जब दो जवां दिल मिले


Hindi sex story, antarvasna मैं अपने काम के सिलसिले में दिल्ली से मुंबई चला आया मुझे दिल्ली में अच्छी खासी नौकरी छोड़नी पड़ी लेकिन मुंबई में भी मुझे जिस कंपनी में नौकरी करने का मौका मिला उस कंपनी ने मुझे सारी फैसिलिटी दी थी मेरे पास रहने के लिए घर भी था और मुझे कंपनी के द्वारा सब कुछ दिया गया था क्योंकि मैं एक अच्छे पद पर था तो मैं एक अच्छी सोसाइटी में रहता था। जब भी मैं फ्री होता तो उस दिन मैं घूमने के लिए चले जाया करता मेरी दोस्ती भी धीरे धीरे मुंबई में कुछ लोगों से हो गई थी जिनके साथ मैं ज्यादातर समय बिताया करता था मेरे ऑफिस के भी कुछ दोस्त है, ऑफिस में मेरे कुछ ही चुनिंदा दोस्त है क्योंकि मेरा पद बड़ा होने की वजह से मैं सब लोगों के साथ में नहीं बैठा करता था। मेरे पड़ोस में ही दो लड़कियां रहती थी मैं उन्हें हमेशा देखा करता था लेकिन मैंने उनसे कभी भी बात नहीं की थी मैं जिस फ्लैट में रहता था वहां पर मुझे 3 महीने हो चुके थे लेकिन मैंने आसपास में किसी से भी बात नहीं की थी इन 3 महीनों में मैं सुबह अपने ऑफिस जाता और शाम को घर लौट आता यदि मुझे कभी कहीं पार्टी में जाना होता तो मैं अपने दोस्तों के साथ ही पार्टी में निकल जाता और रात को घर लौटा करता था।

एक दिन मुझे मेरे पड़ोस में रहने वाली लड़की ने पूछा आप कहां के रहने वाले हैं मैंने उसे बताया मैं दिल्ली का रहने वाला हूं जब मैंने उसे यह बात बताई तो वह कहने लगी मैं भी दिल्ली की रहने वाली हूं उसने मुझसे पूछा आप दिल्ली में कहां रहते हैं तो मैंने उसे बताया मैं दिल्ली में कनॉट प्लेस में रहता हूं यह सुनकर वह मेरे चेहरे की तरफ देखने लगी और मुझसे पूछा कि कनॉट प्लेस तो मैं भी रहती हूं। मैं भी थोड़ा चौक गया मैंने उसे पूछा आपका नाम क्या है वह कहने लगी मेरा नाम रोशनी है मैंने भी उसे अपना परिचय दिया मैंने उसे कहा मेरा नाम अरुण है, वह कहने लगी अच्छा तो आप यहीं रहते हैं। जब उसने अपने घर का पता मुझे बताया तो उसके घर के पास में ही हम लोगों का स्कूल हुआ करता था और मुझे आज भी वह दिन याद है जब हम लोग स्कूल में पूरी तरीके से मस्तियां किया करते थे मैंने जब उसे यह बात बताई तो वह कहने लगी आप तो हमारे शहर के ही निकले।

