मै अपनी पत्नी के ऊपर लेटा था


Antarvasna, hindi sex story: मैं अपनी कॉलेज की पढ़ाई के लिए दिल्ली आ चुका था उस वक्त मुझे दो महीने ही हुए थे मैं जिस घर में रहता था वहीं पास में अक्षरा भी रहती थी अक्षरा बिल्कुल हमारे पड़ोस में रहती थी इसलिए अक्षरा को अक्सर मैं आते-जाते देखा करता था। जब मैं उसे देखता था तो मेरी उससे बात करने की इच्छा होने लगती थी। एक दिन अक्षरा अपने काम से लौट रही थी मैंने उसे देखा और मैंने उससे बात की सोची हालांकि अक्षरा मुझसे उम्र में बड़ी थी लेकिन फिर भी मैंने उससे बात की और उस दिन पहली बार हम लोगों की बात हुई पहली बार ही हम लोगों का परिचय हुआ लेकिन मुझे नहीं पता था कि बात काफी आगे तक बढ़ जाएगी और मैं और अक्षरा एक दूसरे से शादी करने के बारे में सोचने लगेंगे। मेरे कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और हमारे कॉलेज में कैंपस प्लेसमेंट आया था जिसमें कि मेरा सिलेक्शन हो जाने के बाद मुझे जॉब करने के लिए चेन्नई जाना पड़ा।

मैं चेन्नई नहीं जाना चाहता था लेकिन फिर भी मुझे चेन्नई जाना पड़ा और मैं अब अक्षरा से काफी दूर था अक्षरा और मैं एक दूसरे से फोन पर भी बात किया करते थे। मैंने अपने परिवार में भी इस बारे में बता दिया था कि मैं अक्षरा से शादी करना चाहता हूं पहले वह लोग इसके खिलाफ थे क्योंकि अक्षरा मुझसे उम्र में 3 वर्ष बड़ी है लेकिन बाद में उन लोगों ने यह सब मान लिया और हम दोनों की शादी के लिए वह लोग तैयार हो चुके थे। मैंने एक दिन अक्षरा से फोन पर कहा कि मुझे तुमसे मिलना है तो अक्षरा कहने लगी कि मुझे भी तुमसे मिलना है लेकिन मैं चेन्नई नहीं आ सकती। इसी बीच अक्षरा की पापा की तबीयत भी खराब हो गई उसके पापा की तबीयत इतनी खराब होने लगी थी कि उससे मेरी फोन पर भी बात नहीं हो पा रही थी। कुछ दिनों तक तो मेरी उससे फोन पर बात नहीं हुई तो मैं काफी ज्यादा चिंतित हो गया था लेकिन एक दिन मैंने उसे फ़ोन किया और कहा कि अक्षरा मुझे तुमसे मिलना है तो वह मुझे कहने लगी कि क्या तुम दिल्ली आ रहे हो? मैंने उसे कहा कि हां मैं तुमसे मिलने के लिए दिल्ली आ रहा हूं। मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी और कुछ दिनों के लिए मैं दिल्ली चला आया जब मैं दिल्ली आया तो उस वक्त मैं अक्षरा से मिला अक्षरा काफी ज्यादा परेशान थी मैंने उसे कहा कि तुम्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है जल्द ही सब कुछ ठीक हो जाएगा।

