लंड डाला टाइट चूत में


Antarvasna, hindi sex kahani: हमारे पड़ोस में माधव अंकल का परिवार रहता है वह लोग हमारे काफी करीब हैं और उनसे हमारा काफी अच्छा संबंध है मैं उनके घर अक्सर जाता ही रहता हूं। पापा ने एक दिन मुझे कहा कि माधव अंकल के घर चले जाओ और उनसे कहना कि मुझे उनसे कुछ काम था मैंने पापा से कहा पापा ठीक है मैं माधवन अंकल को बुला देता हूं। मैं माधव अंकल के घर चला गया मैं जब उनके घर गया तो मैंने देखा उनकी बेटी रचना भी घर आई हुई थी रचना अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के लिए पुणे चली गई थी वह पुणे से एमबीए कर रही है। जब मैंने रचना को देखा तो रचना से मैंने हाथ मिलाते हुए कहा कि तुम कब आई तो वह मुझे कहने लगी कि मैं तो आज सुबह ही आई हूं। उसने मुझे कहा अनिल तुम कैसे हो तो मैंने उसे बताया कि मैं तो ठीक हूं वह मुझे कहने लगी कि क्या तुम कुछ जरूरी काम से आए थे। मैंने उसे बताया कि हां मैं माधव अंकल से मिलने के लिए आया हुआ था क्या वह घर पर हैं तो वह कहने लगी कि पापा तो अभी घर पर नहीं है बस थोड़ी देर बाद वह घर पर आते ही होंगे।

मैंने रचना से कहा कि जब अंकल आ जाए तो तुम उन्हें कहना कि मैं घर पर आया था और पापा माधव अंकल को मिलना चाहते हैं शायद उनका फोन नहीं लग रहा था इस वजह से उन्होंने मुझे यहां भेजा। रचना मुझे कहने लगी कि ठीक है मैं पापा को यह बात बता दूंगी उस वक्त माधव अंकल और आंटी घर पर नहीं थे वह लोग कहीं गए हुए थे फिर मैं घर चला आया। मैंने जब यह बात पापा को बताई तो पापा कहने लगे चलो कोई बात नहीं जब वह आएंगे तो वह घर पर आ ही जाएंगे मैंने पापा को यह बता दिया था कि मैंने रचना को इस बारे में कह दिया है। मैं अपने रूम में बैठा हुआ था मैं भी अपनी कॉलेज की पढ़ाई कर रहा हूं मैं  पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा हूं और मेरा यह आखिरी वर्ष है मैं कानपुर से ही अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर रहा हूं। मैं अपने रूम में बैठकर पढ़ाई कर रहा था कि तभी माधव अंकल आ गए जब वह आए तो वह पापा के साथ बैठकर बातें कर रहे थे मुझे उनकी आवाज मेरे रूम में तो नहीं सुनाई दे रही थी लेकिन जब मम्मी रूम में आई और कहने लगी कि बेटा तुम क्या बाहर से सब्जी ले आओगे तो मैंने अपनी मां को कहा ठीक है मां मैं बाहर से सब्जी ले आता हूं।