मुझे रोशनी से बात करना अच्छा लगा और वह भी मुझसे मिलकर बहुत खुश थी अब हम दोनों का परिचय हो ही चुका था तो हम दोनों जब एक दूसरे से मिलते तो हमेशा एक दूसरे को हेलो कह दिया करते यह सब चलता रहा एक दिन मुझे रोशनी ने कहा आज हमारे ऑफिस में पार्टी है और हमें अपनी फैमिली मेंबर को लेकर जाना है मेरी फैमिली यहां पर नहीं रहती है इसलिए मैं सोच रही थी क्या आप मेरे साथ चल सकते हैं? मैंने रोशनी से कहा क्यों नहीं। रोशनी की सहेली का नाम रचना है वह भी हमारे साथ चल पड़ी हम तीनों ही जब रोशनी के ऑफिस में पहुंचे तो वहां पर काफी भीड़ थी कुछ देर तो हम लोग ऑफिस में रुक गये उसके बाद वहां से हम लोग एक फाइव स्टार होटल में चले गए वहां पर कंपनी के द्वारा सारा कुछ अरेंजमेंट किया गया था। रोशनी ने मुझे अपने ऑफिस के दोस्तों से मिलवाया और मुझे उनसे मिलकर अच्छा लगा सब लोग रोशनी से यही पूछते कि यह लड़का कौन है तो रोशनी कहती कि यह मेरा दोस्त है लेकिन शायद उनके दिल और दिमाग में कुछ और ही चल रहा था वह लोग मुझे रोशनी का बॉयफ्रेंड समझ रहे थे परंतु यह बात तो मुझे और रोशनी को बता थी कि हम दोनों एक दूसरे के दोस्त हैं। उसके कुछ समय बाद जब हम लोग साथ में बैठे हुए थे तो एक लड़की आई और वह हमारे साथ आ कर बैठ गई रचना भी हमारे साथ बैठी हुई थी हम आपस में बात कर रहे थे और रोशनी हमारी बातों को सुन रही थी, रचना चंडीगढ़ की रहने वाली है तभी रोशनी की ऑफिस की एक लड़की आयी और वह मुझे कहने लगी अरुण आप हमसे कुछ छुपा रहे हैं मैंने उससे कहा मैं आप से भला क्या छुपाऊँगा। वह मुझे कहने लगी आपके और रोशनी के बीच में जरूर कुछ चल रहा है मैंने उसे कहा ऐसा कुछ भी नहीं है आप लोग गलत समझ रहे हैं रोशनी भी उसे कहने लगी नहीं ऐसा कुछ नहीं है तुम्हें जरूर कुछ गलत लग रहा है परंतु वह तो मानने को तैयार ही नहीं थी और इसी के चलते मैंने उस लड़की से कह दिया हां रोशनी और मेरे बीच में काफी समय से अफेयर चल रहा है।

यह सुनते ही उसने सब लोगों को यह बात बता दी और पार्टी में जैसे यह बात आग की तरह फैल गई सब लोगों को यह बात पता चल चुकी थी कि रोशनी और मेरे बीच में कुछ चल रहा है मुझे क्या पता था कि यह बात इतनी तेजी से सब लोगों तक पहुंच जाएगी अब सब लोग रोशनी को परेशान करने लगे। उस दिन मैं और रोशनी पार्टी मैं ज्यादा देर तक नहीं रुक पाए हम लोग वहां से चले आए रचना भी हमारे साथ ही आ गयी जब हम लोग घर आ रहे थे तो रोशनी मुझे कहने लगी तुम्हे उससे यह सब कहने की क्या जरूरत थी मैंने उसे कहा वह मेरे पीछे ही पड़ गई थी और जैसे उसे मेरे मुंह से यह सब सुनना ही था मैंने सोचा कि मैं उसे यह सब कह दूंगा तो वह चली जाएगी लेकिन मुझे क्या पता था कि वह ऑफिस में सब को यह बात बता देगी। रोशनी को इस बात का थोड़ा बुरा लगा मैंने उसे सॉरी कहा और कहा मैं तुमसे इस बात के लिए माफी मांगता हूं वह कहने लगी कोई बात नहीं, जब उसने मुझसे यह बात कही तो मैंने रोशनी से कहा तुम्हें अगर मेरी वजह से बुरा लग रहा है तो मैं उसके लिए तुमसे माफी मांगता हूं रोशनी मुझे कहने लगी कोई बात नहीं। रचना ने भी रोशनी को समझाया और कहा वह लड़की तो उनके पीछे पड़ गई थी और वह जैसे यह जानना ही चाहती थी कि तुम दोनों के बीच में क्या चल रहा है तो शायद अरुण ने उसे यह सब कह दिया।

