मन मे चुदाई की इच्छा पैदा कर दी


Antarvasna, kamukta: बिजनेस में मुझे बहुत बड़ा नुकसान हो गया था बिजनेस में नुकसान होने के बाद मैं काफी ज्यादा परेशान हो गया था मेरी कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मुझे ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए। मेरी परेशानी की वजह से घर का माहौल भी ठीक नहीं था और घर में भी मेरी और मेरी पत्नी के बीच अक्सर झगड़े हो जाया करते थे जिससे कि एक दिन वह भी घर छोड़ कर चली गई। जब वह अपने मायके चली गई तो उसके काफी दिनों तक मेरी पत्नी ने मुझे कोई भी फोन नहीं किया और ना ही मैंने उसे फोन किया। मेरी मां के समझाने पर मैंने उसे फ़ोन किया और घर आने के लिए कहा लेकिन मेरी पत्नी कहां मेरी बात मानने वाली थी वह मुझे कहने लगी कि मैं घर नहीं आना चाहती। मैंने उसे बहुत समझाया और कहा कि तुम घर आ जाओ। मैं काफी ज्यादा परेशान भी हो गया था आखिरकार मुझे अब अपनी पत्नी को लेने के लिए उसके मायके जाना ही पड़ा।

मैं जब उसे लेने के लिए मायके गया तो वह मुझे कहने लगी कि सोहन तुम मेरे साथ अगर ऐसे ही झगड़ा करते रहोगे तो वह दिन दूर नहीं जब मैं तुमसे अलग हो जाऊंगी। मैंने अपनी पत्नी को समझाया और कहा कि देखो मैं आगे से कभी भी ऐसा नहीं करूंगा मैं तुमसे माफी मांगता हूं मैंने उसे काफी समझाया तब जाकर वह मेरी बात मानी। वह मेरी बात मान चुकी थी और फिर वह मेरे साथ घर आने को तैयार हो गयी। जब वह मेरे साथ घर आई तो मेरी माँ को काफी अच्छा लग रहा था लेकिन मैं काफी ज्यादा परेशान था और मेरे पास कोई भी रास्ता नहीं था मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर मुझे क्या करना चाहिए। मैंने अपना पूरा मन बना लिया था कि मैं अब दोबारा से अपना बिजनेस शुरू करूंगा लेकिन उसके लिए मुझे पैसे की जरूरत थी तो मैंने बैंक में लोन के लिए अप्लाई कर दिया। बैंक में लोन के लिए अप्लाई करने के बाद मेरा लोन पास हो चुका था और कुछ समय बाद मुझे पैसे भी मिल चुके थे, मुझे पैसे मिल जाने के बाद मैंने फैसला कर लिया था कि मैं अपना काम शुरू करूंगा।

इसमें मैंने अपने दोस्त राजेश की मदद ली राजेश जो कि काफी समय से रेस्टोरेंट का काम कर रहा है और उसके तीन रेस्टोरेंट है। वह अपना रेस्टोरेंट बहुत समय से चला रहा है यह उसका काफी पुराना काम है पहले उसके पिताजी एक रेस्टोरेंट चलाया करते थे लेकिन अब समय के साथ राजेश ने अपने काम को आगे बढ़ा लिया है और वह अपने काम से बहुत खुश है। मैंने राजेश की मदद ली और राजेश की मदद से ही मैंने एक रेस्टोरेंट खोल लिया, ज्यादातर समय मैं अब रेस्टोरेंट में हीं देने लगा था और मैं काफी खुश था कि रेस्टोरेंट का काम अच्छे से चलने लगा था। शुरुआत में ही मुझे मुनाफा होने लगा और मैं काफी खुश था कि मेरा काम अब अच्छे से चलने लगा है। इसमें कहीं ना कहीं राजेश की अहम भूमिका थी अगर राजेश मेरी मदद नहीं करता तो शायद मैं अपना काम शुरू नहीं कर पाता और राजेश की मदद से ही मैं अपना काम शुरू कर पाया। सब कुछ अच्छे से चलने लगा था मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था कि अब यह काम अच्छे से चलने लगा है घर पर भी मेरे झगड़े कम होने लगे थे और मेरी पत्नी भी काफी खुश थी कि मैं अपने काम पर पूरी तरीके से ध्यान देने लगा हूं और सब कुछ अच्छे से चल रहा है। मैं और मेरी पत्नी एक दूसरे के साथ काफी अच्छा समय बिताते और हम लोग बहुत खुश थे कि अब घर मे सब कुछ ठीक चलने लगा है।

