क्या तुम सिंगल हो ?


hindi sex stories, antarvasna मैं एक छोटे से शहर का रहने वाला लड़का हूं और शायद हमारे शहर में सब लोग एक दूसरे को जानते हैं, मुझे कभी प्यार नहीं हुआ था और ना ही मैंने कभी सोचा था कि मुझे कभी प्यार होगा, मैं अपने दोस्तों को देखता हूं तो लगता कि शायद वह लोग गलत है और बेकार में ही प्यार के चक्कर में पड़े हैं मैं जब तक अकेला था तब तक मैं यही सोचता था पर जब मेरी मुलाकातक रीमा के साथ हुई तो मेरा सोचने का नजरिया पूरा बदल गया। एक बार हम लोग अपने दोस्तों के साथ मूवी देखने के लिए गए हुए थे मेरे साथ मेरे और भी दोस्त थे और हम लोग मूवी का पूरा मजा ले रहे थे, हमारी ठीक आगे एक लड़की बैठी हुई थी और उसके साथ भी उसकी सहेलियां थी, हम लोग मूवी देखने में इतना ज्यादा खो गए थे कि सब लोग बड़ी तेजी से सीटियां मार रहे थे और मैं भी बहुत जोर जोर से सीटियां बजाए जा रहा था हमारी सीटियों की आवाज इतनी तेज होती कि सब पीछे पलट कर तो जरूर देखते।

अंधेरे में जब उस हसीन से चेहरे ने पीछे पलट कर देखा तो मैं सिर्फ उसी की तरफ देखता रहा मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे किसी लड़की से प्यार हो सकता है, हमारे शहर में गिने-चुने ही पिक्चर हॉल हैं मैं तो उस लड़की के हसीन चेहरे की तरफ देख कर चुप हो गया लेकिन मेरे दोस्त का लगातार शोर शराबा जारी रखा था और वह बहुत ज्यादा शोर मचाए जा रहे थे, जब वह लड़की खड़ी हुई तो उसने मेरे सारे दोस्तों को कहा कि क्या सिर्फ तुम लोग ही मूवी देखने आए हो हम लोग भी आगे बैठकर मूवी देख रहे हैं तुम लोग इतना ज्यादा शोर मचा रहे हो कि सब लोग परेशान हो रहे हैं, मैंने भी अपने दोस्तों को चुप कराया और कहा कि चुप हो जाओ क्यों इतनी सीटियाँ बजा रहे हो। सारे दोस्त मेरी तरफ देखने लगे और कहने लगे तुम्हें अचानक से क्या हो गया, मैंने उन्हें कहा कि तुम लोग चुप हो जाओ क्यों दूसरे को परेशान कर रहे हो तुम्हारी वजह से दूसरे लोग भी परेशान हो रहे हैं। वह लड़की मेरी तरफ देखने लगी और कहने लगी देखो तुम्हारे साथ यह भी बैठे हैं और यह तुम्हारे दोस्त हैं मुझे तो यह बहुत समझदार लग रहे हैं।

मैंने सब लोगों को तो उस वक्त चुप करा दिया लेकिन जब इंटरवल हुआ तो सब लोग बहुत तेजी से चिल्ला रहे थे और मुझ पर बहुत ज्यादा हंस रहे थे मैंने उन्हें कहा कि देखो दोस्तों अब मैं तुम्हें क्या बताऊं मुझे उस लड़की को देखकर ना जाने क्या हो गया और वह लड़की मुझे बहुत अच्छी लगी इसलिए तो मैं तुम सबको चुप होने के लिए कह रहा था, वह लोग कहने लगे हमें पता है कि तुम आखिर यह सब क्यों कह रहे हो तुम उस लड़की पर चांस मार रहे हो ना, मैंने उन्हें कहा हां मैं उस लड़की पर चांस मार रहा था और वह मुझे बहुत अच्छी लगी। मैंने जब उस लड़की को अपने आगे देखा तो वह पॉपकॉर्न ले रही थी और मैं भी उसके पास जाकर खड़ा हो गया, वह मुझे देखते ही कहने लगी कि आप बड़े ही समझदार हैं और आपके साथ जितने भी आपके दोस्त हैं वह लोग बहुत ही ज्यादा बदमाश है, मैंने उससे कहा देखो ऐसा भी नहीं है जब तक हम किसी के बारे में जान नहीं लेते तो हम लोग उसके बारे में गलत भी नहीं कह सकते, वह कहने लगी जानेंगे तो तब जब वह लोग हमसे बात करेंगे मुझे तो तुम्हारे दोस्तों जैसे लड़के बिल्कुल भी पसंद नहीं है। मैं यह तो समझ चुका था कि उसे किस प्रकार के लड़के पसंद है इसलिए मुझे उसके सामने शरीफ बनने का ढोंग करना पड़ा हालांकि मैं भी अपने दोस्तों की तरह ही हूं और मैं बहुत ज्यादा शरारत करता हूं और सही मायने में तो उस वक्त पहले मैं ही सीटी बजा रहा था। उसने मुझसे हाथ मिलाया और कहने लगी मेरा नाम रीमा है, मैंने भी उससे हाथ मिलाते हुए कहा कि मेरा नाम शोभित है, वह कहने लगी मुझे तुमसे मिलकर बहुत अच्छा लगा, मैंने उससे कहा कि क्या तुम लोग कुछ और भी लोगे? उसके साथ जो लड़की खड़ी थी वह कहने लगी कि हां यदि आप हमें कुछ खिलाना चाहते हैं तो आप खिला सकते हैं। मैंने उनके लिए पॉपकॉर्न ले लिए और वह लोग बहुत ज्यादा खुश हो गए उसके बाद मूवी शुरू होने वाली थी मूवी शुरू होने से पहले मैं बाथरूम में गया वहां से जब मैं अपनी सीट पर बैठा तो रीमा और मैं बात कर रहे थे क्योंकि रीमा मेरे बिल्कुल आगे बैठी थी इसलिए मुझे उससे बात करने में कोई दिक्कत नहीं हो रही थी मेरे दोस्तों ने कहा कि हमें तुम्हारी वजह से बहुत परेशानी हो रही है तुम भी आगे चले जाओ।

मैंने उन्हें कहा लेकिन आगे तो जगह ही नहीं है परंतु हम पूरी मूवी में ऐसे ही बात करते रहे मैं रीमा से बात करता रहा, जब मूवी खत्म हो गई तो हम लोग थिएटर से बाहर निकले रीमा और मैं साथ ही जा रहे थे मैंने रीमा से कहा कि क्या मैं तुम्हें छोड़ सकता हूं, वह कहने लगी कि नहीं मैं खुद ही चली जाऊंगी आप दिक्कत ना ले। मैंने रीमा से कहा मेरे पास कार है मैं तुम्हें छोड़ देता हूं, वह कहने लगी चलो ठीक है तुम हमें छोड़ दो, मैंने अपने दोस्तों से कहा कि तुम लोग थोड़ा इंतजार करो मैं रीमा और उसकी सहेलियों को छोड़कर अभी आता हूं। पहली मुलाकात में हम लोगों के बीच में इतनी नजदीकियां बढ़ गई थी कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और रीमा मेरे साथ कार की आगे वाली सीट पर ही बैठी हुई थी, मैं कार ड्राइव कर रहा था उसकी सहेली पीछे बैठी थी और हम सब लोग आपस में बात कर रहे थे तभी उसकी एक सहेली ने पूछा कि तुम क्या करते हो तो मैंने उन्हें बताया कि मेरे पिताजी पुलिस इंस्पेक्टर है और अभी मैं पढ़ाई कर रहा हूं, वह लोग कहने लगे चलो आगे से हम लोग तुमसे जरूर मदद लेंगे, मैंने भी उनके बारे में सब कुछ पता कर लिया था और मैंने रीमा का घर भी देख लिया, मैंने जब रीमा को छोड़ा तो रीमा कहने लगी चलो फिर तुमसे मुलाकात होगी, मैंने रीमा का घर तो देख ही लिया था मैं जब वापिस लौटा तो मेरे दोस्त कहने लगे कि तुम कहां रह गए थे हम लोग तुम्हारा कब से इंतजार कर रहे थे।

