेरा मोटा लंड उसकी गांड के अंदर गया तो वह जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी आज मुझे मजा आ गया। मैंने उसे कहा मजा तो मुझे भी बहुत आ रहा है मैं उसे लगातार तीव्र गति से धक्के मार रहा था उसे जिस गति से मैंने धक्के मारे उससे वह मुझे कहने लगी आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है तुम मुझे धक्के देते रहो। मैं सुमोना की गांड के अंदर बाहर अपने लंड को बडे ही अच्छे से कर रहा था और मुझे उसकी गांड मारने में बहुत ही मजा आ रहा था जिस प्रकार से मैं उसकी गांड के मजे ले रहा रा उससे वह मुझे कहने लगी आज तुमने मेरी गांड को पूरी तरीके से छिल कर रख दिया है। मैंने उसे कहा लेकिन आज तुमने मेरा साथ बडे अच्छे से दिया और मुझे खुश कर दिया। मैंने अपने वीर्य को उसकी गांड के अंदर ही गिरा दिया था।


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