जल्दी करो कोई आ ना जाए


Antarvasna, hindi sex stories: सुरभि ने मुझे कहा आदित्य तुम बच्चों को तैयार कर दोगे मैं बच्चों के लिए नाश्ता बना रही हूं मैने सुरभि को कहा हां सुरभि मैं अभी बच्चों को तैयार कर देता हूं। मैंने बच्चों को तैयार किया और सुरभि नाश्ता तैयार कर चुकी थी बच्चे कहने लगे कि मम्मी जल्दी से नाश्ता दे दो सुरभि ने बच्चों को दूध का गिलास दिया और उन्हे नाश्ता करवाया। सुरभि और मैंने बच्चों को स्कूल बस तक छोड़ा अब हम दोनों हमेशा की तरह ही पार्क में टहलने के लिए चले गए जब हम दोनों टहल रहे थे तो उस वक्त सुरभि मुझसे कहने लगी तुम्हें याद है जब हम लोग पहली बार एक दूसरे से मिले थे उस वक्त मैंने तुमको एक चोर समझ लिया था। मैने सुरभि को कहा हां मुझे सब याद है गलतफहमी की वजह से मुझे लोगों ने उस दिन पीटा भी था लेकिन जब मैंने अपनी सच्चाई बताई तो तुमको इस बात पर बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई। सुरभि और मैं इस बात पर हंसने लगे सुरभि मुझे कहने लगी की आदित्य कैसे हम दोनों की शादी को इतने वर्ष निकल गए कुछ पता ही नहीं चला।

मैंने सुरभि को कहा हां सुरभि तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो शादी को इतने वर्ष निकल गए हम दोनों को बिल्कुल पता ही नहीं चला और मुझे लगता है हम दोनों आज भी जैसे एक दूसरे का कितना ध्यान रखते हैं। सुरभि मुझे कहने लगी कि हां आदित्य तुम्हारा साथ पाकर मैं बहुत खुश हूं और तुम्हें तो पता ही है कि हमारे मोहल्ले में सब लोग हमारी कितनी तारीफ करते हैं और हमारे सारे रिश्तेदार हमें कहते हैं कि तुम दोनों की जोड़ी कितनी अच्छी है। सुरभि और मैं टहल कर लौट आए थे सुरभि ने मुझे कहा कि आदित्य आप नाश्ता कर लीजिए मैंने सुरभि को कहा कि हां सुरभि बस थोड़ी देर बाद नाश्ता कर लूंगा। थोड़ी देर में मैंने नाश्ता कर लिया और सुरभि मेरे साथ बैठी हुई थी सुरभि मुझे कहने लगी कि क्या आज आप अपने काम पर नहीं जा रहे हैं मैंने कहा नहीं आज मेरा जाने का मन नहीं है सोच रहा हूं कि घर पर आज आराम करूं काफी समय से मैंने छुट्टी भी नहीं ली है।

सुरभि मुझे कहने लगी ठीक है यदि आज आप आराम करना चाहते हैं तो आप आराम कर लीजिए। मैं और सुरभि साथ में ही बैठे हुए थे मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरी आंख लग गई जब मैं उठा तो मैंने सुरभि से कहा कि सुरभि तुम क्या कर रही थी तो सुरभि कहने लगी कुछ नहीं बस मैं तो घर की साफ सफाई करवा रही थी। हमारे घर की नौकरानी और सुरभि दोनों ही घर का काम कर रहे थे मैंने सुरभि को कहा क्या आज हम लोग आकाश और मीनाक्षी से मिल आये सुरभि कहने लगी हां हम लोग आज आकश और मीनाक्षी से मिल आते हैं वैसे भी उन लोगों से मिले हुए काफी समय हो चुका है। आकाश और मीनाक्षी मेरे साथ ही मेरे कॉलेज में पढ़ा करते थे उन दोनों के बीच प्रेम प्रसंग काफी सालों तक चला और उसके बाद उन दोनों ने शादी कर ली। मीनाक्षी और आकाश एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और मैंने सोचा कि हम उन्हें मिल लेते हैं तो हम दोनों ही उनसे मिलने के लिए चले गए। जब हम लोग उनसे मिलने के लिए गए तो आकाश और मीनाक्षी खुश हो गए और कहने लगे कि तुम लोग काफी समय बाद हमसे मिलने के लिए आ रहे हो। आकाश मुझे कहने लगा कि आदित्य तुम कुछ ज्यादा ही बिजी हो गए हो और तुम तो मुझसे मिलने तक के लिए नहीं आते हो। आकाश को मुझसे बहुत नाराजगी थी आखिर आकाश की नाराजगी बिल्कुल जायज थी क्योंकि मैं आकाश को मिलने के लिए काफी समय से जा नहीं पाया था लेकिन जब मैं आकाश को मिला तो आकाश मुझे कहने लगा कि चलो कम से कम तुमने अपने दोस्त को याद तो किया। मैंने आकाश को कहा मैं तुम्हें हमेशा याद करता हूं लेकिन समय के चलते मैं तुमसे मिल नहीं पाता आकाश मुझे कहने लगा कि चलो कोई बात नहीं। आकाश ने मीनाक्षी को कहा आज तुम आदित्य के पसंदीदा राजमा चावल बना दो मैंने मीनाक्षी को कहा नहीं मीनाक्षी रहने दो मेरा खाने का मन नहीं है लेकिन मीनाक्षी कहने लगी कि मैं सबके लिए खाना बना रही हूं। मीनाक्षी ने हम सबके लिए खाना बनाया और हम सब लोगों ने साथ में लंच किया आकाश मुझे कहने लगा कि अगले हफ्ते हम लोग घूमने के लिए जा रहे हैं। मैंने आकाश को कहा लेकिन तुमने तो मुझे इस बारे में बताया ही नहीं आकाश मुझे कहने लगा कि बस ऐसे ही अचानक से हम लोगों का प्लान बन गया तो हम लोग घूमने के लिए शिमला जा रहे हैं।

मैंने आकाश को कहा यदि तुम मुझे बता देते तो मैं भी तुम्हारे साथ घूमने के लिए चलता आकाश मुझे कहने लगा कि अभी भी कौन सा देर हुई है तुम अभी भी हमारे साथ घूमने के लिए चल सकते हो। आकाश मुझे कहने लगा चलो हम लोगों को भी कंपनी मिल जाएगी और तुम भी हमारे साथ चलोगे तो हमे भी अच्छा लगेगा मैंने आकाश से कहा मैं अगले हफ्ते घूमने के लिए समय निकाल लूंगा। मैंने आकाश को कहा हम लोग अभी चलते हैं क्योंकि बच्चे भी स्कूल से आने वाले होंगे। मैं और सुरभि अपने घर लौट आए जब हम लोग अपने घर लौटे तो बच्चे भी थोड़ी देर बाद घर आ चुके थे सुरभि मुझसे कहने लगी कि आदित्य आपने आकाश को कह तो दिया की आप समय निकाल पाएंगे पर कैसे। मैंने सुरभि से कहा हां क्यों नहीं मैं जरूर अगले हफ्ते समय निकाल लूंगा और अब हम लोगों ने घूमने के बारे में सोच लिया है तो हम लोग घूमने के लिए जरूर जाएंगे। मैं और सुरभि आपस में बात कर रहे थे मैं चाहता था कि कुछ समय के लिए मैं सुरभि और बच्चों को समय दूं इसलिए मैंने शिमला जाने का प्लान बनाया था और आकाश के कहने पर मैंने आकाश को तुरंत हां कर दी थी।