एक दिन मैं अपने घर लौटा तो उस दिन मेरी पत्नी ने मुझे कहा कि आज हम लोग कहीं घूमने के लिए चलते हैं मैंने उसे कहा कि ठीक है हम लोग आज कहीं घूमने के लिए चलते हैं। उस दिन हम दोनों साथ मे घूमने के लिए गए जब हम दोनों उस दिन घूमने के लिए गए तो मुझे काफी अच्छा लगा इतने लंबे समय के बाद मैं अपनी पत्नी के साथ अच्छा समय बिता पा रहा था और मेरी पत्नी भी बहुत खुश थी की वह मेंरे साथ अच्छा समय बिता पा रही है। हम दोनों का रिलेशन अब अच्छे से चलने लगा था और हम दोनों के रिलेशन में अब पहले की तरह ही दोबारा से प्यार पनपने लगा और हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार भी करने लगे थे। सब कुछ पहले की तरह ही हो गया था मैं अपने बीते हुए समय को बिल्कुल भी याद नहीं करना चाहता था क्योंकि उस वक्त मैं बहुत ही ज्यादा परेशान था जब मैं आर्थिक रूप से पूरी तरीके से टूट चुका था और मेरे पास बिल्कुल भी पैसे नहीं थे। अगर राजेश मेरी मदद नहीं करता तो शायद मैं कभी भी आर्थिक रूप से सक्षम नहीं बन पाता लेकिन अब मैं आर्थिक रूप से भी सक्षम बन चुका था और सब कुछ बहुत ही अच्छे से चलने लगा था। मेरा काम भी अच्छे से चल रहा था और घर में भी मेरा रिलेशन अब ठीक हो चुका था।

एक दिन मैं राजेश को मिलने के लिए उसके घर पर गया जब मैं राजेश को मिलने के लिए उसके घर पर गया तो वह घर पर नहीं था राजेश के पापा ने मुझसे कहा कि बेटा वह अपने किसी काम से गया हुआ है। मैंने राजेश को फोन किया तो उसने मेरा फोन नहीं उठाया और फिर मैं भी अपने घर लौट आया था। मैं जब घर लौटा तो मेरी पत्नी मुझे कहने लगी कि आज आप जल्दी लौट आए हैं तो मैंने अपनी पत्नी से कहा कि हां मैं आज राजेश को मिलने के लिए गया था लेकिन उससे मेरी मुलाकात हो नहीं पाई इसलिए मैं घर जल्दी लौट आया। वह मुझे कहने लगी कि चलो आज हम लोग मूवी देखने के लिए चलते हैं मैंने भी अपनी पत्नी से कहा कि ठीक है चलो आज हम लोग मूवी देख आते हैं और उस दिन हम लोग मूवी देखने के लिए चले गए। हम दोनों मूवी देखने के लिए गए और जब हम लोग घर लौटे तो उस वक्त शाम हो चुकी थी। राजेश का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगा कि तुमने मुझे फोन किया था क्या कोई जरूरी काम था तो मैंने राजेश को कहा कि बस ऐसे ही तुमसे मिलना था काफी दिन हो गए थे तुमसे मिला भी नहीं था। राजेश ने मुझे बताया कि वह अपने किसी जरूरी काम से गया हुआ था इसलिए मेरा फोन रिसीव नहीं कर पाया। मैंने राजेश से कुछ देर बाद की और मैंने फोन रख दिया। अगले दिन मै रेस्टोरेंट मे गया जब मै रेस्टोरेंट मे गया तो एक महिला अक्सर रेस्टोरेंट मे आती थी। वह महिला जब भी रेस्टोरेंट में आती तो वह मुझसे बातें किया करती और मैं भी उससे बातें किया करता। उसकी नजरें मुझे कभी भी ठीक नहीं लगी उसकी नजरो में एक शरारत भरी हुई थी।