मैंने उस दिन अपने दोस्तों से कहा कि आज मैं बहुत ज्यादा खुश हूं मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि मेरी बात रीमा से हो जाएगी, मैंने उन्हें बताया कि वह मुझे पहली नजर में ही पसंद आ गई थी और मैं उससे बात करना चाहता था, वह लोग कहने लगे कि चलो लगता है अब तुम भी प्यार के चक्कर में पड़ चुके हो, मैंने उन्हें कहा लगता तो ऐसा ही है। मैंने उस दिन अपने दोस्तों को घर छोड़ा और सीधा ही अपने घर चला आया, मैं जब अपने घर आया तो मैं सिर्फ रीमा के ही ख्वाबों में खोया हुआ था और अगले दिन भी मैं उसके घर के बाहर जाकर खड़ा हो गया, अगले दिन जब मुझे रीमा मिली तो रीमा कहने लगी लगता है तुम्हें अपना घर बता कर गलती कर दी, मैंने उसे कहा नहीं ऐसी कोई बात नहीं है यदि तुम नहीं चाहती तो मैं तुम्हें आज के बाद कभी नहीं मिलूंगा लेकिन उसके दिल में भी मेरे लिए कुछ था और जब हम दोनों कार में बैठे हुए थे तो मैं रीमा से कहने लगा मैं तो हमेशा सोचता रहता था कि प्यार बहुत ही गलत चीज है लेकिन जब से तुम्हें देखा है तबसे अपना नजरिया मैंने बदल लिया, रिमा कहने लगी कि मैं भी प्यार व्यार के चक्कर में नहीं पड़ती मुझे यह सब चीजें बिल्कुल पसंद नहीं है, मैंने रीमा से कहा चलो आज तुम्हें मैं अपने साथ घुमाने ले चलता हूं। हम दोनों गाड़ी में बैठे हुए बात कर रहे थे हम लोग काफी आगे निकल चुके थे मुझे रीमा के बारे में जानने का उस दिन बहुत अच्छा मौका मिला और मैं उसके बारे में काफी कुछ चीजें जान पाया। मुझे रीमा के साथ बात करना अच्छा लग रहा था मैं पहली बार किसी लड़की के साथ इतनी देर तक समय बिता पाया था।

मैंने उसे सारी बात बताई तो वह कहने लगी क्या वाकई मे तुमने आज तक कभी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनाई। मैंने उसे कहा नहीं मेरी आज तक कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी रीमा मुझसे कहने लगी मेरे तो बहुत बॉयफ्रेंड थे मैं उनके साथ काफी समय तक रही लेकिन मुझे कोई भी ऐसा नहीं लगा जिसके साथ में ज्यादा समय बिता पाता। मैंने रीमा से कहा क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी उसने कुछ देर अपने दिमाग पर जोर दिया और कहने लगी क्या तुम मेरी हर एक बात को मानोगे। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी सब बात मानूंगा लेकिन तुम्हें भी मेरी खुशी का ध्यान रखना होगा। वह कहने लगी हां मैं तुम्हारी खुशी का ध्यान रखूंगी मैने उसके हाथ को पकड़ लिया था और राधिका के होठों को मैंने चूमना शुरू कर दिया। मैंने जब उसे किस किया तो वह अपने होठों को मुझसे छुड़ाने लगी और कहने लगी तुम यह सब क्या कर रहे हो। मैंने उसे कहा अभी तो तुमने कहा था तुम मुझे खुश रखोगी मैंने दोबारा से उसके होठों को चुसना शुरू किया।

उसने कुछ भी नहीं कहा वह मेरे होठों को चुसती रही मैंने गाड़ी को एक किनारे पर लगा दिया वह सुनसान जगह थी। मैंने उसे कहा हम लोग झाड़ियों में चलते हैं हम लोग वहां से झाड़ियों की तरफ चले गए। मैंने जब रीमा के कपड़े खोलने शुरू किए तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था क्योंकि पहली बार मैं किसी लड़की के कपड़े उतार रहा था। मैंने जब उसके नंगे बदन को देखा तो मैंने उसको ऊपर से लेकर नीचे तक पूरा चाटा। मैंने जब अपने लंड को उसकी गिली चूत मे लगाया तो उसकी चूत गिली हो चुकी थी। मैंने उसे कहा तुम घोड़ी बन जाओ मैंने उसे घोड़ी बना दिया और बड़ी तेजी से मैंने अपना लंड को उसकी चूत के अंदर प्रवेश करवा दिया। मेरा लंड उसकी चिकनी चूत के अंदर जाते ही उसे बड़ी तेजी से दर्द होने लगा। वह कहने लगी मुझे बहुत तकलीफ हो रही है मैंने उसे कहा कोई बात नहीं बस थोड़ी देर की बात है। मैं उसे तेजी से चोद रहा था और उसकी चूत के मजे ले रहा था जैसे ही मेरा वीर्य पतन उसकी चूत मे हुआ तो हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए और गाड़ी में बैठ गए। उस दिन के बाद से रीमा मेरी गर्लफ्रेंड है और अभी तक हम दोनों का रिलेशन चल रहा है।


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