हम लोग शिमला जाने के लिए तैयार थे जब हम लोग शिमला गए तो आकाश और मीनाक्षी भी खुश थे और सुरभि भी इस बात से खुश थी कि हम लोग काफी समय बाद कहीं घूमने के लिए जा रहे हैं। मैं अपने काम से बिल्कुल भी समय नहीं निकाल पाता था इसलिए इस बार मैं बच्चों को अपने साथ शिमला घुमाने के लिए लाया और हम लोग शिमला में बड़े खुश थे। बच्चों के साथ हम लोग शिमला में भी अच्छा समय बिता रहे थे मैं भी बहुत खुश था और मेरी पत्नी सुरभि भी बहुत ज्यादा खुश थी। बच्चे भी इतने समय बाद कहीं बाहर जाकर बहुत ज्यादा खुश थे। जिस होटल में हम लोग रुके हुए थे मैंने कभी सोचा भी नहीं था उसमें हमारी क्लासमेट जो कि हमारे साथ कॉलेज के समय में पढ़ती थी उससे हमारी मुलाकात हो जाएगी उसका नाम सपना है। जब सपना से मेरी मुलाकात हुई तो मैं सपना के साथ बैठ कर बात कर रहा था तभी आकाश भी आया आकाश ने सपना को देखते ही गले लगा लिया। मैंने सपना को कहा तुम यहां क्या कर रही हो? सपना ने हमें बताया कि वह अपने पति के साथ आई हुई है मैंने अपनी पत्नी को सपना से मिलवाया हम लोग बहुत खुश थे कि सपना हमें अचानक से इस तरीके से मिली। सपना इस बात से बड़ी खुश नजर आ रही थी वह हमारे साथ समय बिता पा रही है लेकिन मुझे नहीं पता था कि सपना और मेरे बीच में अंतरंग संबंध बन जाएंगे। मैं अपने रूम में लेटा हुआ था मैंने सुरभि को कहा सुरभि मैं अभी आता हूं। मैं जैसे ही बाहर आया तो सपना मुझे बाहर दिखी सपना मुझसे कहने लगी आओ ना तुम मेरे साथ बैठो, सपना और मैं उसके रूम में बैठे हुए थे मैं सपना की तरफ देखता और सपना मेरी तरफ अपनी शौतान नजरो से देखती। उसके बड़े और सुडौल स्तनों पर नजर पड़ रही थी मैं चाहता था मैं सपना के साथ संबंध स्थापित करू उसके लिए मैंने सपना से बात की तो सपना भी मेरी बात को मान गई। सपना अपने पति के साथ सेक्स लाइफ से बिल्कुल भी खुश नहीं थी सपना चाहती थी वह मेरे साथ सेक्स का मजा ले जैसे ही मैंने सपना के स्तनों को दबाना शुरू किया तो सपना ने मेरे होठों को चूम लिया। मैं सपना को किस करने लगा हम दोनो एक दूसरे की बाहों में आ चुके थे सपना को भी अच्छा लग रहा था वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगी।

जिस प्रकार से सपना मेरे लंड को अपने मुंह में अंदर लेती मुझे बड़ा मजा आ रहा था और सपनों ने मेरे लंड को बहुत देर तक चूसा। सपना अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सकी सपना ने मुझे कहा मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुकी हूं सपना ने मेरे लंड को अपनी चूत पर रगडना शुरू किया। सपना के मुलायम और कोमल चूत को मैंने बहुत देर तक चाटा उसकी चूत से पानी बाहर निकाल कर रख दिया सपना अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी। जैसे ही मैंने सपना की चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी सपना की चूत में लंड घुसा। जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो वह कहने लगी आज तुमने मुझे मजे दे दिए। मैंने सपना को कहा तुम्हारी चूत मारने में तो मुझे बड़ा मजा आ रहा है सपना भी इस बात से बहुत खुश थी वह मेरा साथ बड़े अच्छे से दे रही थी उसने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था ताकि मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर ले सके।

मैंने बहुत देर तक उसे चोदा और जब मेरा वीर्य पतन हुआ तो उसके बाद हम दोनों एक साथ थोड़ी देर तक बैठकर बात करते रहे। सपना ने मेरे लंड को दोबारा से खड़ा कर दिया मैंने भी सपना की गांड के छेद के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया। सपना की गांड के छेद में मेरा लंड जाते ही वह चिल्लाने लगी। वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी सपना मुझे कहने लगी मैं ज्यादा देर तक अपने आपको रोक नहीं पाऊंगी जैसे ही सपना ने मेरे लंड को अपनी गांड से बाहर निकाला तो मेरा वीर्य एकदम से बाहर की तरफ को निकाला मैंने सपना की चूतड़ों पर अपने वीर्य को गिरा दिया। सपना कहने लगी जल्दी से कपड़े पहन लो मेरे पति आते ही होंगे हम दोनों ने जल्दी से कपड़े पहने और एक साथ बैठे रहे।


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