लंड गर्मी से तडप रहा था


Antarvasna, hindi sex story: मैं अपने घर पर अपने दोस्त मोहन और उसकी पत्नी को इनवाइट करता हूं जब वह लोग मेरे घर पर आये तो हम सब लोगों ने साथ में उस दिन डिनर किया। हम लोगों ने साथ मे एक अच्छा समय बिताया और मेरी पत्नी ने सब कुछ बहुत ही अच्छे से मैनेज किया था। डिनर करने के बाद वह लोग चले गए जब वह लोग चले गए तो उसके अगले दिन मेरे दोस्त ने मुझे फोन पर कहा कि रमन क्या आज तुम घर पर आ सकते हो। मैंने उससे कहा क्या कोई जरूरी काम है तो वह मुझे कहने लगा कि हां मुझे तुमसे कुछ बात करनी थी। मैं अगले दिन अपने दोस्त मोहन के घर पर चला गया, मैं जब मोहन के घर पर गया तो मोहन ने मुझसे कहा कि वह जल्द ही एक नई गारमेंट शॉप खोलने वाला है।

मैंने उससे कहा कि क्या तुम नई गारमेंट शॉप खोलने वाले हो तो वह मुझे कहने लगा हां। मैंने उससे कहा लेकिन तुम्हें मुझे मुझसे क्या मदद चाहिए थी तो वह मुझे कहने लगा कि रमन अगर तुम अपने चाचा से बात कर के मुझे कहीं कोई अच्छी प्रॉपर्टी दिलवा दो तो मैं उसमें अपनी गारमेंट शॉप खोलना चाहता हूं। मोहन के पिताजी का गारमेंट का ही काम था और वह लोग काफी समय से यह काम कर रहे हैं लेकिन जब उस दिन मोहन ने मुझ से मदद मांगी तो मैंने मोहन को कहा कि मैं तुम्हारी मदद जरूर करूंगा और मैंने मोहन की मदद की। मोहन के लिए मैंने अपने चाचा से बात की जब मैंने चाचा जी से बात की तो उन्होंने मोहन को एक अच्छी प्रॉपर्टी दिलवा दी। जब मोहन को वह प्रॉपर्टी मिली तो मोहन काफी ज्यादा खुश था मोहन इस बात से बहुत ज्यादा खुश था कि उसे नई प्रॉपर्टी मिल चुकी है और वहां पर उसने जल्द ही अपना बिजनेस शुरू कर लिया। जब मोहन ने अपना बिजनेस वहां पर शुरू किया तो उसका काम काफी अच्छा चलने लगा मोहन अपने काम से बहुत खुश था और मोहन के परिवार वाले भी इससे काफी ज्यादा खुश थे उन लोगों को इस बात की खुशी थी कि मोहन ने अपना काम शुरू कर लिया है। मोहन ने अब अपना काम शुरू कर लिया था और मोहन ने यह गारमेंट शॉप अपने पैसों से ही खोली थी। मोहन का काम अच्छा चल रहा था और उसका मेरे घर पर भी आना जाना लगा रहता था, जब भी मोहन मेरे घर पर आता तो वह अक्सर मुझसे अपने काम को लेकर बातें किया करता था जब मोहन मुझसे इस बारे में बात करता तो मुझे भी काफी अच्छा लगता है।

