हर इच्छा पूरी कर दी


Antarvasna, hindi sex kahani: मैं सुबह पार्क में जोगिंग के लिए गई हुई थी और काफी देर तक मैं पार्क में जोगिंग करने के बाद घर लौटी तो मां ने मुझे कहा कि बेटा आज तुम काफी देर से लौट रही हो। मैंने मां को कहा हां मां आज मैं ऑफिस नहीं जाने वाली हूं मेरा आज ऑफिस जाने का मन नहीं हो रहा मां ने कहा ठीक है बेटा। मैं उस दिन घर पर ही रहना चाहती थी और अगले दिन जब मेरी सहेली ने मुझे फोन किया तो मैंने उससे कहा कि क्या तुम पुणे आ रही हो तो वह मुझे कहने लगी कि हां मैं पुणे आ रही हूं। मेरी सहेली न्यूजीलैंड में जॉब करती है और वह कुछ दिनों के लिए अपने घर पुणे आ रही थी मैं अपने ऑफिस में ही थी और जब मैं घर लौटी तो उस दिन मां मुझे कहने लगी कि बेटा तुम्हारे मामा जी भी पुणे आने वाले हैं। मैंने उन्हें कहा मां लेकिन आपने मुझे यह बात तो नहीं बताई मां कहने लगी कि बेटा वह लोग भी कुछ काम के सिलसिले में पुणे आ रहे हैं।

मैंने मां से कहा मामा जी कब पुणे आ रहे हैं वह मुझे कहने लगी कि तुम्हारे मामा कल पुणे आ जाएंगे। अगले ही दिन मेरी सहेली सुषमा भी पुणे आ चुकी थी और सुषमा से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा उससे दो वर्षों बाद मेरी मुलाकात हो रही थी वह न्यूजीलैंड में ही जॉब करती है और वह बीच में भी एक दो बार घर आई थी लेकिन उस से मेरी मुलाकात नहीं हो पाई। सुषमा से इतने वर्षों बाद मिल कर मैं बहुत खुश थी हम लोग एक कॉफी शॉप में बैठ कर बात कर रहे थे और मैंने सुषमा से पूछा कि न्यूजीलैंड में उसकी जिंदगी कैसी चल रही है। उसने मुझे बताया कि वहां पर तो सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा है सुषमा ने मुझे बताया कि उसके ऑफिस में एक लड़का जॉब करता है उससे वह प्यार करने लगी है और उन लोगों ने शादी करने का भी फैसला कर लिया है। मैंने सुषमा से कहा यह तो बड़ी अच्छी बात है यदि तुमने शादी करने का फैसला कर लिया है तो, सुषमा ने मुझे कहा कि मैंने अपने पापा और मम्मी को भी उसके बारे में बता दिया है और वह लोग भी मेरी शादी करवाने के लिए तैयार हो चुके हैं।

सुषमा के साथ मैं काफी देर तक बैठी रही और सुषमा मुझे कहने लगी कि कल तुम मेरे घर पर आ जाना मैंने उससे कहा हां कल वैसे भी मेरी छुट्टी है तो मैं सुबह तुम्हारे घर पर आ जाऊंगी। अगले ही दिन मैं सुषमा से मिलने के लिए उसके घर पर चली गई मैं जब उसे मिलने उसके घर पर गई तो वह तैयार हो चुकी थी मैंने उससे कहा कि तुम तैयार हो चुकी हो क्या तुम कहीं जा रही हो। वह मुझे कहने लगी कि नहीं मैं कहीं नहीं जा रही हूं लेकिन मैं सोच रही हूं कि क्यों ना हम लोग मूवी देखने के लिए चलें मैंने उससे कहा कि ठीक है हम मूवी देखने के लिए चलते हैं और हम मूवी देखने के लिए चले गए। हम लोग मूवी देखने के लिए गए जब मैं और सुषमा मूवी देखकर घर वापस लौट रहे थे तो रास्ते में मुझे विवेक मिला विवेक से मेरी मुलाकात काफी समय बाद हो रही थी विवेक हमारे साथ कॉलेज में ही पढ़ता था। जब विवेक ने सुषमा को देखा तो वह सुषमा को कहने लगा तुमसे तो मैं काफी समय बाद मिल रहा हूं सुषमा कहने लगी कि मैं यहां रहती नहीं हूं इस वजह से शायद हम लोगों की मुलाकात नहीं हो पाई। मैंने विवेक से कहा लेकिन तुम आजकल क्या कर रहे हो तो विवेक ने मुझे बताया कि वह अपने पापा के बिजनेस को संभाल रहा है विवेक के पापा का प्रॉपर्टी का बिजनेस है और वह उनके साथ ही काम कर रहा था। मैंने विवेक से कहा अभी तो हम लोग घर जा रहे हैं लेकिन मैं तुमसे कभी और मुलाकात करूंगी विवेक कहने लगा कि ठीक है जब तुम्हें समय मिले तो तुम मुझे फोन कर देना। कॉलेज खत्म हो जाने के बाद विवेक से कभी फोन पर बात हो ही नहीं पाई मैं भी अपने ऑफिस में बहुत बिजी रहती हूं इस वजह से मैं उससे मिल नहीं पाई और ना ही मेरी कभी विवेक से बात हुई। सुषमा मुझे कहने लगी विवेक तो पूरी तरीके से बदल चुका है पहले विवेक बिल्कुल भी ऐसा नहीं था लेकिन वह अब काफी ज्यादा बदल चुका है। मैंने सुषमा से कहा समय के साथ साथ विवेक भी बदल चुका है और अब हम लोग घर वापस लौट आए थे। सुषमा कुछ दिन और घर पर रुकने वाली थी उसके बाद वह न्यूज़ीलैंड वापस जाने वाली थी सुषमा के साथ काफी समय बाद मिलकर काफी अच्छा लग रहा था उससे इतने समय बाद मिलकर मुझे ऐसे लगा जैसे हमारे कॉलेज के दिन वापस लौट आए हो। मैंने सुषमा से कहा क्यों ना हम लोग एक गेट तू गेदर पार्टी रखने की सोचे सुषमा कहने लगी कि यदि तुम चाहो तो हम लोग गेट टूगेदर पार्टी रख सकते हैं।

मैंने सबसे पहले विवेक को फोन किया विवेक ने मुझे कहा कि तुम लोगों ने यह बहुत ही अच्छा सोचा मैं भी तुम्हें मिलना चाहता हूं। जब उस दिन विवेक हमसे मिला तो विवेक से मैंने कहा कि हम लोगों ने गेट टूगेदर पार्टी रखने के बारे में सोचा है विवेक ने भी और दोस्तों को फोन किया और हम सब लोगों ने मिलने का फैसला किया। सारा अरेंजमेंट हम तीनों ने मिलकर किया और जब हमारी गेट टूगेदर पार्टी हुई तो पुराने दोस्तों से मिलकर बहुत ही अच्छा लगा उनसे इतने समय बाद मिलकर बहुत खुशी हो रही थी। कुछ लोगों की तो शादी भी हो चुकी थी और सब कुछ इतना बदल चुका था कि कुछ पता ही नहीं चला कि इतनी जल्दी कैसे सब कुछ बदल गया। गेट टूगेदर पार्टी खत्म होने के कुछ समय बाद सुषमा भी अब वापस लौट चुकी थी हालांकि मेरी उससे फोन पर अक्सर बात होती रहती है और इसी बीच सुषमा से एक दिन मैंने फोन पर बात की तो वह मुझे कहने लगी कि मैं जल्दी शादी करने वाली हूं।

मैने सुषमा को कहा क्या तुम न्यूजीलैंड में ही शादी करने वाले हो तो वह मुझे कहने लगी हां, मैंने उसे कहा वहां तो मैं नहीं आ पाऊंगी लेकिन जब तुम पुणे आओगी तो मुझे जरूर मिलना। कुछ समय बाद सुषमा ने भी शादी कर ली थी और जब सुषमा की शादी हो गई तो उसके काफी समय बाद वह पुणे आई थी और पुणे आकर वह बहुत खुश थी सुषमा को उसका जीवन साथी मिल चुका था। विवेक मुझे जब भी मिलता तो मुझे बहुत अच्छा लगता। एक दिन विवेक से मैंने कहा हमारे किसी रिश्तेदार को फ्लैट चाहिए था। वह कहने लगा मोनिका में आज ही तुम्हें फ्लैट दिखा देता हूं। वह मुझे फ्लैट दिखाने के लिए ले गया जब हम लोग फ्लैट देख रहे थे तो मैं विवेक की तरफ देख रही थी उस दिन ना जाने मेरे अंदर विवेक को लेकर एक अलग ही भावना जागती। जब विवेक और मैं फ्लैट के अंदर थे तो हम दोनों ने एक दूसरे को किस कर लिया हम दोनों ही गर्म हो चुके थे। मैं बिल्कुल भी अपने आपको ना रोक सकी और ना ही विवेक अपने आप पर काबू पाया। विवेक ने मेरे नर्म होठों को बहुत देर तक चूमा और फिर उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए। जब उसने मेरे कपड़े उतारे तो मैं विवेक के सामने नंगी लेटी हुई थी। मेरे बदन को देखकर उसने मुझे कहा मैं अपने आपको रोक नहीं पा रहा हूं। मैंने विवेक के मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया। उसका मोटे लंड मेरे मुंह के अंदर तक जा चुका था जब उसका मोटा लंड मेरे मुंह के अंदर गया तो मैंने विवेक से कहा मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है। उसने मेरी चूत के अंदर उंगली डालने की कोशिश की लेकिन मेरी चूत में उंगली नहीं जा रही थी। मैंने विवेक से कहा मेरी चूत से बहुत ज्यादा पानी निकल रहा है तुम अपने मोटे लंड को मेरी चूत के अंदर डाल दो। विवेक ने अपने मोटे लंड को मेरी चूत के अंदर घुसा दिया उसका मोटा लंड मेरी चूत के अंदर तक जा चुका था मैं चिल्ला रही थी।

मैं इतनी जोर से चिल्ला रही थी कि मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी और ना ही विवेक अपने आपको रोक पा रहा था। मैंने विवेक का साथ दिया जब विवेक ने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया तो मेरी चूत से खून बाहर निकल रहा था काफी देर तक वह मुझे ऐसे ही धक्के मारता रहा। मैंने उसका पूरा साथ दिया वह इतना ज्यादा खुश हो चुका था कि वह मुझे कहने लगा मोनिका मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि मैं तुम्हारी जैसी माल लड़की के साथ सेक्स कर पाऊंगा। मैंने विवेक को कहा विवेक मैं अंदर से बहुत ही ज्यादा अकेली हूं अब मुझे तुम्हारा साथ मिल चुका है मैं बहुत खुश हूं। विवेक ने मुझे मेरे पेट के बल लेटा दिया और मेरी चूत के अंदर उसने अपने लंड को घुसाया उसका लंड मेरी चूत के अंदर जाते ही मैं जोर से चिल्लाई।

वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के देने लगा था जिस गति से वह मुझे धक्के मार रहा था उससे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मैंने उसका साथ बहुत देर तक दिया। मै अपने आपको बिल्कुल भी नहीं रोक पा रही थी इसलिए मैं विवेक के लंड से अपनी चूतडो को बार-बार टकरा रही थी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैं विवेक के साथ सेक्स का मजा ले रही थी मैंन अपनी चूत के अंदर विवेक के लंड को बहुत देर तक लिया। विवेक कहने लगा मुझे बहुत ज्यादा गर्मी महसूस हो रही है विवेक के लंड से उसका वीर्य बाहर निकलने वाला था। विवेक ने अपने लंड को बाहर निकालते हुए हिलाना शुरू किया वह बहुत देर तक अपने लंड को ऐसे ही हिलाता रहा। जब उसने वीर्य को मेरे स्तनों पर गिराया तो मुझे बहुत अच्छा लगा उसने मुझे कहा मोनिका आज मै बहुत ज्यादा खुश हूं मैं तुम्हारे साथ सेक्स कर पाया। मैंने उसे कहा आज के बाद हम दोनों सेक्स करते रहेंगे और हम दोनों उसके बाद सेक्स का जमकर मजा लेते हैं विवेक मेरी हर एक इच्छा को पूरा कर दिया करता है और मैं विवेक के साथ बहुत ज्यादा खुश हूं।


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