मेरा लंड चूत मे जाकर शांत हो गया


Antarvasna, kamukta: मेरी शादी शुदा जिंदगी बिल्कुल भी अच्छे से नहीं चल रही थी मेरे और मेरी पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। मुझे कई बार लगता था कि मुझे अपनी पत्नी को छोड़ देना चाहिए लेकिन मेरे पापा और मम्मी के कहने पर मैंने अपनी पत्नी को कई बार समझाया और कोशिश की कि वह घर में झगड़ा ना करें लेकिन अक्सर मेरी पत्नी की वजह से घर में झगड़े हो जाते जिससे कि मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता और मैं हमेशा ही तनाव में रहने लगा था। मेरे तनाव का मुख्य कारण यही था कि मेरी पत्नी और मेरे बीच बिल्कुल भी नहीं बनती थी समय के साथ साथ कुछ भी ठीक नहीं हो रहा था मेरा रिलेशन मेरी पत्नी के साथ बिल्कुल भी ठीक नही था और ऊपर से मेरी नौकरी को लेकर समस्या थी।

मैंने कुछ दिनों पहले ही अपने ऑफिस से जॉब छोड़ दी थी और मैं इस वजह से काफी ज्यादा तनाव में आ गया था मेरी पत्नी का मुझसे झगड़ा हो जाने के बाद वह भी अपने मायके चली गई। जब वह अपने मायके गई तो मैं घर पर ही था मैंने अपनी पत्नी को काफी समझाया कि तुम घर वापस लौट आओ लेकिन वह घर वापस नहीं लौटी। मैं भी अपनी नौकरी को लेकर परेशान था क्योंकि मेरी जॉब अभी तक लग नहीं पाई थी लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार इतनी मेहनत के बाद मुझे एक कंपनी में जॉब मिल ही गई। हालांकि वहां पर मेरी तनख्वाह इतनी ज्यादा तो नहीं थी लेकिन फिर भी मैं वहां पर जॉब करने लगा और मैं अपनी जॉब से संतुष्ट था।

एक दिन मेरी पत्नी का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगी कि रजत मुझे तुमसे मिलना है मैंने उससे कहा ठीक है मैं तुमसे मिलता हूं। वह मायके में ही थी मेरे समझाने पर वह घर नहीं लौटी थी और जब मैं अपनी पत्नी को मिलने के लिए गया तो उसने मुझे कहा कि रजत मुझे लगने लगा है कि अब हम दोनों को अलग हो जाना चाहिए। मैं यह सुनकर थोड़ा हैरान जरूर था इतने समय से तो मेरी पत्नी ने मुझे कभी इस बारे में कहा नहीं था लेकिन अचानक से उसने मुझे इस बारे में कहा तो मैंने उससे कहा ठीक है मैं इस बारे में तुम्हें सोच कर बताता हूं। काफी दिनों के बाद मैंने उसे इस बारे में सोच कर बताया और कहा कि हम दोनों का अलग हो जाना चाहिए लेकिन जब मुझे इसके पीछे की वजह पता चले तो मैं काफी हैरान रह गया। मेरी पत्नी का किसी और व्यक्ति के साथ रिलेशन चल रहा था इसीलिए वह अक्सर मुझसे छोटी छोटी बात को लेकर झगड़ती रहती थी जिससे कि घर का माहौल भी काफी ज्यादा खराब होने लगा था लेकिन अब मैं समझ चुका था कि मुझे अपनी पत्नी से अलग हो ही जाना चाहिए और फिर हम दोनों ने आप डिवोर्स ले लिया। मेरी पत्नी और मेरे बीच डिवोर्स हो जाने के बाद वह दूसरी शादी कर चुकी थी मेरी पत्नी ने उसी व्यक्ति से शादी की जिससे उसका रिलेशन चल रहा था।

