लंड से जूस निकाल दिया


Antarvasna, desi kahani: मैं अपने घर से बाहर निकला ही था कि हमारे पड़ोस में रहने वाले मिश्रा जी मुझे दिखाई दिए उन्होंने मुझे कहा कि रोहित बेटा तुम कैसे हो? मैंने उन्हें कहा अंकल मैं तो ठीक हूं। वह मुझसे पूछने लगे कि बेटा क्या तुम्हारे पापा अभी घर पर ही हैं मैंने उन्हें कहा कि हां अंकल पापा तो अभी घर पर ही हैं वह कहने लगे कि ठीक है मैं तुम्हारे पापा से मिल लेता हूं। वह घर पर चले गए मैं भी अपने कॉलेज के लिए चला गया मैं जब अपने कॉलेज पहुंचा तो उस दिन कॉलेज के दोस्तों ने घूमने का प्लान बनाया था वह कहने लगे कि रोहित हम लोग सोच रहे हैं कि कहीं घूमने के लिए जाएं। मैंने उन्हें कहा कि लेकिन हमारी क्लास भी तो है और कौन-कौन घूमने के लिए आने वाला है तो वह लोग मुझे कहने लगे कि इस बारे में तो हमें नहीं पता लेकिन हम तीनों लोग तो घूमने के बारे में सोच रहे थे यदि तुम भी हमारे साथ चलना चाहते हो तो तुम चल सकते हो। क्लास में मेरी सबसे अच्छी बनती थी इसलिए मैंने सब से इस बारे में पूछा तो लगभग आधे से ज्यादा बच्चों ने इस बारे में हामी भर दी थी और फिर हम सब लोगों ने पैसे मिलाकर शिमला जाने का प्लान बना लिया।

मैंने इस बारे में अपने पापा को भी बता दिया था मम्मी मुझे कहने लगी कि रोहित बेटा तुम वहां से कितने दिन में लौट आओगे मैंने उन्हें कहा कि मैं वहां से करीब 4 दिन बाद लौट आऊंगा। हम लोग शिमला जाने की तैयारी कर रहे थे उस रात मां ने ही मेरा सामान पैक किया और कहा कि रोहित बेटा तुम अपना ध्यान रखना। मां मेरा बहुत ध्यान रखती है और वह मेरी बहुत चिंता भी करती है मैंने उन्हें कहा कि मां आप बिल्कुल भी चिंता कीजिए मैं अपना ध्यान रख लूंगा। हम लोग शिमला जाने की तैयारी में थे हम लोगों ने एक ट्रैवल एजेंट के द्वारा बस बुक कर ली थी और उसी बस से हम लोग शिमला जाने वाले थे। हम लोग जब उस बस से शिमला के लिए निकले तो सब लोग बड़ी ही मस्ती कर रहे थे, मैं अपने दोस्तों के साथ बैठा हुआ था मेरे बगल में गौतम बैठा हुआ था और गौतम मुझे कहने लगा कि रोहित यह सब तुम्हारी वजह से ही संभव हो पाया है। मैंने उसे कहा कि लेकिन यह प्लान तो तुम लोगों का ही था मैंने तो सिर्फ सब लोगों से इस बारे में पूछा था।

