जब दुबारा सेक्स करने की तलब लगी


Antarvasna, sex stories in hindi: रोहित और मैं साथ में बैठे हुए बातें कर रहे थे रोहित अमेरिका में पढ़ाई करता है और काफी समय के बाद वह घर आया था। रोहित हमारे पड़ोस में ही रहता है इसलिए वह मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आया हुआ था। मेरी और रोहित की काफी देर तक बातें हुई फिर रोहित ने मुझे कहा कि अब मैं चलता हूं और रोहित अपने घर चला गया। जब रोहित अपने घर गया तो उसके बाद वह मुझे अगले दिन मिला, जब अगले दिन रोहित और मैं एक साथ थे तो हम दोनों ने फैसला किया कि आज हम लोग मूवी देखने के लिए चलते हैं। हम दोनों मूवी देखने के लिए चले गए और जब हम लोग मूवी देखने गए तो वहां पर मूवी खत्म होने के बाद हमे रोहित के कुछ दोस्त मिले रोहित ने मुझे अपने दोस्तों से मिलवाया। जब रोहित ने मेरा परिचय अनीता से करवाया तो मुझे अनीता से मिलकर अच्छा लगा। यह पहली बार था जब मैं अनीता से मिला था और फिर हम दोनों घर लौट आए थे।

मेरी कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो चुकी है और मैं अब पापा के साथ दुकान का काम देख रहा हूं हमारी पुश्तैनी दुकान है जो अब मैं संभाल रहा हूं। कभी कबार पापा दुकान में आ जाया करते हैं। अगले दिन सुबह ही मैं दुकान में चला गया था जब मैं दुकान में गया तो मुझे रोहित का फोन आया रोहित ने मुझे कहा क्या तुम दुकान में ही हो तो मैंने रोहित से कहा कि हां मैं अभी दुकान में हूं। रोहित ने मुझे कहा कि तुम वहां से वापस कब लौट आओगे मैंने रोहित को कहा कि मुझे तो शाम हो जाएगी रोहित ने कहा कि ठीक है। रोहित को अपने किसी काम से अपने दोस्त के घर जाना था तो रोहित को लगा कि शायद मैं घर पर ही हूं लेकिन मैं उस दिन दुकान में था और मैंने रोहित को कहा कि मैं तुम्हें शाम को मिलता हूं। जब मैं दुकान से घर वापस लौटा तो मैंने रोहित को फोन किया रोहित मुझे मेरी कॉलोनी के पार्क में ही मिला वह मुझे कहने लगा कि मुझे अपने दोस्त से मिलने जाना था इसलिए मैंने सोचा कि तुम भी घर पर होंगे तो हम दोनों साथ में ही चलेंगे।

मैं और रोहित एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो रोहित ने मुझे कहा कि मैं अब अमेरिका वापस जा रहा हूं। मैंने रोहित को कहा कि तुम अमेरिका कब जा रहे हो तो रोहित ने मुझे बताया कि वह अमेरिका कुछ ही दिनों बाद जा रहा है मैंने रोहित को कहा क्या तुम अब अमेरिका में ही सेटल होने का प्लान बना रहे हो। रोहित ने मुझे कहा कि हां मैं अमेरिका में ही सेटल होने के बारे में सोच रहा हूं। रोहित और मैं एक दूसरे से काफी देर तक बातें करते रहे फिर मैं वापस अपने घर लौट आया था। जब मैं घर लौटा तो मैंने सोचा कि मैं नहा लेता हूं तो मैं नहाने के लिए बाथरूम में चला गया। काफी ज्यादा गर्मी थी इसलिए मैं नहाने के लिए चला गया था और जब मैं नहा कर बाहर निकला तो उसके बाद मैं पापा और मम्मी के साथ बैठा हुआ बातें कर रहा था।

काफी दिन बाद मैं पापा और मम्मी के साथ बैठ पाया था क्योंकि मुझे दुकान के काम के चलते समय नहीं मिल पाता था और कुछ दिनों से मैं रोहित के साथ ही था। हम लोगों ने डिनर किया और फिर मैं अपने रूम में चला गया। मैं अपने रूम में चला गया था और उसके बाद मैंने अपने रूम में टीवी ऑन की, थोड़ी देर तक मैंने टीवी देखी फिर मुझे नींद आने लगी थी इसलिए मैंने सोचा कि मैं सो जाता हूं और फिर मैं सो गया था। अगले दिन भी मैं अपनी दुकान पर सुबह ही निकल गया था। मैं अक्सर सुबह ही अपनी दुकान पर चले जाया करता हूं और शाम को देर रात से वापस लौटा करता। रोहित भी अमेरिका में ही सेटल हो चुका था रोहित के कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी। रोहित से मेरी फोन पर बातें होती थी हम लोगों की जब भी फोन पर बातें होती तो हमें काफी अच्छा लगता। एक दिन मैं और रोहित फोन पर बातें कर रहे थे उस दिन हम दोनों की फोन पर काफी देर तक बातें हुई।