उसके बाद मैं तो अपने आप को बेबस सा महसूस करने लगा मुझे ऐसा लग रहा था की मेरी पत्नी ने मेरे साथ बहुत गलत किया परन्तु अब तो यह हो ही चुका था और अब मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था। अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने के बाद मैं अपनी जॉब और अपने परिवार के ऊपर पूरा ध्यान दे रहा था। मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी को पीछे छोड़कर आगे बढ़ चुका था काफी समय बाद मुझे एक दिन मानसी दिखी जब मुझे मानसी दिखी तो मैंने मानसी से बात की। काफी सालों बाद मानसी मुझे मिल रही थी मैंने मानसी से कहा यह भी बड़ा अजीब इत्तेफाक है कितने सालों बाद मेरी तुमसे मुलाकात हो रही है तो मानसी ने मुझसे पूछा कि रजत तुम कैसे हो। मानसी और मैं पहले साथ में ही पढ़ा करते थे मैंने मानसी को अपनी जिंदगी के बारे में बताया मानसी को मेरी शादी के बारे में पता नहीं था। जब मैंने उसे बताया कि मेरी पत्नी और मेरे बीच डिवोर्स हो चुका है तो मानसी ने मुझे कहा कि लेकिन तुम्हारे और तुम्हारी पत्नी के बीच तो सब कुछ ठीक था। मैंने मानसी से कहा कि नहीं मेरे और मेरी पत्नी के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था हम दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे इसलिए हम दोनों ने डिवोर्स ले लिया। जब मैंने मानसी को सारी बात बताई तो मानसी भी हैरान रह गई और वह मुझे कहने लगी कि यह तो बहुत ही ज्यादा गलत हुआ है ऐसा नहीं होना चाहिए था। उस दिन मैंने मानसी का नंबर लिया काफी सालों बाद मानसी से मेरी अचानक से ही मुलाकात हुई। मानसी का नंबर लेने के बाद मैं और मानसी एक दूसरे से बातें करने लगे मानसी की जिंदगी में भी कुछ ठीक नहीं था जिस लड़के के साथ मानसी की सगाई हुई थी उससे उसकी सगाई टूट चुकी थी और वह मानसिक रूप से कमजोर होने लगी। मानसी के पिताजी की मृत्यु के बाद मानसी ही घर की सारी जिम्मेदारी को संभाले हुए हैं। मानसी और मेरी काफी अच्छे से बनने लगी थी और हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को बहुत अच्छा लगता। मैं काफी खुश रहता जब भी मैं मानसी से मुलाकात किया करता मुझे ऐसा लगने लगा था जैसे कि मानसी मेरा साथ अच्छे से दे सकती है। मैंने मानसी से इस बारे में कहा तो मानसी भी तुरंत तैयार हो गई उसे भी कोई एतराज नहीं था मानसी के परिवार वालों को भी इससे कोई एतराज नहीं था। मेरी और मानसी की शादी को लेकर बात चलने लगी थी हम दोनों शादी करने के लिए तैयार थे मैंने और मानसी ने अपना फैसला कर लिया था कि हम दोनों शादी कर लेंगे और जल्द ही हम दोनों की शादी हो गई। हम दोनों ने कोर्ट मैरिज की और उसके बाद हम दोनों पति-पत्नी बन चुके थे। मानसी अब मेरी पत्नी बन चुकी थी। शादी की पहली रात थी। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स करने के बारे में सोचा।

हम दोनो एक दूसरे के साथ लेटे हुए थे। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मानसी भी खुश थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाले थे। मानसी तैयार थी। जब उस दिन मैंने मानसी के बदन से कपड़े उतारे तो मानसी ने तुरंत मेरे लंड को अपने हाथों से दबाना शुरू किया। जब मानसी ऐसा कर रही थी तो मुझे अच्छा लग रहा था मैंने अब अपने लंड को बाहर निकालकर मानसी से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लो। मानसी ने भी तुरंत उसे अपने मुंह के अंदर लेकर सकिंग करना शुरू कर दिया। मानसी मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे अच्छे से चूसती मानसी को बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। मैं समझ चुका था मानसी अब बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। अब मेरी बारी थी मैंने मानसी के गोरे स्तनों को चूसना शुरू किया। जब मै उसके स्तनों को चूसता तो उस से वह बहुत उत्तेजित होने लगी थी।

