झाड़ियों में मैडम को चोदा


Antarvasna, kamukta: मैं लखनऊ के एक सरकारी स्कूल में अध्यापक हूं और पिछले दो वर्षों से मैं यहीं पढ़ता आ रहा हूं। मैं एक दिन अपने स्कूल से घर वापस लौटा तो उस दिन मेरे मामा जी घर पर आए हुए थे काफी समय बाद अपने मामा जी से मिलकर मैंने उन्हें कहा मामा जी आज आप अचानक से घर आ गए। वह मुझे कहने लगे कि बस ऐसे ही शांतनु बेटा सोचा कि तुम लोगों से काफी दिनों से मिला नहीं तो तुमसे मिल लेता हूं। मुझे भी लगा कि शायद मामा जी हम लोगों से मिलने आए होंगे लेकिन मामा जी तो किसी और ही काम से घर आए हुए थे। मामा जी और पिताजी जब आपस में बात कर रहे थे तो मैं भी उन लोगों के साथ में ही बैठा हुआ था मामा जी कहने लगे कि काजल के लिए हम लोगों ने एक बहुत ही अच्छा लड़का देखा है काजल मेरी बहन है। उन्होंने पिताजी से जब इस बारे में पूछा तो पिताजी ने भी कहा कि यदि उनका परिवार इतना अच्छा है तो भला हमें शादी करवाने से क्या दिक्कत है। मुझे भी यह बात बिल्कुल पता नहीं थी कि काजल की शादी की बात मामा जी और पिताजी करने वाले हैं।

मैंने जब काजल से इस बारे में पूछा तो काजल ने मुझसे कुछ नहीं कहा लेकिन काजल कहीं न कहीं इस बात से चिंतित जरूर नजर आ रही थी। मैंने भी काजल को इस बारे में पूछा कि क्या तुम इस बात से खुश हो और क्या तुम शादी के लिए तैयार हो काजल ने कोई भी जवाब नहीं दिया। मैंने एक दिन काजल से इस बारे में पूछ ही लिया और काजल ने मुझे जब संजय के बारे में बताया तो मुझे लगा कि काजल को यह बात पहले ही घर में पता देनी चाहिए थी लेकिन काजल पिताजी से बहुत डरती है इस वजह से उसने यह बात पहले घर पर नहीं बताई। काजल ने मुझे संजय के बारे में बता दिया था तो मुझे ही अब उसकी मदद करनी थी, मैंने काजल से कहा क्या तुम संजय से शादी करना चाहती हो। काजल मुझे कहने लगी कि हां भैया मैं संजय से शादी करना चाहती हूं जब काजल ने मुझे यह बात कही तो मुझे भी लगा कि मुझे संजय से मिलना चाहिए। पहली बार ही काजल ने मुझे संजय से मिलवाया था जब मुझे काजल ने संजय से मिलवाया तो मुझे संजय में कोई कमी नजर नहीं आई मुझे लगा कि वह काजल के लिए बिल्कुल सही लड़का है।