अक्षरा भी कहीं ना कहीं इस बात से दुखी थी। मैंने अक्षरा को कहा कि अक्षरा मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं अक्षरा ने मुझे कहा कि लेकिन पापा की तबीयत तो खराब है क्या हम लोगों को ऐसे में शादी करनी चाहिए। मैंने अक्षरा से कहा कि जब तुम्हारे पापा की तबीयत ठीक हो जाएगी तो उसके बाद हम लोग इस बारे में बात करेंगे। अक्षरा इस बात के लिए मान चुकी थी और मैं अब वापस चेन्नई लौट गया था मैं चेन्नई लौट गया और उसके बाद हम लोगों की फोन पर बातें होती थी। अक्षरा ने मुझे बताया कि उसके पापा की तबीयत अब ठीक है तो मैंने भी अपने पापा से बात की मैं अब अक्षरा के साथ शादी करना चाहता था इसलिए हम दोनों के परिवार वालों ने हमारी सगाई करवा दी और जल्द ही हम दोनों की शादी भी होने वाली थी। हमारी शादी में करीब दो महीने थे तो मैंने सोचा कि अपने लिए शॉपिंग भी कर लेता हूं अक्षरा चाहती थी कि हम लोग दिल्ली में ही शादी करें क्योंकि उनके सारे रिश्तेदार और सगे संबंधी सब दिल्ली में ही रहते हैं इसलिए मुझे अक्षरा की बात माननी पड़ी। अब हम लोगों की शादी का दिन नजदीक आ चुका था जब हम लोगों की शादी होने वाली थी तो सारा अरेंजमेंट मुझे ही देखना था इसलिए मैं कुछ दिन पहले ही दिल्ली चला आया था। दिल्ली में हम लोगों ने अपने मेहमानों के रुकने का सारा प्रबंध करवा दिया था और मैं नहीं चाहता था कि किसी भी प्रकार की कोई परेशानी किसी को हो। मैं और अक्षरा जल्द ही एक दूसरे से शादी के बंधन में बनने वाले थे और जब हम दोनों की शादी हो गई तो हम दोनों ही बहुत खुश थे हमारे दोस्तों ने हमें शादी के लिए बधाई दी। उसके बाद हम लोग पानीपत आ चुके थे क्योंकि पानीपत में ही मेरा घर है और मैं अक्षरा के साथ शादी करके बहुत खुश था अक्षरा भी इस बात से बहुत खुश थी कि हम लोगों की शादी हो पाई।

अक्षरा और मेरे बीच काफी लंबे समय से रिलेशन चला रहा था लेकिन हम दोनों की शादी हो नहीं पाई थी और ना ही हम लोगों ने इस बारे में किसी से कुछ कहा था लेकिन अब हम दोनों एक दूसरे से शादी कर चुके थे और हम दोनों बहुत खुश थे। हम दोनों की शादी हो जाने के बाद मैं कमरे में आया तो वहां मेज पर एक दूध का गिलास रखा हुआ था। मैंने वह दूध का गिलास पीने से बाद अक्षरा का हाथ पकड़ते हुए कहा कि अक्षरा मुझे बहुत खुश हू तुमसे मेरी शादी हो पाई अक्षरा कहने लगी शोभित मैं भी बहुत खुश हू कम से कम मैं तुम्हारे साथ रह तो पाऊंगी। मैंने अक्षरा से कहा कुछ समय बाद ही मैं तुम्हें अपने साथ चेन्नई लेकर चलूंगा। यह कहने के बाद वह मेरी बाहो में आ गई और बहुत ही ज्यादा खुश थी मैंने उसके होठों को चूमा। मैंने उसके नरम होंठों को चूमना शुरू किया तो उसके गुलाबी होठों से मैंने खून भी निकाल कर रख दिया था वह बहुत ज्यादा तड़पने लगी थी उसकी गरम सांसे मुझसे टकराने लगी थी मैं समझ चुका था कि वह अपने आ को रोक नहीं पा रही है। मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया जब मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था उसके स्तनों को दबाने के बाद जब मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू किए वह मेरे सामने नंगी लेटी थी।

