लंड तन कर चोदने को तैयार था


Antarvasna, hindi sex stories: काफी समय हो गया था मैं अपने पापा मम्मी से भी नहीं मिला था तो सोचा कि कुछ दिनों के लिए उनसे मिलने के लिए चला जाऊं। मैं पिछले दो वर्षों से पुणे में ही जॉब कर रहा हूं कॉलेज की पढ़ाई खत्म हो जाने के बाद मैं पुणे में जॉब करने लगा था। मेरे पापा मम्मी नागपुर में रहते हैं पापा और मम्मी दोनों ही स्कूल में टीचर हैं इसलिए उनके पास भी कम ही समय होता है। मुझे लगा था कि मैं जब पापा मम्मी से मिलने के लिए जाऊंगा तो वह लोग मेरे लिए थोड़ा समय निकाल लेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ पापा और मम्मी अपने स्कूल चले जाया करते थे। मैं करीब 10 दिनों के लिए घर पर था लेकिन इन 10 दिनों में मेरा मन बिल्कुल भी घर पर नहीं लगा मैं काफी बोर हो जाया करता था इसलिए मैं वापस पुणे लौट आया था। जब मैं वापस पुणे लौटा तो मेरा मूड बिल्कुल भी ठीक नहीं था इसलिए मैंने अपने दोस्त को फोन किया, मेरा दोस्त पुणे में ही रहता है। मैंने उसे फोन किया तो वह मुझे कहने लगा कि विजय मैं अभी तुम्हारे पास आ रहा हूं और वह करीब आधे घंटे बाद मेरे फ्लैट में आ गया। जब वह मेरे फ्लैट में आया तो वह मुझसे कहने लगा कि विजय आज तुम्हारा मूड बिल्कुल भी ठीक नहीं लग रहा है।

मैंने उसे सारी बात बताई तो वह मुझे कहने लगा कि देखो यह तुम्हारे मम्मी पापा की मजबूरी है। उसने मुझे इस बात को लेकर समझाया तो मैंने उसे कहा कि मैं जानता हूं कि मम्मी और पापा की मजबूरी है लेकिन फिर भी उनकी मुझे लेकर कुछ तो जिम्मेदारी बनती है वह लोग मेरे लिए एक दिन की भी अपने स्कूल से छुट्टी नहीं ले पाए। मेरे दोस्त सुधांशु ने मुझसे कहा कि अब तुम इस बात को भूल जाओ और आज मैं तुम्हें अपने साथ ले चलता हूं। उस दिन मुझे सुधांशु अपने साथ अपने ही एक दोस्त के बर्थडे पार्टी में ले गया, जब वह मुझे वहां पर ले गया तो मुझे बहुत अच्छा लगा। शायद मेरे लिए सुधांशु के दोस्त के बर्थडे पार्टी में जाना बहुत ही अच्छा रहा क्योंकि वहां पर सुधांशु ने मेरी मुलाकात पायल से करवाई। मेरी मुलाकात पायल के साथ हुई तो मुझे पायल से मिलकर बहुत ही अच्छा लगा लेकिन मेरी उससे ज्यादा बात नहीं हो पाई। उसके काफी दिनों बाद एक दिन मैं पायल को मिला जब मैं उसे मिला तो उसने तुरंत ही मुझे पहचान लिया उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे। हम दोनों की बातें काफी होने लगी थी तो मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं पायल से उसका नंबर ले लूं। मैंने उस दिन पायल से उसका नंबर ले लिया और उसके बाद मेरे पास पायल का नंबर आ चुका था और हम दोनों एक दूसरे से बातें भी करने लगे थे।

हम दोनों को एक दूसरे से बात कर के अच्छा लगता मैं पायल को अपने बारे में सब कुछ बता चुका था पायल को मुझसे ज्यादा हमदर्दी है इसीलिए वह कई बार मुझसे मिलने के लिए आ जाया करती। जब पायल मुझसे मिलने के लिए आती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता कि कम से कम कोई तो है जो मेरा ख्याल रखता है लेकिन अभी तक ना तो मैंने अपने प्यार की पहल की थी और ना ही पायल ने मुझे कुछ कहा था। हम दोनों एक दूसरे से कुछ भी नहीं कह पाए थे हम लोग सिर्फ अच्छे दोस्त थे और हम दोनों दोस्त बनकर ही रहना चाहते थे लेकिन मैं चाहता था कि जल्द ही मैं पायल को अपने दिल की बात कह दूँ। मैं इस बात के लिए काफी ज्यादा घबरा भी रहा था और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मुझे पायल को अपने दिल की बात कहनी चाहिए या नहीं। मुझे डर भी था कि अगर मैंने पायल को अपने दिल की बात कहीं तो कहीं उसे बुरा ना लग जाए इसलिए मैंने फिलहाल तो पायल से अपने दिल की बात नहीं कही थी। एक दिन जब पायल और मैं साथ में बैठे हुए थे तो उस दिन मैंने पायल को प्रपोज कर दिया। मैंने जब पायल को प्रपोज किया तो उसने भी मेरे रिलेशन को स्वीकार कर लिया और मैं काफी खुश हो गया था की पायल और मैं एक दूसरे से बातें करने लगे है और पायल ने मेरा रिलेशन भी स्वीकार कर लिया था। मैं इस बात से बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था कि अब हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में है। मैं और पायल एक दूसरे के साथ रिलेशन में थे यह बात मेरे दोस्त सुधांशु को भी पता चल चुकी थी। मैं ज्यादा से ज्यादा समय पायल के साथ बिताने के बारे में सोचता और पायल को भी मेरा साथ बहुत ही अच्छा लगता था। एक दिन पायल और मैं साथ में बैठे हुए थे उस दिन पायल ने मुझे कहा कि विजय मैं तुम्हें अपने पापा और मम्मी से मिलाना चाहती हूं मैंने पायल से कहा कि क्या तुम्हारे पापा और मम्मी मुझसे मिलना चाहते हैं या फिर तुमने उन्हें हम दोनों के बारे में बता दिया है।