मैंने काजल से कहा ठीक है मैं इस बारे में पिताजी से बात करूंगा काजल कहने लगी कि भैया कहीं पिताजी मुझे इस बात को लेकर डांट ना दे। मैंने उसे कहा काजल तुम बिल्कुल भी डरो मत और मैंने जब इस बारे में पिता जी से बात की तो पिताजी इस बात से बहुत गुस्सा थे और वह कहने लगे कि मुझे काजल से बिल्कुल भी यह उम्मीद नहीं थी। मैंने अपने पिताजी को समझाते हुए कहा देखिए पिताजी अब आप इस बात को भूल जाइए और यह सोचिए कि क्या हमें काजल का रिश्ता संजय से करवाना चाहिए। पिताजी ने मुझे ऊंची आवाज में कहा कि मैं एक बार संजय से मिलना चाहता हूं मैंने भी उनसे उसके बाद कुछ नहीं कहा और मैं अपने कमरे में चला गया। मैंने जब इस बारे में काजल से कहा तो काजल ने अगले ही दिन संजय को घर पर बुला लिया संजय घर पर आया तो पिताजी ने उसे ना जाने कितने ही प्रकार के सवाल पूछना शुरु कर दिए लेकिन संजय ने बड़ी ही शालीनता से उनका जवाब दिया मेरी मां उन्हें तो संजय काफी पसंद आया। पिताजी ने उस वक्त कुछ भी नहीं कहा और संजय घर से जा चुका था काजल अपने कमरे में ही बैठी हुई थी मैंने जब काजल से इस बारे में पूछा तो काजल ने मुझे बताया कि भैया यदि मेरी शादी संजय से नहीं हो पाई तो मैं किसी और से भी शादी कर के खुश नहीं रहूंगी। मैंने काजल से कहा तुम इस चीज की बिल्कुल भी चिंता ना करो सब कुछ ठीक हो जाएगा मैंने काजल को समझाया तो काजल भी मुझे कहने लगी भैया लेकिन पिताजी को तो आप जानते ही हैं। मैंने उस वक्त काजल को कुछ भी नहीं कहा लेकिन जब अगले दिन पिताजी ने काजल से संजय के बारे में बात की तो काजल ने भी पिताजी से बात की और पिताजी इस बात के लिए तैयार हो चुके थे और वह संजय के परिवार से मिलना चाहते थे। संजय के परिवार से जब पिताजी ने मिलने की बात कही तो कुछ दिनों बाद संजय का परिवार हमारे घर पर आया। जब वह लोग हमारे घर पर आए तो हमे पता चला कि संजय के पिताजी भी स्कूल में अध्यापक हैं और वह इस रिश्ते से बहुत खुश थे उन्हें भी इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी लेकिन अब काजल और संजय के रिश्ते की बात तय हो चुकी थी और उन दोनों की शादी जल्दी होने वाली थी।

उन दोनों की शादी में पिताजी ने किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं की और काजल की शादी बड़ी धूमधाम से हुई। काजल की शादी अब हो चुकी थी और काजल भी अपने ससुराल जा चुकी थी कुछ दिनों तक तो घर में मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा क्योंकि काजल के चले जाने के बाद कहीं ना कहीं उसकी कमी खल रही थी। कुछ दिनों बाद काजल घर पर आई उस दिन संजय ही उसे घर पर छोड़ने आया था काजल मां से बात कर रही थी और जब वह मां से बात कर रही थी तो वह कहने लगी कि संजय उसका बहुत ध्यान रखता है। मैं भी इस बात से आश्वस्त था कि संजय काजल को खुश रख पा रहा है काजल और संजय एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं और उन दोनों के बीच बहुत ही मजबूत रिश्ता है। अब कुछ दिनों तक तो काजल घर पर ही रही और उसके बाद संजय उसे लेने के लिए आया और वह उसे अपने साथ लेकर चला गया। काजल घर पर कम ही आया करती थी काजल की शादी को भी एक वर्ष बीत चुका था और इस एक वर्ष में कुछ पता ही नहीं चला कि कितनी तेजी से समय निकलता चला गया।