उसकी चिकनी चूत पर एक भी बाल नहीं था मैंने अक्षरा की चूत पर अपनी उंगली को लगाया तो वह जोर से सिसकिया भरने लगी शोभित मुझे इतना मत तड़पाओ। मैंने उसके निप्पलो को अपने मुंह में ले लिया जब मैं उसके निप्पलो को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करने लगा तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था उसके निप्पल को चूस कर मुझे मजा आता मैने उनसे दूध भी बहार निकाल दिया था। वह मुझे कहने लगी लगता है आज तुम मेरी गर्मी मिटाकर ही छोड़ोगे। मैंने उसे कहा आज के दिन तो मैं तुम्हारी गर्मी को इस कदर बढ़ा दूंगा की तुम अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाओगी। वह बहुत ज्यादा खुश थी मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो उसकी चूत से निकलता हुआ पानी कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगा था। मैंने अपने लंड को उसकी योनि पर लगाया तो वह मुझे कहने लगी मै पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी हू। उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे वह ऐसे चूसने लगी जैसे कि वह मेरे लंड को पूरी तरीके से अपने अंदर ही समा लेगी। उसने अपने मुंह के अंदर तक मेरे लंड को लेकर उसे बड़े अच्छे से चूसा। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो उसकी चूत से खून की पिचकारी बाहर निकलने लगी उसकी चूत से खून की पिचकारी बाहर निकल चुकी थी। जब उसकी चूत से खून निकलने लगा तो मैंने उसे कहा क्या आज तुम्हारी सील तोडकर मजा आ गया और तुम्हें अपना बनाकर मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। अक्षरा भी बहुत ज्यादा खुश थी अक्षरा अपने पैरों को चौड़ा करने लगी थी अक्षरा ने अपने पैरों को चौड़ा कर लिया था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है वह अपने पैरों को और भी चौड़ा करने लगी थी कुछ देर बाद मैंने उसे घोड़ी बना दिया उसे घोडी बनाने के बाद उसकी योनि के अंदर बाहर अपने लंड को करने लगा तो उसकी योनि से खून निकलने लगा था। वह मुझे कहने लगी मेरी योनि से खून निकल रहा है मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारी चूत के अंदर अपने वीर्य को गिराना है।

वह मुझे कहने लगी तुम अपने वीर्य को मेरी चूत में ही गिरा दो और मैंने उसकी चूत के अंदर ही अपने वीर्य को गिरा दिया लेकिन मेरी इच्छा अभी तक पूरी नहीं हुई थी मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारी चूत दोबारा से मारनी है। वह मुस्कुराते हुए मुझे कहने लगी शोभित मैं तुम्हारी ही हूं और तुम्हें मेरी चूत जितनी बार मारनी है तुम उतनी बार मेरे साथ सेक्स कर लो। मैंने भी अपने लंड पर तेल लगा लिया था जिस से कि मेरा लंड पूरी तरीके से चिकना हो चुका था मेरे लंड अक्षरा की चूत के अंदर जाते ही वह जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। वह अपने पैरों को खोलने लगी थी जब वह अपने पैरों को खोलती तो मुझे और भी ज्यादा मजा आता। मैंने उसे कहा कि मुझे बहुत ही मजा आ रहा है वह मुझे कहने लगी तुम और भी तेजी से मुझे धक्के देते रहो।

मैंने अब उसे तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए थे जिस गति से मैं उसे चोद रहा था उससे वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। कुछ देर बाद मैंने उसे डॉगीस्टाइल पोजीशन में बनाते हुए चोदना शुरू किया तो वह सिसकियां लेने लगी और उसकी सिसकियां बढने लगी थी। उसकी सिसकियां इस कदर बढ़ने लगी थी वह कहने लगी तुम और भी तेजी से मुझे चोदते रहो। मैंने उसकी चूतड़ों पर बड़ी तेजी से प्रहार करना शुरू कर दिया था उसकी चूतड़ों का रंग पूरी तरीके से लाल होने लगा था लेकिन उसकी इच्छा अभी तक पूरी नहीं हुई थी और ना ही मेरी इच्छा पूरी हुई थी इसलिए मैं उसे लगातार तेजी से चोदता जाता आखिरकार मेरा वीर्य जब अक्षरा की योनि में गिरा तो वह बिस्तर पर लेट चुकी थी और मैं उसके ऊपर से लेटा हुआ था। कुछ देर तक हम लोग ऐसे ही लेटे रहे फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला और मैंने उसे कहा आज मुझे बहुत मजा आ गया। वह भी कहने लगी हां मुझे भी आज बहुत ही मजा आ गया और वह इस बात से खुश थी।


error: