हुस्न की मलिका झोली मे आ गिरी


antarvasna, hindi chudai ki kahani

मेरा नाम रोशन है मैं मुंबई का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 31 वर्ष है। मेरी मम्मी ने हीं हम तीनो भाई बहनों को पढ़ाया है। मेरे पिताजी का देहांत काफी वर्ष पहले ही हो गया था और उसके बाद मेरी मम्मी ने ही घर की सारी जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने हमारा बहुत ध्यान रखा है और कभी भी उन्होंने किसी चीज की हमें कमी महसूस नहीं होने दी। मुझे भी विदेश पढ़ने के लिए जाना था तो मैंने जब अपनी मम्मी से इस बारे में बात की तो मेरी मम्मी कहने लगी कि बेटा तुम मुझे थोड़ा वक्त दो क्योंकि विदेश में पढ़ाई के लिए तो पैसों की जरूरत होगी और वह पैसे मैं कुछ समय बाद कर दूंगी उसके बाद तुम विदेश पढ़ने के लिए चले जाना। उसके कुछ समय बाद ही मेरी मम्मी ने मुझे विदेश भिजवा दिया और जब मैं विदेश से पढ़ाई कर के लौटा तो मुझे काफी अच्छी जॉब के ऑफर आने लगे थे। मैंने भी मुंबई में जॉब जॉइन कर लिया और जब मैंने मुंबई में जॉब जॉइन की तो मेरी मम्मी भी बहुत खुश हो गई। अब मैं भी अपनी मम्मी की आर्थिक रूप से मदद करने लगा था क्योंकि मेरी सैलरी बहुत अच्छी थी इसीलिए अब घर में कोई कमी नहीं होती।

मैंने भी कुछ समय पहले सोचा कि क्यों ना एक फ्लैट ले लिया जाए। मैंने इस बारे में अपनी मम्मी से बात की तो मम्मी कहने लगी कि बेटा तुम अपने हिसाब से देख लो यदि तुम चाहते हो तो हम लोग फ्लैट ले लेते हैं। मैंने कहा मम्मी हमें यहां रहते हुए काफी वर्ष हो चुके हैं और यह घर काफी पुराना भी होने लगा है हमें यह घर बेचकर अब दूसरे घर में शिफ्ट हो जाना चाहिए। हालांकि मेरी मम्मी की यादें उस घर से बहुत जुड़ी हुई थी पर मैंने उन्हें कन्वेंस कर ही लिया और हम लोग अब नया घर देखने लगे। मेरे पहचान के ही मेरे एक दोस्त के भैया एक बड़े बिल्डर है। मैं जब उनसे मिला तो उन्होंने मुझे फ्लैट दिखाया। मुझे वह काफी पसंद आया और मैंने उस फ्लैट को लेने की इच्छा जाहिर की। वह कहने लगे कि तुम मुझे अपने पेपर दे दो मैं लोन अप्लाई करवा देता हूं। जैसे ही लोन अप्रूवल हो जाएगा तो उसके बाद तुम अपनी फैमिली को यहां शिफ्ट कर देना। मैंने कहा ठीक है तब तक मैं भी अपने पुराने घर को बेच देता हूं।

हमारी सोसाइटी में एक ब्रोकर रहते हैं उनका नाम सोमेश है। मैंने उनसे बात की और कहा कि रमेश भाई आप हमारे घर का सौदा करवा दीजिए। वह कहने की ठीक है तुम मुझे कुछ वक्त दो मुझे कोई पार्टी मिलती है तो मैं तुम्हारे घर का सौदा करवा देता हूं। जब उन्होंने मुझसे यह बात कही तो मैं भी सोचने लगा कि सोमेश भाई तो यह सौदा जरूर करवा देंगे क्योंकि वह इस काम में बड़े माहिर हैं और कुछ दिनों बाद उन्होंने हमारे घर का सौदा भी करवा दिया। मुझे उसके जितने पैसे मिले मैंने वह फ्लेट के लिए दे दिए और उस वक्त मेरा लोन भी पास हो चुका था। अब हम लोग कुछ समय बाद नए घर पर शिफ्ट हो गए। जब हम लोग नए घर में शिफ्ट हुए तो वहां पर शुरुआत में थोड़ी दिक्कत हो रही थी क्योंकि हम लोगों के लिए वह नई जगह थी और हम लोग वहां किसी को पहचानते भी नहीं थे पर धीरे-धीरे हम लोगो कि वहां जान पहचान होने लगी। उसी कॉलोनी में मेरी मुलाकात अमित के साथ हुई। जब मेरी मुलाकात अमित के साथ हुई तो उससे मेरी दोस्ती बड़ने लगी। अमित भाई किसी कंपनी में नौकरी करता है। वह एक दिन मुझे कहने लगा की कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं। मैंने उसे कहा सोच तो मैं भी काफी समय से रहा था। वैसे हमारे साथ कौन-कौन चलने वाला है? वह कहने लगा हम लोग फैमिली टूर बनाते हैं। मैंने उससे कहा कि लेकिन हम लोग कहां जाने वाले हैं? वह कहने लगा हम लोग अलीबाग चलते हैं। हम लोगों का पूरा प्लान बन गया। मैंने भी अपनी मम्मी से बात कर ली। हम लोग जब घूमने के लिए निकले तो हमने मुंबई से ही एक गाड़ी बुक कर ली थी जिसमें कि हम सब लोग आ गए। हम लोग जब अलीबाग पहुंचे तो अमित का दोस्त हमें वहां मिला। हम लोग उसके एक फार्महाउस पर रुकने वाले थे। जब हम लोग उसके फार्महाउस पर पहुंच गए तो उसके बाद अमित मुझे कहने लगा कि चलो हम लोग बीच के किनारे चलते हैं। हम दोनों वहां से बीच के किनारे चले गए। जब हम दोनों वहां बैठे हुए थे तो वहां पर और भी लोग आए हुए थे और वहां पर ठंडी हवा चल रही थी समुद्र की लहरें भी काफी तेज ऊपर नीचे हो रही थी। मैं उन्हें ध्यान से देख रहा था।

