कामिनी से कामुकता भरा सेक्स


Antarvasna, kamukta: मैं अपने घर से दूर पुणे में नौकरी करता हूं और मैं काफी दिनों से अपने घर भी नहीं गया था तो सोचा कि क्यों ना अपने घर चला जाऊं। मैं नागपुर का रहने वाला हूं और काफी समय के बाद मैं अपने घर जा रहा था मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी भी ले ली थी। मैं जब उस दिन बस में ट्रेवल कर रहा था तो बस के सफर के दौरान हीं मेरी मुलाकात कामिनी के साथ हुई जो कि मेरे बिल्कुल बगल में बैठी हुई थी और हम दोनों को नागपुर जाना था। वह भी पुणे में जॉब करती है और हम दोनों एक दूसरे को पहली बार ही मिले थे लेकिन जिस तरीके से हम दोनों की बातें हुई उससे मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि मैं कामिनी को पहली बार ही मिल रहा हूं। कामिनी से मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी और हम लोग नागपुर तक साथ में हीं गए थे उसके बाद मैंने कामिनी का नंबर भी ले लिया था।

कामिनी अपने घर पर कुछ दिनों तक ही रही उसके बाद वह पुणे के लिए लौट गयी थी कामिनी से मेरी फोन पर भी बात हुई थी कामिनी ने मुझे बताया कि वह पुणे में है और मैं अभी भी नागपुर में ही था मैं अभी पुणे नहीं गया था। मैं कामिनी से फोन पर ही बातें कर रहा था कामिनी को भी मुझसे फोन पर बात करने में कोई एतराज नहीं था और वह मुझसे जब भी फोन पर बातें करती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। हम दोनों एक दूसरे से फोन पर काफी बातें करने लगे थे और मैं कामिनी के बिना एक पल भी नहीं रह पाता था। जिस दिन भी मेरी और कामिनी की फोन पर बात नहीं होती थी उस दिन ना तो मुझे अच्छा लगता और ना ही कामिनी को अच्छा लगता था हम दोनों एक दूसरे के बिना रह नही पाते थे। मैं भी पुणे लौटने वाला था और जब मैं पुणे लौटा तो उस दिन शाम के वक्त मैं कामिनी को मिला।

कामिनी से मिलकर मुझे बड़ा ही अच्छा लगा और वह भी मुझसे मिलकर बहुत ज्यादा खुश थी उसके दिल में भी मेंरे लिए प्यार जागने लगा था और मेरे दिल में भी कामिनी के लिए प्यार था। हम दोनों चाहते थे कि हम दोनों एक दूसरे से अपने प्यार का इजहार कर दे लेकिन ना तो मैं कामिनी को अपने प्यार का इजहार कर पा रहा था और ना ही वह मुझसे कुछ कह पा रही थी। एक दिन जब मैंने कामिनी से इस बारे में कहा तो कामिनी भी मेरी बात को मना ना कर सकी। वह मुझे कहने लगी कि मुझे बहुत ही अच्छा लगा जिस तरीके से तुम ने मेरा साथ दिया है और तुमने मुझे अपने दिल की बात कही। कामिनी और मेरा रिलेशन चलने लगा था मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि कामिनी और मेरा रिलेशन चलने लगेगा। हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नही पाते थे मुझे तो ऐसा लगता था जैसे कि मैं कामिनी के बिना अधूरा हूं।

जब भी मैं कामिनी से बात नहीं करता तो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था ना तो कामिनी को अच्छा लगता था और ना ही मुझे अच्छा लगता था लेकिन कुछ दिन हो गए थे मैं अपने काम में काफी ज्यादा बिजी होने लगा था इसलिए मैं कामिनी को मिल नहीं पाया था। कामिनी भी चाहती थी कि मैं उससे मिलूं लेकिन हम दोनों की मुलाकात हो नहीं पाई थी। मैंने एक दिन कामिनी को फोन कर दिया मैंने जब उसे फोन किया तो मैंने उससे कहा कि कामिनी आजकल कुछ ज्यादा ही काम था इसलिए मेरी तुमसे मुलाकात नहीं हो पाई है। कामिनी भी मेरी बात को अच्छे से समझती थी उसने मुझे बोला कि कोई बात नहीं जब तुम्हें समय हो तो मुझसे मिल लेना। उसके काफी दिनों बाद मैं कामिनी को मिला तो हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया। मैं कामिनी के साथ बहुत ज्यादा खुश था जिस तरीके से कामिनी और मैंने साथ में समय बिताया था उससे हम लोगों को बड़ा ही अच्छा लगा था। मैं तो बहुत ही ज्यादा खुश था उस दिन कामिनी के चेहरे पर बड़ी खुशी थी उसने मुझे कहा कि उसके ऑफिस में उसका प्रमोशन हुआ है।