रोशनी भी अब चुप हो चुकी थी हम लोग भी घर पहुंच गए मैंने अपनी गाड़ी को पार्किंग में पार्क किया उसके बाद मैं अपने रूम में जाकर लेट गया अगले दिन जब रोशनी मुझे मिली तो वह मुझे कहने लगी कल के लिए मैं तुमसे माफी मांगना चाहती हूं मैं कुछ देर के लिए परेशान हो गई थी लेकिन रात को जब मैंने सोचा कि इसमें तुम्हारी कोई भी गलती नहीं थी तो मुझे एहसास हुआ कि वाकई में मैंने तुम्हें शायद गलत कहा। मैंने रोशनी से कहा मुझे तो वह बात याद भी नहीं है कि रात को हम दोनों ने एक दूसरे को क्या कहा। रोशनी के मासूम से चेहरे को देखकर मुझे उससे जैसे प्यार सच में हो गया था उसकी मासूमियत और उसके भोलेपन से मैं प्यार करने लगा था परंतु मैंने यह बात रोशनी को नहीं बताई थी हम दोनों साथ में जरूर समय बिताते हैं लेकिन मैंने कभी भी यह बात रोशनी को पता नहीं चलने दी परंतु यह बात रचना को मालूम पड़ चुकी थी रचना ने मुझसे कहा कि क्या तुम रोशनी से प्यार करने लगे हो? मैंने उसे कहा हां मैं रोशनी से प्यार करने लगा हूं। कुछ दिनों बाद यह बात रचना ने रोशनी को बता दी जब यह बात रचना ने रोशनी को बताई तो शायद उसे भी मुझसे प्यार हो गया था क्योंकि वह दिल ही दिल मुझे चाहने लगी थी लेकिन मुझे क्या पता था कि हम दोनों के बीच अब सचमुच प्यार हो जाएगा। हम दोनों के बीच प्यार बढ चुका था और उसके बाद तो जैसे रोशनी और मेरे बीच मिलना आम बात हो गया था। हम दोनों फोन पर ज्यादा बात नहीं किया करते थे, हम दोनों एक दूसरे से मिल लिया करते थे जब भी रोशनी मुझसे मिलने के लिए मेरे फ्लैट में आती तो हम दोनों साथ में अच्छा समय बिताया करते।

एक दिन मैंने रोशनी को किस कर लिया जब मैंने उसे किस किया तो उसे भी शायद अच्छा लगा उसके बाद हम दोनों के बीच कई बार किस हुए। एक दिन रोशनी मेरे फ्लैट में आई थी तो मैंने उसे अपने नीचे लेटा कर किस करना शुरू कर दिया हम दोनों के शरीर से बहुत गर्मी निकल रही थी, मेरी गर्मी इतनी ज्यादा बढ चुकी थी कि मैंने अपने हाथों से रोशनी के स्तनों को दबाना शुरु किया मैने जब उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चुसना शुरू किया तो उसे भी बड़ा मजा आने लगा और मेरी इच्छा पूरी होने लगी। मैंने रोशनी से अपने लंड को सकिंग करने की बात रखी तो वह मुझे मना ना कर सकी। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू कर दिया वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही थी, जब मैंने उसकी गोरी और चिकनी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाते हुए कहने लगी मुझे बड़ा दर्द हो रहा है। मैंने रोशनी को तेजी से धक्के दिए तो उसे भी अच्छा महसूस होता।

वह अपने पैरों को चौड़ा कर लेती और कुछ देर बाद उसने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में कसकर जकड लिया जब उसने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकड़ लिया तो मे हिल भी नहीं पा रहा था लेकिन मैं उसे धक्के बड़ी तेजी से दे रहा था। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में ले रखा था और मैं तेजी से उसे झटके मारता जाता जिससे उसका पूरा शरीर हिल जाता और उसे भी बहुत मजा आता। यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो मैंने अपने लंड को तुरंत रोशनी की योनि से बाहर निकाल लिया उसकी योनि से खून टपक रहा था। जब मैंने उसकी योनि की तरफ देखा तो उसकी योनि से बहुत ज्यादा खून टपक रहा था लेकिन हम दोनों को एक दूसरे के साथ सेक्स करने मे बहुत अच्छा लगा और यह सब बड़े ही अच्छे से चलता रहा। रोशनी मेरी गर्लफ्रेंड है हम दोनों के बीच वह सब कुछ होता है जो एक जवान लडके और लड़की के बीच होना चाहिए यह सब रचना को भी पता है।


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