लंड का दम दिखाया


Antarvasna, hindi sex story: मेरी और अवंतिका की शादी को 2 वर्ष हुआ है हम दोनों की शादी जयपुर में हुई। जब मैं पहली बार अवंतिका से अपने चाचा के घर पर मिला तो अवंतिका को पहली नजर में ही देख कर मैं प्यार कर बैठा। अवंतिका के बारे में मुझे पता करने में काफी समय लगा, उसके बाद मैं अवंतिका के बारे में पता कर चुका था और हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे थे। हम दोनों उसके बाद मेरी चचेरी बहन की शादी के दौरान मिले और उस दौरान ही मैंने अवंतिका को अपने दिल की बात कह दी। अवंतिका भी मुझे पसंद करती थी इसलिए वह भी मेरी बात को टाल ना सकी उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ शादी करना चाहते थे। मैंने अवंतिका के बारे में अपने पापा मम्मी को बता दिया था तो उन्हें अवंतिका से किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं थी। अवंतिका एक अच्छे घर से है और अवन्तिका दिखने में भी बहुत सुंदर है इसलिए मेरे पापा और मम्मी को इस रिश्ते से कोई परेशानी नहीं थी और ना ही अवंतिका के पापा मम्मी को इस बात से कोई परेशानी थी सब लोग बहुत ज्यादा खुश थे। हम दोनों ने जल्दी शादी करने का फैसला कर लिया कुछ ही समय मे हम दोनों शादी कर चुके थे जब हम दोनों की शादी हो गई तो उसके बाद हम दोनों मुंबई में आ चुके थे।

हम लोग मुंबई में रहने लगे मुंबई में मैंने कुछ समय पहले ही एक फ्लैट लिया और जब मैंने वह फ्लैट खरीदा तो मैं काफी खुश था क्योंकि मुझे आए हुए अभी सिर्फ दो वर्ष ही हुए थे और इन दो वर्षों में मैंने काफी तरक्की कर ली थी। मैं पहले जिस कंपनी में जॉब कर रहा था वहां से मैंने रिजाइन दे दिया था और उसके बाद मैंने अपने दोस्त रोहन के साथ मिलकर बिजनेस शुरू किया। रोहन और मैंने जब बिजनेस शुरू किया तो उसके बाद हम दोनों का बिजनेस अच्छा चलने लगा और हम दोनों ही एक दूसरे के सुख दुख के साथी बन चुके थे। रोहन काम के प्रति बहुत ही ज्यादा सीरियस था इसलिए हम दोनों ने अपनी मेहनत से अपने काम को काफी उठा दिया था और हम लोगों का काम अब काफी अच्छे से चलने लगा था। मैं अवंतिका के साथ अपनी शादीशुदा जिंदगी अच्छे से बिता पा रहा था मैं काफी खुश था।