मैं मोहन से कहता की तुमने यह बहुत ही अच्छा किया कि जो अपने बिजनेस को तुम इतना आगे बढ़ा पा रही हो मोहन मुझे कहने लगा कि हां यह तो तुम ठीक कह रहे हो। मेरा भी मेरे ऑफिस में प्रमोशन हो चुका था जब मेरा प्रमोशन हुआ तो मैं भी बहुत ज्यादा खुश था कि मेरा प्रमोशन हो चुका है। मोहन ने मुझे एक दिन फोन कर के कहा कि रमन हम लोग कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं मैंने मोहन से कहा कि ठीक है जैसा तुम कहो। मोहन ने अपने घर पर इस बारे में बात कर ली थी और मैंने भी अपने घर पर इस बारे में बात कर ली थी। मैंने अपने घर पर अपनी पत्नी से कहा कि हम लोग घूमने के लिए जा रहे हैं तो वह काफी ज्यादा खुश हुई और वह मुझे कहने लगी कि मोहन भाई साहब के कहने पर आप घूमने के लिए तुरंत तैयार हो गये और मैं आपको कब से कह रही थी तो आप मेरी बात मान ही नहीं रहे थे। मैंने अपनी पत्नी से कहा कि अब मैंने घूमने का प्लान बना लिया है तो तुम्हें भी साथ में चलना होगा तो वह बहुत ज्यादा खुश थी और फिर हम लोग घूमने के लिए चले गए। जब हम लोग मनाली गए तो मनाली में काफी ज्यादा अच्छा मौसम था और वहां पर काफी ठंड भी हो रही थी हम लोगों को बहुत ही अच्छा लग रहा था जब हम लोग मनाली घूमने के लिए गए।

मनाली हम लोग कुछ दिन तक रुके फिर हम लोग जयपुर लौट आए थे जब हम लोग जयपुर लौटे तो मेरी पत्नी ने मुझे कहा कि मैं सोच रही थी कि हम लोग आज बाहर से ही खाना ऑर्डर कर दे तो, मैंने अपनी पत्नी को कहा ठीक है हम लोग बाहर से ही खाना ऑर्डर करवा देते हैं। उस दिन हम लोगों ने खाना बाहर से ही आर्डर करवाया क्योंकि हम लोग काफी ज्यादा थके हुए थे इसलिए मैंने उस दिन बाहर से ही खाना आर्डर करवाया। पापा और मम्मी भी कुछ दिनों के लिए मेरी बहन के घर गए हुए थे क्योंकि जीजा जी अपने बिजनेस के टूर से विदेश गए हुए थे इसलिए पापा मम्मी मेरी बहन के घर चले गए मैं और मेरी पत्नी ही घर पर थे। हम लोग खाना खाने के बाद साथ में बैठकर बातें कर रहे थे मुझे काफी ज्यादा नींद आने लगी थी तो मैंने अपनी पत्नी से कहा कि मुझे नींद आ रही है तो वह कहने लगी कि अगर आपको नींद आ रही है तो आप सो जाइए। मैं बहुत ज्यादा थका हुआ था इसलिए मुझे नींद आ गई और मैं सो गया। अगले दिन मुझे मेरे ऑफिस जाना था और मैं अगले दिन अपने ऑफिस चला गया जब अगले दिन मैं अपने ऑफिस में गया तो उस दिन काफी ज्यादा काम था। ऑफिस में ज्यादा काम होने की वजह से मैं उस दिन घर देरी से लौटा तो मेरी पत्नी कहने लगी कि आज आप घर काफी देरी से आ रहे हैं तो मैंने अपनी पत्नी से कहा कि आज ऑफिस में बहुत ज्यादा काम था इस वजह से मुझे घर आने में देरी हो गई।

वह मुझे कहने लगी कि मैं आपके लिए खाना लगा देती हूं मैंने उसे कहा ठीक है तुम मेरे लिए खाना लगा दो। उसने मेरे लिए खाना लगा दिया और हम दोनों ने साथ में ही डिनर किया। उस रात मेरे और मेरी पत्नी के बीच में शारीरिक संबंध भी बने और फिर मैं सो चुका था। कुछ दिनों के बाद हमारे पड़ोस में एक महिला मुझे दिखाई दी उस से पहले मैंने उसे कभी देखा नहीं था जब मैंने अपनी पत्नी से इस बारे में पूछा तो मेरी पत्नी ने मुझे बताया कि वह हमारे पड़ोस में ही रहने के लिए आई है। मैंने जब अपनी पत्नी से उस महिला का नाम पूछा तो मेरी पत्नी ने कहा उसका नाम ममता है वह कुछ दिनों पहले ही यहां रहने के लिए आई है। मैंने ममता से अब बात की। मैंने जब ममता से बात की तो मुझे उससे बात कर के अच्छा लगता। ममता के पति और उसके बीच बिल्कुल भी नहीं बनती थी इसलिए वह अकेली रहती थी शायद यही वजह थी कि ममता को किसी मर्द की जरूरत थी जो उसकी इच्छा को पूरा कर सके। मैंने ममता का साथ दिया ममता ने एक दिन मुझे अपने घर पर बुला लिया जब उसने मुझे अपने घर पर बुलाया तो वह मेरे लिए चाय लेकर आई और मैंने चाय पी ली। उसके बाद ममता और मैं साथ में बैठे हुए थे हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे।