मुझे भी अब लगने लगा था कि मुझे अब शादी कर लेनी चाहिए मेरे लिए भी मेरे परिवार वाले रिश्ता देखने लगे थे हालांकि अभी तक मुझे कोई लड़की पसंद नहीं आई थी। कुछ समय पहले ही हमारे स्कूल में एक नई अध्यापिका पढ़ाने के लिए आई। हमारे स्कूल के जितने भी अध्यापक है वह सब शालिनी मैडम के पीछे पागल थे। जब भी शालिनी मैडम की पतली कमर पर मेरी नजर पड़ती तो मुझे ऐसा लगता जैसे मैं अपनी आग को बुझा डालू। शालिनी मैडम को देखकर मै अपने अंदर की आग को बिल्कुल भी रोक नहीं पाता था। शालिनी मैडम कमसिन है और कुंवारी भी, उनके कुंवारेपन को मैं खत्म करना चाहता था। मैंने उनसे नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी मैं भी कुंवारा था और शालिनी मैडम भी कुंवारी थी इसलिए शायद मेरी बात शालिनी मैडम से बन गई। हम दोनों बातें करने लगे एक रात में उनसे फोन पर बातें कर रहा था तो उस दिन हम दोनों के बीच कुछ ज्यादा ही अश्लील बातें होने लगी उन्हें इस बात से कोई आपत्ति नहीं थी। मैंने भी उनके अंदर की उत्तेजना को इस कदर बढ़ा दिया वह मेरे लिए तडपने लगी थी लेकिन हम लोगों ने  सेक्स करने के बारे में सोचा और मेरे लिए तो यह बहुत ही खुशी की बात थी क्योंकि मैं शालिनी मैडम की चूत मारना चाहता था वह भी मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार बैठी थी। हम लोगों ने सोचा कि जब हमें मौका मिलेगा तो हम लोग चूत चुदाई का खेल खेलेंगे लेकिन हमे मौका ही नहीं मिल पाया। मैंने भी उनको स्कूल में ही चोदने का फैसला किया मैंने उनको लंच टाइम में स्कूल के पीछे बुला लिया। स्कूल के पीछे बहुत झाडिया है वहां पर कुछ भी दिखाई नहीं देता इसलिए मुझे भी बहुत अच्छा लगा और मैंने उन्हें किस करना शुरू कर दिया मैं उनके होंठों को चूम रहा था उनके रसीले होठों को चूसकर मेरे अंदर की गर्मी और बढ़ने लगी।

वह भी अपने हाथों से अब मेरे लंड को दबाने लगी और अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी। जब उन्होंने मेरे लंड को बाहर निकाला तो वह मुझे कहने लगी आपका लंड तो बहुत ही मोटा है। मैंने अपने लंड को शालिनी मैडम के मुंह के अंदर डाल दिया। उन्होंने मेरे लंड को जब अपने मुंह के अंदर लिया तो वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को सकिंग कर रही थी और उन्हें इतना ज्यादा मजा आ रहा था कि वह काफी देर तक मेरे लंड को ऐसे ही चूसती रही। मैंने भी उनकी साड़ी को ऊपर उठाया और उनकी पैंटी को नीचे करते हुए उनकी चूत पर अपने लंड को सटाया तो मैंने महसूस किया कि उनकी चूत से बहुत ज्यादा पानी बाहर निकल रहा है लेकिन धीरे-धीरे मैंने उनकी चूत मे लंड घुसाया। मेरा लंड उनकी चूत के अंदर जा चुका था मेरा लंड जैसे ही उनकी चूत के अंदर घुसा तो वह जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

मैंने जब अपने लंड की तरफ देखा तो मेरे लंड पर उनकी चूत से निकलते हुए खून को देखकर मैं इतना ज्यादा खुश हो गया कि उन्हें मैं अब तेज गति से धक्के मारने लगा। मेरा लंड उनकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था और वह बड़ी तेज आवाज में सिसकियां ले रही थी वह अपनी चूतड़ों को मुझसे टकरा रही थी। मुझे शालिनी मैडम कहती तेजी से चोदो मैने उनकी सील पैक चूत का उद्घाटन कर ही दिया था और जिस प्रकार से वह अपनी चूतड़ों को मुझसे टकरा रही थी उससे मै उनको और भी तेजी से धक्के मार रहा था उनकी चूत की दीवार से जब मेरा लंड टकराता तो मुझे और भी ज्यादा मजा आता। मैंने उनको बहुत तेजी से चोद रहा था। उनको धक्के मारकर मुझे बहुत ही ज्यादा खुशी हो रही थी। मैं इतना ज्यादा खुश था कि मैंने अपने वीर्य को उनकी चूत के अंदर ही गिरा दिया तब जाकर मेरी प्यास बुझ पाई थी और शालिनी मैडम को चोदकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा था। हम दोनों बहुत ज्यादा खुश हो गए थे मैंने उन्हें कहा आगे भी हम लोगों सेक्स करते रहेंगे। मै आज भ शालिनी मैडम की चूत के मजे लेता रहता हूं और वह भी मुझसे अपनी चूत मरवा कर बहुत खुश रहती हैं।


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