पायल ने मुझे कहा की ऐसा कुछ भी नहीं है लेकिन मैं तुम्हें उनसे मिलाना चाहती हूं ताकि वह तुम्हें जान सके और अगर आगे कभी हमने हम दोनों के रिलेशन के बारे में उन्हें बताया तो हम दोनों के रिलेशन को वह स्वीकार कर ले। मैंने पायल की बात मान ली और पायल के घर पर मैं पायल के साथ चला गया। मैं जब पायल के घर पर गया तो मुझे पायल के पापा मम्मी के साथ काफी अच्छा लगा उन लोगों के साथ मुझे समय बिता कर ऐसा लगा कि वह पायल को कितना प्यार देते हैं और पायल की जिंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा है। मैं और पायल एक दूसरे से बहुत बातें करने लगे थे हम दोनों की बातें फोन पर घंटों हुआ करती थी क्योंकि पायल और मैं अब रिलेशन में थे इसी वजह से हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश रहते थे। हम दोनों एक दूसरे के साथ अब ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगे थे। पायल कई बार मुझसे मिलने के लिए मेरा फ्लैट पर आ जाती थी। एक दिन वह फ्लैट में आई हुई थी उस दिन बारिश काफी तेज हो रही थी। बारिश इतनी तेज हो रही थी कि पायल को मैंने कहा तुम यही रुक जाओ। वह मेरे साथ ही रुक गई हम दोनों एक दूसरे के साथ बात कर रहे थे।

मैंने पायल से कहा मैं तुम्हारे लिए कॉफी बना कर ले आता हूं तो पायल कहने लगी नहीं मैं भी तुम्हारे साथ कॉफी बनाती हूं। हम दोनों किचन में चले गए और वहां पर हम लोग कॉफी बनाने लगे। मैं और पायल एक दूसरे से बात कर रहे थे जब मैं और पायल बातें कर रहे थे तो मुझे उनसे बात करना अच्छा लग रहा था। मैं पायल के स्तनों की तरफ देख रहा था उस दिन मुझे उसके स्तनों को देखकर अलग ही फिंलिग पैदा हो रही थी वह बहुत ज्यादा अच्छी लग रही थी। मैंने पायल से कहा मै तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूं? वह बोली तुम यह क्या कह रहे हो। मैंने जैसे ही पायल को अपनी बाहों में लिया तो उसकी गांड मेरे लंड से टकराने लगी थी। पायल मुझे कहने लगी तुम यहां क्या कर रहे हो वह मेरे साथ सेक्स का मजा लेना चाहती थी। जब उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर हिलाना शुरू किया तो उसको मजा आने लगा और मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। पायल और मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे हम दोनों की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। हम दोनों के अंदर की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि मैंने पायल से कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालना चाहता हूं। पायल ने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया वह उसे संकिग करने लगी। पायल जब मेरे लंड को संकिग कर रही थी तो मुझे मजा आ रहा था। मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी और पायल की चूत से निकलता हुआ पानी भी बहुत अधिक हो चुका था। मैंने पायल से कहा लगता है तुम अपने आपको रोक नहीं पाओगी। पायल कहने लगी हां तुम ठीक कह रही हो और यह कह कर जब मैंने पायल की योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो मुझे बहुत मजा आने लगा।

उसके टाइट चूत मार कर मुझे मजा आ रहा था। जिस प्रकार से मैं उसे धक्के मार रहा था उस से मेरी गर्मी मे भी लगातार बढ़तोरी हो रही थी। मेरी अंदर की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि उसे रोक पाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो गया था। मैंने जब पायल की योनि के अंदर बड़ी तेज गति से धक्के मारने शुरू किए तो मुझे एहसास होने लगा था जैसे कि उसकी योनि से खून निकलने लगा है। पायल की योनि से खून निकलने लगा था मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था। मैं अपने अंदर की गर्मी को रोक नही पाया। जब मैंने पायल को डॉगीस्टाइल मे बनाया तो मुझे और भी ज्यादा मजा आने लगा। मैं उसे बड़ी तेजी से धक्का मार रहा था वह मेरा साथ बड़े ही अच्छे से दिए जा रही थी। वह मेरा साथ इतने अच्छे से दे रही थी मैंने उसे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।

पायल मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैं उसे तीव्र गति से धक्के मार रहा था। वह मुझसे अपनी चूतडो को मिला रही थी। जब उसकी चूतडो पर मै प्रहार करता तो उस से एक अलग ही आवाज पैदा होती जिससे कि मेरे अंदर की गर्मी में लगातार बढोतरी होती जा रही थी। पायल की चूतडो का रंग लाल होने लगा था। पायल मुझसे अपनी चूतडो को मिलाए जा रही थी मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। जब वह ऐसा कर रही थी तो एक समय ऐसा आया जब मेरा वीर्य बाहर की तरफ आ चुका था। मैं समझ गया था मैं ज्यादा देर तक रह नहीं पाऊंगा मैंने पायल की चूत मे माल गिरा दिया। मैंने पायल से कहा तुम्हें कैसा लगा? वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लगा और बहुत ही मजा आ गया। पायल को मेरे साथ सेक्स करके बहुत ही मजा आया था और वह उस दिन तो घर चली गई लेकिन उसके बाद जब भी वह मेरे पास होती तो हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स किया करते और एक दूसरे की इच्छा को पूरा कर दिया करते।


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