लंबी टांगे देख चोदने का मजा दोगुना हो गया


Antarvasna, kamukta: मैं अपने बिजनेस टूर से वापस लौट रहा था मैं जब घर पहुंचा तो लता की तबीयत ठीक नहीं थी लता मेरी पत्नी का नाम है और वह काफी बीमार थी मैंने उससे कहा कि क्या तुमने डॉक्टर को नहीं दिखाया। वह मुझे कहने लगी कि मैं डॉक्टर के पास गई थी लेकिन मुझे फिलहाल तो कोई आराम नहीं है। उसकी तबीयत काफी खराब थी और मुझे ही दोबारा उसे डॉक्टर के पास लेकर जाना पड़ा मैं उसे डॉक्टर के पास ले कर गया और फिर दोबारा से डॉक्टर ने उसे दवाई दी उसके बाद उसे थोड़ा आराम था। लता की तबीयत कुछ समय से काफी खराब रहने लगी थी हमारी शादी को अभी 5 वर्ष ही हुए हैं और लता की तबीयत खराब होने की वजह से मेरे माता-पिता को भी कई बार लगता है कि मुझे दूसरी शादी कर लेनी चाहिए लेकिन मैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं चाहता।

लता का कुछ समय पहले कार एक्सीडेंट हो गया था जिसके बाद से ही उसकी तबीयत खराब रहने लगी और वह अब काफी बीमार रहती है मैं दूसरी शादी तो करना ही नहीं चाहता था। मैं अपने काम पर पूरी तरीके से ध्यान दे रहा था लेकिन जब भी लता की तबीयत खराब होती तो मुझे काफी बुरा लगता और मैं इस बारे में सोचने लगा कि मुझे कुछ तो करना पड़ेगा। मैं कुछ समय के लिए लता के साथ कहीं अकेले में जाना चाहता था और मैं लता को लेकर कुछ समय के लिए केरल चला गया केरल में मेरा एक दोस्त रहता हैं उसकी मदद से मेरा रहने का सारा बन्दोबस हो गया था कुछ समय मैं लता के साथ ही अकेले में बिताना चाहता था लता को मैं अकेले में समय देकर बहुत खुश था और लता भी मेरे साथ काफी अच्छा समय बिता रही थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ इतने लंबे समय बाद अच्छा समय बिता पा रहे थे हम लोग केरल में काफी समय तक रुके और जब उसके बाद हम लोग घर वापस लौटे तो मुझे महसूस हुआ कि लता पहले से काफी अच्छा महसूस कर रही है।

लता के एक्सीडेंट के बाद उसको काफी चोट आई थी जिस वजह से वह काफी बीमार रहती है क्योंकि चोट अभी तक पूरी तरीके से भर नहीं पाई थी और उस एक्सीडेंट के बाद लता के दिमाग में अभी तक वही बात घूमती रहती है। मैं अपने बिजनेस टूर के सिलसिले में अक्सर घर से दूर रहता हूं इसलिए मैंने लता की देखभाल के लिए एक महिला को रखवा दिया था जो कि उसकी देखभाल अच्छे से करती है। एक दिन मुझे मेरे दोस्त ने अपने घर पर डिनर के लिए इनवाइट किया वह चाहते थे कि मैं लता को भी अपने साथ लेकर आऊँ और जब मैं लता को लेकर अपने साथ उनके घर पर गया तो उनके साथ मुझे काफी अच्छा लगा और इतने समय बाद अपने दोस्त से मिलकर मुझे काफी खुशी हो रही थी। हम लोगों ने उनके घर पर ही डिनर किया और रात के वक्त हम लोग घर लौट आए जब हम लोग घर लौटे तो उसके बाद लता मुझे कहने लगी कि अविनाश मुझे लगता है कि मैं शायद तुम्हें वह खुशियां नहीं दे पा रही हूं और मेरी तबीयत खराब होने के बाद से तुम काफी परेशान रहने लगे हो। मैंने लता को कहा लेकिन आज तुम यह बात क्यों कर रही हो वह मुझे कहने लगी कि मुझे तो ऐसा ही महसूस होता है जब भी मैं किसी दूसरे को देखती हूं तो मुझे महसूस होता है कि वह लोग कितने खुश हैं और कितने अच्छे से वह लोग साथ में समय बिता पाते हैं। मैंने लता को कहा तुम इस बारे में अभी बात ना करो तो ज्यादा ठीक रहेगा। लता भी अब इस बारे में कोई बात नहीं कर रही थी और वह सो चुकी थी लेकिन लता को नींद नहीं आ रही थी मैं जब रात को उठा तो उस वक्त रात के 2:00 बज रहे थे मैंने लता को कहा लता तुम अभी तक सोई क्यो नहीं हो? वह मुझे कहने लगी कि अविनाश मुझे नींद नहीं आ रही है। मैंने लता को कहा देखो लता तुम्हें अब सो जाना चाहिए काफी रात हो चुकी है और तुम अब सो जाओ लेकिन लता सोई नहीं थी इसलिए हम दोनों अपने हॉल में चले गए और वहां पर बैठकर हम दोनों बात करने लगे। मुझे काफी नींद आ रही थी इसलिए मैंने लता को कहा मुझे बहुत नींद आ रही है और हम लोग रूम में वापस चले आए और मैं अब सोने की तैयारी में था। मैं जब बिस्तर पर लेटा तो मुझे बहुत गहरी नींद आ गई और मैं सो चुका था अगले दिन लता मुझे कहने लगी कि अविनाश मैं सोच रही हूं कि कुछ दिनों के लिए अपने मम्मी पापा से मिल आती हूँ।

मैंने लता को कहा हां तुम कुछ दिनों के लिए अपने मम्मी पापा से मिल आओ मैंने लता को कहा मैं तुम्हें आज तुम्हारे मम्मी पापा के घर छोड़ आता हूं वह कहने लगी हां तुम मुझे उनके घर तक छोड़ दो। मैंने लता को घर तक छोड़ दिया था उसके बाद मैं वापस लौट आया था लता से मैंने जब रात के वक्त फोन पर बात की तो वह मुझे कहने लगी कि पापा और मम्मी से इतने दिनों बाद मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मैंने लता को कहा तुम कुछ समय पापा मम्मी के साथ ही रुक जाओ वह कहने लगी हां मैं भी यही सोच रही थी और कुछ समय के लिए लता अपने पापा और मम्मी के पास ही रुक गई इसी बीच मैं अपने बिजनेस टूर के सिलसिले में पुणे चला गया। मैं जब पुणे गया तो पुणे में मैं कुछ दिन रुकने वाला था पुणे में ही मेरे पुराने दोस्त रहते हैं मैंने उन्हें फोन किया तो उन्होंने मुझे अपने घर पर मिलने के लिए बुलाया मैं होटल में ही रुका हुआ था। मैं उनके घर पर उनसे मिलने के लिए चला गया मैं काफी समय बाद अपने उन पुराने मित्र से मिल रहा था इतने लंबे अरसे बाद उनसे मिलने की खुशी मेरे मन में थी।

मैं जब उनसे मिला तो मुझे बहुत अच्छा लगा और उनके परिवार वालों से भी मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा इतने लंबे समय बाद मुझे अपने दोस्त से मिलने की खुशी थी और मैंने उस दिन उनके साथ काफी अच्छा समय बिताया। मैं वापस अपने होटल लौट आया था मैं जब वापस होटल लौटा तो मैंने लता को फोन किया और लता से काफी देर तक मैंने फोन पर बात की लता से बात कर के मुझे अच्छा लग रहा था। वह मुझे कहने लगी कि आप पुणे से कब वापस लौट रहे हैं तो मैंने लता को कहा मैं पुणे से कुछ दिनों बाद वापस लौट आऊंगा वह कहने लगी कि ठीक है जब आप वापस लौटेंगे तो आप मुझे भी लेने के लिए आ जाइएगा। मैंने लाता को कहा ठीक है मैं तुम्हें भी लेने के लिए आ जाऊंगा वह अभी भी अपने मम्मी-पापा के साथ ही थी। मैं होटल में ही रुका हुआ था। होटल मे काम करने वाली रिसेप्शनिस्ट मुझे बहुत पसंद आई वह जिस प्रकार से बाते कर रही थी उस पर मेरा दिल उस पर आ गया था। मैंने उसे अपने रूम में बुला लिया वहां मेरे रूम में आ गई मैं उस से बात करने लगा मैंने उसका नाम पूछा उसने मुझे अपना नाम बताया। वह मुझसे कहने लगी सर क्या आप शादीशुदा है? मैंने उससे कहा हां मेरी शादी को हुए काफी समय हो चुका है उसने मुझे बताया उसकी भी शादी हुई थी लेकिन उसकी शादी टूट गई। वह मेरे साथ काफी देर तक बैठी हुई थी मैंने उससे कहा क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगी? वह सेक्स के लिए तड़प रही थी वह मेरी बात मान चुकी थी अब मेरे साथ वह सेक्स करने के लिए तैयार थी। मैंने उसे कहा तुम अपने कपड़े उतार दो वह बहुत शर्मा रही थी मैंने उसके बदन से सारे कपड़े उतार दिए। मै अपने अंदर की आग को बिल्कुल भी ना रोक सका। मैंने उसके बदन की गर्मी को इस कदर बढ़ा दिया था कि वह मुझे कहने लगी अब मैं बिल्कुल भी नहीं रह पा रहा था। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लिया और उसे हिलाना शुरू किया। वह जब मेरे लंड को हिला रही थी तो मुझे बहुत ही मजा आ रहा था उसने जिस प्रकार से मेरे लंड को हिलाया उससे वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी।

मैं उसके मुंह के अंदर अपने लंड को डालना चाहता था उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और जब उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैं जिस प्रकार से उसके मुंह के अंदर बाहर लंड को कर रहा था उससे मेरा पानी भी बाहर की तरफ को निकालने लगा था। मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाना शुरू किया था उसकी चूत से गीला पानी बाहर निकल चुका था मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर जा चुका था मैं उसके दोनों पैरों को खोलकर उसे तेज गति से चोद रहा था और उसे चोदकर मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। काफी देर तक मैंने उसे ऐसे ही धक्के मारे फिर वह मुझे कहने लगी अब आप मुझे घोड़ी बना कर चोदिए। मैंने उसको मेज के सहारे खड़ा कर दिया।

मैने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाला मैंने जब अपने लंड को उसकी चूत के अंदर घुसाया तो वह जोर से चिल्लाई मेरा मोटा लंड उसकी चूत के अंदर जा चुका था। अब मैं उसे इतनी तेज गति से धक्के मार रहा था कि वह अपने आपको रोक नही पा रही थी। मैंने उसे कहा मुझे लगता है मेरा वीर्य बाहर की तरफ आ जाएगा। वह मुझे कहने लगी कोई बात नहीं आप अपने वीर्य को मेरी चूत मे गिरा दो। उसकी लंबी टांगे देखकर मै और भी ज्यादा उत्तेजित हो रहा था। मैं बड़ी तेजी से उसे चोद रहा था मैंने काफी देर तक उसे धक्के मारे उसकी सिसकियो मे लगातार बढ़ोतरी हो रही थी जब मेरा वीर्य उसकी चूत के अंदर गिरा तो हम दोनों ही बहुत खुश हुए और कुछ देर तक हम लोग ऐसे ही लेटे रहे। उसकी चूत से अभी तक मेरा वीर्य बाहर की तरफ को निकल रहा था मैंने उसे कहा क्या रात को भी हम लोग सेक्स कर सकते हैं? रात के वक्त वह मेरे साथ ही रुकी और रात को भी हम लोगों ने जमकर सेक्स का मजा लिया। उसके बाद मैं अपने घर वापस लौट चुका था और अपनी पुरानी जिंदगी मे वापस लौट कर मै लता का ध्यान दे रहा था।


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