मालती की चूत की चटाई


Antarvasna, kamukta: मेरी जॉब का पहला दिन था और मैं अपने ऑफिस में जब पहले दिन गया तो मेरी मुलाकात राहुल के साथ हुई और राहुल से मेरी काफी अच्छी दोस्ती होने लगी। राहुल और मैं काफी अच्छे दोस्त बन चुके थे और मेरा राहुल के घर पर आना जाना भी होने लगा था। एक रात हम दोनों पार्टी में थे उस दिन राहुल ने मुझे अपनी कजन मालती से मिलवाया। जब उसने मुझे अपनी कजन मालती से मिलवाया तो मुझे मालती अच्छी लगी और मैं उसे दिल ही दिल चाहने लगा था। मैं मालती को दिल ही दिल चाहने लगा था और मुझे वह काफी ज्यादा अच्छी लगने लगी थी यही वजह थी कि हम दोनों एक दूसरे से मिलना चाहते थे। मैंने मालती को मिलने का फैसला किया और मैंने राहुल से मालती का नंबर ले लिया था। मुझे मालती का नंबर मिल चुका था और मैं उससे बातें करने लगा था हम दोनों की बातें होने लगी थी और कहीं ना कहीं हम दोनों एक दूसरे को बहुत चाहने भी लगे थे। हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे थे हम दोनों का रिलेशन अब अच्छे से चलने लगा था लेकिन मुझे नहीं पता था कि हमारे रिलेशन को किसी की नजर लग जाएगी और मालती मुझसे दूर हो जाएगी।

मालती मुझसे दूर हो चुकी थी और उसके घर वालों ने उसकी शादी कहीं और ही तय कर दी थी। राहुल को मेरे और मालती के बारे में अच्छे से मालूम था इसलिए उसने मालती के परिवार वालों को समझाने की कोशिश भी की थी लेकिन वह लोग बिल्कुल भी नहीं माने और मालती की शादी उन्होंने कहीं और ही तय करवा दी। मेरी जिंदगी में बहुत ही ज्यादा अकेलापन आ चुका था और मैं बहुत ज्यादा परेशान भी हो चुका था क्योंकि मालती के मेरी जिंदगी से चले जाने के बाद मैं पूरी तरीके से टूट चुका था। मैं अपने आप को संभाल भी नहीं पा रहा था लेकिन राहुल ने उस वक्त मेरा काफी साथ दिया यदि राहुल मेरा साथ नहीं देता तो शायद मैं अपनी जिंदगी में दोबारा से वापस कभी नहीं लौट पाता। मैं अब अपनी जिंदगी में वापस लौट चुका था और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका था। मैंने दिल्ली में रहने का फैसला कर लिया था और मैं जयपुर छोड़कर दिल्ली आ चुका था दिल्ली में ही मैं अब सेटल हो चुका था और दिल्ली में मैं अपनी नई जिंदगी शुरू कर चुका था। अपने पीछे की जिंदगी को भूल कर मैं अब आगे बढ़ चुका था लेकिन कभी कबार मुझे मालती की याद आ जाती तो मैं मालती को बहुत ही ज्यादा मिस करता।

समय के साथ सब कुछ बदलता जा रहा था और मेरी जिंदगी में अब काफी कुछ चीजें बदलने लगी थी। मैं जिस कंपनी में जॉब करता था वहां पर मुझे प्रमोशन भी मिल चुका था और मैं एक अच्छे पद पर था सब कुछ मेरी जिंदगी में अच्छी तरीके से चलने लगा था। मैं चाहता था कि पापा और मम्मी को भी मैं अपने साथ ही दिल्ली बुला लूं लेकिन वह लोग मेरे साथ दिल्ली में रहने को तैयार नही थे इसलिए मैं उन्हें अपने साथ हमेशा के लिए दिल्ली तो नहीं बुला पाया लेकिन उन्हें मैंने कुछ दिनों के लिए अपने पास दिल्ली बुला लिया था जिससे कि मुझे भी अच्छा लग रहा था की वह लोग मेरे पास कुछ दिनों के लिए ही सही  लेकिन रहने के लिए तो आ गए है। वह लोग कुछ दिनों तक मेरे साथ रहे और फिर वह लोग वापस लौट गए। जब वह लोग जयपुर लौट गए तो मुझे कुछ दिनों तक तो बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा था। एक दिन मैं अपने ऑफिस से वापस लौट रहा था जब मैं अपने ऑफिस से वापस लौट रहा था तो मुझे एक दिन मालती दिखी। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे मालती दिख जाएगी लेकिन उस दिन मुझे मालती दिखी तो मैंने मालती से बात करने की कोशिश की और मालती ने भी मुझसे बात की। मालती मुझसे मिलकर बड़ी खुश थी मैंने मालती से कहा कि तुम क्या दिल्ली में ही रहने लगी हो तो वह मुझे कहने लगी कि मेरे पति का दिल्ली में ट्रांसफर हो गया है और हम लोग दिल्ली में ही रहते हैं। हालांकि मालती और मेरी जिंदगी में अब ऐसा कुछ भी नहीं था लेकिन फिर भी मैं मालती के साथ अपनी दोस्ती को आगे बढ़ाना चाहता था।

