जब वो चिल्ला पड़ी


Antarvasna, hindi sex kahani: शोभिता और मैं साथ में बैठे हुए थे और हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे कि तभी पापा ने हम दोनों को साथ में देख लिया। जब मैं उस दिन घर गया तो पापा ने शोभिता के बारे में पूछा मैंने पापा को बताया कि शोभिता मेरी स्कूल की फ्रेंड है। मैंने जब पापा से कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है हम दोनों के बीच सिर्फ अच्छी दोस्ती है तो पापा ने मुझे बताया कि मुझे लगा कि तुम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो और तुमने हमसे यह बात छुपाई है। मैंने पापा से कहा कि पापा ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मेरे लिए घर में शादी के लिए काफी रिश्ते आ रहे थे लेकिन मैं हमेशा ही उन्हें शादी के लिए मना कर दिया करता तो इस वजह से उन्हें लगा कि शायद मैं शोभिता से प्यार करता हूं।

मैंने उन्हें इस बारे में कुछ भी नहीं बताया लेकिन शोभिता मेरी सिर्फ अच्छी दोस्त है और इससे ज्यादा हम दोनों के बीच कुछ भी नहीं है। रविवार के दिन मैं अपने घर पर था उस वक्त सुबह के 7:00 बज रहे थे और मैं सोकर उठा तो मैं पापा के साथ बैठकर अखबार पढ़ने लगा और पापा से भी मैं बातें कर रहा था। मां हम दोनों के लिए चाय बना कर ले आई और कहने लगी कि आज अनीता घर पर आ रही है। अनीता मेरी बड़ी दीदी का नाम है और जब पापा ने मां से कहा की अनीता कब घर पर आ रही है तो मां ने कहा कि वह दिन तक घर पर आ जाएगी। हम लोगों ने नाश्ता कर लिया था और नाश्ता करने के बाद जब मैं घर से बाहर निकल ही रहा था तो मैंने देखा कि अनीता भी घर पर आ रही थी। अनीता ने मुझसे पूछा कि तुम कहां जा रहे हो तो मैंने अनीता को बताया कि मैं अभी अपने दोस्त के घर जा रहा हूं बस थोड़ी देर बाद ही वहां से लौट आऊंगा।

अनीता ने कहा कि ठीक है अनीता घर पर चली गई थी और मैं अपने दोस्त के घर चला गया। मैं जब अपने दोस्त के घर गया तो उस दिन वहां से जब मैं वापस लौटा तो अनीता घर पर ही थी। अनीता मुझसे उम्र में दो वर्ष बड़ी है लेकिन हम दोनों के बीच काफी अच्छी बनती है और हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी मजाक किया करते हैं। अनीता और मैं उस दिन एक दूसरे से बातें कर रहे थे और अनीता उस दिन घर पर ही रुकने वाली थी। अनीता उस दिन घर पर ही थी और हम लोगों ने उस रात साथ में डिनर किया और काफी बातें की। अगले दिन मैंने अनीता को उसके ससुराल छोड़ दिया था और वहां से मैं अपने ऑफिस चला गया। हर दिन की तरह मैं अपने ऑफिस से 7:30 बजे घर पहुंचा और जब मैं घर आया तो उस दिन पापा घर पर नहीं थे। मैंने मां से कहा कि मां आज पापा घर पर नहीं आए तो मां ने कहा कि वह अपने किसी दोस्त के घर गए हुए हैं बस थोड़ी देर बाद आते ही होंगे। पापा बैंक में नौकरी करते हैं और पापा जिस बैंक में जॉब करते हैं वहां से वह जल्द ही रिटायर होने वाले हैं।

पापा जल्द ही रिटायर होने वाले थे तो मुझे भी पापा के लिए एक पार्टी रखनी थी। मैंने पापा के रिटायरमेंट की पार्टी रखी और उसमें मैंने अपने दोस्तों को भी बुलाया था तो मेरे दोस्त पार्टी में आए हुए थे और पापा के भी दोस्त पार्टी में आए हुए थे। सब लोग बहुत ज्यादा खुश थे और पार्टी बड़ी ही अच्छे से हुई। अब पापा भी रिटायर हो चुके थे इसलिए वह घर पर ही रहते थे। पापा और मम्मी चाहते थे कि मैं जल्द से जल्द शादी कर लूं लेकिन मैं शादी नहीं करना चाहता था। जब मैंने पापा से शादी के लिए मना किया तो पापा मुझे कहने लगे कि बेटा तुम एक बार महिमा से मिल लो। महिमा पापा के दोस्त की बेटी है और जब पापा ने मुझसे कहा कि तुम महिमा से मिल लो तो मैं भी पापा को मना ना कर सका। उस दिन जब मैं महिमा से मिला तो मुझे काफी अच्छा लगा और मैं काफी खुश था की महिमा बहुत ही अच्छी लड़की है और मैंने उससे शादी करने का फैसला कर लिया था।