मेरी जिंदगी में बहुत खुशियां थी लेकिन एक दिन जब मैं घर लौटा तो उस दिन अवंतिका ने मुझे कहा कि विनोद आज मुझे तुमसे कुछ बात करनी है। मैंने अवंतिका हो कहा हां अवंतिका कहो ना तुम्हें क्या बात करनी है तो अवंतिका ने मुझे बताया कि उसे कुछ दिनों के लिए कहीं घूमने के लिए जाना है। मैंने अवंतिका को कहा कि अवंतिका मैं तुम्हें इस बारे में कल बताता हूं तो अवंतिका कहने लगी कि विनोद काफी दिन हो गए हैं हम लोग कहीं गए भी नहीं हैं और तुम्हारे पास मेरे लिए बिल्कुल भी समय नहीं होता है। मैंने अवंतिका को कहा कि अवंतिका कल हम लोग कहीं घूमने के बारे में प्लान बना लेंगे लेकिन मुझे तुम सिर्फ आज का समय दो। अवंतिका कहने लगी कि ठीक है, यह कहते हुए उसने मुझे गले लगा लिया और कहने लगी कि तुम बहुत ही अच्छे हो। अब अवंतिका और मैं एक दूसरे के साथ कहीं घूमने के लिए जाना चाहते थे तो मैंने अगले दिन जब इस बारे में बात की तो मुझे लगा कि क्यों ना हम सब लोग कहीं साथ में घूमने के लिए जाए। मैंने रोहन को कहा तो रोहन कहने लगा कि तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो। हम लोग कहीं साथ नहीं घूमने के लिए जाना चाहते थे तो रोहन ने मुझे कहा कि क्यों ना हम लोग दुबई घूमने के लिए जाएं। जब रोहन ने इस बारे में प्लान बना लिया तो मैंने भी रोहन को कहा कि हम लोगों को दुबई ही जाना चाहिए कुछ दिनों के लिए ही सही लेकिन हम लोगों को अपने काम से थोड़ा समय का ब्रेक लेना चाहिए। रोहन कहने लगा ठीक है और फिर हम लोगों ने दुबई जाने का पूरा फैसला कर लिया था तो हम लोग दुबई चले गए। जब हम लोग दुबई गए तो हम लोगो ने वहां खूब इंजॉय किया हम लोग दुबई में करीब 10 दिनों तक रुके 10 दिनों का पता ही नहीं चला कि कब बीत गए। 10 दिनों बाद जब हम लोग वापस मुंबई लौटे तो मेरे पापा का मुझे फोन आया और वह कहने लगे विनोद बेटा तुम और बहू कुछ दिनों के लिए घर आ जाओ तुम्हारी मां की भी तबीयत कुछ ठीक नहीं है। मैंने अवंतिका से कहा कि अवंतिका हम लोगों को कुछ दिनों के लिए जयपुर जाना पड़ेगा तो अवंतिका कहने लगी कि ठीक है। हम लोग अब कुछ दिनों के लिए जयपुर जाना चाहते थे और रोहन हीं इस बीच काम संभाल रहा था। मैं और अवंतिका जयपुर चले गए थे हम लोग जयपुर गए तो मेरी मां की देखभाल अब अवंतिका करने लगी थी मैंने अपने पापा से बात की और उन्हें कहा कि आप लोग भी हमारे साथ मुंबई में क्यों नहीं आ जाते मुंबई में मुझे किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है।

पापा कहने लगे कि बेटा तुम तो जानते ही हो कि यहां पर हमारे सब रिश्तेदार है और हम लोग भी यहीं पर रहे हैं हमें जयपुर में ही अच्छा लगता है हम लोग मुंबई नहीं आ पाएंगे। मेरे लाख मनाने पर भी पापा और मम्मी मुंबई आने के लिए तैयार नहीं थे इसलिए मुझे और अवंतिका को कुछ दिनों तक घर पर ही रुकना पड़ा और हम लोग कुछ दिनों तक घर पर ही थे। अब मुझे काफी दिन हो चुके थे इसलिए मुझे अब मुंबई वापस लौटना था इसलिए मैंने पापा से कहा कि पापा हम लोगों को मुंबई जाना पड़ेगा। पापा कहने लगे कि बेटा अगर तुम लोग कुछ दिन और रुक जाते तो हमें भी अच्छा लगता लेकिन मैं और अवंतिका उसके बाद वापस मुंबई लौट आए। हालांकि उसके बाद मैंने पापा और मम्मी को भी अपने पास बुला लिया था पहले तो वह मेरे पास आने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे लेकिन फिर मैंने उन्हें मना लिया था और वह लोग मुंबई मेरे पास आ गए थे। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था कि वह लोग हमारे साथ रहने लगे हैं उनका ध्यान अवंतिका अच्छे से रखती है।