हम दोनों के बीच कुछ भी नहीं था लेकिन मैंने उस दिन मालती से उसका नंबर ले लिया और फिर वह वहां से चली गई। हम लोगों की बातें ज्यादा देर तक तो नहीं हुई थी लेकिन मुझे उस दिन मालती से बात करके बहुत ही अच्छा लगा था और हम दोनों बहुत खुश थे। उसके बाद भी कभी कबार मैं मालती से फोन पर बातें कर लिया करता था क्योंकि मैं ज्यादातर अपने काम के सिलसिले में दिल्ली से बाहर ही रहता था इसलिए मेरी बात मालती से तो कम ही हो पाती थी। मालती अपनी शादीशुदा जिंदगी से बहुत ही ज्यादा खुश है और वह मुझे अपने पति के बारे में भी बताती रहती है मैंने भी मालती की जिंदगी में कभी झांकने की कोशिश नहीं की। मुझे भी इस बात की खुशी है कि मालती के पति उसका ध्यान रखते हैं और वह अपने पति के साथ बहुत ही खुश है। मैं और मालती अभी भी अच्छे दोस्त हैं और हम दोनों जब भी मिलते तो हमे बहुत ही अच्छा लगता है। एक दिन मैंने मालती को कहा कि तुम अपने पति को कभी मुझसे मिलवाना तो मालती ने कहा कि हां क्यों नहीं मैं तुम्हें अपने पति से जरूर मिलवाऊंगी। एक दिन मालती ने मुझे अपने घर पर डिनर के लिए इनवाइट किया। मुझे मालती ने जब अपने घर पर डिनर के लिए इनवाइट किया तो मालती के पति से मेरी उस वक्त पहली बार ही मुलाकात हुई थी और मुझे मालती के पति से मिलकर काफी अच्छा लगा।

उन लोगों के साथ में मैंने काफी अच्छा समय बिताया उसके बाद भी मालती और मैं एक दूसरे से बात करते तो हम दोनों को ही अच्छा लगता। जब भी मैं मालती के साथ फोन पर बातें करता या उससे मिलता तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगता था। मालती और मैं बहुत ही ज्यादा खुश थे। हम दोनों एक दूसरे से मिलते थे एक दिन मालती के पति अपने काम से कहीं बाहर गए हुए थे। उस दिन मालती ने मुझे घर पर बुलाया हम दोनों साथ में बैठकर चाय पी रहे थे। हम दोनो एक दूसरे से बातें कर रहे थे लेकिन मुझे नहीं मालूम था उस दिन मालती और मेरे बीच मे वह सब कुछ हो जाएगा जो हम लोगों ने सोचा भी नहीं था। मौसम काफी ज्यादा सुहाना था उस दिन काफी ज्यादा ठंड भी हो रही थी दिल्ली में कड़ाके की ठंड थी और मालती मेरे बगल में बैठी हुई थी। मालती मेरे बगल में बैठी थी तो कहीं ना कहीं मालती के बदन की गर्मी मुझे महसूस होने लगी थी और हम दोनों बहुत ही ज्यादा गरम हो रहे थे। मैंने मालती की जांघ पर जब अपने हाथों को रखा तो वह उत्तेजित होती जा रही थी। हम दोनों बहुत ही ज्यादा गरम हो गए थे मैंने मालती की गर्मी को बहुत ही ज्यादा बढ़ा कर रख दिया था। अब हम दोनों बिल्कुल भी रह ना सके और मैंने मालती के होठों को चूमना शुरू किया तो वस और भी ज्यादा गर्म होती चली गई। मैं उसके स्तनों को दबा रहा था मैंने उसे सोफे पर ही लेटा दिया था वह सोफे पर लेटी हुई थी।