वह मुझे कहने लगी अब मुझे बहुत ही मजा आ रहा है मैं समझ चुका था मानसी  को पूरी तरीके से मजा आने लगा है। वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुकी है मैंने मानसी की पैंटी को नीचे उतारते हुए अब उसकी चूत को चाटना शुरू किया। जब मैंने मानसी की योनि को चाटना शुरू किया तो उसे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मानसी को बहुत ही ज्यादा मज़ा आने लगा था एक समय ऐसा आया जब मैंने मानसी की योनि से पूरी तरीके से पानी बाहर निकाल दिया था। मैंने उसकी योनि से पानी बाहर निकाल दिया था वह मुझे कहने लगी अब मेरी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दो। मैंने मानसी की चूत पर अपने लंड को लगाते हुए अंदर की तरफ धकेलना शुरू किया जब मैंने ऐसा करना शुरू किया तो मानसी को मजा आने लगा। वह पूरी तरीके से उत्तेजित होती चली गई उसकी उत्तेजना इस कदर बढ़ने लगी कि बहुत जोर से चिल्लाने लगी। मैंने देखा मानसी की चूत से खून निकल रहा है। अब मैंने उसे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा है। मैंने मानसी के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया जब मैंने ऐसा किया तो मानसी के अंदर की गर्मी बहुत बढ़ने लगी थी। मानसी की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी हम दोनों ही खुश थे।

मैने मानसी से कहा मै तुम्हारी योनि के अंदर अपने माल को गिरा रहा हूं मेरा वीर्य पतन मानसी की चूत के अंदर हो गया। मैंने जैसे ही मानसी की चूत के अंदर अपने माल को गिराया तो वह मुझे कहने लगी अब मुझे मजा आ गया। मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था मैंने मानसी की योनि के अंदर बाहर दोबारा से अपने मोटे लंड को करना शुरू कर दिया था। जब मैं ऐसा करता तो बहुत जोर से चिल्लाती और मुझे कहती तुम मुझे ऐसे ही धक्के मारते जाओ। मैं समझ चुका था कि मानसी को भी मजा आने लगा था। मैंने उसे थोड़ी देर बाद घोड़ी बना दिया। घोडी बनाने के बाद जब मैंने मानसी की चूत के अंदर अपने लंड को किया तो वह मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड बहुत ही ज्यादा मोटा है अब मुझे बहुत मजा आ रहा है ऐसे ही तुम मुझे धक्के मारते रहो। मैंने उसे काफी देर तक ऐसे ही धक्के मारे जिस से उसका पूरा शरीर हिलने लगता। वह मुझे कहती मै बिल्कुल भी रह नहीं पाऊंगी मैं भी समझ चुका था अब वह रह नहीं पाएगा। मैंने उसकी योनि में अपने माल को गिरा दिया जब मैंने अपने मोटे लंड को बाहर निकाला तो मानसी की योनि से खून निकल रहा था। उसकी चूत से निकलता हुआ खून बहुत ही ज्यादा हो चुका था जिसे मैंने साफ करते हुए मानसी से कहा तुम्हें कैसा लगा? वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लगा आज मुझे मजा आ गया जिस प्रकार से तुमने मेरी सारी इच्छाओं को पूरा किया है। मैं भी बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था और मानसी भी बहुत ज्यादा खुश थी। अब हम दोनों एक दूसरे के हो चुके हैं और अब मानसी के साथ में हर रोज सेक्स के मज़े लेता हूं। मानसी भी मेरे लिए हमेशा तड़पती है।

 


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