मैंने मां की देखभाल के लिए घर में एक नौकरानी को भी रख लिया था जो कि मां की देखभाल अच्छे से कर रही थी। पापा और मम्मी हमारे साथ रहकर बड़े खुश थे और मुझे भी इस बात की खुशी है कि वह लोग हमारे पास रहने के लिए आ चुके हैं। एक दिन मै और रोहन साथ में बैठे हुए थे रोहन काफी ज्यादा परेशान लग रहा था। मैंने रोहन को कहा आज तुम्हारे चेहरे पर काफी परेशानी दिख रही है रोहन मुझे कहने लगा यार आज मेरी पत्नी के साथ मेरा झगड़ा हो गया। मैंने रोहन को कहा लेकिन तुम अपनी पत्नी से क्यों झगड़ते रहते हो। रोहन मुझे कहने लगा तुम मेरी पत्नी के नेचर को जानती ही हो, ना जाने वह कभी भी किसी बात को लेकर गुस्सा हो जाती है और मुझे यह बात बिल्कुल भी पसंद नहीं है। मैंने रोहन को कहा अब तुम यह बताओ क्या अब तुम्हारी जिंदगी में तुम्हारी गर्लफ्रेंड है या फिर अब तुम उस से बात नहीं करते हो। वह मुझे कहने लगा नहीं मैं उससे बात नहीं करता। हम दोनो एक दूसरे से बात कर रहे थे तो वह मुझे कहने लगा चलो आज मैं तुम्हें जन्नत की सैर करवा देता हूं। मैंने उसे कहा नहीं तुम ही चले जाओ लेकिन जब रोहन मुझे मनीषा के पास ले गया तो मनीषा का तन बदन देख मुझे बड़ा अच्छा लगने लगा। मुझे नहीं पता था कि मनीषा एक नंबर की जुगाड़ है मनीषा उस रात रोहन के साथ मजे ले रही थी तो मुझे भी मनीषा को चोदने का मन होने लगा था। मैंने रोहन को कहा आज मैं भी मनीषा को चोदूंगा मैंने शराब के 2 पेग पी लिए थे जिसके बाद मेरा भी मूड बन चुका था।

मैं मनीषा के ऊपर लेटा हुआ था मनीषा ने मुझे कहा मैं अभी आपके लंड को खड़ा कर देती हूं और यह कहते ही उसने जब मेरे लंड को अपने मुंह में लिया तो मुझे अच्छा लगने लगा। मनीषा रह ही नही पा रही थी उसने मेरी आग को बहुत ज्यादा ही बढ़ा दिया था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैं मनीषा के अंदर की गर्मी को बढ़ाता जा रहा था और मनीषा भी काफी खुश हो गई थी। मनीषा ने जब मेरे लंड पर अपनी चूत को लगाया तो मुझे मजा आने लगा। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया जैसे ही मैंने उसकी चूत के अंदर लंड डाला तो मुझे वाकई में ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं किसी जन्नत में पहुंच गया हूं। मनीषा जिस प्रकार से अपनी चूतडो को ऊपर नीचे करती उससे मेरे अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही थी। मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा था वह मुझे कहने लगी आपके दोस्तों तो बहुत जल्दी ही फूस हो गए लेकिन आपके अंदर बड़ा दम है।

मैंने मनीषा को कहा चलो मै तुम्हे घोड़ी बन देता हूं मैं तुम्हें अपने अंदर का दम दिखाता हूं। मैंने उसकी चूतडो को अपनी तरफ किया जब मैंने उसकी चूत के अंदर बाहर लंड को करना शुरू किया तो उसको मजा आने लगा था और मुझे भी बड़ा आनंद आने लगा। हम दोनों के अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने मनीषा से कहा अब तो तुम्हें पता चल चुका होगा कि मेरे अंदर गर्मी कितनी ज्यादा है। मनीषा रह नही पा रही थी मनीषा अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाए जा रही थी और मुझे बहुत मजा आ रहा था। जब मनीषा मुझसे अपनी चूतडो को मिलाती तो मनीषा के अंदर गर्मी पैदा हो रही थी। मुझे बड़ा ही आनंद आ रहा था मुझे लग रहा था मैं मनीषा को धक्के दे रहा था। मैंने मनीषा को बहुत देर तक ऐसे ही धक्के दिए जब मुझे एहसास होने लगा कि मैं ज्यादा देर तक रह नहीं पाऊंगा तो मैंने मनीषा को कहा तुम मेरे माल को अपने मुंह में ले लो और मनीषा ने भी अपने मुंह को खोल लिया। मैंने माल को उसके मुंह के अंदर गिरा दिया वह बड़ी खुश हो गई थी।


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