लंड समा लो चूत में


Antarvasna, hindi sex story: मैं और संजना एक दूसरे को काफी समय से डेट कर रहे हैं लेकिन जब भी मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी के बारे में सोचता हूं तो मुझे लगता है कि मुझे संजना से शादी करनी चाहिए या नहीं? यह सवाल मेरे दिमाग में हर रोज दौड़ता है लेकिन मुझे अभी तक कुछ समझ नहीं आया कि मुझे क्या करना चाहिए। मेरा मेरी पत्नी से अभी तक डिवोर्स नहीं हुआ है और वह मेरे साथ ही रहती है लेकिन हम दोनों के रिश्ते कुछ ठीक नहीं है जिस कारण शायद मैं कभी उसे दिल से स्वीकार कर ही नहीं पाया। वह हमेशा ही मुझसे झगड़ती करती रहती थी मेरी पत्नी दिव्या की वजह से घर का माहौल भी कुछ ठीक नहीं था क्योंकि वह मेरी मां से भी काफी झगड़ती रहती थी। कई बार मेरी मां ने भी उसे कह दिया था कि यदि तुम्हें मेरे बेटे के साथ नहीं रहना तो तुम उसे डिवोर्स दे सकती हो। दिव्या को ना जाने किस बात की परेशानी थी मैंने उसे हमेशा ही कहा कि दिव्या क्या हमने कभी तुम्हें कुछ कहा लेकिन वह कुछ भी नहीं कहती थी और बस मुझसे बेवजह ही झगड़ती रहती थी।

घर में इस वजह से सब काफी परेशान हो चुके थे और मैंने भी फिर दिव्या को डिवोर्स देने का मन बना लिया था मैंने दिव्या से कहा मैं तुम्हारे साथ नहीं रह सकता तो दिव्या ने मुझे कहा कि आकाश मैं भी तुम्हारे साथ नहीं रहना चाहती और फिर दिव्या चली गई। दिव्या से मेरी शादी को हुए सिर्फ 6 महीने ही हुए थे लेकिन इन 6 महीनों में मैं काफी ज्यादा परेशान हो चुका था और मानसिक रूप से भी बहुत परेशान था आखिर दिव्या मेरी जिंदगी से चली गई और मैंने उसे डिवोर्स दे दिया। कुछ समय बाद ही मुझे पता चला कि दिव्या किसी और लड़के से प्यार करती थी और उससे वह शादी करना चाहती थी लेकिन उसके परिवार वालों ने जबरदस्ती उसकी शादी मुझसे करवा दी थी शायद यही वजह थी कि दिव्या का व्यवहार मेरे साथ बिल्कुल भी ठीक नहीं था।