पहली ही नजर में मैं महिमा से प्यार कर बैठा था और महिमा बड़ी खुश थी जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ बात किया करते। जब हम लोग एक दूसरे से बात करते तो हमें अच्छा लगता। हम दोनों की सगाई भी हो चुकी थी और जल्द ही हम दोनों की शादी भी होने वाली थी। मैं इस बात से बड़ा ही खुश था जब हम दोनों की शादी होने वाली थी और मेरी जिंदगी में सब कुछ बहुत ही अच्छे तरीके से चल रहा था। मैं काफी खुश हूं जिस तरीके से मेरी जिंदगी में महिमा आई और अब हम दोनों की शादी होने वाली थी। जब हम दोनों की शादी हो गई तो उसके बाद महिमा और मैं एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करते। हम दोनों जब भी एक दूसरे के साथ होते तो हमें बड़ा ही अच्छा लगता। मैं महिमा को बहुत ज्यादा प्यार करता हूं और महिमा भी मुझे बहुत प्यार करती है हम दोनों का शादीशुदा जीवन अच्छे से चल रहा है। जिस तरीके से हमारा शादीशुदा जीवन चल रहा था उससे हम दोनों बड़े खुश हैं और पापा और मम्मी भी बहुत ज्यादा खुश है।

महिमा घर की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही थी और महिमा बहुत ही ज्यादा खुश है जिस तरीके से हम दोनों की शादी हुई और हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताया करते हैं। हमारी शादी को 3 महीने से ऊपर हो चुका था और इन 3 महीनों में मैं महिमा को ज्यादा समय देने की कोशिश किया करता लेकिन अब मैं चाहता था कि महिमा के साथ मैं कहीं घूमने के लिए जाऊं। हम लोगों ने दुबई घूमने का प्लान बनाया और हम लोग दुबई घूमने के लिए चले गए। कुछ दिनों बाद हम दोनों दुबई से वापस लौट चुके थे और जब हम लोग दुबई से वापस लौटे तो मैं कुछ दिनों तक घर पर ही था। मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी और मैं और महिमा साथ में समय बिताया करते हैं तो हमें अच्छा लगता। जब हम लोग घूमने गए तो मैने इस बारे में पापा से कहा था कि हम लोग दुबई जाना चाहते है। मैंने जब पापा से इस बारे में पूछा तो पापा ने कहा कि तुम लोग दुबई जाना चाहते हो तो यह बड़ा ही अच्छा है और फिर हम लोगों ने दुबई जाने का फैसला कर लिया था और जब हम लोग दुबई गए तो वहां पर हम लोग बड़े ही खुश थे।

जिस तरीके से मैं और महिमा एक दूसरे के साथ थे उससे हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लग रहा था और हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी इंजॉय कर रहे थे। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था जिस तरीके से हम दोनों साथ में होते और एक दूसरे के साथ समय बिताया करते। दुबई से वापस लौटने के बाद मैं और महिमा एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुश थे। जब हम दोनों एक दूसरे के साथ होते तो हमें बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता। मैं महिमा के साथ अपनी शादीशुदा जिंदगी से बहुत ज्यादा खुश हूं और वह भी मेरे साथ बहुत ज्यादा खुश है। महिमा और मेरे बीच सेक्स संबध बनते ही रहते है। जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ शारीरिक सुख का मजा लेते है तो हमें बड़ा ही मजा आता है। मैं उसके साथ सेक्स करके बहुत ज्यादा खुश रहता हूं। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ शारीरिक सुख का मजा लेते हैं उस से हम दोनों बड़े ही खुश होते हैं।

एक दिन मैं और महिमा साथ में लेटे हुए थे मैंने महिमा के होंठों को चूमना शुरू किया तो वह गर्म होती चली गई और मेरे लिए वह तड़पने लगी थी। महिमा ने भी मेरे लंड को कस कर पकड़ लिया जब उसने ऐसा किया तो मैं बहुत ही ज्यादा गर्म होता चला गया और मैंने महिमा से कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है। उसने मेरे लंड को बाहर निकालते ही उसने अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को समा लिया। वह अब मेरे लंड को चूसने लगी थी।  वह मेरे लंड को बडे ही अच्छे से चूस रही थी और मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी। अब हम दोनों को मजा आने लगा था मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही थी। अब हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो गए थे। मैंने महिमा से कहा मैं तुम्हारी चूत में लंड को घुसाना चाहता हूं। वह अपने कपड़े खोलकर मेरे सामने नंगी लेटी हुई थी। मैंने उसकी योनि में लंड को घुसा दिया था।

मेरा लंड महिमा की चूत के अंदर सेट हो गया था वह बहुत जोर से चिल्लाई। वह मुझे कहने लगी मुझे अच्छा लग रहा है। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाने लगे। मैंने महिमा को बड़ी ही तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए थे। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखकर उसे चोदना शुरू किया तो वह मजे मे थी। वह मुझे कहने  लगी मुझे मजा आ रहा है। अब हम दोनों को बहुत ज्यादा मजा आने लगा था और हम दोनों तड़पने लगे थे। मैं महिमा को बड़े ही अच्छे तरीके से धक्के दिए। मैं उसे जिस तरीके से चोद रहा था उससे वह बहुत ज्यादा खुश थी। वह मुझे कहने लगी मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैंने महिमा से कहा मैं तुम्हारी चूत मे अपने वीर्य को गिराना चाहता हूं। मैंने अपने वीर्य को महिमा की चूत में गिरा दिया, वह खुश हो चुकी थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था।