मैं अब अपने घर के बाहर चला गया मेरे घर के बाहर ही दुकान है और वहां से मैंने सब्जी ले ली मैंने वहां से जब सब्जी ली तो उसके बाद मैं घर लौट आया माधव अंकल भी घर से जा चुके थे। मैं कुछ देर पापा के साथ बैठा रहा और पापा से मैं बात करता रहा पापा मुझे कहने लगे कि अनिल बेटा मैं कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस के काम के सिलसिले में बाहर जा रहा हूं तो तुम घर की देखभाल करते रहना। आस पड़ोस में आजकल कुछ दिनों से काफी चोरी भी हो रही हैं थोड़े ही समय पहले हमारे पड़ोस में चोरी हुई थी पापा इस बात से बहुत ही ज्यादा डरे हुए थे और उन्होंने मुझे यह बात समझा दी थी मैंने उन्हें कहा पापा आप बिल्कुल भी चिंता ना करें। जब अगले दिन मैं सुबह कॉलेज के लिए जा रहा था तो उस दिन मुझे रचना मिल गयी रचना मुझे कहने लगी कि अनिल तुम कहां जा रहे हो तो मैंने उससे कहा कि मैं तो अपने कॉलेज जा रहा हूं। उसने मुझे कहा कि क्या तुम मुझे मेरी मौसी के घर ड्रॉप कर दोगे मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हारी मौसी के घर तुम्हें ड्रॉप कर दूंगा। मैंने रचना को उसकी मौसी के घर तक ड्रॉप कर दिया और वहां से मैं अपने कॉलेज चला गया मैं अपने कॉलेज पहुंच चुका था और उसके बाद शाम के वक्त मैं अपने कॉलेज से घर लौट आया। जब मैं शाम के वक्त अपने कॉलेज से घर लौटा तो मम्मी घर पर नहीं थी मैंने उन्हें फोन किया तो वह मुझे कहने लगी कि मैं कुछ देर बाद घर पर आऊंगी। मैं अब नहाने के लिए चला गया क्योंकि उस दिन काफी ज्यादा गर्मी हो रही थी और मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कि मैं काफी पसीना पसीना हो चुका हूं इस वजह से मैं नहाने के लिए चला गया। मैं बाथरूम में नहा रहा था मैंने घर का दरवाजा अंदर से बंद किया हुआ था करीब 10 मिनट तक बाथरूम में नहाने के बाद मैं बाहर निकला तो मैंने देखा मेरी मम्मी मुझे फोन कर रही थी मैंने मम्मी को तुरंत कॉल बैक किया और कहा कि हां मम्मी कहिए ना क्या आप मुझे फोन कर रही थी।

उन्होंने मुझसे कहा अनिल बेटा तुम कहां थे मैं काफी देर से तुम्हें फोन कर रही थी मैंने मम्मी से कहा मैं नहाने के लिए चला गया था गर्मी काफी ज्यादा हो रही थी इसलिए मैं नहा रहा था मम्मी कहने लगी चलो कोई बात नहीं। मम्मी ने मुझे कहा कि बेटा मैं थोड़ी देर बाद घर आ रही हूं और कुछ देर के बाद मम्मी घर आ गई मम्मी से मैंने पूछा कि क्या पापा से आपकी बात हुई थी तो वह मुझे कहने लगी कि हां तुम्हारे पापा से आज ही मेरी बात हुई थी वह कह रहे थे कि वह कुछ दिनों में लौट आएंगे। मैंने मम्मी से कहा कि मम्मी मुझे पापा से जरूरी काम था मेरी मम्मी ने कहा कि तुम्हें भला तुम्हारे पापा से क्या काम था तो मैंने उन्हें कहा कि हम लोगों के कॉलेज का टूर घूमने के लिए जा रहा है तो मुझे पापा से इस बारे में बात करनी थी। मम्मी ने कहा कि तुम अपने पापा से बात कर लेना वैसे भी वह दो-तीन दिनों में तो आ ही जाएंगे मैंने मम्मी से कहा ठीक है मैं उनसे बात कर लूंगा और फिर मैं अपने रूम में चला गया।