मैंने कामिनी से कहा कि इस बात को तो हम लोगों को सेलिब्रेट करना चाहिए कामिनी ने कहा कि हम लोग जरूर सेलिब्रेट करेंगे और उसके बाद हम लोगो ने उस दिन साथ में डिनर पर जाने का फैसला किया और हम लोग डिनर पर साथ में गए। उस दिन हम दोनों साथ में बैठे हुए थे और काफी रात हो चुकी थी मैंने कामिनी से कहा कि मैं तुम्हें तुम्हारे घर तक छोड़ देता हूं कामिनी ने कहा कि ठीक है और मैं उस दिन कामिनी को उसके घर तक छोड़ने के लिए चला गया। कामिनी अपनी कजन सिस्टर के साथ रहती है और वह उस दिन कामिनी का इंतजार कर रही थी। जब वह कामिनी का इंतजार कर रही थी तो मैंने उसे कहा कि कामिनी हम लोग कल मिलते हैं और फिर हम लोग अगले दिन एक दूसरे को मिलने वाले थे और मैं बहुत ही ज्यादा खुश था। अगले दिन जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो कामिनी की सिस्टर भी उसके साथ आई हुई थी और हम लोगों ने उस दिन साथ में अच्छा टाइम स्पेंड किया। मैं उसकी कजन सिस्टर से काफी कम ही मिला हूं लेकिन मुझे बहुत ही अच्छा लगा जिस तरीके से मेरी और उसकी मुलाकात हुई और हम लोगों ने साथ में समय बिताया था मैं बड़ा ही खुश था।

समय के साथ-साथ अब सब कुछ ठीक से चलने लगा था और कामिनी और मेरे रिलेशन की गहराइयां और भी ज्यादा बढ़ने लगी थी। कामिनी मुझे अच्छे से समझने लगी थी और मैं तो कामिनी को हमेशा ही समझता हूं और उसे मैं बहुत ज्यादा प्यार भी करता हूं। एक दिन कामिनी और मैं साथ में थे। उस दिन बहुत ही ज्यादा बारिश हो रही थी। मैंने कामिनी से कहा आज तुम मेरे साथ चलो कामिनी और मैं बहुत ज्यादा भीग चुके थे। हम दोनों ऑफिस से फ्री होने के बाद एक दूसरे को मिले थे लेकिन जब कामिनी और मैं उस दिन एक साथ थे तो हम दोनों को बड़ा अच्छा लग रहा था। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था जिस तरीके से कामिनी और मैं एक दूसरे के साथ में बैठे हुए थे लेकिन मैं कामिनी के भीगे बदन को देख रहा था और कामिनी भी मेरी तरफ देख रही थी। मैंने उस दिन पहली बार कामिनी के होंठो को चूमा था। जब मैंने उसके होठों को किस करना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा और उसे भी बड़ा अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे का साथ दे रहे थे।

कामिनी और मैं एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश थे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं कामिनी के बदन को महसूस कर रहा था और उसकी गर्मी को मैं पूरी तरीके से बढा चुका था। कामिनी की गर्मी बहुत ही ज्यादा बढ़ने लगी थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मैं भी इस बात को अच्छे से समझ चुका था कामिनी बिल्कुल भी नहीं रह पा रही है और मैं भी रह नहीं पा रहा था इस वजह से मैंने कामिनी के होंठों को चूमना शुरू कर दिया था। उसके बदन से जब मैंने कपड़ों को उतारकर किनारे रखा तो कामिनी का गोरा बदन देख मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था और ना ही कामिनी अपने आपको रोक पा रही थी इसलिए हम दोनों ही पूरी तरीके से गर्म होते जा रहे थे। जब मैंने अपने मोटे लंड को कामिनी की चूत पर लगाया तो वह गर्म होने लगी थी। वह इस कदर गरम होने लगी थी वह मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत में लंड को घुसा दो। मैं कामिनी की तरफ देख रहा था लेकिन जैसे ही मैंने अपने मोटे लंड को कामिनी की चूत मे प्रवेश करवाया वह खुश हो गई और बोली मेरी चूत से खून निकलने लगा है। मैंने देखा कामिनी की चूत से बहुत ज्यादा खून निकल रहा है कामिनी और मैं एक दूसरे के साथ अच्छे से सेक्स करना चाहते थे।

हम दोनों को बड़ा अच्छा लग रहा था जब हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले रहे थे। हम दोनों की गर्मी बढ़ती जा रही थी मेरे गर्मी इस कदर बढ चुकी थी मैं कामिनी की चूत की गर्मी को बिल्कुल भी झेल नहीं पा रहा था। कामिनी और मैं दूसरे का साथ अच्छे से दे रहे थे मैंने उसकी योनि पर बड़ी तेजी से प्रहार करना शुरू कर दिया था। जिस तरीके से मैं उसकी चूत का मजा ले रहा था उससे मुझे बहुत अच्छा लगा था और कामिनी को भी मजा आने लगा था वह सेक्स का मजा ले रही थी। हम दोनों की गर्मी बढ़ती जा रही थी मेरी गर्मी इस कदर बढ चुकी थी मैं कामिनी की चूत की गर्मी को बिल्कुल भी झेल नहीं पा रहा था।

कामिनी और मैं एक दूसरे का साथ अच्छे से दे रहे थे मैंने उसकी योनि पर तेजी से प्रहार करना शुरू कर दिया था जिस तरीके से मैं उसकी चूत का मजा ले रहा था उससे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और कामिनी को भी मज़ा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है अब मैं समझ चुका था मैं ज्यादा देर तक रह नहीं पाऊंगा। मैंने कामिनी की चूत में अपने वीर्य की पिचकारी गिरा दी थी। जब मेरा माल कामिनी की चूत में गिरा तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा और कामिनी को भी बहुत ज्यादा खुशी थी जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ में सेक्स संबंध बनाए थे। हम दोनों को अच्छा लगा था कामिनी भी बड़ी खुश थी जिस तरह हम दोनों ने पहली बार सेक्स के मजे लिए थे और एक दूसरे की गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया था।