मुझे यह बात अच्छे से मालूम थी कि वह मेरे साथ सेक्स का मजा लेना चाहती है लेकिन फिर भी मैं उससे बचने की कोशिश करता। एक दिन उसने मुझसे बात की जब वह मुझसे बातें कर रही थी तो मैंने उससे उसका नाम पूछा यह पहली बार ही था जब मैं उससे बातें कर रहा था। और वह मुझसे बातें कर रही थी हम दोनों को एक दूसरे से बातें करके अच्छा लग रहा था। मैं काफी ज्यादा खुश था मैं उस महिला से बात कर रहा हूं उसने मुझे अपना नंबर दिया और अपना नाम भी बताया उसका नाम सरिता है वह शादीशुदा है लेकिन उसके पति विदेश में नौकरी करते हैं और वह अकेली रहती है। हम लोगों की फोन पर बातें होने लगी थी। मैं जब भी सरिता से बात करता तो मुझे अच्छा लगता। एक दिन जब मैं सरिता से मिलने के लिए उसके घर पर गया तो सरिता मुझसे बात कर रही थी वह चाहती थी हम दोनो एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध बनाए क्योंकि सरिता अपने पति की याद में तड़प रही थी। जब मुझे उसने अपने स्तनों को दिखाया तो मैं भी अब अपने आपको कहा रोक पा रहा था। मैं उसके लिए तड़पने लगा था वह भी मेरे लिए तड़पने लगी थी। हम दोनों पूरी तरीके से पागल हो चुके थे मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया।

जब मैंने उसे अपनी बाहों में लिया तो वह मुझे कहने लगी चलो बेडरूम में चलते हैं। हम दोनों बेडरूम में चले आए जब हम लोग बेडरूम मे गए तो वहां पर अब वह मेरे साथ ही लेटी हुई थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ शारीरिक सुख का मजा ले रहे थे मैंने सरिता के होठों को बहुत ही देर तक चूसा। मैंने जब सरिता के होंठों का रसपान किया तो वह भी पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी और मेरी उत्तेजना भी बहुत ज्यादा बढ चुकी थी। मैं समझ चुका था वह एक पल के लिए भी रह नहीं पाएगी। मैंने सरिता के कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे जब मैने सरिता के बदन से उसके कपड़े उतारने शुरु किए तो वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगी थी। मैं भी पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था मेरे अंदर की आग इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी कि मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाया और मैंने सरिता से कहां लगता है तुम्हारी चूत में लंड को डालना पड़ेगा। वह अब तैयार हो चुकी थी। उसने अपनी पैंटी को नीचे उतारा जब उसने मुझे अपनी चूत दिखाई तो मैंने उसकी चूत को देखते ही चाटना शुरू कर दिया था।

मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। जब मैं उसकी चूत चाट रहा था तो हम दोनों ही पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे। मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को सटाकर अंदर की तरफ डाला तो मेरा लंड अंदर की तरफ घुस गया था। उसको मजा आ रहा था वह अपने पैर खोल कर मुझे कहने लगी मुझे और भी तेजी से चोदो। मैंने उसे तेजी से चोदना शुरू कर दिया था मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था। जब मैं सरिता की योनि के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था तो मेरे अंदर की आग पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। अब सरिता भी अपने आपको एक पल के लिए रोक ना पाई वह मुझे कहने लगी आज मुझे मजा आ गया। मैंने उसके पैरों को आपस में मिलाकर उसे तेज गति से धक्के दिए। मैने तब तक सरिता को चोदा जब तक उसकी इच्छा पूरी नहीं हो गई। वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी और मै भी बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था। वह मुझे कहने लगी मुझे मजा आ गया हम दोनों ने एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा लिया। उसके बाद मेरा सरिता के घर पर अक्सर आना-जाना लगा रहता। उसे भी बहुत अच्छा लगने लगा था जब मैं सरिता से मिलने के लिए जाता। वह हमेशा मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार रहती।

 


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