जब बुलाऊँ तो आना मुझे चोदने को


Antarvasna, kamukta: मैं अपने घर के काम से फुर्सत निकालकर अपनी सहेली के साथ मॉल में चली गई वहां पर हम लोग शॉपिंग करने लगे काफी समय से मैंने भी शॉपिंग नहीं की थी तो मैं और मेरी सहेली शॉपिंग कर रहे थे। मेरी शादी को 3 वर्ष हो चुके हैं और इन 3 वर्षों में मेरे जीवन में बहुत परिवर्तन आया है मैं पहले जॉब किया करती थी लेकिन अब मैंने अपनी शादी के बाद जॉब छोड़ दी है। मैं अपने पति के साथ बहुत खुश हूं और मैं अपने पति से इसलिए खुश हूं क्योंकि वह मुझे पूरा समय देते हैं। हम लोग अब मॉल में अकेले शॉपिंग कर रहे थे मैंने अपनी सहेली को पूछा क्या यह सूट मुझ पर अच्छा लगेगा तो वह कहने लगी कि अनीता तुम एक काम करो इसे ट्रायल रूम में ट्राई करके देखो। जब मेरी सहेली ने मुझे उसे ट्राई करने को कहा तो मैंने भी सोचा कि क्यों ना सूट को ट्राई कर लिया जाए अब मैं सूट को ट्राई करने लगी तो वह सूट मुझ पर ठीक आया और मैंने सूट ले लिया साथ में मैंने कुछ और कपड़े भी ले लिए।

मैं और मेरी सहेली अब घर लौट चुके थे हम लोग जब घर लौटे तो मेरी सासू मां मुझे कहने लगी कि अनीता बेटा तुमने शॉपिंग कर ली तो मैंने उन्हें कहा हां मैंने शॉपिंग कर ली। वह मुझसे ना जाने कितने ही तरह के सवाल करती हैं लेकिन मैं उनके हर एक सवाल का जवाब दे देती हूं। थोड़ी ही देर बाद मेरे पति सुशील भी आ गए जब सुशील आये तो वह मुझे कहने लगे अनीता आज तुम शॉपिंग करने के लिए गई थी तो मैंने सुशील को बोला तुम्हें कैसे पता चला। सुशील मुझे कहने लगे कि लगता है तुम्हारी याददाश्त कमजोर होने लगी है मैंने सुशील को कहा लेकिन मैंने तो तुम्हें इस बारे में नहीं बताया था मुझे सुशील कहने लगे कि अब तुम भूल जाती हो तो मैं क्या करूं। मैंने सुशील को कहा मैंने तुमसे इस बारे में बिल्कुल भी बात नहीं की थी और मुझे अच्छी तरीके से याद है कि मैंने तुमसे इस बारे में कुछ नहीं कहा था। सुशील मुझे कहने लगे कि हां नहीं कहा था तुमने मुझे कुछ नहीं कहा था तो मैंने सुशील को कहा यदि मैंने तुम्हें कुछ नहीं कहा तो तुमने कैसे इस बात का पता कर लिया कि मैं शॉपिंग करने के लिए गई हुई थी। सुशील मुझे कहने लगे कि मैंने तुम्हारी सहेली पायल के फेसबुक अकाउंट में देख लिया था मैंने सुशील को कहा आप तो बड़ी पहुंची हुई चीज है आप सब चीज बता सकते हैं।