मैंने मालती को कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपना लंड डालना चाहता हूं। वह कहने लगी इसमें भला पूछने की कौन सी बात है मैंने मालती को कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से सकिंग करने लगी थी जिस तरीके से वह मेरे मोटे लंड को चूस रही थी उस से मेरी गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और मालती की गर्मी भी बढ़ती जा रही थी। हम दोनों बहुत ही ज्यादा गरम हो चुके थे जब मैंने मालती से कहा मुझे तुम्हारे स्तनों को चूसना है तो मालती ने अपने बदन से अपने कपड़े उतार दिए थे वह मेरे सामने नंगी लेटी हुई थी। उसके नंगे बदन को देखकर मैं बड़ा खुश था मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू कर दिया। मैं उसके स्तनों को बड़े अच्छे से चूस रहा था और उसकी गर्मी को मैं बढाए जा रहा था।

जब मैं उसकी गर्मी को बढ़ा रहा था तो वह बहुत ही अच्छे से गरम हो चुकी थी। वह मेरे लंड को अपनी चूत में लेने के लिए तैयार हो चुकी थी मैंने उसकी योनि को चाटना शुरू किया तो उसकी योनि से मैंने पानी बाहर निकाल कर रख दिया था। उसकी चूत से बहुत ही अधिक मात्रा में पानी बाहर निकलने लगा था। मालती की योनि से बहुत ज्यादा पानी बाहर निकल रहा था जिस कारण मैंने उसकी चूत में लंड घुसा दिया और मेरा लंड मालती की चूत मे जाते ही वह बड़ी जोर से चिल्लाई। वह मुझे बोली मेरी योनि में दर्द होने लगा है और उसकी चूत में बड़ा दर्द होने लगा था। मैं उसे बहुत तेज गति से धक्के मारे जा रहा था। जिस तरीके से मैं उसे चोद रहा था उससे मुझे मजा आने लगा था और उसको भी बड़ा अच्छा लग रहा था जब वह मेरा साथ दे रही थी। हम दोनों एक दूसरे का साथ अच्छे से दे रहे थे। एक दूसरे के साथ हम लोगों ने काफी देर तक शारीरिक सुख का मजा लिया लेकिन उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही गर्म पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी।

मैंने भी मालती की चूत के अंदर अपने माल को गिरा दिया मेरा माल मालती की चूत के अंदर जा चुका था लेकिन अब दोबारा से मैं उसके साथ शारीरिक सुख का मजा लेना चाहता था क्योंकि मेरी इच्छा अभी तक पूरी नहीं हुई थी इसलिए मैंने दोबारा से उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया। मैने अपने लंड को उसकी योनि में डालते ही वह बहुत जोर से चिल्ला कर बोली मुझे मजा आने लगा है। मैं मालती को तेजी से चोदने लगा। मालती की चूत से बहुत ज्यादा पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा था वह मुझे कहने लगी तुम बस मुझे ऐसी ही धक्के मारते रहो। मैंने उसे काफी देर तक ऐसे ही धक्के मारे। जब मेरा वीर्य बाहर की तरफ को निकलने लगा था तो मैंने मालती से कहा मैं तुम्हारी चूत में मार को गिराना चाहता हूं। वह भी मेरा साथ अच्छे से देने लगी थी। मालती को बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था मैंने उसकी चूत में अपने माल को गिरा कर अपनी इच्छा को पूरा कर दिया था मालती और मैं साथ में लेटे हुए थे। जब हम दोनों साथ थे तो हम लोगों को बड़ा ही अच्छा लगा। उसके बाद हम दोनों ने एक बार और सेक्स किया। मुझे बड़ी गहरी नींद आ गई थी मैं सो चुका था जिस तरीके से मैंने मालती के साथ सेक्स किया उससे हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगा। जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ शारीरिक सुख का मजा लेते तो हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगता और हम दोनों बड़े खुश हो जाते। जब हम दोनों एक दूसरे के साथ में सेक्स किया करते तो हम दोनों को अच्छा लगता। जब भी मैं मालती की चूत का आनंद लेता हूं तो मै खुश हो जाता हूं।