गोवा मे चुदाई का खूब मजा लिया


Antarvasna, hindi sex story: मेरे ऑफिस में काम करने वाले मोहन की शादी थी मोहन ने मुझे अपनी शादी में इनवाइट किया था। मैं जब उसकी शादी में गया तो शादी में मुझे मेरे मामा जी की लड़की मिली मेरे मामा जी की लड़की का नाम सुरभि है। जब सुरभि से मेरी मुलाकात हुई तो मैंने सुरभि से पूछा कि क्या मामा जी भी यहां आए हुए हैं तो उसने मुझे बताया नहीं मैं अकेली ही आई हूं और मेरी सहेली थोड़ी देर बाद आने ही वाली है। मैं सुरभि के साथ ही बैठा हुआ था जब सुरभि की सहेली महिमा आई तो सुरभि ने मुझे अपनी सहेली महिमा से मिलवाया। मैं महिमा से मिला तो मुझे महिमा से मिलकर काफी अच्छा लगा और मैं काफी खुश था। मेरी और महिमा की एक दूसरे से बात हुई इस बात से मैं काफी ज्यादा खुश था और महिमा से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा उसके बाद भी मेरी मुलाकात महिमा से हुई। जब हम दोनों एक दूसरे से मिलने लगे तो हम दोनों को एक दूसरे का साथ बहुत ही अच्छा लगने लगा लेकिन मैं जानना चाहता था कि कहीं महिमा की जिंदगी में कोई और तो नहीं है इसलिए मैंने एक दिन सुरभि से इस बारे में पूछा तो सुरभि ने मुझे बताया कि भैया महिमा बहुत ही अच्छी लड़की है और वह आपकी बहुत तारीफ भी कर रही थी। सुरभि भी अब इस बात को समझ चुकी थी कि मेरे और महिमा के बीच कुछ तो चल रहा है लेकिन अभी यह सिर्फ दोस्ती तक ही सीमित थी इसके आगे मैंने कुछ सोचा नहीं था। एक दिन जब मैं महिमा से मिला तो मैंने महिमा से शादी करने के बारे में सोच लिया था और मैंने उस दिन महिमा को अपने दिल की बात भी कह दी।

जब मैंने महिमा को अपने दिल की बात कही तो महिमा को भी बहुत अच्छा लगा और हम दोनों को एक दूसरे का साथ काफी अच्छा लगने लगा। हम दोनों बहुत खुश थे कि कम से कम एक दूसरे के साथ अब हम लोग समय तो बिता पाएंगे और अब हम एक दूसरे के साथ समय बिताने लगे थे। मुझे काफी अच्छा लगता जब भी मैं महिमा के साथ होता महिमा की कोई भी परेशानी होती तो वह सबसे पहले मुझसे ही शेयर किया करती। महिमा और मैं नौकरी पेशा है इसलिए जब भी मैं अपनी जॉब से फ्री होता तो मैं महिमा को मिलता महिमा और मैं अक्सर शाम को ही मिला करते थे। जब भी हम दोनों की छुट्टी होती तो उस दिन हम दोनों मूवी देखने के लिए चले जाते या फिर कहीं साथ में घूमने के लिए चले जाते जिससे कि हम दोनों एक दूसरे के साथ टाइम स्पेंड कर पाते थे। हम दोनों के रिलेशन को काफी समय भी हो चुका था और मैं चाहता था कि हम दोनों जल्द ही शादी कर ले।

मैं चाहता था कि महिमा अपने घर में इस बारे में बात करें क्योंकि मेरे परिवार वालों को तो महिमा से कोई एतराज नहीं था। मैं महिमा को पहले अपने पापा मम्मी से मिलवा चुका था और वह लोग महिमा से मिलकर बहुत खुश थे उन्हें महिमा से कोई एतराज नहीं था। मेरे और महिमा के बीच काफी अच्छा रिलेशन हो चुका था जब महिमा और मैं महिमा के पापा मम्मी से मिले तो उन्हें भी हमारे रिश्ते से कोई एतराज नहीं था। मैंने अपनी फैमिली को महिमा की फैमिली से मिलवाया हम दोनों के रिश्ते से सब लोग खुश थे और जल्द ही हम दोनों की सगाई हो गई। जब हम दोनों की सगाई हुई तो मैं और महिमा काफी खुश थे अब हम दोनों की सगाई हो जाने के बाद हम लोग चाहते थे कि जल्द से जल्द हम दोनों की शादी हो जाए और फिर जल्द ही हम दोनों की शादी भी तय हो गई। जब हम दोनों की शादी होने वाली थी तो उससे एक दिन पहले महिमा और मैं शॉपिंग के लिए गए। जब हम लोग शॉपिंग करने गए तो मैंने और महिमा ने साथ मे शॉपिंग की और फिर मैंने महिमा को महिमा के घर तक छोड़ा उसके बाद मैं अपने घर लौट आया था। हम दोनों की शादी नजदीक थी और मैं अपने सारे दोस्तों को अपनी शादी के लिए इनवाइट कर चुका था जब मेरी और महिमा की शादी हुई तो हम दोनों बहुत खुश हो गए और हम दोनों की शादी बड़ी धूमधाम से हुई। पापा चाहते थे कि मेरी शादी धूमधाम से हो इसलिए पापा ने मेरी शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी और मैं भी नहीं चाहता था कि मेरी शादी में कोई कमी रह जाए। मुझसे जितना हो सकता था उससे ज्यादा ही मैंने अपनी शादी में खर्च किया और शादी हो जाने के बाद अब महिमा मेरी पत्नी बन चुकी थी। मैं काफी ज्यादा खुश था कि महिमा मेरी पत्नी बन चुकी है। हम दोनों की मुलाकात सुरभि ने हीं करवाई थी इसलिए मैंने सुरभि को अपनी शादी के बाद थैंक्यू भी कहा और कहा कि तुम्हारी वजह से ही मैं महिमा से मिल पाया था सुरभि मुझे कहने लगी कि ऐसा कुछ भी नहीं है। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश है महिमा मेरी जिंदगी में आ चुकी थी और वह पापा मम्मी की भी अच्छे से देखभाल कर रही थी। महिमा ने शादी के बाद अपनी जॉब छोड़ दी थी हालांकि मैंने महिमा से कहा था कि तुम जॉब कंटिन्यू रखो लेकिन महिमा ने जॉब नहीं की और वह पापा मम्मी की देखभाल कर रही थी। मेरी जिंदगी में सब कुछ बहुत ही अच्छा चल रहा था और मैं काफी ज्यादा खुश भी था कि महिमा मेरी जिंदगी में आ चुकी है और वह मेरी पत्नी बन चुकी है।