सुशील मुझे कहने लगे कि नहीं बाबा ऐसा कुछ नहीं है मैं तुम्हारी हर एक चीज पर नजर नहीं रखता लेकिन मुझे लगा कि तुमने शॉपिंग की है तो तुमसे इस बारे में बात करूं। जब मैंने सुशील को कहा कि हां मैंने शॉपिंग कर ली थी तो सुशील कहने लगे कि जरा हमें तो दिखाओ तुमने क्या खरीदारी की है। मैंने सुशील को अपने कपड़े दिखाये वह कहने लगे कि चलो तुमने अच्छा किया मैंने सुशील को कहा कुछ दिनों से तुम कुछ ज्यादा ही बिजी चल रहे हो सुशील मुझे कहने लगे कि आज कल ऑफिस में एक नया प्रोजेक्ट चल रहा है उसी की वजह से मैं थोड़ा बिजी हूं और शायद इसीलिए मैं तुम्हें समय नहीं दे पा रहा हूं। मैंने सुशील को कहा कोई बात नहीं यदि आप बिजी हैं तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता मैं तो आपके साथ सिर्फ मजाक कर रही थी। सुशील मुझे कहने लगे कि ऐसा मजाक तुम मुझसे बार-बार मत किया करो मैंने सुशील को कहा ठीक है बाबा मैं तुमसे आइंदा से ऐसा मजाक नहीं करूंगी। रात के वक्त हम लोगों ने साथ में डिनर किया और उसके बाद सुशील मुझसे कहने लगे कि मैं सोच रहा हूं कि कुछ दिनों के लिए कहीं घूमने के लिए चलें। मैंने सुशील को कहा यदि आप ऐसा प्लान बना लोगे तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा सुशील कहने लगे कि ठीक है हम लोग कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं लेकिन पहले मुझे अपने ऑफिस के प्रोजेक्ट को पूरा कर लेने दो। मैंने सुशील को कहा हां आप अपने प्रोजेक्ट पर पूरा ध्यान दीजिए वह मुझे कहने लगे कि मैं अपने प्रोजेक्ट पर तो पूरा ध्यान दे रहा हूं और मुझे लग रहा है कि मेरा प्रोजेक्ट जल्द ही पूरा हो जाएगा जैसे ही प्रोजेक्ट पूरा होगा वैसे ही मैं ऑफिस में छुट्टी के लिए अप्लाई कर दूंगा तब तक तुम भी सोचना कि हम लोगों को कहां घूमने के लिए जाना चाहिए। मैंने सुशील को कहा ठीक है मैं भी इस बारे में सोचूंगी कि हम लोगों को कहां घूमने जाना चाहिए और हम लोग इस बारे में सोचने लगे कि हम लोगों को कहां जाना चाहिए। मैंने जब सुशील को कहा कि क्यों ना हम कुछ दिनों के लिए माउंट आबू चलें तो सुशील कहने लगे कि हां हम लोग कुछ दिनों के लिए माउंट आबू भी जा सकते हैं क्योंकि अहमदाबाद से माउंट आबू जाना ज्यादा ठीक था इसलिए हम लोगों ने माउंट आबू जाने का फैसला कर लिया।

हम लोग माउंट आबू जाने की तैयारी करने लगे मैंने सुशील को कहा इतने समय बाद हम दोनों साथ में कहीं घूमने के लिए जाएंगे। सुशील कहने लगे कि मैं तो कब से सोच रहा था कि तुम्हें कहीं घुमाने के लिए लेकर जाऊं लेकिन समय के अभाव में हम लोग कहीं जा ना पाए। सुशील चाहते थे कि वह अपने ऑफिस के प्रोजेक्ट को जल्द ही पूरा कर ले और उसके बाद हम लोग घूमने के लिए जाएं जब सुशील का प्रोजेक्ट पूरा हो गया तो हम लोगों ने माउंट आबू जाने का फैसला कर लिया था। सुशील ने अहमदाबाद से ट्रेन की टिकट भी बुक करवा ली थी और हम लोग अब माउंट आबू जाने की पूरी तैयारी करने लगे। मुझे इस बात की खुशी थी कि हम लोग माउंट आबू घूमने के लिए जाने वाले हैं काफी समय बाद मैं सुशील के साथ कहीं अकेले में घूमने के लिए जा रही थी तो मैं बहुत ज्यादा खुश थी। जब हम लोग माउंट आबू पहुंचे तो वहां पर मौसम काफी अच्छा था और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था सुशील मुझसे कहने लगे कि क्या तुम कुछ खाओगी। मैंने सुशील को कहा मुझे तो बिल्कुल भी भूख नहीं लग रही है सुशील मुझे कहने लगे कि लेकिन मुझे बहुत तेज भूख लग रही है मैंने सुशील को कहा ठीक है तो तुम अपने लिए कुछ मंगा लो।