अब वह मेरी जिंदगी से दूर जा चुकी थी और मैं चाहता था कि संजना को मैं अपने परिवार वालों से मिलवाऊंगा लेकिन अभी मैं संजना को अपने परिवार वालों से नहीं मिलाना चाहता था। कुछ समय बाद ही मैंने अपनी मां को संजना से मिलाया मेरी मां संजना से मिली और मां ने सबसे पहले संजना से कहा कि बेटा क्या तुम्हें आकाश की पहली शादी के बारे में पता है तो संजना ने जवाब दिया कि हां मुझे सब पता है कि आकाश और दिव्या की शादी हुई थी लेकिन आकाश उसके साथ बिल्कुल भी खुश नहीं था जिस वजह से आकाश ने दिव्या को डिवोर्स दे दिया मेरे और आकाश के बीच सब कुछ ठीक है। जब यह बात मां ने सुनी तो मां ने कहा कि बेटा अगर तुम्हे सब कुछ पता है तो तुम अकाश से शादी कर लो। संजना कहने लगी कि मैं तो आकाश से शादी करना चाहती हूं लेकिन मुझे उसके लिए अपने पापा और मम्मी से बात करनी पड़ेगी। संजना ने अभी तक अपने पापा मम्मी से इस बारे में बात नहीं की थी लेकिन संजना का हमारे घर पर अक्सर आना-जाना लगा रहता था। संजना मां से मिलती तो मां को बहुत खुशी होती और सब कुछ बहुत अच्छे से चलने लगा था। एक दिन संजना ने मुझे बताया कि उसने अपने पापा से इस बारे में बात की है और वह चाहते हैं कि मैं उनसे मिलूं। मैं जब संजना के पापा और मम्मी से मिला तो उन्होंने मुझे कहा कि देखो बेटा संजना ने हमें तुम्हारी शादी के बारे में सब कुछ बता दिया है और उसने तुम्हारे बारे में भी हमें सब कुछ बता दिया है हम लोग चाहते हैं कि तुम लोग जल्द ही शादी कर लो। संजना के पापा मम्मी को किसी भी बात की कोई परेशानी नहीं थी और वह लोग संजना की शादी मुझसे करवाने के लिए तैयार हो चुके थे अब हम दोनों जल्द ही शादी करने वाले थे। कुछ ही समय बाद हम दोनों ने शादी कर ली और शादी हो जाने के बाद मैं संजना के साथ बहुत खुश था। हमारी शादी को भी करीब 3 महीने हो चुके थे संजना और मेरी शादीशुदा जिंदगी अच्छे से चल रही थी। एक दिन संजना ने मुझे बताया कि उसके ऑफिस से उसे कुछ समय के लिए अमेरिका भेज रहे हैं मैंने संजना से पूछा लेकिन तुम कितने समय के लिए अपने ऑफिस के काम से जा रही हो। उसने मुझे बताया कि वह करीब एक वर्ष के लिए जा रही है मैंने संजना से कहा कि क्या तुम्हारा वहां जाना जरूरी है तो संजना कहने लगी कि आकाश तुम्हें तो पता ही है कि मुझे कितना बड़ा मौका मिल रहा है अब इस मौके को मैं कैसे छोड़ सकती हूँ।

मैंने संजना से कहा संजना तुम्हें जैसा ठीक लगता है तुम वैसा ही करो और अब संजना ने अमेरिका जाने की पूरी तैयारी कर ली थी। मुझे भी लगा कि शायद संजना को वहां चले जाना चाहिए क्योंकि संजना का जाना ठीक रहेगा और वह भी यही चाहती थी, संजना अमेरिका जाना चाहती थी और वह जल्द ही अमेरिका चली गई।जब संजना अमेरिका चली गई तो कुछ दिनों तक मेरा मन बिल्कुल भी नहीं लग रहा था लेकिन संजना से मैं बातें करता रहता था मैंने संजना को कहा कि मैं तुम्हें बहुत मिस करता हूं तो वह भी मुझे कहने लगी कि आकाश मैं भी तुम्हें काफी मिस कर रही हूं। यह पूरे एक साल की बात थी मुझे लगा था कि शायद एक साल इतनी जल्दी कट जाएगा लेकिन यह इतना आसान होने वाला नहीं था अभी सिर्फ दो महीने ही हुए थे और संजना मुझसे इतनी दूर थी कि मैं उसे मिल भी नहीं सकता था। संजना और मैं एक दूसरे से काफी दूर थे लेकिन इसी बीच हमारे पड़ोस में रहने के लिए एक कमसिन लडकी आई उसे मैं जब भी देखता तो मुझे बहुत अच्छा लगता उसका बदन बड़ा ही लाजवाब था।