वह मुझे कहने लगा कि रोहित लेकिन सब लोग तुम्हारी बात बहुत अच्छे से मानते हैं। हम लोग दोनों आपस में बात कर रहे थे कि गौतम मुझे कहने लगा देखो कितना बढ़िया नजारा है, मैंने जब बस की खिड़की से बाहर झांककर देखा तो बाहर सुंदर पहाड़ियां दिखाई दे रही थी और हम लोग बहुत ही खुश थे। मैंने अपने जेब से मोबाइल निकाला और उन तस्वीरों को मैं अपने मोबाइल में कैद कर लेना चाहता था। हम लोग शिमला पहुंचने वाले थे लेकिन शिमला से कुछ किलोमीटर पहले हम लोग रुके और वहां पर हम सब लोगों ने खाना खाया, खाना खाने के थोड़ी देर बाद हम लोग वहां से शिमला के लिए निकल पड़े। करीब एक घंटे बाद हम लोग शिमला पहुंच चुके थे और जब हम लोग शिमला पहुंचे तो हम लोग अपने रूम में बैठे हुए थे मेरे साथ गौतम ही था गौतम और मैं एक ही रूम में रुकने वाले थे। गौतम मुझे कहने लगा कि रोहित मैं नहा लेता हूं मैंने उसे कहा कि गौतम लेकिन बहुत ज्यादा ठंड हो रही है तुम कैसे नहाओगे तो वह कहने लगा कि मैं आज सुबह जब घर से निकला था तो उस वक्त मैं नहा नहीं पाया था इसलिए मुझे बिल्कुल भी फ्रेश फील नहीं हो रहा है। गौतम नहाने के लिए बाथरूम में चला गया और थोड़ी देर बाद वह नहा कर बाहर निकला, मैं टीवी देख रहा था गौतम मुझे कहने लगा कि रोहित तुम भी नहा लो मैंने उसे कहा नहीं मैं सुबह घर से नहा कर ही निकला था। हम दोनों बैठे हुए थे और एक दूसरे से बात कर रहे थे कि तभी हमारे क्लास के कुछ बच्चे हमारे रूम में आए और कहने लगे कि चलो रोहित और गौतम हम लोग बाहर घूमने के लिए चलते हैं। हम दोनों भी जल्दी से तैयार हो गए और अब हम लोग शिमला घूमने के लिए निकले मैंने जभ आकांक्षा को देखा तो आकांक्षा को देखकर मेरे अंदर ना जाने क्या फीलिंग पैदा होने लगी।

हमारे साथ कुछ लड़कियां भी थी इसलिए उस दिन आकांक्षा को देखकर मैं उस पर लाइन मारने लगा था आज से पहले मैंने कभी भी आकांक्षा को इस नजर से नहीं देखा था हम लोग जब उस दिन साथ में घूमने के लिए गए तो मैं ज्यादा समय आकांक्षा के साथ ही था। हम दोनो साथ में बैठे हुए थे हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे तो मैंने आकांक्षा से कहा कि क्या तुम कुछ खाओगी। वह कहने लगी नहीं लेकिन उसे आइसक्रीम बड़ी पसंद थी तो उसने मुझे कहा तुम मेरे लिए आइसक्रीम ले आओ मैं उसके लिए आइसक्रीम ले आया मैं आकांक्षा की तरफ देख रहा था तो वह आइसक्रीम ऐसे चूस रही थी कि मेरे अंदर एक अलग ही फिंलीग पैदा हो गई थी मैं चाहता था कि वह मेरे लंड को चूसे। आकांक्षा भी कहीं ना कहीं मेरे बातों से प्रभावित हो गई थी हम लोगों ने उससे पहले कभी इतनी बातें नहीं की थी लेकिन उस रात हम साथ में बैठे हुए थे गौतम मेरे साथ रूम में था वह मुझे कहने लगा मुझे तो बड़ी नींद आ रही है। आंकाक्षा और मैं साथ में बैठ कर बात कर रहे थे मैंने अब आकांक्षा का हाथ पकड़ते हुए अपनी और खींचा और उसके होठों को मैं चूमने लगा तो वह भी मेरे होठों को किस करने लगी लेकिन थोड़ी देर बाद वह मुझे बोली रोहित ह सब ठीक नहीं है।