मैंने ममता के बदन को सहलाना शुरु किया ममता ने मुझे कहा मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो ममता ने मुझे कहा तुम्हारा लंड तो बहुत ही ज्यादा मोटा है। मैंने ममता से कहा मेरा लंड तो बहुत ज्यादा मोटा है लेकिन तुम्हें इसे अपने मुंह में लेना होगा। ममता ने तुरंत ही मेरे लंड को अपने हाथों में लेते हुए उसे हिलाना शुरु किया। जब वह मेरे मोटे लंड को हिला रही थी तो मुझे मज़ा आ रहा था और ममता को भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है। मैंने ममता से कहा तुम इसे मुंह में लेकर चूसो। उसने अपने मुंह के अंदर मेरे मोटे लंड को लेकर चूसना शुरू कर दिया। ममता मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर उस चूस रही थी तो मुझे मज़ा आ रहा था और मुझको भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। मैंने ममता से कहा मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा है ममता मुझे कहने लगी अब तुम मेरी चूत मार कर मेरी इच्छा को बुझा दो। मैंने ममता के कपड़ों को उतारा। मैने उसके कपड़ों को उतार कर उसकी चूत को सहलाना शुरु किया तो ममता को मजा आने लगा और मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी।

मेरे अंदर की गर्मी इस कदर बढ़ने लगी थी मै रह नही पा रहा था और ममता भी बिल्कुल रह नहीं पा रही थी। मैने ममता को बहुत ज्यादा उत्तेजित कर दिया था। मैंने ममता से कहा अब मैं तुम्हारी चूत में अपने लंड को घुसाने वाला हूं। उसने भी तुरंत अपने पैरों को चौड़ा कर लिया मैंने ममता की चूत के अंदर अपने मोटे लंड को डाला जैसे ही मेरा लंड ममता की चूत के अंदर गया तो ममता मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। अब मैंने ममता के पैरों को चौड़ा कर लिया जब मैंने ममता के पैरों को चौड़ा कर लिया तो मुझे अच्छा लगने लगा और ममता को भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था।

ममता के अंदर से निकलती हुई आग इतनी ज्यादा बढ़ने लगी मुझे उसे चोदने में मजा आ रहा था और मैं ममता की चूत के अंदर बाहर अपने मोटे लंड को किए जा रहा था जिससे कि मुझे मज़ा आ रहा था और ममता को भी मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी तुम मुझे बस ऐसे ही धक्के मारते रहो। मैंने ममता को कहा मुझे तुम्हें चोदने में मजा आ रहा है मैंने ममता को काफी देर तक ऐसे ही चोदा लेकिन जब मैंने अपने माल को ममता की चूत में गिराया तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी आज तुमने मेरी इच्छा पूरी कर दी। ममता ने मुझे अब अपने पति के रूप में स्वीकार कर लिया था वह काफी ज्यादा खुश थी जब भी मैं उसके साथ सेक्स किया करता। ममता को बहुत ही ज्यादा मजा आता था जब भी मैं उसे चोदा करता। ममता और मेरे बीच शारीरिक संबंध बनते तो हम दोनों ही खुश रहते और मेरे अंदर की गर्मी को ममता तुरंत ही बढ़ा दिया करती थी। वह हमेशा मेरे लंड को लेने के लिए तैयार रहती और उसे बहुत ही अच्छा लगता था जब भी वह मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाया करती।


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