अमित कहने लगा काफी समय से मैं कहीं जाने की सोच रहा था लेकिन हर बार मेरा प्लान कैंसिल हो जा रहा था परंतु इस बार तुम्हारे साथ मेरा घूमने का प्लान बन ही गया और मैं अपनी फैमिली के साथ आकर बहुत खुश हूं। मैंने उसे कहा हां मैं भी काफी समय बाद कहीं बाहर निकला हूं। पहले तो मैं विदेश पढ़ने के लिए चला गया और जब यहां लौटा तो उसके बाद मैं नौकरी में ही बिजी हो गया और फिर अपने बिजी लाइफ़ से समय निकाल पाना भी मुश्किल होता है। अमित कहने लगा हां यह बात तो तुम बिल्कुल सही कह रहे हो। तभी आगे से हमने दो लड़कियों को बिकनी में आते हुए देखा तो उनको देखकर मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो गया। बिकनी में उनका पूरा बदन चमक रहा था अमित ने मुझसे कहा क्या लड़कियां हैं। जब उसने यह बात कही तो मेरा मन उन्हें चोदने का होने लगा उस वक्त बीच में काफी कम लोग थे और वह दोनों हमारे आगे आकर बैठ गए। मैं तो सिर्फ उन लड़कियों की गांड देख रहा था मैंने सोचा इनसे बात कर ली जाए। अमित कहना लगा छोड़ो जाने दो बात क्या बात करनी है लेकिन मैं उनके पास बात करने के लिए चला गया उन दोनों का नाम पायल और रीमा था।

मेरा दिल पायल पर आ गया वह दोनों मुझसे बड़े अच्छे से बात करने लगी तभी अमित पीछे से आ गय वह रीमा के साथ बैठ गया। हमने उन दोनों को अपनी बातो से इंप्रेस कर दिया वह हम दोनों के साथ आने को तैयार हो गई। हम लोग टहलते हुए बीच से काफी आगे आ गए वहां पर कोई भी नहीं था। मैंने पायल को किस करना शुरू कर दिया यह देखते हुए अमित रीमा को आगे ले गया। हम दोनों अकेले थे मैंने उसे बीच में लेटाकर किस करना शुरू कर दिया। जब मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह पूरे मूड में आ गई और उसका बदन भी एकदम से गर्म हो गया वह अपनी चूत में उंगली लगाने लगी। मैंने जैसे ही उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो मेरा लंड एकदम से तन कर खड़ा हो गया। मुझे उसकी चूत चाटने में बहुत मजा आने लगा मैंने काफी देर तक उसकी चूत को चाटा जब उसकी चूत से तरल पदार्थ बाहर की तरफ निकलना शुरू हुआ तो मैंने भी तुरंत अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के अंदर घुसा तो उसके मुंह से हल्की सी आवाज निकली उसकी आवाज ने मुझ पर पूरा जादू कर दिया था मैंने भी बड़ी तेज गति से उसे चोदना शुरू कर दिया। मैं जिस तजी से उसे धक्के मार रहा था मुझे बहुत ही आनंद आता और वह भी पूरे जोश में हो जाती। वह मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड तो बड़ा ही मोटा है। मैंने पायल से कहा मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी मैं तुम जैसे सेक्सी लड़की के साथ सेक्स कर पाऊंगा लेकिन तुमने तो मेरी इच्छा पूरी कर दी। वह मुझसे कहने लगी कभी कभार ऐसा हो जाता है हम कोई चीज नहीं सोचते और वह हमारी झोली में आकर गिर जाती है। मैंने उसे 200 झटक मारे। मेरा वीर्य पतन उसकी योनि के अंदर हो गया उसके बाद मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो वह भी अपनी बडी चूतड़ों को मुझसे टकराती और जैसे ही उसकी बड़ी चूतडे मुझसे टकराती तो मुझे बहुत ही अच्छा महसूस होता मैं तेज गति से उसे धक्के देने शुरू कर देता। कुछ मिनट बाद ही मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर गिर गया। हम दोनों बीच में बैठे हुए थे मैंने अपने हाथ को पायल के कंधे पर रखा हुआ था तभी आगे से रीमा और अमिता आ रहे थे उन दोनों के चेहरे पर मुस्कान थी। मैंने पायल से पूछा तुम लोग कितने दिनों तक यहां रुकने वाले हो? वह कहने लगी हम लोग कल ही निकल जाएंगे उसके बाद मेरी कभी उससे मुलाकात नहीं हुई।