रोहित ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों में घर आ रहा है मैंने रोहित को कहा कि चलो इस बहाने हम लोगों की मुलाकात तो हो जाएगी। रोहित और मैं जब एक दूसरे को मिले तो हमें काफी अच्छा लगा रोहित काफी समय के बाद घर आया था। रोहित के साथ मैंने भी अच्छा समय बिताया, रोहित कम ही दिनों के लिए ही घर आया था और फिर वह वापस चला गया था। रोहित और मैं एक दूसरे के साथ फोन पर अक्सर बातें किया करते हैं। एक दिन मैं अपनी दुकान पर ही था उस दिन मुझे अनीता मिली मैं अनीता को पहचान नहीं पाया लेकिन अनीता ने मुझे पहचान लिया था। अनीता ने मुझसे इस बात के लिए माफी मांगी कि मैं उसे पहचान नहीं पाया अनीता और मेरी थोड़ी देर तक बात हुई।

उस दिन मैंने अनीता का नंबर ले लिया था और अनीता से मैं फोन पर बातें करने लगा था हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बातें किया करते हैं। हालांकि हम लोगों का मिलना कम ही हो पाता था लेकिन फिर भी जब भी हम लोग एक दूसरे से मिलते तो हमें काफी अच्छा लगता। एक दिन अनीता का मुझे फोन आया और उसने मुझसे मिलने की बात कही तो मैंने अनीता को कहा कि मैं तुम्हें आज शाम को मिलता हूं। अनीता भी अपने ऑफिस से फ्री हुई और हम दोनों शाम के वक्त एक दूसरे को मिले। जब हम लोग एक दूसरे के साथ बैठे हुए बातें कर रहे थे तो हमें काफी अच्छा लग रहा था। मुझे इस बात से बड़ी खुशी थी कि मैं अनीता के साथ अच्छा समय बिता पा रहा हूं।

अनीता और मैं जब भी एक दूसरे के साथ होते तो हमें समय का पता ही नहीं चलता और मुझे ऐसा लगता कि जैसे मैं और अनीता एक दूसरे से प्यार करने लगे हैं। मेरे दिल में अनीता के लिए अब काफी ज्यादा प्यार है और मैं अनीता के साथ रिलेशन में बहुत खुश हूं। अनीता ने हीं मुझसे अपने प्यार का इजहार किया और जब अनीता ने मुझसे अपने दिल की बात पहली बार कही थी तो मैं इस बात से बड़ा खुश था। अनीता और मेरा रिलेशन काफी अच्छे से चल रहा है और जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ होते हैं उससे हमें काफी अच्छा लगता है। अनीता मुझसे मिलने के लिए अक्सर घर पर आ जाया करती है।

एक दिन अनीता मुझसे मिलने के लिए घर पर आई हुई थी उस दिन हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे और हम दोनों को काफी अच्छा लग रहा था। वह मेरे बगल मे थी मेरा मन उसकी चूत मारने का था। मैंने जब अनीता को अपनी बांहो मे भरा तो मुझे मजा आ रहा था और वह भी गरम होती जा रही थी। मैंने जब उसके होंठो को चूमा तो वह तडप रही थी उसके रसीले गुलाबी होंठ मेरी आग को बढा रहा थे। जब मैंने उसके स्तनो को दबाया तो वह मचल रही थी और मैं भी मचल रहा था। मैंने उसके स्तनो को चूसकर उसकी आग को बढा दिया था। मैंने जब उसकी चूत पर लंड को लगाया तो वह मचल रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे लंड को चूसना हैं। वह अब मेरे लंड को चूसने लगी थी उसकी गर्मी बढती जा रही थी।

वह मेरे लंड को अपने गले तक ले रही थी। वह जिस तरह से मेरे लंड को चूस रही थी उस से मुझे मजा आ रहा था। वह मेरे लंड को गले तक ले रही थी। वह मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत के अंदर लंड को घुसा दो। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया था। जब उसकी चूत के अंदर मेरा लंड गया तो वह चिल्ला उठी थी। मैंने देखा उसकी चूत से खून निकल आया था। वह मुझे बोली मेरी चूत मे दर्द हो रहा है। मैं उसकी चूत मे तेजी से धक्के दिए जा रहा था। वह बहुत ही खुश थी जिस तरह से मैं उसकी चूत के अंदर बाहर तेजी से धक्के दिए जा रहा था। हम दोनो को बहुत ही मजा आ रहा था। वह मुझे कहने लगी मेरी चूत से पानी निकल रहा है। वह अपने पैरो को खोलने लगी थी जिस से उसकी चूत के अंदर बाहर मेरा लंड हो रहा था। वह बहुत ज्यादा खुश थी। मेरा लंड अब कडक हो चुका था और जब मैंने उसकी चूत के अंदर अपने माल को गिराया तो वह खुश हो चुकी थी।

हम दोनो एक दूसरे के साथ दोबारा सेक्स करना चाहते थे। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला उसकी चूतडो से मेरा लंड टकरा रहा था और वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। उसकी सिसकारियां बढ रही थी और मेरी गर्मी भी बढ चुकी थी। मैंने उसकी चूत पर तेजी से प्रहार किया और जैसे ही मैंने उसकी चूत के अंदर अपने माल को गिराया तो वह खुश हो गई थी। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को गिराया तो वह खुश हो गई थी। जब मैंने उसकी चूत के अंदर अपने माल को गिराया तो वह खुश थी और अब वह अपने लंड को मेरे मुंह मे लेकर चूस रही थी। जब वह मेरे लंड को चूस रही थी तो मेरे लंड पर लगा माल वह अच्छे से चूस रही थी जिस से वह मेरे लंड को अच्छे से चूस कर मेरी गर्मी को शांत कर चुकी थी।