महिमा और मेरी शादी को 6 महीने हो चुके थे। 6 महीने में हम दोनों के बीच सब कुछ ठीक से चल रहा था। ना तो मेरी कभी महिमा से किसी बात को लेकर अनबन होती है और ना ही महिमा की। काफी समय से मैं सोच रहा था की महिमा और मैं कहीं घूमने के लिए जाएं मैंने महिमा से जब इस बारे में कहा तो महिमा भी तैयार हो गई हम लोग कही घुमने के लिए जाना चाहते थे। हम दोनों घूमने के लिए गोवा चले गए। जब मैं और महिमा गोवा गए तो हम दोनों ही काफी खुश थे। हम दोनों को अकेले में समय मिल चुका था मैं चाहता था महिमा और मै एक दूसरे के साथ जमकर मजा ले और गोवा में खूब इंजॉय करें। मैं और महिमा एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तड़प रहे थे। हम दोनो बिस्तर पर लेटे थे। मैंने महिमा के नरम होठो को चूमा तो वह अपने अंदर की आग को रोकने नही पा रही थी। वह मुझे बोली आज तुम मेरी चूत मारने के लिए तडप रहे हो। जब उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर हिलाना शुरु किया तो मुझे अच्छा लग रहा था।

उसने मेरे लंड को बहुत देर तक हिलाया फिर उसने मेरे लंड को मुंह के अंदर ले लिया था। वह अब मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर तक लेकर मेरे लंड को चूसने लगी थी। वह मेरे लंड को सकिंग करने लगी उसे मजा आ रहा था वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी। महिमा ने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया था महिमा ने मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ा दिया था। हम दोनों ही एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे तरीके से सेक्स का मजा लेना चाहते थे। हम दोनो बिस्तर पर लेटे थे। मेरी आग बढ गई थी मैंने महिमा के कपड़े उतारकर उसकी ब्रा को खोला। जब मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया था तो मैं उसके स्तनो को अपने मुंह में लेकर उन्हें चूसने लगा था  मैंने जब उसके स्तनो को अपने मुंह मे लेकर चूसा तो मुझे बहुत मजा आ रहा था और उसे भी बड़ा आनंद आ रहा था। मै काफी देर तक उसके स्तनो को चूसता रहा मैंने महिमा के स्तनों से खून भी निकाल लिया था। मेरी गर्मी बढ़ने लगी थी। मैं उत्तेजित हो गया था और महिमा भी बहुत ज्यादा तडपने लगी थी। मैंने महिमा की गुलाबी पैंटी को उतारकर देखा तो उसकी चूत से पानी निकल रहा था। महिमा की गुलाबी चूत पर मैंने अपनी जीभ का स्पर्श किया तो महिमा को बहुत ही अच्छा लग रहा था। अब मुझे भी बहुत मजा आने लगा था। मैंने महिमा की योनि को अच्छे से चाटा जिस से महिमा की चूत गिली हो चुकी थी। मुझे मजा आने लगा था मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था। मैंने महिमा के पैरों को चौड़ा कर लिया था मैने महिमा की चूत पर लंड को लगाया और अंदर डाल दिया। जब मैने महिमा की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू किया तो वह मचलने लगी थी। महिमा मुझे कहने लगी मुझे अच्छा लग रहा है वह बोली तुम ऐसे ही मुझे धक्के मारते रहो। मैं महिमा को धक्के मार रहा था वह भी मेरा साथ बड़े अच्छे से दे रही थी। महिमा बहुत ही ज्यादा मचलने लगी थी उसने अब अपने दोनों पैरों को ऊपर कर दिया था। मैंने उसके पैरों को अपने कंधे पर रखा और मै उसे बड़े अच्छे से धक्के देने लगा। मैं महिमा की चूत के अंदर बाहर लंड को किया तो मुझे मज़ा आने लग था। महिमा को आनंद आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।

मैंने उसे कहा मजा तो मुझे भी बहुत ज्यादा आ रहा है अब मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने उसे बडी तीव्रता से चोदना शुरू किया। मेरा लंड भी पूरी तरीके से छिल चुका और वह भी मजे मे थी। मेरा माल जब बाहर की तरफ गिरा तो मैं खुश हो गया और महिमा भी खुश हो चुकी थी। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स के मजे लिए हम दोनो बहुत खुश थे जिस तरह मैने महिमा के साथ सेक्स किया था। हमने गोवा मे एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताया। अब हम लोग वापस तो आ चुके है लेकिन हमारे बीच सेक्स हर रोज होता है। महिमा और मैं एक दूसरे के साथ अपनी जिंदगी बड़े ही अच्छे से बिता रहे हैं और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं। हम दोनो को एक दूसरे का साथ खूब भाता है।


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