मैंने उसे कहा लेकिन इसमें गलत क्या है तो वह कुछ नहीं बोली और मैं उसके होठों को चूमने लगा मैंने उसके होठों को किस करना शुरू कर दिया था और बड़े ही अच्छे तरीके से मैं उसके होठों को किस कर रहा था जिससे हम लोग पूरी तरीके से गर्म होते जा रहे थे। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है अब हम दोनों की गर्माहट कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी और कुछ देर की चुम्मा चाटी के बाद जब मैंने अपने लंड को बाहर निकालकर मैंने उसे आकांक्षा के सामने किया तो वह कहने लगी तुम्हारा लंड कितना मोटा है और कितना काला भी है। मैंने उसे कहा तुम इसे अपने मुंह में ले लो उसने अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को लेना शुरु किया वह जैसे आइसक्रीम चूस रही थी वैसे मेरे लंड को बड़े अच्छे तरीके से चूस रही थी। वह पूरी तरीके से खुश हो गई थी उसने मुझे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैंने उसे कहा तुम ऐसे ही करती रहो। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है वह बहुत ही ज्यादा गरम हो चुकी थी और उसकी गर्मी अब इस कदर बढ़ चुकी है कि वह मुझे कहने लगी मैं अपने कपड़े उतार रही हूं और मैंने उसके बदन को देखा तो मेरा लंड और भी कडक होता चला गया। मैं भी उसके बूब्स को अपने मुंह में लेकर बड़े अच्छे से उनका रसपान करने लगा मुझे उसके स्तनों का रसपान करने में एक अलग ही फीलिंग पैदा हो रही थी और वह मुझे कहती कि मेरे अंदर एक अलग ही करंट जाग रहा था। थोड़ी देर बाद वह मुझे बोली कि गौतम उठ ना जाए तो मैंने उसे कहा कोई बात नहीं। अब हम दोनों ही पूरी तरीके से अपने आप पर काबू नहीं कर पा रहे थे। मैंने उसकी योनि पर लंड को लगाया जैसे ही मैंने उसकी चूत पर अपने मोटे लंड को लगाया तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैंने धीरे-धीरे उसके अंदर अपने लंड को घुसाया मेरा लंड उसकी चूत में जाते ही उसकी चूत से खून की पिचकारी बाहर की तरफ को निकली और जैसे ही उसकी चूत से खून निकलने लगा तो मैं समझ गया था कि उसकी सील टूट चुकी है।

मैं उसकी आंखों में देखा था उसकी आंखें बड़ी ही कमाल है। मैं उसे बहुत तेज गति से चोदे जा रहा था जिस कारण उसे बहुत अच्छा लग रहा था और अब कहीं ना कहीं वह पूरी तरीके से उत्तेजित होते जा रही थी उसकी गर्मी बहुत ही ज्यादा बढ़ चुकी थी। वह मुझे कहने लगी तुम और भी तेजी से अपने लंड को अंदर बाहर करते रहो। वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी मैं उसे लगातार तेज गति से चोद रहा था। मैंने उसे कहा मुझे लगता है मैं ज्यादा देर तक तुम्हारा साथ नहीं दे पाऊंगा। वह मुझे कहने लगी कोई बात नहीं और थोड़ी देर के बाद ही मेरा वीर्य मेरे लंड से बाहर आने लगा मैंने उसकी चूत के अंदर ही गिरा दिया।

मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो आकांक्षा मुझसे कहने लगी रोहित कहीं कुछ होगा तो नहीं? मैंने उसको कहा नहीं कुछ भी नहीं होगा तुम उसकी बिल्कुल भी चिंता मत करो मैंने अब अपने लंड को कपड़े से साफ किया और आकांक्षा की चूत को भी मैंने कपड़े से साफ किया और धीरे से मैंने उसकी योनि पर दोबारा अपने लंड को सटाया जब मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सताया तो मुझे मजा आने लगा और अब मैं धीरे-धीरे उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डालने लगा था जैसे ही मैंने उसकी चूत के अंदर लंड घुसाया तो मुझे मजा आने लगा। मेरा मोटा लंड उसकी चूत के अंदर तक जा चुका था। मै अब उसके स्तनों को कस कर दबा रहा था तो वह कहने लगी थोड़ा आराम से करो लेकिन मुझे तो बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था मैंने उसकी चूत पर बड़ी तीव्र गति से धक्के देना शुरू कर दिया था जब मैं ऐसा कर रहा था तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आता जिससे कि वह भी पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई थी और आखिरकार मैंने उसकी योनि के अंदर ही अपने माल को गिराकर उसकी इच्छा को पूरा कर दिया और वह बड़ी खुश हो गई।


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