अगले दिन मेरी छुट्टी थी मैं घर पर ही था उस दिन जब रचना हमारे घर पर आई हुई थी तो मम्मी पड़ोस की आंटी के घर पर गई हुई थी। रचना उस दिन बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी उसके बूब्स उसके टॉप से बाहर की तरफ दिखाई दे रहे थे उसके बूब्स देखकर मे उसकी गांड की तरफ नजर मारने लगा उसने जो टाइट जींस पहनी हुई थी उससे उसकी गांड का ऊभार साफ दिखाई दे रहा था मेरा लंड तो तन कर खड़ा हो चुका था। मैंने रचना से बैठने के लिए कहा रचना जब मेरे पास आकर बैठी तो हम दोनों टीवी देखने लगे और टीवी देखते देखते मैंने अपने हाथों को रचना की जांघ पर रख दिया। रचना ने मेरी तरफ देखा तो मैंने उससे कहा आज तो तुम बड़ी सेक्सी लग रही हो वह कहने लगी वह तो मैं हमेशा ही लगती हूं। रचना को क्या पता था कि मैं उसकी चूत मारना चाहता हूं मैंने रचना के बूब्स पर अपने हाथों को रखा तो वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सकी और मेरी बाहों में वहां आ गई। यह मेरे लिए बहुत ही अच्छा मौका था जब वह मेरी बाहों में आई तो वह मुझे अपने बदन की गर्मी को महसूस कराना चाहती थी। मैंने भी अब उसके सामने अपने लंड को किया तो उसने मेरे लंड को देखते हुए कहा तुम्हारा लंड कितना मोटा है। मैंने उसे कहा तुम इसको अपने मुंह के अंदर समा लो, वह कहने लगी कि मैं तुम्हारे लंड को मुंह में नहीं ले पाऊंगी। मैंने उससे कहा तुम मुंह मे लंड को ले लो तो उसने अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को समा लिया और उसे बड़े अच्छे से वह चूसने लगी। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था वह भी बड़ी खुश नजर आ रही थी उसने मेरे लंड से पूरी तरीके से पानी बाहर निकाल कर रख दिया था। अब मेरी बारी थी मैंने भी उसके बदन से कपड़े उतारने शुरू किए मैंने उसके बदन से कपड़े उतारे उसके बूब्स पर एक तिल था जो कि मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रहा था। मै उसके स्तनों को बड़े अच्छे से चूसने लगा वह भी अपने आपको बिल्कुल रोक ना सकी और मुझे कहने लगी कि तुम मेरे बूब्स को अपने मुंह में ले लो। मैंने भी उसके बूब्स को अपने मुंह में लेना शुरू किया मैं उसके बूब्स का बड़े अच्छे से मुंह मे लेकर उन्हें चूस रहा था। वह धीमी आवाज मे सिसकिया ले रही थी उसकी सिसकियां लगातार बढ़ती जा रही थी। वह कहने लगी मैं अपने आपको नहीं रोक पाऊंगी मैंने उसकी जींस के बटन को खोलते हुए उसकी जींस को उतार दिया।

जब मैंने उसकी पिंक रंग की पैंटी को उतार तो वह बिल्कुल भी नहीं रह पा रही थी मैंने उसकी चूत के अंदर उंगली डालने की कोशिश की तो वह मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दो। मैंने उससे कहा ठीक है अब मैं उसकी मुलायम और मखमली चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा मुझे उसकी चूत को चाटने में मजा आ रहा था और वह भी बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गई थी। उसने मुझे कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अब उसके बदन से गर्मी बाहर की तरफ को निकलने लगी थी इसलिए वह चाहती थी कि मैं उसकी चूत मे लंड घुसा दू। मैंने उसकी योनि के अंदर लंड को घुसाया और जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत मे घुसा तो वह कहने लगी अनिल आज तो मजा आ गया।

मैंने उसे कहा तुम्हारी चूत तो बहुत ही मुलायम और मखमली है मुझे तुम्हारी चूत मारने मे बहुत मजा आ रहा है। वह मुझे कहने लगी मैं भी तो तुम्हारे साथ आज एंजॉय कर रही हूं उसने अपने पैरों को चौड़ा करना शुरू किया तो मेरा लंड भी उसकी चूत के अंदर बाहर होने लगा। जब उसकी चूत से खून बाहर की तरफ आने लगा तो मैंने उससे कहा क्या तुमने आज तक कभी किसी से अपनी चूत नहीं मरवाई? तो वह मुझे कहने लगी नहीं मैने आज तक चूत नही मरवाई है। वह बहुत ज्यादा खुश थी अब उसे मैं इतनी तेजी से धक्के मारने लगा की उसकी सिसकियो मे लगातार बढ़ोतरी हो चुकी थी। वह मुझे कहने लगी मुझे तो बहुत ही अच्छा लग रहा है ऐसा लग रहा है कि तुम मेरी चूत का मजा बस लेते ही रहो। मैंने उससे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैंने उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किया और उसके स्तनों को मैंने मसल कर रख दिया था जिससे कि वह भी अब अपने आपको बिल्कुल भी ना रोक सकी और मैंने उसकी चूत के अंदर अपने वीर्य को गिराकर उस दिन कपनी और रचना की गर्मी को शांत किया। उसके बाद हम दोनों ने आराम से बैठ कर टीवी का मजा लिया मैं रचना की चूत मारकर बहुत ही ज्यादा खुश था।


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