सुशील ने अपने लिए खाना ऑर्डर करवा लिया लेकिन मैंने सुशील को मना कर दिया था और कहा कि तुम मेरे लिए कुछ भी मत मंगवाना मेरे खाने की बिल्कुल भी इच्छा नहीं थी। थोड़ी ही देर बाद सुशील ने जो आर्डर करवाया था वह ऑर्डर रूम में आ चुका था सुशील और मैं साथ में बैठे हुए थे सुशील ने अपना खाना पूरा कर लिया था और हम दोनों आपस में बात कर रहे थे। हालांकि अहमदाबाद से माउंट आबू की दूरी कुछ घंटों की है लेकिन उसके बावजूद भी मैं माउंट आबू पहली बार ही आ पाई थी इससे पहले माउंट आबू आने का कभी भी हम लोगों का प्लान नहीं बन पाया था। शादी से पहले भी मैं माउंट आबू नहीं आ पाई थी हम दोनों माउंट आबू में एंजॉय कर रहे थे।  सुशील के साथ उस दिन मैंने सेक्स का मजा लिया लेकिन सुशील ने मेरे अंदर की गर्मी को पूरी तरीके से मिटाए नहीं था। मैंने सुशील को कितनी बार कहा था मुझे पूरी तरीके से संतुष्ट किया करो लेकिन वह हमेशा ही मुझे आधे में छोड़ कर चले जाते थे। सुशील मुझे कहने लगे मैं अभी बाहर से टहल कर आता हूं जब वह टहलने के लिए गए तो उसी वक्त दरवाजा किसी ने खटखटाया मैंने सिर्फ अपने अंतर्वस्त्र ही पहने हुए थे मैंने अपने बदन को चादर से ढक लिया। जब मैंने दरवाजा खोला तो सामने होटल में काम करने वाला लड़का था वह मेरी तरफ देखने लगा वह मुझे ऊपर से लेकर नीचे तक देख रहा था। मेरी चूत की इच्छा पूरी नहीं हो पाई थी मैंने सोच उस लड़के से अपनी चूत मरवा लू मैंने अपने बदन से चादर को हटाया तो वह मेरी तरफ देखने लगा। जब उसने मेरी ब्रा को उतारकर मेरे अंदर की गर्मी को बढाया तो मै उत्तेजित हो गई वह मेरी गर्मी को पूरी तरीके से मिटा कर रख देना चाहता था।

उसने मेरे स्तनों को ऐसे चूसा जैसे कि वह कई दिनों से भूखा बैठा हो वह मेरे स्तनों का रसपान बड़े अच्छे से करने लगा उसने मेरे स्तनों से दूध बाहर निकाल दिया था। मैंने उसे कहा आज तो तुमने मुझे पूरा मजा दिलवा दिया उसने मेरी पैंटी को उतार कर मेरी चूत को बहुत देर तक चाटा जब वह मेरी चूत को चाट रहा था तो मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी मैं और भी ज्यादा उत्तेजित होती जा रही थी। मैं पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी मेरा शरीर अब इतना ज्यादा गर्म होने लगा कि मैंने उस नौजवान युवक से कहा कि तुम आज अपने अंदर की गर्मी को मेरे अंदर डाल दो। उसने भी अपने लंड को मेरी चूत पर लगाया और धीरे धीरे अंदर की तरफ घुसाना शुरू किया धीरे-धीरे उसका लंड मेरी चूत के अंदर तक जा चुका था जब उसका मोटा लंड मेरी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो मैंने उसे कहा आज तो मुझे मजा ही आ गया।

वह मेरे दोनों पैरों को खोल कर मुझे तेजी से धक्के मारने लगा मैं भी अपने पैरों को खोलने लगी ताकि उसका लंड आसानी से मेरी चूत में जा सके मेरी चूत से लगातार पानी बाहर की तरफ को निकल रहा था और जिस प्रकार से वह मुझे धक्के मार रहा था उससे उसका लंड पूरी तरीके से चिकना हो चुका था। मेरी मादक आवाज मैं अभी भी कोई कमी नहीं आई थी और ना ही उसके तेज धक्को में कोई कमी आई थी उसने मेरे बदन के हर हिस्से को हिला कर रख दिया था। जब उसने मेरे स्तनों को चूसना शुरू किया तो वह मेरे  दूध को बाहर निकाल कर ही छोड़ेता। उसने मेरी गर्मी को बाहर निकाल लिया और मुझे उसने बहुत ही अच्छे से चोदा। उसने मेरे अंदर की सारी गर्मी को बुझा दिया था मैं पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुकी थी लेकिन जैसे ही उसने अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर गिराया तो मैंने उसे कहा आज तो मजा ही आ गया। मैंने उसे कुछ पैसे दिया और कहा मैं जब तुम्हें बुलाऊंगा तो तुम आ जाना वह कहने लगा हां मेम साहब जब आप बुलाएंगे तो मैं जरूर आ जाऊंगा। वह जैसे ही गया तो वैसे ही मेरे पति भी आ चुके थे।


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