उसका नाम सुहानी है सुहानी को देखकर मुझे अक्सर यही लगता कि अगर वह मेरे साथ सेक्स कर ले तो मुझे वह जन्नत की सैर करवा देगी। सुहानी हमारे घर पर आने लगी थी मेरी मां के साथ सुहानी का काफी बनती थी लेकिन उसे पता था कि मैं शादीशुदा हूं इसलिए मुझे वह घास नहीं डालती थी लेकिन फिर भी मैं सुहानी से बातें करने लगा था क्योंकि मुझे सुहानी का गदराया हुआ सेक्सी फिगर अपना बनाना था। सुहानी को जब मेरे मदद की जरूरत होती तो मैं उसकी मदद कर दिया करता। एक दिन सुहानी ने मुझे कहा क्या तुम आज मुझे मेरे ऑफिस तक छोड़ सकते हो तो उस दिन मैंने सुहानी को उसके ऑफिस तक छोड़ा। उसके बाद भी हम दोनों एक दूसरे के साथ अक्सर समय बिताने लगे हम लोग कभी मूवी देखने के लिए चले जाते और कभी साथ में शॉपिंग करने के लिए चले जाते। मैं तो चाहता था कि सिर्फ में सुहानी के साथ संभोग करू और इससे ज्यादा मैंने कुछ भी नहीं सोचा था लेकिन सुहानी ऐसा नहीं चाहती थी परंतु एक दिन उसने मुझे अपने घर पर बुलाया। उस दिन हम दोनों ही उसके घर पर थे मैंने सुहानी से कहा क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है? वह कहने लगी मै बॉयफ्रेंड के चक्कर में नहीं पड़ती लेकिन उसने मुझे बताया पहले उसका एक बॉयफ्रेंड था जिसके साथ वह काफी समय तक रिलेशन मे थी पर अब वह दोनों अलग हो चुके हैं। सुहानी ने जब मेरे हाथ को पकड़ा तो मैं कुछ समझ नहीं पाया लेकिन जब सुहानी ने मेरी तरफ देखा तो मुझे उसकी आंखो मे सेक्स की भूख दिख रही थी। मुझे नहीं पता था कि उसे भी मेरे साथ सेक्स करना है वह मेरे साथ सेक्स करना चाहती थी। जब मैंने अपने मोटे लंड को बाहर निकाला तो सुहानी ने उसे देखा और कहने लगी तुम्हारा लंड कितना मोटा है। उसने जब अपने नरम और मुलायम हाथों में मेरे लंड को लेकर हिलाना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था और उसे भी काफी अच्छा लग रहा था। बहुत देर तक उसने ऐसा ही किया लेकिन जब मेरे अंदर से गर्मी बाहर निकलने लगी तो वह समझ चुकी थी और उसने अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को समा लिया। उसने जब मेरे लंड को अपने मुंह में समाया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था।

मैंने उसे कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है वह कहने लगी अब तुम मेरे बदन की गर्माहट को भी बढ़ा दो। उसने मेरे सामने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए मै उसके स्तनों को चूसने लगा था। मैं जब उसके स्तनों को चूस रहा था तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और काफी मज़ा भी आ रहा था। उसकी चूत से पानी निकल रहा था उसके स्तनों का रसपान करने से वह उत्तेजीत हो गई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। तुम ऐसे ही मेरे स्तनों का रसपान करते रहो लेकिन जब मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ से चाटना शुरू किया तो उसकी चिकनी चूत से खुशबू आ रही थी और पानी भी बाहर की तरफ निकलने लगा था। उसकी गर्माहट काफी ज्यादा बढ़ने लगी थी मुझे साफ तौर पर पता चल रहा था कि उसके बदन की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है।

वह मुझे कहने लगी मैं बहुत ज्यादा गरम हो चुकी हू और अब एक पल भी मैं रह नहीं पाऊंगी। मैंने भी अपने लंड को उसकी चूत पर सटाया जब मैंने अपने मोटे लंड को उसकी योनि पर सटाया तो मैंने धीरे धीरे अंदर की तरफ धक्का देना शुरू किया। जब मैंने ऐसा किया तो वह जोर से चिल्लाने लगी उसकी चूत के अंदर मेरा लंड चला गया जिससे कि मुझे बहुत अच्छा लगा। उसे भी बड़ा मजा आने लगा था वह बहुत ज्यादा खुश थी वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। अब मैं उसे लगातार तेजी से धक्के दिए जा रहा था और उसे चोदने में मुझे बहुत मजा आ रहा था। वह अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी जिससे कि मेरी गरमाहट लगातार बढ़ती जा रही थी और उसके शरीर की गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। अब हम दोनों ही बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे मैंने उसके बदन को अपनी बाहों में कस कर जकड़ लिया था। थोड़ी देर बाद मुझे एहसास होने लगा कि मेरा वीर्य गिरने वाला है तो मैंने अपने माल को उसकी चूत में गिराया और उसकी गर्मी को शांत किया। उसके बाद सुहानी और मेरे बीच एक संबंध बनने लगे संजना अभी भी अमेरिका में ही है लेकिन मेरी सेक्स की जरूरत को सुहानी पूरा कर देती है।


error: